कोरबा
1 गुणा 5 एमवीए क्षमता वाले 33/11 केवी नवनिर्मित विद्युत उपकेंद्र का मंत्री देवांगन ने किया लोकार्पण
कोरबा। उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के मंत्री तथा छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने आज कोरबा शहर के सुभाष चौक स्थित पुष्पलता उद्यान के समीप छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा निर्मित 1×5 एमवीए क्षमता वाले 33/11 केवी उपकेंद्र (सीडीईएफ कॉलोनी) का फीता काटकर लोकार्पण किया। लगभग 1.90 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस महत्वपूर्ण विद्युत अधोसंरचना परियोजना को उन्होंने क्षेत्र की जनता को समर्पित किया।

कोरबा शहर में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मंत्री श्री देवांगन द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयासों को यह परियोजना और भी मजबूती प्रदान करती है। लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना योजना के अंतर्गत विभिन्न विद्युत परियोजनाओं को निरंतर स्वीकृति मिल रही है, जिसके कारण प्रदेश में बिजली व्यवस्था और मजबूत हो रही है।

नवनिर्मित उपकेंद्र से कोसाबाड़ी, निहारिका, घंटाघर, बुधवारी, काशी नगर, सीएसईबी कॉलोनी, आरपी नगर, शिवाजी नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के पांच हजार से अधिक उपभोक्ताओं को सीधे लाभ मिलेगा। अब तक निहारिका क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अलग-अलग फीडरों से बिजली आपूर्ति की जाती थी, जिससे किसी एक फीडर में खराबी होने पर पूरे क्षेत्र की आपूर्ति बाधित हो जाती थी। उपकेंद्र के प्रारंभ होने के बाद वैकल्पिक लाइन से तत्काल और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर विकास के कार्य किए जा रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रत्येक गारंटी को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस नए विद्युत उपकेंद्र के शुरू होने से गर्मी के मौसम में बढ़ते बिजली दबाव से क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी। यह उपकेंद्र लंबे समय से क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता थी, जो अब पूरी हो चुकी है।

उन्होंने उपभोक्ताओं की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि कई परिवार आर्थिक कारणों से समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते, जिसके कारण सरचार्ज बढ़ता जाता है और बिल का भुगतान कठिन हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा समाधान योजना लागू की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न वार्डों में शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
लोकार्पण कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कोरबा
श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा वृद्धाश्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
बिलासपुर/कोरबा। श्रद्धा महिला मंडल, एसईसीएल बिलासपुर द्वारा दिनांक 08 जून 2026 को माता रानी की कुटिया वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्ध महिलाओं के लिए एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा एवं एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला श्रीमती शशि दुहन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
इस अवसर पर मंडल की आदरणीय उपाध्यक्षगण भी उपस्थित रहीं। सभी ने वृद्धाश्रम में रह रही वृद्धजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

शिविर में* डॉ पारुली साहू एवं उनकी टीम द्वारा 25 वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया* गया। शिविर में रक्तचाप (BP), नाड़ी (Pulse), CBC, RBS, HbA1c, लिवर प्रोफाइल, किडनी प्रोफाइल एवं लिपिड प्रोफाइल सहित विभिन्न जांचें निःशुल्क की गईं। स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शशि दुहन ने वृद्धाश्रम की महिलाओं को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित देखभाल हेतु प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने की घोषणा की।
शिविर के उपरांत वृद्धाश्रम में निवासरत 25 बुजुर्गों को पौष्टिक नाश्ता एवं फल की टोकरियाँ वितरित की गईं, जिससे उनके प्रति स्नेह, सम्मान एवं अपनत्व का भाव व्यक्त किया जा सके।
इस सेवा कार्य में समिति की सदस्याओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
यह स्वास्थ्य शिविर श्रद्धा महिला मंडल की सामाजिक सेवा, करुणा एवं जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का एक सराहनीय प्रयास रहा, जिससे वृद्धाश्रम की महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त हुआ तथा उनमें सुरक्षा एवं अपनत्व की भावना का संचार हुआ।
कोरबा
क्षतिग्रस्त और अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में आवाजाही होगी बाधित, ग्रामीणों को घूमकर जाना पड़ेगा
कोरबा। क्षतिग्रस्त व अधूरी पुलिया-एप्रोच रोड से बारिश में फिर से आवाजाही बाधित होगी। इससे उपनगर बांकीमोंगरा, हरदीबाजार, चैतमा के ग्रामीणों को वैकल्पिक सड़क से घूमकर जाना पड़ेगा। बारिश में संपर्क टूटने पर स्कूली छात्रों, कामकाजी लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी, जो सड़क मार्ग से रोज आवाजाही करनी पड़ती है। हरदीबाजार से नेवसा, उतरदा, सिल्ली, बोईदा, निरतु की ओर आवाजाही के लिए लीलागर नदी पर बनी पुरानी पुलिया की ऊंचाई कम है। 24 घंटे से भी कम बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पुलिया के ऊपर से पानी बहता है। इससे गांवों को संपर्क टूटने पर सबसे अधिक परेशानी नेवसा समेत आसपास गांवों के स्कूली छात्रों को होती है, जो हरदीबाजार व दीपका के स्कूलों में पढ़ाई करते हैं। यह सड़क हरदीबाजार को बलौदा सीपत व मस्तूरी से भी जोड़ती है, इस कारण यात्री बसें भी मार्ग से गुजरती है।

हरदीबाजार से नेवसा की दूरी लीलागर नदी का पुलिया पारकर 2 किलोमीटर है। वहीं रतिजा की ओर से बायपास सड़क से आवाजाही पर 5 किलोमीटर दूरी पड़ेगी। पुलिया की कम ऊंचाई के मद्देनजर नया पुल का निर्माण कराया है, जो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन पुल के दोनों ओर की एप्रोच रोड अब तक नहीं बनाया है। सड़क पर मिट्टी पड़ी है। नौतपा की विदाई से मानसून भी अब करीब है। आने वाले दिनों प्री-मानसून बारिश की संभावना है। एप्रोच रोड को पुल के लेवल के हिसाब से निर्माण नहीं कराने पर वाहनों से आवाजाही मुश्किल होगी। पिछले साल बारिश में पश्चिम क्षेत्र बांकीमोंगरा के + लीलागर नदी पर निर्मित पुल का अधूरा एप्रोच रोड।
कोरबा
लो वोल्टेज और कटौती पर ग्रामीणों का हल्लाबोल
कोरबा/पाली। 5 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति की लचर व्यवस्था पर ग्रामीणों ने पाली सब स्टेशन कार्यालय में जमकर नारेबाजी की। लगभग 2 घंटे धरना देने के बाद पुलिस शासन की मौजूदगी में सब स्टेशन के बिजली अफसरों के साथ परिसर में ही वार्ता हुई। इसके बाद ग्रामीणों का आंदोलन समाप्त हुआ। सब स्टेशन कार्यालय के निकट से ग्रामीणों ने रैली की शक्ल में बिजली दफ्तर पहुंचे। इस दौरान गांवों में बिजली कटौती व लो वोल्टेज का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि अनाफ-शनाफ बिजली बिल भेजा रहा है। खराब पड़े ट्रांसफार्मर को बदलने में ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सिल्ली, परसदा, शिवपुर, निरधी, पोलमी पंचायत के गांवों के हजारों उपभोक्ता लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान हैं। कई बार मौखिक व लिखित शिकायत के बाद भी अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। दफ्तर परिसर में ग्रामीणों के साथ बिजली अधिकारियों की वार्ता हुई। उनकी बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर यदि 10 दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो चक्काजाम आंदोलन करने मजबूर होंगे।
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