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फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या:राम मंदिर उड़ाने की साजिश रची थी, हमलावर और अब्दुल एक ही बैरक में थे

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फरीदाबाद,एजेंसी। हरियाणा की फरीदाबाद जेल में बंद आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या कर दी गई है। रविवार देर रात जेल में मर्डर केस में बंद अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट नाम के कैदी ने उस पर नुकीली चीज से हमला किया। दोनों को हाई सिक्योरिटी वाली बैरक में एक साथ बंद किया गया था।

कत्ल का पता चलते ही जेल अधिकारी बैरक में पहुंचे। इसके बाद आतंकी की लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया गया। 20 साल के आतंकी अब्दुल को गुजरात ATS ने मार्च 2025 में पकड़ा था। जांच में पता चला कि वह अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था। उसने अयोध्या में राम मंदिर उड़ाने की साजिश रची थी।

वहीं कत्ल करने वाला कैदी अरुण चौधरी का नाम भी चर्चित अक्षय शर्मा हत्याकांड में आया था। उसे पंजाब में हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 2 साल पहले ही उसे कठुआ जेल से फरीदाबाद की इस नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था।

2 मार्च को अब्दुल रहमान को पाली इलाके से गिरफ्तार किया गया था।

2 मार्च को अब्दुल रहमान को पाली इलाके से गिरफ्तार किया गया था।

आतंकी की हत्या करने वाले कैदी से जुड़ी अहम बातें…

  • सांबा में अक्षय शर्मा हत्याकांड से चर्चा में आया: आतंकी की हत्या करने वाला अरुण चौधरी जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के गांव खौर देओनियन का रहने वाला है। उसका नाम दिसंबर 2023 में हुए सांबा निवासी अक्षय शर्मा हत्याकांड के बाद चर्चा में आया था। वर्ष 2023 में पंजाब में हुई मुठभेड़ के बाद अरुण चौधरी को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद अरुण को कठुआ जेल में रखा गया था।
  • जेल प्रशासन पर लगाए थे रिश्वत लेने के आरोप: अरुण पर हत्या और रंगदारी मांगने के मामले भी दर्ज है। वर्ष 2024 में ही इंस्टाग्राम पर लाइव आकर अरुण ने कठुआ जेल प्रशासन पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए थे। जेल प्रशासन पर फोन और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए वीडियो वायरल करके दो लाख लेने के आरोप लगाए थे।
  • जम्मू की कठुआ जेल से ट्रांसफर किया गया: इसके बाद अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट अक्टूबर 2024 में जम्मू की कठुआ जेल से नीमका में ट्रांसफर किया गया था। अरुण चौधरी को अति विशेष सुरक्षा सेल में रखा गया था। अब्दुल रहमान को भी इसी सेल में रखा गया था। जेल सूत्रों के मुताबिक, देर रात यहीं उसने नुकीली चीज से अब्दुल पर वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्यारोपी अरुण चौधरी, जो जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के गांव खौर देओनियन का रहने वाला है।

हत्यारोपी अरुण चौधरी, जो जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के गांव खौर देओनियन का रहने वाला है।

कैसे पकड़ा गया था आतंकी अब्दुल

गुजरात ATS, आईबी की मदद से 2 मार्च 2025 को पकड़ा था

आतंकी अब्दुल रहमान (19) को हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स फरीदाबाद ने 2 मार्च को गुजरात ATS और केंद्रीय एजेंसी IB की मदद से पकड़ा था। अब्दुल की गिरफ्तारी के समय जांच एजेंसियों को उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे, जिनको बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय किया था।

राम मंदिर से जुड़े वीडियो भी मिले थे, सोशल मीडिया पर थे कई अकाउंट

अब्दुल रहमान यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला था। उसके पास कुछ विडियो भी मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी कुछ डिटेल थी। जांच में पता चला था कि करीब डेढ़ साल से अब्दुल रहमान सोशल मीडिया अकाउंट पर भड़काऊ वीडियो अपलोड करता था। सबसे पहले अब्दुल ने टिकटॉक पर अपना अकाउंट बनाकर भड़काऊ वीडियो डालना शुरू किया। टिकटॉक पर बैन लगा जो अब्दुल इंस्टाग्राम पर एक्टिव हो गया।

