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कोरबा

धान खरीदी के अंतिम दिनों में किसानों को धान बेचने में न हो परेशानीः कलेक्टर

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एसडीएम सहित संबंधित अधिकारियों को समन्वय बनाकर धान खरीदी प्रक्रिया संपन्न कराने के निर्देश

पीएम सूर्यघर, पीएम आवास, पीएम जनमन के कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश

समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा की

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने समय-सीमा की बैठक में जिलें में संचालित फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी विभागों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के शेष दिनों में पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, सतर्कता और समन्वय के साथ बिना किसी प्रकार की गड़बड़ी के संपन्न होनी चाहिए। उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार, नोडल अधिकारियों, खाद्य व सहकारिता विभाग समेत खरीदी व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि धान बेचने आने वाले छोटे एवं शेष किसानों का सत्यापन शीघ्र कराकर उनका टोकन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी किसान को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने शिकायतों के त्वरित निराकरण, शासन के दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत पालन और खरीदी केंद्रों में सुचारू व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में कलेक्टर ने भारत सरकार द्वारा संचालित “जी-रामजी योजना” के प्रावधानों के अनुसार मनरेगा के अधूरे कार्यों को 15 मार्च तक हर हाल में पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी, पीडीएस तथा अन्य कन्वर्जेंस आधारित कार्यों में प्रगति लाने तथा वसूली से जुड़े प्रकरणों को भी निर्धारित तिथि तक निपटाने को कहा। उन्होंने सभी एसडीएम को फरवरी माह तक सामाजिक अंकेक्षण पूरा करने के निर्देश भी दिए।
सांसद एवं विधायक निधि अंतर्गत स्वीकृत वर्ष 2022-23 सहित अन्य कार्यों के पूर्णता प्रमाणपत्र शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया। निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों को समय पर मूल्यांकन और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर ने पीएम सम्मान निधि के अंतर्गत किसानों की ई-केवाईसी, आधार अद्यतन, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं को समय पर लाभ, आभा आईडी प्रविष्टि, आयुष्मान एवं व्यवंदन कार्ड निर्माण जैसे कार्यों में प्रगति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

उन्होंने सभी जनपद सीईओ को आधार अद्यतन शत-प्रतिशत पूर्ण करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को पोषण आहार समय पर वितरित करने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों की नियमित बैठक लेने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनपद सीईओ को यह भी निर्देशित किया कि स्वीकृत आंगनबाड़ी निर्माण कार्य फरवरी के प्रथम सप्ताह तक प्रारंभ कर अप्रैल तक पूर्ण कराए जाएँ तथा इसकी सूचना संबंधित सरपंचों को अवश्य दी जाए।
जिला शिक्षा अधिकारी को अपार आईडी से वंचित विद्यार्थियों की सूची, साइकिल वितरण की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने और वितरण कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को पाँच मॉडल गाँवों की सूची तैयार करने, पीएम आवास एवं पीएम जनमन आवास के कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना अंतर्गत अधिकाधिक हितग्राहियों को चिन्हित कर लाभान्वित करने का निर्देश भी दिया। उन्होंने इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र हेतु जिला पंचायत सीईओ और शहरी क्षेत्र के लिए निगमायुक्त को नोडल बनाया।
राजस्व विभाग को लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और वनाधिकार पत्र वितरण में प्रगति लाने पर विशेष बल दिया गया। कलेक्टर ने पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन व अन्य महत्वपूर्ण शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में पीएचई एवं जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की भी समीक्षा की गई। जल संसाधन विभाग के अंतर्गत लीलागर नदी के उद्गम स्थलकृखल्लारी जलाशयकृके सौंदर्यीकरण पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में डीएफओ कुमार निशांत, श्रीमती प्रेमलता यादव, निगमायुक्त आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
संपूर्णता अभियान फेस-दो को लक्ष्य आधारित उपलब्धियों के साथ सफल बनाएं
कलेक्टर श्री दुदावत ने भारत सरकार द्वारा पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक को आकांक्षी ब्लॉक के रूप में चयनित किए जाने के बाद संपूर्णता अभियान फेस-दो के महत्वपूर्ण इंडिकेटरों के अनुसार तीन माह का सेचुरेशन प्लान तैयार कर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान के शुभारंभ अवसर पर जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, जनपद पंचायत, पशुधन विकास सहित सभी संबंधित विभागों को निर्धारित इंडिकेटरों के अनुरूप समयबद्ध कार्यवाही और समय पर डाटा एंट्री सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया।

