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कोरबा

मित्रता हो तो कृष्ण-सुदामा जैसी-पंडित कमल किशोर दुबे

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कल हवन-पूजन के साथ भंडारे का आयोजन
कोरबा।
15 ब्लाक, झरनापारा में आयोजित 07 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के 7वें एवं अंतिम दिन पंडित कमल किशोर दुबे ने अपने श्रीमुख से कृष्ण-सुदामा चरित्र का वर्णन किया। मित्रता में अमीरी-गरीबी का भेद मिट जाता है, यही सच्ची मित्रता है। सुदामा अपनी विपन्नता दूर करने बाल सखा कृष्ण के पास पहुंचते हैं, लेकिन महल के चकाचौंध में उनकी आंखें चौंधिया जाती हैं और उनका पग ठिठक जाता है। द्वारपाल कृष्ण को संदेश देते हैं, कि एक गरीब सुदामा आपसे मिलना चाहते हैं। मित्र सुदामा का नाम सुनकर कृष्ण नंगे पांव महल के बाहर पहुंचते हैं और उनसे मिलकर ऐसा लगता है, मानो जीवन का सुख इस मिलन में सिमट गया हो। वर्षों बाद मित्र मिलन की खुशियों से कृष्ण की आंखें लबालब हो जाती हैं। कृष्ण-सुदामा को महल में ले जाते हैं और सत्कार ऐसा करते हैं कि मानो सुदामा का जीवन सफल हो गया।


सुदामा जब वापस घर जाते हैं, तो कृष्ण उन्हें उपहार में कुछ नहीं देते, इससे सुदामा खिन्न हो कर अपने घर पहुंचते हैं, लेकिन उनकी झोपड़ी की जगह महल दिखता है और उनकी पत्नी महारानी जैसी सजी-धजी और बच्चे राजकुमार जैसे दिख रहे थे। सुदामा का मन मित्र के उपहार से भर गया। आर्थिक विपन्नता दूर हुई और मित्रता सार्थक हुई। ऐसी है कृष्ण-सुदामा की मित्रता।
आज की कथा का रसपान करने सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालू पहुंचे थे। सुदामा चरित्र के अलावा पंडित कमल किशोर दुबे ने उद्धव ज्ञान उपदेश, कली वर्णन, परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाई। इसके साथ ही कथा को विराम दी ्रगई।
कल हवन-पूजन एवं भोग प्रसाद का वितरण
गीता पाठ, तुलसी वर्षा, हवन-पूजन, कपिला तर्पण, पूर्णाहुति एवं ब्राह्मण भोज के साथ कल भोग भंडारा का आयोजन किया जाएगा। आयोजक यादव परिवार ने भंडारा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

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कोरबा

कोरबा में बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय अभियान:तीन चरणों में धर्मगुरुओं, छात्रों और पंचायतों को दिलाई गई शपथ

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कोरबा। कोरबा जिले में बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान चलाया गया। भारत सरकार के केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर यह अभियान गांवों और कस्बों में केंद्रित रहा। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना महंत ने ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

इस मुक्ति रथ ने जिलेभर में भ्रमण किया और दूरस्थ पंचायतों तथा गांवों तक पहुंचा। अभियान से बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ा गया। रथ ने लोगों को बाल विवाह के स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका पर पड़ने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराया, साथ ही इसके कानूनी पहलुओं की जानकारी देते हुए समझाया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है।

महिलाओं को बाल विवाह के खिलाफ सन्देश दिया

महिलाओं को बाल विवाह के खिलाफ सन्देश दिया

देश के 439 जिलों में बाल विवाह मुक्ति रथ

‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के एक साल पूरे होने पर भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 4 दिसंबर, 2025 को देशव्यापी ‘100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान’ की घोषणा की थी। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठनों ने इस अभियान का नेतृत्व करते हुए देश के 439 जिलों में ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ निकाले।

अभियान के दौरान यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह कोई सामाजिक कुप्रथा नहीं, बल्कि विवाह की आड़ में बच्चों से बलात्कार है। इसे एक अपराध और कानूनन दंडनीय माना गया। बताया गया कि बाल विवाह किसी भी बच्ची के जीवन की संभावनाओं को खत्म कर देता है और उन्हें कुपोषण, अशिक्षा व गरीबी के दुष्चक्र में धकेल देता है।

तीन चरणों में चला अभियान

यह अभियान तीन चरणों में चला। पहले चरण में शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ा गया, जबकि दूसरे चरण में धर्मगुरुओं से अनुरोध किया गया कि वे विवाह संपन्न कराने से पहले आयु की जांच करें और बाल विवाह कराने से इनकार करें। इसके अतिरिक्त, कैटरर्स, सजावट करने वालों, बैंक्वेट हॉल मालिकों और विवाह में सेवाएं देने वाले बैंड व घोड़ी वालों से भी बाल विवाह में अपनी सेवाएं न देने का आग्रह किया गया।

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कोरबा

हसदेव नदी में डूबे युवक का सुराग नहीं :गोताखोरों की तलाश जारी, जलकुंभी में फंसने की आशंका: चार दोस्त नहाने गए थे