भड़काऊ वीडियो से अबू सुफियान की नजरों में चढ़ा अब्दुल

इंस्टाग्राम पर भी अब्दुल रहमान ने कई भड़काऊ वीडियो और तकरीरें डालना शुरू किया। इसके चलते कई बार उसके इंस्टाग्राम अकाउंट को स्ट्राइक डाउन किया गया। भड़काऊ वीडियो को देखकर अब्दुल आतंकी अबू सूफियान की नजरों में चढ़ा। इसके बाद अब्दुल रहमान को अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) ने ब्रेनवॉश कर आतंक की ऑनलाइन ट्रेनिंग देनी शुरू की।

इसी जगह पर अब्दुल रहमान ने दो हैंडग्रेनेड के साथ ही डेटोनेटर छिपाए थे।

इसी जगह पर अब्दुल रहमान ने दो हैंडग्रेनेड के साथ ही डेटोनेटर छिपाए थे।

सोशल मीडिया से ही जांच एजेंसियों के रडार पर आया

अब्दुल रहमान के बार-बार अकाउंट पर स्ट्राइक आने के बाद वह जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया था। हरियाणा STF, गुजरात एसटीएफ और यूपी एसटीएफ ने उसे ट्रैक करना शुरू कर दिया। अबू सूफियान ने अपने हैंडलर के जरिए फरीदाबाद में 2 हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर एक गड्ढे में छिपा दिए थे।

इसके बाद उसे 4 अप्रैल को अयोध्या जाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन 2 मार्च को ही गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ ने उसे दबोच लिया था।

हत्या के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस में अब्दुल रहमान की डेडबॉडी की जांच करते पुलिसकर्मी।

हत्या के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस में अब्दुल रहमान की डेडबॉडी की जांच करते पुलिसकर्मी।

अब्दुल के खिलाफ इन धाराओं में दर्ज हुआ था केस

एसटीएफ इंस्पेक्टर के बयान पर फरीदाबाद के डबुआ थाने में आतंकी अब्दुल रहमान के खिलाफ 25 (1)(ए) आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4 (ए), 4(बी), 5 के साथ ही विस्फोटक अधिनियम तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। गिरफ्तारी के बाद गुजरात ATS ने उसे कोर्ट में पेश किया गय था, जहां से उसका 10 दिन का रिमांड मिला था। रिमांड पर मिलने के बाद गुजरात ATS आतंकी अब्दुल को अपने साथ ले गई थी। इसके बाद वहीं से अन्य जांच प्रक्रिया हुई।

रिक्शा चलाने वाला अब्दुल रखता था महंगा मोबाइल

पुलिस ने अब्दुल की जांच की तो पता चला कि यूपी में अयोध्या-रायबरेली हाईवे से लिंक रोड पर 5Km अंदर चलकर चमनगंज रोड अब्दुल रहमान का 650 स्क्वायर फीट का घर है। यहां दो छोटे-छोटे कमरे हैं। एक कमरे में सभी लोग सोते है, आंगन में एक हिस्से में खाना बनता है। दूसरे कमरे में जरूरी सामान रखा जाता है। छत पर एक इबादतगाह है।

घर के बाहर चिकन शॉप की दुकान है, जिसे पिता अबू बकर चलाते हैं। गरीबी के चलते सरकार की तरफ से उन्हें अंत्योदय कार्ड मिला है। मां आश्मीन और उनकी तीन बेटियां हैं, जो अब्दुल रहमान से छोटी हैं। जांच में यह भी सामने आया था कि चार साल से अब्दुल कुचेरा बाजार से किन्हूपुर के बीच ई-रिक्शा चलाता था। अब अचानक उसके पास ज्यादा पैसे और महंगा मोबाइल कहां से आया। ऐसे कई सवाल सुरक्षा एजेंसियां अब्दुल से पूछती रही, लेकिन पिता अबू बकर जानकारी नहीं दे पाए थे।

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कोहली बोले- रू.5 करोड़ लेकर प्रेमानंदजी के पास नहीं गया:श्रद्धा-सम्मान की वजह से आश्रम जाता हूं, फलाहारी महाराज ने लगाए थे आरोप

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मथुरा, एजेंसी। क्रिकेटर विराट कोहली ने 5 करोड़ रुपए लेकर संत प्रेमानंद के आश्रम जाने के आरोपों को नकार दिया है।

कोहली के प्रवक्ता ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि सभी आरोप झूठे, निराधार और तथ्यहीन हैं। उन्होंने कहा कि

कोहली प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए आश्रम सिर्फ गहरी श्रद्धा और सम्मान की वजह से जाते हैं। मीडिया से अपील है कि वह किसी भी दावे को तथ्यों की जांच के बाद ही प्रसारित करे।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने सोमवार को दावा किया था कि कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा को केलीकुंज आश्रम बुलाने के लिए 5 करोड़ रुपए दिए गए थे।