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कोरबा

मारपीट और SECL खदान में डकैती के 6 आरोपी गिरफ्तार:500 रुपए नहीं देने पर युवकों को पीटा, चौकीदारों को बंधक बनाकर लूटा था सामान

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कोरबा। कोरबा के बांकीमोंगरा में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मारपीट के 4 और SECL बांकी खदान नंबर-4 में डकैती के 2 आरोपी शामिल हैं।

मारपीट के मामले में आरोपियों ने शराब पीने के लिए 500 रुपए मांगे थे। वहीं, खदान में नकाबपोश बदमाशों ने चौकीदारों को बंधक बनाकर लोहे के रैक और पाइप काटकर चोरी किए थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 नवंबर को जेल भेज दिया।

शराब पीने के लिए मांगे 500 रुपए, मना करने पर बेल्ट से पीटा

पहले मामले में सूरज कुमार बिंझवार ने 1 नवंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे वह अपने साथी दिनेश कुमार बिंझवार के साथ देसी शराब भट्ठी से लौट रहे थे। रास्ते में आरोपियों ने उन्हें रोक लिया और शराब पीने के लिए 500 रुपए मांगे।

पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बेल्ट और हाथ-मुक्कों से दोनों की पिटाई की। पुलिस ने अपराध क्रमांक 226/2026 के तहत BNS की धारा 296, 351(3), 119(1) और 191(2) में केस दर्ज किया।

मारपीट के मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए समीर कुर्रे (19), आशीष कुमार पाटले (29), अमन कुमार कुर्रे (24) और हेमलाल कुर्रे (42) को गिरफ्तार किया। चारों मोंगरा बस्ती, बांकीमोंगरा के रहने वाले हैं। समीर कुर्रे के पास से घटना में इस्तेमाल बेल्ट भी जब्त की गई। चारों को 2 नवंबर को जेल भेज दिया गया।

SECL खदान में चौकीदारों को बनाया बंधक

दूसरे मामले में सुरक्षा गार्ड व्यासनारायण चौहान ने 28 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 26 और 27 अक्टूबर की दरम्यानी रात करीब 1 बजे 10 से 12 नकाबपोश लोग SECL बांकी खदान नंबर-4 में घुस गए।

आरोपियों ने चौकीदारों को बंधक बनाकर उनके मोबाइल फोन छीन लिए। इसके बाद गैस कटर से स्टोर में रखे लोहे के रैक और पाइप काटकर ले गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब 28 हजार रुपए बताई गई है।

पिकअप, गैस कटर और ऑक्सीजन सिलेंडर जब्त

पुलिस ने अपराध क्रमांक 223/2026 के तहत BNS की धारा 310(2), 127(2), 317(3) और 317(5) में केस दर्ज किया था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर राहुल विश्वकर्मा (22) और आकाश साहू (20) को गिरफ्तार किया गया।

राहुल पिकअप चालक है, जबकि आकाश कबाड़ दुकान संचालित करता है। पुलिस ने उनके पास से पिकअप वाहन (CG 12 BJ 6180), गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर और 2 मोबाइल फोन जब्त किए। दोनों आरोपियों को भी जेल भेज दिया गया।

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कोरबा

सस्पेंशन-नोटिस के बाद भी पटवारी हड़ताल पर:कोरबा में 20वें दिन धरना जारी, जिलाध्यक्ष मिथलेश वर्मा निलंबित, 175 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस

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कोरबा। कोरबा में पटवारियों की बेमियादी हड़ताल मंगलवार को 20वें दिन भी जारी रही। जिलाध्यक्ष को निलंबित करने और 175 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस देने के बाद भी वे घंटाघर धरना स्थल पर डटे रहे। हड़ताल के कारण राजस्व से जुड़े काम और गिरदावरी रुकी हुई है। इससे 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी पर भी असर पड़ने की आशंका है।

पटवारी 13 अक्टूबर से अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं। कोरबा जिले के पटवारी भी घंटाघर धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के कारण राजस्व संबंधी काम प्रभावित हो रहे हैं।

