छत्तीसगढ़
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : जीपीएम जिले को मिली न्यायिक विकास की बड़ी सौगात
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने किया वर्चुअल भूमि पूजन
पेंड्रारोड में आवासीय परिसर और मरवाही में बनेगा आधुनिक सिविल कोर्ट भवन
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को बड़ी न्यायिक सौगात देते हुए पेंड्रारोड में न्यायिक कर्मचारियों के लिए सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर तथा मरवाही में नवीन सिविल कोर्ट भवन निर्माण कार्य का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस महत्वपूर्ण पहल से जिले की न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य शासन द्वारा निर्धारित एनआईटी मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराए जाएं। उन्होंने कहा कि न्यायिक भवनों और आवासीय परिसरों का निर्माण आधुनिक सुविधाओं, सुरक्षा और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए किया जाए, ताकि यह निर्माण पूरे प्रदेश के लिए अनुकरणीय बन सके।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की पोर्टफोलियो जज श्रीमती रजनी दुबे भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल रहीं। पेंड्रारोड में न्यायिक कर्मचारियों के लिए कुल 26 आवासों का निर्माण किया जाएगा। इनमें 8 जी-टाइप, 10 एच-टाइप तथा 8 आई-टाइप आवास शामिल हैं। यह आवासीय परिसर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जिससे न्यायिक कर्मचारियों को बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। वहीं मरवाही में बनने वाला नवीन सिविल कोर्ट भवन आधुनिक न्यायिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों न्यायिक सेवाओं का अधिक सुगम एवं व्यवस्थित लाभ मिल सकेगा।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश द्वारा वर्चुअली भूमि पूजन कार्यक्रम के अवसर पर पेंड्रारोड में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेशबाबू साहू एवं कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक अधिकारी, न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही प्रदेशभर के न्यायाधीश भी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे।
छत्तीसगढ़
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : ’आस्था, स्वाभिमान और संस्कृति का भव्य संगम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गूंजा ‘हर-हर महादेव”
’ज्वालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भजन संध्या ने बांधा समां, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल’


गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। अटूट आस्था, सनातन संस्कृति और राष्ट्र गौरव के प्रतीक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के 1000 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्रशासन द्वारा विकासखंड गौरेला के तवाडबरा स्थित ज्वालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सोमवार को भव्य भजन संध्या एवं धार्मिक आयोजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

विधायक एवं कलेक्टर ने ज्वालेश्वर महादेव से जिलेवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भाव से सराबोर कर दिया। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आत्मगौरव का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना को केंद्र में रखकर आयोजित भजन संध्या में भक्ति और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध भजन गायक साजन पाठक, मीनाक्षी केशवानी एवं कीर्ति कुसरो ने शिव भक्ति से ओतप्रोत भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। देर रात तक चले भक्ति संगीत में श्रद्धालु झूमते रहे और पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजता रहा।

इस अवसर पर कलेक्टर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास, सनातन संस्कृति की मजबूती तथा भारतीय सभ्यता की अखंडता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता के संदेश से ओतप्रोत यह आयोजन क्षेत्रवासियों के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गया।
छत्तीसगढ़
रायपुर : वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी से मिले कुलपति प्रो. दयाल
विश्वविद्यालय को वित्तीय व शासकीय सहयोग का मिला आश्वासन
रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने आज प्रदेश के वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी से सौजन्य मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान विश्वविद्यालय के विकास और शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

स्व-संचालित प्रणाली अपनाने का सुझाव
वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी ने पत्रकारिता विश्वविद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए हर संभव वित्तीय और शासकीय सहयोग प्रदान करने का भरोसा दिया। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय की भविष्य की आत्मनिर्भरता को देखते हुए स्व-वित्त पोषित (Self&Financed) और स्व-संचालित प्रणाली को अपनाने का महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया।
न्यूनतम शुल्क में मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने वित्तमंत्री को अवगत कराया कि विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुँचाना है। उन्होंने बताया किविश्वविद्यालय में मीडिया सहित अन्य सभी पाठ्यक्रमों का शिक्षण एवं छात्रावास शुल्क बेहद किफायती रखा गया है। इससे बस्तर से लेकर सरगुजा तक के सुदूर अंचलों के अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछडा वर्ग सहित सभी समुदायों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो रही है। छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितकारी और कल्याणकारी नीतियों का सीधा लाभ निर्धन और कमजोर वर्ग के छात्रों को मिल रहा है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बोझ के ज्ञानार्जन कर पा रहे हैं।
छत्तीसगढ़
रायपुर : छत्तीसगढ़ में सामाजिक समावेशन की नई मिसाल : 8 ट्रांसजेंडर उम्मीदवार बने पुलिस आरक्षक
संघर्ष, आत्मविश्वास और शासन के सहयोग से मिली ऐतिहासिक सफलता
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ने सामाजिक समावेशन और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। राज्य में 8 ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों का चयन पुलिस आरक्षक पद पर हुआ है। यह सफलता वर्ष 2024 की भर्ती प्रक्रिया तथा 2025 में आयोजित शारीरिक दक्षता एवं लिखित परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मिली है।

चयनित उम्मीदवारों में सुश्री भूमि मानिकपुरी, सुश्री खुशी ध्रुव, सुश्री संजना ध्रुव, सुश्री रानू यादव, सुश्री पवित्रा चंद्रवंशी, सुश्री लक्ष्मी साहू, सुश्री अप्सरा जायसवाल और सुश्री सुभी यादव शामिल हैं। ये उम्मीदवार रायपुर, बेमेतरा, जांजगीर-चांपा और कांकेर सहित विभिन्न जिलों से हैं। सामाजिक चुनौतियों, अस्वीकार्यता और अनेक व्यक्तिगत संघर्षों के बावजूद इन सभी ने अपने आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया।
यह उपलब्धि केवल रोजगार प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में ट्रांसजेंडर समुदाय की बढ़ती भागीदारी, सम्मान और स्वीकार्यता का सशक्त संदेश भी देती है। पुलिस विभाग जैसे जिम्मेदार क्षेत्र में उनकी नियुक्ति राज्य में समान अवसर आधारित शासन व्यवस्था को और मजबूत करेगी।इस सफलता में समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभाग द्वारा उम्मीदवारों को प्रशिक्षण, आवागमन सुविधा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे उन्हें भर्ती प्रक्रिया की तैयारी में निरंतर सहयोग मिला।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ट्रांसजेंडर समुदाय को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सम्मानजनक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में यह चयन एक प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है।
यह सफलता आने वाले समय में अनेक ट्रांसजेंडर युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी और यह संदेश देगी कि प्रतिभा, परिश्रम और अवसर मिल जाएं तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता।
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