Connect with us

देश

सोना ₹3,182 बढ़कर ₹1.55 लाख के ऑलटाइम हाई पर:23 दिन में ₹21 हजार महंगा हुआ, चांदी आज ₹11,994 बढ़कर 3.12 लाख/किलो हुई

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। सोने के दाम आज यानी 23 जनवरी को ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार सोना सुबह 1,55,428 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ओपन हुआ। हालांकि इसके बाद इसकी कीमत में थोड़ी गिरावट आई और ये 3,182 रुपए बढ़कर 1,54,310 रुपए पर बंद हुआ। इससे पहले ये 1,51,128 रुपए पर था।

वहीं, 1 किलो चांदी 11,994 रुपए बढ़कर 3,11,705 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले गुरुवार को ये 2,99,711 रुपए पर थी। इस साल सिर्फ 23 दिनों में सोना 21,115 रुपए और चांदी 81,285 रुपए महंगी हो चुकी है।

सोने में तेजी के 3 बड़े कारण

1. ग्लोबल टेंशन और ‘ग्रीनलैंड’ विवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की जिद और इस मुद्दे पर यूरोपीय देशों को टैरिफ की धमकी ने वैश्विक बाजारों बाजारों अस्थिरता बढ़ गई है। जब भी दुनिया में ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ता है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर भागते हैं।

2. रुपए की रिकॉर्ड कमजोरी : भारत में सोने की कीमत केवल वैश्विक दरों पर नहीं, बल्कि डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट पर भी निर्भर करती है। आज रुपया डॉलर के मुकाबले ₹91.10 के ऑल-टाइम लो पर है। LKP सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के अनुसार, रुपए की कमजोरी की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरीदे जाने वाले सोने की लैंडिंग कॉस्ट भारत में बहुत महंगी हो गई है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें ₹1.5 लाख के पार निकल गईं।

3. सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक (जैसे भारत का RBI) अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए सोने का स्टॉक बढ़ा रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में रिकॉर्ड खरीदारी के बाद 2026 की शुरुआत में भी सेंट्रल बैंकों की मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा होने के कारण कीमतें बढ़ रही हैं।

रू.1.90 लाख तक जा सकता है सोना

रिसर्च हेड डॉ रेनिशा चैनानी के अनुसार, अगर अमेरिकी टैरिफ और मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है, तो सोना 2026 में 1,90,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वहीं चांदी 4 लाख रुपए तक जा सकती है।

2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी हुई

  • पिछले साल यानी 2025 में सोने की कीमत 57,033 रुपए (75%) बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो 31 दिसंबर 2025 को 1,33,195 रुपए हो गया।
  • चांदी का भाव भी इस दौरान 1,44,403 रुपए (167%) बढ़ा। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो इस साल के आखिरी दिन 2,30,420 रुपए प्रति किलो हो गई।
  • चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण जानिए
  • इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV में भारी इस्तेमाल, चांदी अब सिर्फ ज्वेलरी नहीं, जरूरी कच्चा माल बन गई है।
  • ट्रंप का टैरिफ डर – अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, ग्लोबल सप्लाई में कमी से कीमतें ऊपर चढ़ीं।
  • मैन्युफैक्चरर होड़ में – प्रोडक्शन रुकने के डर से सभी पहले से खरीद रहे हैं, इसी वजह से आने वाले महीनों में भी तेजी बनी रहेगी।
  • इस साल रू.4 लाख तक जा सकती है चांदी
  • मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज: 2026 में चांदी रू.3.20 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है। सोलर और EV डिमांड को देखते हुए हर गिरावट पर खरीदारी की सलाह है।
  • सैमको सिक्योरिटीज: टेक्निकल ब्रेकआउट और मजबूत वैश्विक संकेतों के आधार पर चांदी की कीमतें रू.3.94 लाख प्रति किलो के स्तर को भी छू सकती हैं।
  • नीलेश सुराना (कमोडिटी एक्सपर्ट): ग्रीन एनर्जी की बढ़ती मांग और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती से चांदी $100 प्रति औंस (करीब रू.3.5-4 लाख) तक जा सकती है।
  • पोनमुडी आर (CEO, एनरिच मनी): चांदी में लंबी अवधि की तेजी का दौर अभी जारी रहेगा, इसलिए निवेशकों को कीमतों में आने वाली हर छोटी गिरावट का फायदा उठाना चाहिए।
  • रॉबर्ट कियोसाकी (ग्लोबल इन्वेस्टर): डॉलर की कमजोरी और महंगाई को देखते हुए चांदी साल 2026 में $200 प्रति औंस के चौंकाने वाले स्तर तक भी जा सकती है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

G20 देशों में इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ सबसे तेज:ग्लोबल रेटिंग एजेंसी का अनुमान- अगले वित्त वर्ष भारत की GDP 6.4% की दर से बढ़ेगी

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने सोमवार को भारतीय इकोनॉमी को लेकर नए अनुमान जारी किए हैं। मूडीज के मुताबिक, अगले वित्त वर्ष (2026-27) में भारत की GDP 6.4% की दर से बढ़ सकती है।