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कोरबा। कोरबा में हसदेव नदी में नहाने गए 22 वर्षीय युवक नौशाद खान का शव दो दिन बाद भी बरामद नहीं हो सका है। रविवार दोपहर दर्री थाना क्षेत्र के कलमीदुग्गू के पास यह घटना हुई, जब नौशाद अपने तीन दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था।

बताया गया कि नौशाद ने नदी के तेज बहाव में छलांग लगा दी, जिसके बाद वह बह गया। उसे बहता देख उसके अन्य दोस्तों ने बचाने का प्रयास किया और वे भी नदी में कूद गए, हालांकि वे बाल-बाल बच गए।

युवक की जलकुम्भी में फसे होने की आशंका

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और युवक की तलाश शुरू की। अब दर्री थाना पुलिस और जिला प्रशासन की नगरसेना की गोताखोर टीम लगातार उसकी खोजबीन में जुटी हुई है।पिछले दो दिनों से जारी तलाश के बावजूद नौशाद का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि वह नदी में बहने के बाद जलकुंभी में फंस गया होगा।

6 महीने पहले माँ की मौत अब बेटा भी नदी में डूबा

नौशाद खान दर्री इलाके के जय भगवान गली का निवासी है। वह सीएसईबी पावर प्लांट में ठेकाकर्मी के रूप में वेल्डिंग का काम करता था और अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था।जानकारी के अनुसार, छह माह पहले नौशाद की मां का बीमारी के कारण निधन हो गया था। इस घटना के बाद उसके पिता की मानसिक स्थिति भी बिगड़ गई है।

दर्री थाना पुलिस ने नौशाद के साथ गए अन्य युवकों से भी पूछताछ की है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर खोजबीन जारी है और युवक के मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्यवाही पूरी की जाएगी।

युवक की तलाश जारी

युवक की तलाश जारी

युवक की जलकुम्भी में फसे होने की आशंका

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और युवक की तलाश शुरू की। अब दर्री थाना पुलिस और जिला प्रशासन की नगरसेना की गोताखोर टीम लगातार उसकी खोजबीन में जुटी हुई है।पिछले दो दिनों से जारी तलाश के बावजूद नौशाद का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि वह नदी में बहने के बाद जलकुंभी में फंस गया होगा।

खोजबीन में लगी गोताखोरों की टीम

खोजबीन में लगी गोताखोरों की टीम

नदी में डूबा 22 वर्षीय युवक

नदी में डूबा 22 वर्षीय युवक

6 महीने पहले माँ की मौत अब बेटा भी नदी में डूबा

नौशाद खान दर्री इलाके के जय भगवान गली का निवासी है। वह सीएसईबी पावर प्लांट में ठेकाकर्मी के रूप में वेल्डिंग का काम करता था और अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था।जानकारी के अनुसार, छह माह पहले नौशाद की मां का बीमारी के कारण निधन हो गया था। इस घटना के बाद उसके पिता की मानसिक स्थिति भी बिगड़ गई है।

दर्री थाना पुलिस ने नौशाद के साथ गए अन्य युवकों से भी पूछताछ की है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर खोजबीन जारी है और युवक के मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्यवाही पूरी की जाएगी।

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कोरबा

सांसद ज्योत्सना महंत ने महिला दिवस पर महिला पत्रकारों से आत्मीय संवाद कर किया सम्मानित

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कोरबा। इंटरनेशनल वूमेंस डे के अवसर पर कोरबा लोकसभा क्षेत्र सांसद ज्योत्सना महंत ने अपने निवास पर अंचल की महिला पत्रकारों से आत्मीय मुलाकात कर उनसे संवाद किया और उनका सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की भूमिका, चुनौतियों, राजनीति में भागीदारी और सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।
सांसद श्रीमती महंत ने महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि महिलाएँ समाज की प्रेरक शक्ति हैं और परिवार से लेकर समाज के निर्माण तक उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएँ शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, मीडिया सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं और समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान निभा रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान संसद में महिला सांसदों की कम संख्या को लेकर सवाल उठे। पूछा गया कि जब देश की आधी आबादी महिलाएँ हैं, तो संसद में उनकी भागीदारी अपेक्षाकृत कम क्यों है। इस सवाल पर सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि संख्या कम होने के बावजूद महिला सांसद अपनी बातों को मजबूती से रखती हैं और संसद में प्रभावी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ राजनीति के उच्चतम स्तर पर भी पूरी क्षमता और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभा रही हैं।
सांसद श्रीमती महंत ने आगे कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण शिक्षा और समान अवसरों से ही संभव है। इसलिए समाज और परिवार को बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर समाज में नेतृत्व की भूमिका निभा सकें।इस अवसर पर सांसद ज्योत्सना महंत ने महिला पत्रकारों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया और कहा कि मीडिया लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है तथा महिला पत्रकार समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने महिला दिवस पर सभी महिला पत्रकारों को शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम कोरबा प्रेस क्लब के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेंद्र जायसवाल, उपाध्यक्ष रामेश्वर ठाकुर, सदस्य प्रीतम जायसवाल उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ महिला पत्रकार राजश्री गुप्ते, रेणु जायसवाल, मिली, लाली, सिमरन कौर, रजनी चौहान, प्रतिमा सरकार, वर्षा चौहान, आशा, निर्मला, कृतिका और सुमन जायसवाल उपस्तित रहीं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से जुड़े विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर सार्थक चर्चा और विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

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