देश
गुजरात का महिसागर पुल हादसा- नदी से 16 शव मिले:3 लोग अब भी लापता, कल पुल टूटने से 5 गाड़ियां नदी में गिरी थीं
अहमदाबाद,एजेंसी। गुजरात में वडोदरा और आणंद को जोड़ने वाला पुल टूटने के बाद महिसागर नदी से 16 शव निकाले जा चुके हैं। NDRF को गुरुवार सुबह 2 और दोपहर में एक शव मिला, जबकि 13 बॉडी बुधवार को ही बरामद हो चुकी थीं।
हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई है। अभी भी 3 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनकी तलाश जारी है।
महिसागर नदी पर बना ब्रिज बुधवार सुबह टूट गया था। चलते ट्रैफिक के बीच पुल टूट जाने से दो ट्रक, दो कार और एक रिक्शा नदी में गिर गए थे। एक टैंकर टूटे सिरे पर फंस गया था।
45 साल पुराना यह ब्रिज दक्षिण गुजरात को सौराष्ट्र से जोड़ता था। इसके टूटने से भरूच, सूरत, नवसारी, तापी और वलसाड से सौराष्ट्र पहुंचना मुश्किल हो गया है। अब इसके लिए अहमदाबाद होकर जाना होगा।
टूटा पुल और नदी में गिरी गाड़ियां

वडोदरा जिले में महिसागर नदी पर बने पुल का एक बड़ा हिस्सा बुधवार सुबह गिर गया था।

ब्रिज पर ट्रैफिक चल रहा था। इसके टूटने से 2 ट्रक, 2 कारें और एक ई-रिक्शा नदी में गिर गया था।

पुल टूटने के बाद एक टैंकर टूटे सिरे पर अटक गया। हादसे के 24 घंटे बाद भी यह फंसा हुआ है।

स्थानीय लोगों ने नदी मे गिरी 5 गाड़ियों में फंसे लोगों को निकालने के लिए रस्सियों का सहारा लिया।

नदी में गिरे 8 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया। एक महिला पानी में अपने पति-बेटे को खोजती हुई।
रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें..

स्थानीय लोगों ने गाड़ियों को नदी से बाहर निकाला और इसमें फंसे एक बच्चे को बचाया।

स्थानीय लोगों ने SDRF की सहायता से घायलों को नदी से रेस्क्यू किया।

ब्रिज टूटने के बाद आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF की हेल्प की।
2015 में पुल की बेयरिंग बदलनी पड़ी थी
गंभीरा पुल का निर्माण 1981-82 में उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने किया था। जानकारी के मुताबिक 2015 में भी गंभीरा पुल जर्जर पाया गया था। उस समय सरकार ने इसका निरीक्षण करवाया था और बेयरिंग बदलनी पड़ी थी। यह स्थिति इसलिए बनी थी, क्योंकि पुल के निर्माण में अच्छी सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया था।
लोग बोले- शिकायत के बाद भी मरम्मत नहीं हुई
हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और लोगों को रेस्क्यू किया। एक स्थानीय युवक ने बताया, ‘हम सुबह से ही बचाव अभियान चला रहे हैं। अब तक 13 शव बरामद हुए हैं, जिनमें से एक बच्चा है और एक बच्चा लापता है। इस दौरान हमें प्रशासन और अधिकारियों से कोई मदद नहीं मिली है।’
इनका कहना है कि 45 साल पुराने इस पुल की मरम्मत के लिए प्रशासन को कई बार सूचित किया जा चुका है। प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण आज यह हादसा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस हादसे के लिए पूरी तरह से प्रशासन ही जिम्मेदार है।
हादसे में बचे लोगों ने बताई आंखो-देखी…
- बाइक के साथ मैं और मेरा दोस्त नदी में गिरे: हादसे में घायल राजूभाई अथिया ने बताया, “मैं और मेरा दोस्त द्वारका से अंकलेश्वर जा रहे थे। हम पुल पर थे तभी वह अचानक ढह गया और हम बाइक समेत नदी में गिर गए। मैं पानी से बाहर निकला और एक गाड़ी के ऊपर चढ़कर बैठ गया। मेरा दोस्त लापता है। थोड़ी देर बाद लोग नाव लेकर मदद के लिए आए।”