मूडीज ने कहा कि यह रफ्तार दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं वाले G20 देशों के ग्रुप में सबसे ज्यादा होगी। एजेंसी ने इसके पीछे मजबूत घरेलू खपत, सरकार के नीतिगत फैसलों और देश के स्थिर बैंकिंग सिस्टम को मुख्य वजह बताया।

सरकार और RBI के अनुमान से कम है आंकड़ा

मूडीज का यह अनुमान भारत सरकार और रिजर्व बैंक (RBI) के अनुमान के मुकाबले थोड़ा कम है। पिछले महीने संसद में पेश हुए इकोनॉमिक सर्वे में वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.8% से 7.4% की ग्रोथ का अनुमान बताया गया था।

वहीं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने भी हाल ही में अपनी मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग में वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही के लिए करीब 7% ग्रोथ की उम्मीद जताई है।

टैक्स में बदलाव और GST से खपत बढ़ेगी

मूडीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर 2025 में GST के नियमों में हुए बदलाव और पर्सनल इनकम टैक्स की सीमा बढ़ाए जाने से लोगों की जेब में ज्यादा पैसा बचेगा। इससे बाजार में मांग बढ़ेगी, जिससे इकोनॉमी में ग्रोथ होगी। रेटिंग एजेंसी ने अपनी बैंकिंग सिस्टम आउटलुक रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय बैंकों की हालत बेहतर बनी रहेगी।

  • कर्ज की मांग: वित्त वर्ष 2027 में भारतीय बैंकों की लोन ग्रोथ 11-13% रहने का अनुमान है।
  • NPL पर काबू: बैंकों का नॉन परफॉर्मिंग लोन लेवल 2% से 2.5% के बीच रहने की उम्मीद है, जो काफी सुरक्षित स्तर है।
  • MSME पर दबाव: छोटे और MSMEs पर कुछ दबाव दिख सकता है, लेकिन बैंकों के पास इस नुकसान को झेलने के लिए पर्याप्त पूंजी है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फायदा मिलेगा

रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि फरवरी 2026 में भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के बाद एक्सपोर्ट सेक्टर से जुड़ी कंपनियों की स्थिति में सुधार आएगा।

इससे छोटे उद्यमियों (MSME) का तनाव कम होगा और निवेश की नई संभावनाएं बनेंगी।

RBI ब्याज दरों में कटौती जारी रख सकता है

मूडीज का मानना है कि महंगाई अब कंट्रोल में है, इसलिए रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कटौती जारी रख सकता है। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती के कोई संकेत तो नहीं मिल रहे।

साल 2025 में RBI पहले ही ब्याज दरों में 1.25% की कटौती कर चुका है, जिससे फिलहाल रेपो रेट 5.25% पर है।

Continue Reading

खेल

ICC ने पाकिस्तान की तीनों शर्तें खारिज कीं:फाइनल अल्टीमेटम दिया, PCB यू-टर्न लेगा, भारत से वर्ल्ड कप मुकाबला खेलना लगभग तय

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत से मैच ना खेलने पर अड़े पाकिस्तान की तीनों मांगे खारिज कर दी हैं। आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के साथ हुई मीटिंग के बाद उसे फाइनल अल्टीमेटम दे दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब PCB यू-टर्न लेगा और उनकी टीम 15 फरवरी को कोलंबो में भारत का सामना भी करेगी।

पाकिस्तान ने भारत से प्रस्तावित मैच के बॉयकॉट का ऐलान किया था। इसी सिलसिले में ICC के दो प्रतिनिधि इमरान ख्वाजा और मुबाशिर उस्मानी रविवार सुबह लाहौर पहुंचे, जहां उन्होंने PCB अधिकारियों के साथ चर्चा की।

दैनिक भास्कर को भी ICC में मौजूद सूत्रों ने बताया कि सभी मसले सुलझा लिए जाएंगे। श्रीलंका बोर्ड मैच की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है और मुकाबला तय शेड्यूल पर ही खेला जाएगा।

पाकिस्तानी PM को लेना है अंतिम फैसला

लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुई बैठक में PCB प्रमुख मोहसिन नकवी, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम शामिल रहे। यह बैठक करीब पांच घंटे तक चली।

बैठक के बाद अब अंतिम फैसला पाकिस्तान सरकार के स्तर पर होना है। PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी पूरे मामले की जानकारी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को देंगे, जिसके बाद बोर्ड अगले 24 घंटे में अपना फैसला सुना सकता है।

लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुई बैठक में PCB प्रमुख मोहसिन नकवी, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम शामिल रहे।

लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुई बैठक में PCB प्रमुख मोहसिन नकवी, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम शामिल रहे।

पाकिस्तान ने ICC के सामने 3 शर्तें रखीं

बैठक में ICC की ओर से CEO संजोग गुप्ता वर्चुअल तरीके से जुड़े। भारत से खेलने के मुद्दे पर पाकिस्तान ने तीन शर्तें रखीं। पहली, ICC की कुल कमाई में पाकिस्तान का हिस्सा बढ़ाया जाए। दूसरी, भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज बहाल कराई जाए। तीसरी, मैदान पर हैंडशेक प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए।

