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बाँकी मोगरा

बड़ा हादसा टला – मकान में धुआं निकलता देख पड़ोसियों ने दी मकान मालिक को जानकारी….। देखे पूरी खबर

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संवाददाता साबीर अंसारी

बाँकी मोंगरा :- बाँकी मोंगरा क्षेत्र अतर्गत एसईसीएल कॉलोनी के क्वार्टर से निकलता दिखा धुआँ देख पड़ोस के लोगों ने तत्काल घर मालिक को धुएं की जानकारी दी, जिसके बाद मकान स्वामी अपने घर पहुंचे और तुरंत दरवाजा खोला। घर के अंदर धुआं के वजह से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था जिसके बाद आँगन का दरवाजा तोड़ कर पानी से आग बुझा कर आग पर काबू पाई।

क्वार्टर में रहने वाली महिला श्रीमती महेतरीन पटेल सरकारी विभाग में शिक्षिका के पद पर कार्यरत है और बिएलओ के पद का निर्वहन कर रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि घर पर रखी वाटर हीटर के चालू रह जाने के कारण पानी गरम होने के बाद पानी खत्म होने पर बाल्टी में लगी होगी। बाल्टी एवं उसके नजदीक छोटी प्लास्टिक के सामानो में आग लग गई पर घर के अंदर तक पहुंचने से पहले पड़ोसियों ने जानकारी दे दी जिससे बड़ी घटना टल गई।

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कटघोरा

टोल प्लाजा की अव्यवस्था के खिलाफ युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, स्थानीय वाहनों को टोल मुक्त करने की मांग

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संवाददाता साबीर अंसारी

कोरबा। जिले में संचालित राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के टोल प्लाजा को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के बीच युवा कांग्रेस ने स्थानीय नागरिकों और CG-12 पासिंग घरेलू वाहनों को टोल शुल्क से मुक्त करने की मांग उठाई है। युवा कांग्रेस जिला महासचिव मधुसूदन दास के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने NHAI अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए टोल प्लाजा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। साथ ही मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।

ज्ञापन में कहा गया कि चोटिया, मदनपुर, बगदेवा और कोथारी टोल प्लाजा में स्थानीय लोगों से बार-बार टोल वसूला जा रहा है, जिससे किसानों, व्यापारियों और रोजाना आवागमन करने वाले आम नागरिकों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। युवा कांग्रेस ने मांग की कि CG-12 पासिंग घरेलू वाहनों और स्थानीय निवासियों को टोल शुल्क से पूर्णतः मुक्त किया जाए।

युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि टोल प्लाजा पर यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार, अभद्र भाषा का प्रयोग और मनमानी आम बात हो गई है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के लिए टोल प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए संबंधित टोल कंपनी और प्रबंधक के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग भी की गई।

मधुसूदन दास ने कहा कि वाहन खरीदते समय सरकार रोड टैक्स लेती है, इसके बावजूद घरेलू उपयोग के वाहनों से बार-बार टोल वसूली उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि टोल प्लाजा पर सड़क प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टोल कर्मचारियों की मिलीभगत से ओवरलोड राखड़ वाहनों का अवैध संचालन हो रहा है तथा टोल के आसपास अवैध पार्किंग के कारण यातायात बाधित होने के साथ सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ रहा है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

इस दौरान एनएसयूआई जिलाध्यक्ष मनमोहन राठौर और दीपक वर्मा ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो युवा कांग्रेस सड़क पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान असंगठित कांग्रेस जिलाध्यक्ष बबलू मारवा, जिला सचिव धनंजय राठौर, अदनान मेमन, प्रमोद काकरे, यशवर्धन, साहिल सहित युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा

बाँकीमोंगरा का सुलभ शौचालय बदहाल, नगर पालिका की अनदेखी से मंडरा रहा हादसे का खतरा,,,देखे पूरी खबर

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संवाददाता साबीर अंसारी

जर्जर छत से गिर रहा मलबा, शराबियों का अड्डा बना परिसर, रोजाना सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में

बाँकीमोंगरा। नगर के मुख्य बाजार स्थित सार्वजनिक सुलभ शौचालय अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहा है। वर्षों से मरम्मत और रखरखाव के अभाव में भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। छत से लगातार प्लास्टर और कंक्रीट के टुकड़े गिर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार नगर पालिका प्रशासन अब भी मौन है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

मुख्य बाजार, सब्जी मंडी और आसपास के व्यापारिक क्षेत्र के बीच स्थित यह सुलभ शौचालय प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की जरूरत पूरी करता है। दुकानदार, ग्राहक, महिलाएं, बुजुर्ग और राहगीर रोज इसका उपयोग करते हैं, लेकिन सुविधा देने वाला यह भवन अब खतरे का पर्याय बन गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, रात होते ही यह परिसर शराबियों और असामाजिक तत्वों का ठिकाना बन जाता है। परिसर में शराब की खाली बोतलें और गंदगी आम बात हो गई है। इससे महिलाओं और आम नागरिकों को असुरक्षा का एहसास होता है, वहीं स्वच्छता व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है।

व्यापारियों का कहना है कि कई बार नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को इस जर्जर भवन की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक न मरम्मत हुई और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए। छत से गिरते मलबे के बीच लोग मजबूरी में शौचालय का उपयोग कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया और कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।

जनता पूछ रही है…

आखिर नगर पालिका इस जर्जर भवन की सुध कब लेगी?

क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी?

विकास के दावों के बीच सार्वजनिक सुविधाओं की यह बदहाली आखिर कब तक?

क्या नगर पालिका लोगों की सुरक्षा से ज्यादा किसी दुर्घटना का इंतजार कर रही है?

अब देखना यह है कि नगर पालिका परिषद बाँकीमोंगरा इस गंभीर समस्या पर तत्काल कार्रवाई करती है या फिर यह जर्जर भवन किसी बड़ी अनहोनी का कारण बनने के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी।

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नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा

धूल प्रदूषण और जल संकट पर फूटा जनआक्रोश, 4 घंटे तक ठप रहा बांकीमोंगरा-कोरबा मार्ग,,देखे पूरी खबर

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संवाददाता साबीर अंसारी

बांकीमोंगरा :– क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मूलभूत समस्याओं को लेकर सोमवार को पंखा दफाई और सूराकछार के रहवासियों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। स्थानीय पार्षद प्रेम कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने बांकीमोंगरा-कोरबा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रेलवे साइडिंग से लगातार उड़ रही कोयले की धूल ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। वहीं इस वर्ष खोलार नदी में स्टॉप डेम का निर्माण नहीं होने से क्षेत्र में जल संकट गहराने की आशंका भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि धूल प्रदूषण और पानी की समस्या पर कई बार शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने गंभीरता नहीं दिखाई।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें

खोलार नदी में तत्काल स्टॉप डेम का निर्माण कर जल संरक्षण सुनिश्चित किया जाए।

रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली धूल एवं डस्ट प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए।

मुख्य मार्ग पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाए।

रेलवे के क्षतिग्रस्त हाइट कंट्रोलर की जल्द मरम्मत कराई जाए।

सुबह लगभग 9 बजे शुरू हुआ चक्का जाम दोपहर 1 बजे तक जारी रहा। करीब चार घंटे तक मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलने पर दर्री तहसीलदार, बांकीमोंगरा थाना प्रभारी, रेलवे और एसईसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों पर 17 जून तक कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।

स्थानीय नागरिकों ने साफ कहा है कि यदि तय समयसीमा के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो इससे भी बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।

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