आबकारी-कॉन्स्टेबल एग्जाम…लड़कियों के दुपट्टे-काले कपड़े उतरवाए:2 मिनट की देरी पर नहीं मिली एंट्री, खैरागढ़ में कलेक्ट्रेट घेराव, मनेंद्रगढ़ में कैंडिडेट्स ने फाड़े एडमिट कार्ड
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में रविवार को 200 पदों के लिए आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा (ABA25) आयोजित हुई। प्रदेशभर में 900 एग्जाम सेंटर बनाए गए थे। इस दौरान एग्जाम सेंटर में एंट्री से पहले लड़कियों के काले कपड़े और दुपट्टे उतरवाए गए। लड़कों के जूते निकलवाए गए।
वहीं रायपुर में एक अभ्यर्थी डार्क कलर का कपड़ा पहन कर आई थी, जिसके बाद उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। तब उसने बाजार से एक नई टी-शर्ट खरीदी। वापस सेंटर आते तक 10:32 मिनट हो गए, जिससे गेट बंद कर दिया गया। 2 मिनट की देरी होने पर एंट्री नहीं दी गई।
वहीं खैरागढ़ एग्जाम नहीं दे पाए अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने कलेक्टर निवास घेरा। इस दौरान पुलिस से उनकी तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। अभ्यर्थियों ने कहा कि समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचे थे, लेकिन ड्रेस कोड का हवाला देकर एग्जाम नहीं देने दिया। मनेंद्रगढ़ में अभ्यर्थियों ने एडमिट कार्ड फाड़ दिए।
सबसे पहले एग्जाम सेंटर्स की तस्वीरें देखिए…
एग्जाम सेंटर में लड़कियों के काले कपड़े और दुपट्टे उतरवा लिए गए।
रायपुर के एग्जाम सेंटर में लड़कों से बेल्ट निकलवा लिए गए।
एग्जाम सेंटर में एडमिट कार्ड दिखाने के बाद अभ्यर्थी अंदर गए।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, बिलासपुर में PWD सब-इंजीनियर एग्जाम में हाईटेक नकल का मामला सामने आने के बाद व्यापमं ने कुछ नियम बदले हैं। इसी वजह से एग्जाम सेंटर में एंट्री से पहले कड़ी जांच की गई, जिससे कई अभ्यर्थी एग्जाम नहीं दे पाए। नए नियमों के तहत, लड़कों को भी बेल्ट और जूते उतारने पड़े।
रायपुर में 90 परीक्षा सेंटर बनाए गए थे। एक कैंडिडेट ने बताया कि डार्क कलर का कपड़ा पहनकर आई थी, जिसके बाद उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। उसने बाजार से एक नई टी-शर्ट खरीदी। वापस सेंटर आते तक 10:32 मिनट हो गए, लेकिन गेट बंद कर दिया गया। उसे अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।
कुछ कैंडिडेट काले रंग के दुपट्टे और काले रंग के कपड़े पहनकर आए थे, जिसके बाद उनसे दुपट्टे उतरवाए गए और काले रंग का कपड़ा भी बदलवाया गया। देर से आने वाले अभ्यर्थियों को एंट्री नहीं मिली। वे बाहर ही खड़े मिन्नतें करते रहे। परीक्षा का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक था।
नए नियम के तहत अभ्यर्थियों के जूते भी निकलवा लिए गए।
खैरागढ़ में अभ्यर्थियों ने घेरा कलेक्टर निवास
आबकारी कॉन्स्टेबल परीक्षा से वंचित अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। खैरागढ़ में परीक्षा से बाहर किए गए अभ्यर्थियों ने कलेक्टर निवास का घेराव कर दिया। इस दौरान पुलिस से उनकी तीखी बहस और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन गई।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचे थे, लेकिन ड्रेस कोड का हवाला देकर उन्हें प्रवेश से रोक दिया गया। जब वे पास में ही कपड़े बदलकर लौटे, तब तक परीक्षा केंद्र के गेट बंद कर दिए गए। उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।
डिप्टी कलेक्टर रेणुका रात्रे ने बताया कि व्यापमं द्वारा परीक्षा निर्देशों में कुछ बदलाव किए गए हैं, जिसका प्रचार-प्रसार भी किया गया है। विभाग ने सभी प्रवेश पत्रों में हल्के रंग के कपड़े पहनने के निर्देश भी स्पष्ट रूप से छपवाए हैं। अगर इसके बाद भी अभ्यर्थी निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो इसके लिए हम जिम्मेदार नहीं होंगे।
खैरागढ़ में परीक्षा से बाहर किए गए अभ्यर्थियों ने कलेक्टर निवास का घेराव कर दिया।
मनेंद्रगढ़ में भी दुपट्टे उतरवाए, अभ्यर्थियों ने फाड़ दिया एडमिट कार्ड
मनेंद्रगढ़ में भी आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं मिलने पर परीक्षार्थियों ने बवाल मचा दिया। एग्जाम सेंटर में सिटी कोतवाली पुलिस को बुलवाया गया, तब जाकर मामला शांत हुआ।अभ्यर्थियों का आरोप है कि समय से पहले परीक्षा केंद्र के गेट पर ताला लगा दिया गया, जिसके कारण अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित हो गए।