राजूभाई दुदाभाई अथिया वडोदरा के सयाजी राव अस्पताल में भर्ती हैं। उनका दोस्त लापता है।
- बाइक पंक्चर होने से जान बची:
- ब्रिज से गुजर रहे महेशभाई परमार (उम्र 23) भी इस घटना में बाल-बाल बच गए। महेश ने बताया, ‘हम दो दोस्त काम पर जा रहे थे। पुल के पास ही बाइक पंक्चर हो गई। पंक्चर ठीक करवाने के बाद हम ब्रिज पर जैसे ही पहुंचे, तभी अचानक पुल टूट गया। हम तीन-चार गाड़ियों के पीछे थे। देखा तो एक इको कार, एक पिकअप और एक ट्रक पुल से नीचे गिर गए थे। नीचे चीख-पुकार मची थी।’
- गाड़ियां गिरते ही ब्रेक लगाया:
- हादसे के चश्मदीद 25 साल के संजयभाई सोमाभाई चावड़ा ने बताया कि हम तीन दोस्त बाइक से काम पर जा रहे थे। तभी अचानक मुझे ब्रेक लगाना पड़ा, क्योंकि पुल बीच में से टूट गया था। ब्रेक नहीं लगाते तो हम भी हादसे का शिकार हो गए थे।

संजयभाई सोमाभाई चावड़ा और उनके दोस्त। ये लोग हादसे में बाल-बाल बचे हैं।
एक महिला डूबती दिखी, उसे बचाया:
स्थानीय अतुल पढियार ने कहा कि हादसे की खबर मिलते ही मैं और मेरे एक साथी तुरंत रिक्शा लेकर वहां पहुंचे। हमने देखा कि लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे। एक महिला को डूबते देखा। हम फौरन नदी में पहुंचे और उन्हें बाहर निकाला, उनकी जान बच गई है। अतुल ने बताया कि दो-तीन ड्राइवरों के हाथ-पैर में चोटें आईं। उन्हें अस्पताल भेज दिया गया है। हमने और आसपास के कुछ लोगों ने सात-आठ लोगों को नदी से बाहर निकाला।
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पश्चिम बंगाल में कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप के हत्यारे तत्काल हों गिरफ्तार: राहुल गांधी
नई दिल्ली,एजेंसी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि उसके लोगों ने कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की हत्या की है। श्री गांधी ने रविवार को देबदीप की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की और कहा कि कांग्रेस हिंसा पर भरोसा नहीं करती और अहिंसा के सिद्धांत को कलंकित करने वाली राजनीति के सामने झुकना नहीं जानती है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर रविवार को लिखा, ‘कांग्रेस के कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की तृणमूल से जुड़े गुंडों द्वारा की गयी हत्या बेहद निंदनीय है। शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। पश्चिम बंगाल में आज लोकतंत्र नहीं, तृणमूल का गुंडा राज चल रहा है। वोट के बाद विरोधी आवाज़ों को डराना, मारना, मिटाना, यही टीएमसी का चरित्र बन चुका है।’ उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस की राजनीति कभी हिंसा पर नहीं टिकी और न कभी टिकेगी।
हमने भी अपने कार्यकर्ता खोए हैं, फिर भी हमने हमेशा अहिंसा और संविधान का रास्ता चुना है। यही हमारी विरासत है, यही हमारा संकल्प।’ उन्होंने कहा, ‘हमारी मांग स्पष्ट है, सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो, कठोरतम सज़ा मिले और देबदीप के परिवार को पूर्ण सुरक्षा तथा मुआवज़ा सुनिश्चित किया जाए। भारत की अहिंसक परंपरा को कलंकित करने वाली इस राजनीति के सामने हम झुकेंगे नहीं। न्याय होकर रहेगा।’
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पहले आतंकियों को बिरयानी, अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से दिया जवाब- ममता पर अमित शाह ने साधा निशाना
तेहट्टा,एजेंसी। गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में बीजेपी प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी जन सभा को संबोधित किया। नदिया के तेहट्टा विधानसभा में अमित शाह ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि TMC ने किसानों की अनदेखी की है पहले चरण में TMC का सूपड़ा साफ हो गया है।