विराट कोहली के प्रवक्ता ने यह बयान सोशल मीडिया पर जारी किया।

विराट कोहली के प्रवक्ता ने यह बयान सोशल मीडिया पर जारी किया।

फलाहारी महाराज ने कहा- आपकी टीम में साधु भेष में बड़े-बड़े माफिया घुसे

फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने संत प्रेमानंद महाराज को एक चिट्ठी लिखी थी। उन्होंने दावा किया कि संत की टीम के एक साधु गुट ने कोहली को 5 करोड़ रुपए देकर प्रेमानंद महाराज के दरबार में दर्शन के लिए बुलाया था, ताकि महाराज को सेलिब्रिटी बनाया जा सके।

उन्होंने दावा किया कि प्रेमानंद महाराज की टीम में साधु के भेष में भू-माफिया घुस चुके हैं, जो यमुना के डूब क्षेत्र की जमीनें बेच रहे हैं और बच्चों की किडनी चोरी जैसे अपराधों में शामिल हैं। उन्होंने महाराज से गोवर्धन आने और मामले की CBI जांच की मांग करने की अपील की। कहा कि आप वहां सुरक्षित नहीं हैं। सरकार को आपको जेड प्लस सुरक्षा देनी चाहिए।

फलाहारी महाराज का पलटवार- सबके सबूत मौजूद

  • कोहली के बयान पर फलाहारी महाराज ने पलटवार किया। कहा- पहले न तो महाराज जी विराट कोहली को जानते थे और न ही विराट कोहली महाराज जी को जानते थे। ये तो बीच के लोगों, यानी PR कंपनी और प्रॉपर्टी ग्रुप के लोग विराट कोहली को महाराज जी के पास लाए और महाराज जी की लोकप्रियता के लिए 5 करोड़ रुपए दिए। इन सबके सबूत मौजूद हैं।
  • विराट कोहली को अपनी कंपनी के अकाउंट्स की जांच करवानी चाहिए और PR कंपनी से जुड़े महाराज जी के सेवक को भी अपने अकाउंट की जांच करवानी चाहिए। सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि पैसों का लेन-देन हुआ था या नहीं।
  • इसके बाद, जब विराट कोहली दोबारा आए, तो उनके मन में भक्ति जागी और वे महाराज जी के भक्त और सेवक हो गए। फिर उन्होंने महाराज जी के आश्रम में कई गुना धन लगाया। ये बड़े-बड़े आश्रम बने हैं, इसमें विराट कोहली का पैसा लगा है।
तस्वीर 22 जुलाई की है। विराट अनुष्का का हाथ थामकर कीचड़ में चलते नजर आए थे।

तस्वीर 22 जुलाई की है। विराट अनुष्का का हाथ थामकर कीचड़ में चलते नजर आए थे।

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राहुल-प्रियंका का CEC ज्ञानेश के खिलाफ लगातार दूसरे दिन धरना:दोनों तीसरी बार हिरासत में लिए गए, राहुल बोले- FIR मेरे लिए मेडल जैसी

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नई दिल्ली, एजेंसी। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल और प्रियंका गांधी ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन किया। इस बार दोनों जंतर-मंतर के 200 मीटर पहले सड़क पर बैठ गए। सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया तो प्रियंका संविधान की कॉपी लेकर सड़क पर लेट गईं।

इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ता की सुरक्षाबलों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। इससे पहले राहुल-प्रियंका विपक्षी सांसदों के साथ सागर रत्ना रेस्टोरेंट में लंच के बाद जंतर-मंतर के लिए निकले थे। लंच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिया था। इस लंच में सपा के नेता नहीं पहुंचे।

एक दिन पहले इंडिया ब्लॉक के 200 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला था, लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया। इसके बाद राहुल और प्रियंका ने आकाशवाणी परिसर में 8 घंटे धरना दिया था। इस दौरान राहुल और प्रियंका को दो बार हिरासत में लिया गया। आकाशवाणी परिसर में जबरन घुसने पर दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

विपक्ष का लंच से लेकर हिरासत तक की तस्वीरें…

दोपहर- 1:30 बजे

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने INDIA ब्लॉक के सांसदों को दोपहर में लंच पर बुलाया। सागर रत्ना रेस्टोरेंट के बाहर खड़े विपक्षी सांसद।

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने INDIA ब्लॉक के सांसदों को दोपहर में लंच पर बुलाया। सागर रत्ना रेस्टोरेंट के बाहर खड़े विपक्षी सांसद।