अभ्यर्थियों ने बताया कि वे 100-150 किमी दूर से आए हैं। सरकार से निर्देश नहीं मिलने के कारण कुछ गलतफहमी हुई, लेकिन मानवता के आधार पर हम अभ्यर्थियों को परीक्षा देने का अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन परीक्षा केंद्र प्रभारी ने हमारी बात नहीं सुनी। गुस्साए अभ्यर्थियों ने अपना एडमिट कार्ड फाड़ दिया।
युवती गुहार लगाती रही, लेकिन उसे डार्क कलर की टी-शर्ट में एंट्री नहीं मिली।
रायगढ़ के 41 केंद्रों में आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा के लिए 11,323 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 8640 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो पाए। 2703 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा अभ्यर्थी उत्तम मेमोरियल कॉलेज पटेलपाली में अनुपस्थित रहे। यहां 420 में से 305 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। 115 अनुपस्थित रहे।
इसके अलावा सेंट टेरेसा कॉन्वेंट स्कूल में 480 में से 371 अभ्यर्थी शामिल हुए। 109 अनुपस्थित रहे। साथ ही सभी 41 परीक्षा केंद्रों में कई अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस दौरान कई अभ्यर्थियों को समय पर नहीं आने और व्यापमं द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने पर वापस भेज दिया गया।
परीक्षा की गाइडलाइन पहले ही तय थी
बिलासपुर में हाईटेक नकल का मामला सामने आने के बाद व्यापमं ने अपनी सभी परीक्षाओं को लेकर कड़े नियम बनाए हैं। गाइडलाइन में बताया गया था कि एग्जाम सेंटर में जूते पहनकर आने पर बैन है। परीक्षार्थियों को केवल चप्पल पहनकर ही प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही, हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनना अनिवार्य किया गया था।
एग्जाम सेंटर में लगाए गए जैमर
परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए सभी सेंटर पर जैमर लगाए गए। इसके साथ ही हर परीक्षार्थी की हैंड मेटल डिटेक्टर और तलाशी की गई। साथ ही परीक्षा हॉल में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी के इंतजाम किए गए थे।
मंत्री गजेंद्र बोले- देशहित में धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा वापस लें:रमन सिंह ने कहा- फैसला जरूरी था, भूपेश बोले- Gen-Z नरसिंह अवतार, मोदी सरकार हिरण्यकश्यप
रायपुर, एजेंसी।शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी। इस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने X पर लिखा- एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है। ये भारत के युवाओं की जीत है।
इसके अलावा भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार की तुलना ‘हिरण्यकश्यप’ से की और Gen Z को नरसिंह अवतार बताया। बघेल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों की जीत है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की हार है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी प्रधान के इस्तीफे का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को शांत करने के लिए ये फैसला जरूरी था। वहीं प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था।
यादव ने आगे कहा कि बड़े मंत्रालय में हजारों अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में अगर कहीं कोई चूक होती है तो उसके लिए सीधे मंत्री को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। देशहित में धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा वापस लेना चाहिए।
इधर, बिलासपुर में छात्रों और युवा संगठनों ने ‘विजय रैली’ निकाली। रैली के दौरान स्टूडेंट्स ने ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ और ’एनटीए (NTA) रद्द करो’ के नारे लगाए। वहीं, छात्रों का कहना है कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, लड़ाई अभी भी बाकी है।
भूपेश बघेल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया।
भूपेल बोले- छात्र नरसिंह के अवतार में आए
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा की ट्रोल टीम ने सोनम वांगचुक को चीन का ऐजेंट बता दिया था और मंत्री उनको जूस पिला रहे थे। इनकी स्थिति यह है कि जब जरूरत पड़े तो ये किसी को भी अपना बाप बना ले। छात्रों के आगे किसी एजेंसी की नहीं चली। छात्र नरसिंह के अवतार में आए हैं।
रमन सिंह बोले- आंदोलन शांत करने जरूरी था फैसला
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जिस विषय को लेकर पूरी दुनिया भर में हल्ला मचाया जा रहा था, उसकी इतिश्री हो गई। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने कहा है कि इस मामले में सख्त से सख्त कानून बनाया जाएगा। 10 करोड़ और 10 साल की सजा जैसे कठोर कानून आने वाले समय में बनाएंगे जाएंगे ताकि किसी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं हो।