जिलाध्यक्ष निलंबित, 175 पटवारियों को नोटिस

शासन के निर्देश पर प्रशासन ने रविवार से कार्रवाई शुरू की। बलरामपुर जिले में 5 और कोरबा में एक पटवारी को निलंबित किया गया। कोरबा में राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष मिथलेश वर्मा को कलेक्टर ने निलंबित किया है।

प्रशासन के मुताबिक, शासकीय काम में लापरवाही और कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत यह कार्रवाई की गई।

कोरबा जिले के 254 हल्कों में 201 पटवारी पदस्थ हैं। इनमें से हड़ताल में शामिल 175 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सोमवार को कार्यालय समय खत्म होने तक किसी ने जवाब नहीं दिया और न ही कोई काम पर लौटा।

पटवारियों ने कहा- कार्रवाई से नहीं डरेंगे

धरना स्थल पर पटवारियों ने प्रशासन की कार्रवाई को दमनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि वे कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और हड़ताल जारी रखेंगे।

संघ के जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश प्रधान ने कहा कि पटवारी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करते हैं। इसके बावजूद शासन उनकी मांगें पूरी करने के बजाय दमनात्मक नीति अपना रहा है।

जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई पूरे संघ पर कार्रवाई

प्रधान ने कहा कि जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई पूरे संघ पर कार्रवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर किसानों का पूरा धान नहीं खरीदना चाहती। इसी वजह से पटवारियों पर कार्रवाई की जा रही है।

पदोन्नति और वेतन विसंगति दूर करने की मांग

पटवारियों की चार प्रमुख मांगों में पटवारी से राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करना और 2017 के वेतन संशोधन से पैदा हुई वेतन विसंगति दूर करना शामिल है।

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कोरबा

120 में से 20 खाद्य सैंपल जांच में फेल:कोरबा में पतंजलि घी और हल्दीराम के रसगुल्ला-चना के नमूने भी मानकों पर खरे नहीं उतरे

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कोरबा। कोरबा में त्योहारी सीजन में मिठाइयों की खरीदारी बढ़ने के बीच कोरबा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में लिए गए 120 खाद्य पदार्थों के सैंपलों में से करीब 20 जांच में फेल पाए गए।

यानी लगभग 17% सैंपल अमानक मिले। इस सूची में शहर के कुछ नामी प्रतिष्ठानों के साथ बड़े ब्रांडों के उत्पाद भी शामिल हैं। पतंजलि शुद्ध देसी घी और हल्दीराम के रसगुल्ला-चना के सैंपल भी मानकों पर खरे नहीं उतरे।

120 में करीब 20 सैंपल अमानक

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विभाग ने बीते 10 महीनों में 120 नमूने लिए। इनमें से करीब 20 सैंपल जांच में फेल पाए गए। यह आंकड़ा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सेहत को लेकर सवाल खड़े करता है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय भारत के अनुसार, अमानक और मिसब्रांडेड खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मिलावटी दूध, खोवा और मिठाइयों के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां, फूड पॉइजनिंग, दस्त और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

कई प्रतिष्ठानों पर लगाया गया जुर्माना

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर इस साल की गई कार्रवाई में कई प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया गया है। इनमें स्पेशल रेस्टोरेंट पर 1 लाख रुपए, कुरुदभुरी और चेक पोस्ट स्थित होटल पर 50-50 हजार रुपए, नेचुरल स्वीट्स पर 20 हजार रुपए, सरौन डेयरी पर 20 हजार रुपए और मानिकपुर निर्मल डेयरी पर 35 हजार रुपए का जुर्माना शामिल है।

मिलावट पर सजा और जुर्माने का प्रावधान

अभिहित अधिकारी अर्जित कुमार ने बताया कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। उनके अनुसार, खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाए जाने पर मामला कोर्ट में जाता है।

स्वास्थ्य को नुकसान नहीं होने की स्थिति में 1 लाख रुपए और गंभीर बीमारी होने पर 3 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। उपभोक्ता की मृत्यु होने पर उम्रकैद और 10 लाख रुपए तक जुर्माने की बात भी कही गई है।

संयुक्त टीम ने चार प्रतिष्ठानों पर की कार्रवाई

कलेक्टर कुणाल दुदावत और आयुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर तहसीलदार अतुल वैष्णव के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सोमवार देर शाम चार प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। इस दौरान कुल 13 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। टीम ने काजू कतली समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए हैं। इन नमूनों की जांच के बाद ही उनकी गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।

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