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कोरबा

प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रवेश हेतु पात्र/अपात्र सूची एवं प्रवेश पत्र जारी

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कोरबा । वर्ष 2024-25 में प्रदेश में संचालित शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालयों के कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु प्रवेश चयन परीक्षा की तिथि 09 जून रविवार को प्रातः 11 बजे से 02 बजे तक निर्धारित है। कोरबा जिले में चयन परीक्षा हेतु 743 फॉर्म प्राप्त हुए थे जिसमें 735 पात्र तथा 08 अपात्र पाए गए हैं। विद्यार्थी एकलव्य की वेबसाइट https://eklavya.cg.nic.in/PRSMS/Student-Admission-Detail कउपेेपवद.क्मजंपस पर जाकर अपने आवेदन क्रमांक एवं मोबाइल नंबर की सहायता से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। जिन विद्यार्थियों का फॉर्म रिजेक्टर किया गया है वे अपने आवेदन क्रमांक एवं पिता के मोबाइल नंबर की सहायता से कारण जान सकते हैं। पात्र विद्यार्थी अपना प्रवेश पत्र अपने ब्लॉक के विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छुरीकला/लाफा पाली/रामपुर पोड़ीउपरोड़ा तथा प्रयास आवासीय विद्यालय डिंगापुर से कोरबा से प्राप्त कर सकते हैं।

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कोरबा

मारपीट में 92 आरोपी गिरफ्तार, 9 जेल भेजे गए:कोरबा में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 7 पर कार्रवाई, आदतन अपराधी पर BNSS एक्शन

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कोरबा। कोरबा जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोरबा पुलिस ने ‘सजग कोरबा–सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत बुधवार, 24 जून को व्यापक कार्रवाई की।

जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में एक साथ विशेष अभियान चलाकर मारपीट, आपसी विवाद, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में सख्ती बरती गई।

मारपीट के 92 आरोपी गिरफ्तार

अभियान के दौरान पुलिस ने मारपीट और आपसी विवाद के मामलों में कुल 92 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस का कहना है कि विवादों को गंभीर रूप लेने से पहले नियंत्रित कर जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

संवेदनशील इलाकों में बाइक पेट्रोलिंग

पुलिस ने अभियान के तहत बाइक पेट्रोलिंग टीमों को सक्रिय किया। इन टीमों ने संकरी गलियों और उन क्षेत्रों में गश्त की, जहां चार पहिया पुलिस वाहन नहीं पहुंच पाते। संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखते हुए समय रहते कार्रवाई की गई।

धारा 170 BNSS के तहत 9 आरोपी जेल भेजे

भविष्य में शांति भंग होने और विवाद की आशंका को देखते हुए पुलिस ने धारा 170 BNSS के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आदतन लड़ाई-झगड़ा करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती

सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए शराब पीकर वाहन चलाने वाले 7 चालकों के खिलाफ धारा 185 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसके अलावा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर भी विभिन्न धाराओं में चालान किए गए।

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक धारा 185 के तहत 1021 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस ने नशे में वाहन चलाने के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने की बात दोहराई।

आदतन अपराधियों पर भी नजर

अपराधिक गतिविधियों में लिप्त और आदतन अपराधियों की निगरानी के तहत एक व्यक्ति के खिलाफ धारा 129 BNSS के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि ऐसे लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिनसे भविष्य में अपराध या शांति भंग होने की आशंका है।

अभियान रहेगा लगातार जारी

कोरबा पुलिस ने कहा कि ‘सजग कोरबा–सतर्क कोरबा’ अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य अपराधों की रोकथाम, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

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कोरबा

कोरबा में पूर्व पार्षद की बेटी ने फांसी लगाई:12वीं के रिजल्ट से परेशान थी, पुलिस जांच में जुटी

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कोरबा। कोरबा में पूर्व नगर निगम पार्षद धनसाय साहू की 18 वर्षीय बेटी मेघा साहू ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना सीएसईबी चौकी क्षेत्र के ढोढ़ीपारा भैसखटाल में हुई। मेघा 12वीं कक्षा की छात्रा थी।

परिजनों और पड़ोसियों के अनुसार, मेघा कुछ समय से मानसिक तनाव में थी। बताया जा रहा है कि 12वीं कक्षा का रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक न आने के कारण वह परेशान थी। इसी मानसिक परेशानी के चलते उसने यह कदम उठाया।

घटना की सूचना मिलते ही सीएसईबी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

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कोरबा

महिला नगर सैनिकों से अभद्रता पर सख्त महिला आयोग:कोरबा कमांडेंट को बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच के निर्देश, शिकायत पर लिया संज्ञान

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कोरबा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने महिला नगर सैनिकों के साथ कथित अभद्रता के मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर सेना कमांडेंट कोरबा को दो माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है।

गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान प्रदेशभर के 404 प्रकरणों तथा कोरबा जिले के 12 मामलों पर सुनवाई की गई।

जनसुनवाई में उठा महिला नगर सैनिकों का मामला

इसी दौरान लगभग 300 नगर सैनिकों के हस्ताक्षरयुक्त शिकायत पत्र पर आयोग ने विशेष संज्ञान लिया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नगर सेना कोरबा के तत्कालीन कमांडेंट ने महिला नगर सैनिकों के साथ अनावश्यक सख्ती बरती और सार्वजनिक मंच पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया।

आईसीसी जांच नहीं होने पर आयोग सख्त

शिकायतकर्ताओं ने आयोग को बताया कि घटना के बाद भी आंतरिक परिवाद समिति (ICC) की जांच शुरू नहीं की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने नगर सेना कमांडेंट को निर्देश दिया कि सभी संबंधित महिला नगर सैनिकों और संबंधित अधिकारी के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए और दो माह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट आयोग को सौंपी जाए।

कई अन्य मामलों में भी दिए निर्देश

जनसुनवाई के दौरान वैवाहिक विवाद, भरण-पोषण, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, पुलिस कार्रवाई और पारिवारिक मामलों से जुड़े कई प्रकरणों पर भी सुनवाई की गई। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आयोग ने आवश्यक निर्देश, समझाइश और अनुशंसाएं जारी कीं।

कुछ मामलों में पक्षकारों को न्यायालयीन उपाय अपनाने की सलाह दी गई, जबकि अन्य मामलों में महिला थाना, सखी सेंटर और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह 5 हजार देने का आदेश

एक मामले में पति द्वारा पत्नी और बच्चे के भरण-पोषण की उपेक्षा किए जाने पर आयोग ने संबंधित पति को प्रतिमाह 5,000 रुपये भरण-पोषण राशि देने का निर्देश दिया।

आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित सुनवाई और प्रभावी कार्रवाई आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को आयोग के निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय मिल सके।

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