दोपहर- 2:00 बजे

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सागर रत्ना रेस्टोरेंट के अंदर गए।

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सागर रत्ना रेस्टोरेंट के अंदर गए।

दोपहर- 2:30 बजे

राहुल ने विपक्षी सांसदों के साथ लंच किया। इस दौरान वे कुछ बातचीत करते भी नजर आए।

राहुल ने विपक्षी सांसदों के साथ लंच किया। इस दौरान वे कुछ बातचीत करते भी नजर आए।

दोपहर- 3:30 बजे

राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्षी सांसद रेस्टोरेंट से निकलकर बस में सवार हुए। इसके बाद प्रदर्शन के लिए आगे बढ़े।

राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्षी सांसद रेस्टोरेंट से निकलकर बस में सवार हुए। इसके बाद प्रदर्शन के लिए आगे बढ़े।

शाम- 5:30 बजे

पुलिस ने राहुल गांधी को जंतर-मंतर की ओर जाने से रोक दिया। इसके बाद राहुल बस से उतरकर सड़क पर आ गए।

पुलिस ने राहुल गांधी को जंतर-मंतर की ओर जाने से रोक दिया। इसके बाद राहुल बस से उतरकर सड़क पर आ गए।

शाम- 5:45 बजे

प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। इसके बावजूद उन्होंने सड़क पर बैठकर और कुछ देर लेटकर विरोध जारी रखा।

प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। इसके बावजूद उन्होंने सड़क पर बैठकर और कुछ देर लेटकर विरोध जारी रखा।

शाम- 6:00 बजे

प्रदर्शन वाली जगह पर राहुल के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। उन्हें पीछे से टीशर्ट पकड़कर खींचा गया।

प्रदर्शन वाली जगह पर राहुल के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। उन्हें पीछे से टीशर्ट पकड़कर खींचा गया।

शाम- 6:10 बजे

पुलिस ने आखिर में राहुल-प्रिंयका सहित सभी विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने आखिर में राहुल-प्रिंयका सहित सभी विपक्षी सांसदों को हिरासत में ले लिया।

शाम- 6:30 बजे

प्रियंका को जिस बस में बैठाया गया। उससे बाहर निकलकर उन्होंने हाथ में संविधान की प्रति दिखाई।

प्रियंका को जिस बस में बैठाया गया। उससे बाहर निकलकर उन्होंने हाथ में संविधान की प्रति दिखाई।

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मोदी 50 मिनट में 19 बार बोले-वी विल डू इट:कहा- भारत के विकसित होने तक न थकूंगा, न रुकूंगा, बतौर PM-CM 25 साल पूरे, रिकॉर्ड बनाया

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नई दिल्ली/वडनगर, एजेंसी। ‘वी विल डू इट… हम करके दिखाएंगे।’ पीएम मोदी ने बुधवार को अपने सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में इस नारे का 19 बार जिक्र किया। उन्होंने एक घंटे की स्पीच में कहा, ‘जब तक भारत विकसित नहीं होता, तब तक न थकूंगा, न रुकूंगा।’

उन्होंने कहा, ‘मैं महत्वाकांक्षा नहीं, मिशन के लिए जीता हूं। जिसने मुझे गिराया, उसी ने खड़ा होना सिखाया। जिसने मेरा विरोध किया, उसने लोकतंत्र की शक्ति समझाई।’

उन्होंने कहा कि 25 साल पीछे मुड़कर देखने पर उपलब्धियों से ज्यादा कृतज्ञता का भाव आता है। हर घटना ने कुछ सिखाया और नम्र होना सिखाया। ईश्वर से यही मांगा कि सीखने की इच्छा कभी कम न हो।

‘25 साल में देश कहां पहुंचा, यह देखना जरूरी’

मोदी ने कहा, “हमने इस राष्ट्र में जन्म लिया है, ये एहसास ही अमृत है। इसके सामने सत्ता सुख कुछ नहीं है। पद-प्रतिष्ठा तो कहीं भी मिल सकती है, लेकिन भारत जैसी पुण्यभूमि नहीं मिलेगी। 25 सालों का आकलन इससे नहीं होगा कि मैं कहां पहुंचा, बल्कि इससे होगा कि मेरा देश कहां पहुंचा।”

स्पीच से पहले विनायक मंदिर में पूजा

1. फूल लेकर पहुंचे

2. पंडित ने माला पहनाई

3. शिवलिंग को फूल चढ़ाए

4. आरती की

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