दरअसल, एशिया कप के दौरान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। फिलहाल ICC रेवेन्यू मॉडल में पाकिस्तान चौथा सबसे बड़ा हिस्सेदार बोर्ड है। उसे कुल कमाई का करीब 5.75 फीसदी हिस्सा मिलता है। इससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत के बोर्ड हैं।

हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा- SLC

7 फरवरी को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से इस मैच पर दोबारा विचार करने की अपील की थी। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट ने PCB को मेल लिखा। इसमें कहा गया है कि भारत-पाक मैच नहीं होने से श्रीलंका क्रिकेट को आर्थिक नुकसान होगा और टूर्नामेंट की इमेज को भी नुकसान होगा।

मेल पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने PCB से कहा कहा, हम भारत के साथ मिलकर इस टूर्नामेंट को होस्ट कर रहे हैं। अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होता है तो हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा।

पाकिस्तान सरकार ने कहा था- वर्ल्डकप खेलेंगे, लेकिन भारत से नहीं

पाकिस्तान ने 1 फरवरी को घोषणा की कि वह टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करेगा। पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के बांग्लादेश को टूर्नामेंट से हटाने के बाद लिया। बांग्लादेश सरकार ने भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा चिंता जताई थी।

सरकार ने X पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC वर्ल्ड T20 2026 में हिस्सा लेने की मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।

ICC बोला- पाकिस्तान अपने फैसले पर विचार करे

ICC ने एक फरवरी को ही देर रात 11 बजे मीडिया रिलीज में कहा, हम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के ऑफिशियल कन्फर्मेशन का इंतजार कर रहे हैं। ICC सरकार के फैसलों का समर्थन करता है, लेकिन पाकिस्तान का फैसला दुनियाभर में क्रिकेट के इकोसिस्टम को प्रभावित करने वाला है।

ICC उम्मीद कर रहा है कि PCB अपने फैसले पर फिर से विचार करेगा ताकि दुनियाभर में क्रिकेट का सिस्टम प्रभावित न हो। पाकिस्तान खुद ICC का सदस्य है। हम चाह रहे हैं कि पाकिस्तान किसी तरह सभी स्टेकहोल्डर्स को ध्यान में रखते हुए आखिरी फैसला ले।

मोहसिन नकवी ने 26 जनवरी को पीएम शाहबाज शरीफ से मुलाकात की थी।

मोहसिन नकवी ने 26 जनवरी को पीएम शाहबाज शरीफ से मुलाकात की थी।

भारतीय टीम तय समय पर श्रीलंका जाएगी

टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर BCCI सूत्रों ने साफ किया है कि भारतीय टीम तय कार्यक्रम के अनुसार ही श्रीलंका दौरे पर जाएगी। टीम 15 फरवरी से पहले श्रीलंका पहुंचेगी और ICC के सभी प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करेगी। हालांकि, मैच को लेकर अंतिम फैसला मैदान पर मौजूद मैच रेफरी द्वारा ही लिया जाएगा।

Continue Reading

देश

नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब के सर्कुलेशन पर FIR:राहुल इसकी कॉपी लेकर संसद पहुंचे थे, दावा किया- चीन ने लद्दाख में घुसपैठ की थी

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी (Four Stars of Destiny)’ के सर्कुलेशन को लेकर दिल्ली पुलिस ने सोमवार को FIR दर्ज की है।

यह कार्रवाई अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन न्यूज फोरम पर सामने आई जानकारी के आधार पर की गई, जिसमें दावा किया गया था कि किताब की प्री-प्रिंट कॉपी सर्कुलेट हो रही है।

पुलिस के मुताबिक, इस किताब के पब्लिकेशन के लिए अभी संबंधित अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी नहीं मिली है। पुलिस जांच में सामने आया कि इसी टाइटल वाली एक टाइप-सेट किताब की PDF कॉपी कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध थी।

आशंका जताई गई है कि पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने जो कॉपी तैयार की थी, यह वही हो सकती है। इसके अलावा, कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स पर किताब के कवर को इस तरह दिखाया गया, जैसे वह खरीद के लिए उपलब्ध हो।

इस पूरे मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने केस दर्ज किया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अप्रकाशित और बिना मंजूरी वाली किताब की सामग्री कैसे सार्वजनिक हुई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

यह FIR ऐसे समय दर्ज की गई है, जब 4 फरवरी को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को संसद परिसर में किताब की एक कॉपी दिखाते हुए देखा गया था। राहुल ने कहा था- अगर पीएम मोदी संसद आए तो उन्हें यह किताब दूंगा।

राहुल ने कहा था कि वह इस किताब के अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते हैं लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने इसकी इजाजत नहीं दी।

राहुल ने कहा था कि वह इस किताब के अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते हैं लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने इसकी इजाजत नहीं दी।

Continue Reading
Advertisement

Trending