गजेंद्र यादव बोले- देशहित में इस्तीफा वापस लें प्रधान
डॉ रमन सिंह के बयान के कुछ ही समय बाद प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इससे बिल्कुल अलग राय रखी। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। जब एक बार जांच के लिए कमेटी गठित हो गई है, फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिया गया है, तो उसके बाद मुझे ऐसा लगता है कि धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए। बल्कि देशहित में इस्तीफा वापस ले लेना चाहिए।
12 साल में पहली बार विरोध के बाद मंत्री का इस्तीफा
2014 में पहली बार मोदी सरकार बनने के बाद 12 साल के कार्यकाल में धर्मेंद्र प्रधान पहले मंत्री हैं, जिन्हें विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा है। हालांकि, इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया था, लेकिन तब दुनियाभर में ‘मी टू’ आंदोलन चल रहा था और अकबर पर पत्रकारिता के दिनों में यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे।
मौजूदा पेपर लीक रोकने का कानून, 4 पॉइंट
जून 2024 तक पेपर लीक के लिए कोई एक सेंट्रल कानून नहीं था। धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होता था। इनमें जमानत की कोई सख्त शर्तें नहीं हैं।
कुछ राज्यों ने अलग से नकल-विरोधी भी कानून बनाए, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट भी शामिल किया। उत्तर प्रदेश में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया।
NEET-UG और UGC के एग्जाम में धांधली के बाद 21 जून 2024 को केंद्र सरकार ने सार्वजानिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया। इसमें पेपर लीक, मदद करना, गलत तरीके से OMR शीट हासिल करना, नकल करवाना, एग्जाम से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाने या परीक्षक को धमकी को सजा के दायरे लाया गया।
ये सभी अपराध गैर-जमानती हैं, इनमें दो कैटेगरी में सजा का प्रावधान है। पहला- पेपर लीक वगैरह करने पर 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। दूसरा- एग्जाम करवाने वाली संस्था या एजेंसी के डायरेक्टर या मैनेजमेंट के ऑफिसर्स ने कोई अपराध किया, तो 3 से 10 साल तक की जेल और एक करोड़ का जुर्माना हो सकता है।
बलौदाबाजार, एजेंसी।छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) की संयुक्त टीम ने कारोबारी राजकुमार सराफ के बेटों के घर पर दबिश दी है। राघवेंद्र सराफ और रूपेश सराफ शराब और जमीन कारोबारी है, उनकी पीतल की फैक्ट्री भी है। कार्रवाई के दौरान अफसर दस्तावेज खंगाल रहे हैं।
दरअसल, ईडी अधिकारियों ने 24 जुलाई की रात ही बलौदाबाजार पहुंचकर कारोबारी के घर की निगरानी शुरू कर दी थी। अगले दिन रविवार सुबह टीम ने घर में एंट्री कर तलाशी ली। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ED की रेड के बाद आयकर विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से की है।
बैंक-संपत्ति समेत कई दस्तावेज खंगाल रही टीम
छापेमारी के दौरान अधिकारी घर के हर कमरे की बारीकी से जांच कर रहे हैं। कई दस्तावेज खंगाले गए, जिनमें डायरी, बैंक खातों के विवरण, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल हैं। परिवार के सदस्यों और कारोबार से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
शहर के बड़े कारोबारी थे राजकुमार सराफ
राजकुमार सराफ शहर के जाने-माने कारोबारी थे। उनके कई व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। राजकुमार के निधन के बाद उनके बेटे राघवेंद्र सराफ और रूपेश सराफ कारोबार चला रहे हैं।
अधिकारियों को बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है, जिसके चलते यह कार्रवाई की जा रही है। शनिवार को ED की टीम को कुछ अहम दस्तावेज मिले थे, जिनके आधार पर IT विभाग ने फिर अतिरिक्त कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस जवान तैनात
इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में काफी चर्चा है। कारोबारी के घर के बाहर अधिकारियों के साथ पुलिस जवान भी तैनात है। आसपास के लोग दूर से ही घटनाक्रम को देख रहे थे। फिलहाल, जांच जारी है और टीम पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।
कोई अधिकारिक बयान नहीं आया
हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी तक छापे के कारणों और जांच के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। जांच के दौरान क्या कुछ मिला, इसे लेकर सफाई नहीं दी गई है।