पश्चिम बंगाल की तेहट्टा, नादिया में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि…जब ममता बनर्जी और कांग्रेस की सरकार थी तब आतंकवादियों को बिरयानी खिलाते थे। 2014 में पीएम मोदी की सरकार आई उरी पर हमला हुआ तो सर्जिकल स्ट्राइक की, पुलवामा में हमला हुआ एयरस्ट्राइक की और पहलगाम में हमला हुआ, पाकिस्तान के घर में घुसकर ऑपरेशन सिंदूर करके आतंकवादियों का सफाया किया गया।
पीएम मोदी ने इस देश को आतंकवाद से मुक्त किया है। पीएम मोदी ने इस देश को नक्सलवाद से मुक्त किया है और अब भाजपा सरकार ला दीजिए, चुन-चुन कर घुसपैठियों को निकालने का काम हम करेंगे… दीदी कहती हैं कि SIR करके घुसपैठियों का नाम क्यों निकाल रहे हो? दीदी, आपका समय समाप्त हो चुका है।
अमित शाह ने कहा, “4 मई को भाजपा सरकार बनने वाली है। मई महीने के बाद बंगाल की हर दीदी, माता, बहन के खाते में हर महीने 3 हजार रुपये भाजपा सरकार भेजने वाली है और सारे बेरोज़गार युवाओं के बैंक खाते में हर महीने 3 हजार रुपये भेजे जाएंगे। सारी माताओं- बहनों को बस में कोई टिकट नहीं लेना है, मुफ्त में यात्रा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि 4 तारीख को भाजपा सरकार आने वाली है… भाजपा का मुख्यमंत्री आने के बाद सिर्फ मतदाता सूची से नहीं, पूरे बंगाल की भूमि से घुसपैठियों को चुन-चुन कर निकालेंगे।
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न्यायपालिका पर जनता का भरोसा बनाए रखना हमारा दायित्व: सीजेआई सूर्यकांत
नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि न्यायपालिका और उससे जुड़ी संस्थाओं में जनता का गहरा विश्वास है और इस विश्वास को बनाए रखना सभी का दायित्व है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने यहां ‘एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज’ (राजस्थान चैप्टर) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने पूर्व न्यायाधीशों की तुलना ‘बावड़ी’ से करते हुए उन्हें ज्ञान का भंडार बताया, जो कठिन परिस्थितियों में व्यवस्था का मार्गदर्शन कर सकते हैं। सीजेआई ने कहा, “जिस प्रकार राजस्थान में बावड़ियां बरसात के मौसम में पानी संचित कर सूखे समय में उपयोगी होती हैं, उसी प्रकार सेवानिवृत्त न्यायाधीश हमारे लिए एक बहुमूल्य संसाधन हैं। लोक अदालतों, मध्यस्थता और सलाहकार भूमिकाओं में उनका अनुभव अत्यंत उपयोगी है।

न्यायिक संस्थाओं को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता
सीजेआई ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सहित सभी न्यायिक संस्थाओं को अधिक सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संबोधन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोग न्यायाधीशों के शब्दों को अत्यंत सम्मान के साथ स्वीकार करते हैं, जो न्यायपालिका पर जनता के गहरे विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस विश्वास को बनाए रखना न्यायपालिका की जिम्मेदारी है।
न्यायपालिका लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने एक शेर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा, “जिसको तूफानों से उलझने की हो आदत, ऐसी कश्ती को समंदर भी दुआ देता है।” उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे जनता का विश्वास न केवल बना रहे बल्कि और मजबूत हो। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है और यह कानून तथा संविधान की रक्षक है। शर्मा ने कहा कि न्यायपालिका ने ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया है।
न्यायालयों की संख्या बढ़ाने पर कार्य कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायाधीश केवल मुकदमों का निपटारा नहीं करते, बल्कि वे न्याय की आवश्यकता वाले प्रत्येक व्यक्ति की उम्मीद होते हैं। अनुभवी न्यायाधीशों का योगदान आज भी न्याय प्रणाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार न्यायिक प्रणाली को मजबूत करने के लिए नए कानूनों के प्रशिक्षण, अदालतों के आधुनिकीकरण और न्यायालयों की संख्या बढ़ाने पर कार्य कर रही है। राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण आमजन तक न्याय पहुंचाने और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान उच्च न्यायालय के यूनिफॉर्म रजिस्ट्रेशन नंबर सिस्टम की शुरुआत की गयी तथा पूर्व न्यायाधीशों द्वारा लिखे गए लेखों के संकलन का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज के पदाधिकारी, न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी और बड़ी संख्या में विधि विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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