बताया जा रहा है कि छापेमारी में कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
बालोद, एजेंसी।छत्तीसगढ़ के बालोद में महिला और उसका परिवार टीवी पर दिखाए गए ज्योतिष के विज्ञापन के झांसे में आ गया। आरोप है कि ठगों ने पूजा-पाठ से चौथे स्टेज का कैंसर ठीक करने का दावा किया और महिला से अलग-अलग खातों में 13 लाख 13 हजार 673 रुपए जमा करा लिए।
जब पति की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ और पत्नी ने पैसे वापस मांगे। ऐसे में आरोपियों ने पुलिस, सीबीआई और हत्या के मामले में फंसाने की धमकी दी। महिला ने पति के इलाज की उम्मीद में अपना सोना गिरवी रखा और परिचितों से कर्ज लेकर यह रकम जुटाई।
महिला की शिकायत पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, ठगी का यह सिलसिला 28 नवंबर 2024 से 30 मई 2026 तक चलता रहा। मामला रनचिरई थाना क्षेत्र के ग्राम सिर्री का है।
पीड़ित महिला का नाम प्रेमलता चंद्राकर (55) है। उनका परिवार खेती-किसानी करता है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पति ऋषि चंद्राकर चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित हैं। धार्मिक चैनल पर पं. वेद प्रकाश तिवारी की लक्ष्मी नारायण ज्योतिष संस्था का विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।
आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्हें भरोसा दिलाया गया कि पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों से उनके पति पूरी तरह ठीक हो जाएंगे। इसके बाद अलग-अलग पूजा और अनुष्ठानों के नाम पर उनसे पैसे मांगे जाने लगे। आरोपी राहुल तिवारी ने सबसे पहले बारकोड के जरिए 30 हजार रुपए जमा कराए।
इसके बाद 28 नवंबर 2024 को फोन-पे के माध्यम से 18 हजार रुपए और भेजने के लिए कहा गया। पति के स्वस्थ होने की उम्मीद में प्रेमलता चंद्राकर ने अलग-अलग बैंक खातों, फोन-पे, गूगल-पे और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लगातार रकम भेजी।
बेटी और परिचितों के खातों से भी भेजी रकम
प्रेमलता चंद्राकर ने बताया कि बेटी रूही चंद्राकर से 2.30 लाख रुपए, परिचित अमन देवांगन के जरिए 7 लाख 40 हजार 673 रुपए, नेहुल निर्मल से 25 हजार रुपए, तुषार साहू से 40 हजार रुपए, जयंत देशमुख से 73 हजार रुपए और छत्रपाल साहू से 2.05 लाख रुपए आरोपियों के बताए खातों और मोबाइल नंबरों पर ट्रांसफर कराए। इस तरह कुल 13 लाख 13 हजार 673 रुपए भेजे गए।
पैसे लौटाने का झांसा देकर फिर किया संपर्क
आरोप है कि बाद में पं. वेद प्रकाश तिवारी के नाम से फिर फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा कि संस्था के कुछ लोगों ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर ठगी की है। उसने भरोसा दिलाया कि महिला की पूरी रकम 2 महीने के भीतर वापस करा दी जाएगी।
पुलिस और CBI का डर दिखाकर फिर मांगे रुपए
प्रेमलता चंद्राकर का आरोप है कि बाद में उन्हें बताया गया कि राहुल तिवारी के पिता ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में उसका और वेद प्रकाश तिवारी का नाम लिखा है।
आरोपियों ने कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उत्तर प्रदेश पुलिस उसके घर पहुंचेगी, सीबीआई जांच होगी और उसे हत्या के मामले में फंसा दिया जाएगा। डर दिखाकर उससे फिर ऑनलाइन पैसे मांगे गए।
पति की बीमारी का उठाया फायदा
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनके पति चौथे स्टेज के कैंसर से पीड़ित हैं। उन्हें बचाने की उम्मीद में उसने सोना गिरवी रखा और कई लोगों से कर्ज लेकर पैसे जुटाए। आरोप है कि ठगों ने उनकी मजबूरी और भावनात्मक स्थिति का फायदा उठाया। इस दौरान उन्होंने महिला का फोटो, आधार कार्ड और पैन कार्ड भी व्हाट्सऐप पर मंगवा लिया।
कई मोबाइल नंबरों पर किए गए ट्रांजेक्शन
एफआईआर में महिला ने नवंबर 2024 से मई 2026 के बीच अलग-अलग मोबाइल नंबरों और यूपीआई आईडी पर किए गए कई ट्रांजेक्शन की जानकारी पुलिस को दी है। सबसे ज्यादा रकम अमन देवांगन के बैंक खातों के जरिए भेजी गई। इसके अलावा बेटी और अन्य परिचितों के माध्यम से भी कई बार पैसे ट्रांसफर किए गए।
ASP बोलीं- केस दर्ज, जांच जारी
एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि महिला की शिकायत पर रनचिरई थाने में वेद प्रकाश तिवारी, सृजन तिवारी, राहुल तिवारी और अन्य आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है और जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।