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गुजरात-सांसद शक्ति सिंह के भतीजे ने पत्नी को गोली मारी:एंबुलेंस टीम की मौजूदगी में खुद को भी गोली मारी, 2 महीने पहले शादी हुई थी
अहमदाबाद,एजेंसी। गुजरात से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल के भतीजे यशराज सिंह गोहिल ने पत्नी की गले में गोली लगने से हुई मौत के बाद आत्महत्या कर ली। यशराज की शादी दो महीने पहले ही हुई थी।
पुलिस के मुताबिक यशराज ने बुधवार रात 11:45 बजे 108 पर कॉल करके एंबुलेंस को बुलाया था। कॉल में यशराज ने पत्नी राजेश्वरी के घायल होने की बात कही थी।
मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने राजेश्वरी को मृत घोषित कर दिया। इससे पहले यशराज ने एंबुलेंस टीम को बताया कि उससे लाइसेंसी पिस्टल से गलती से गोली चल गई थी, जो सीधे पत्नी के गले में जा लगी।
यशराज ने खुद को गोली मार ली
मेडिकल टीम जब राजेश्वरी का शव एंबुलेंस में रखने के लिए बाहर गई, तभी यशराज ने कमरे में जाकर खुद को गोली मार ली। यशराज की भी मौके पर मौत हो गई थी।
यशराज सिंह गुजरात समुद्री बोर्ड में अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। उन्हें हाल ही में क्लास 2 से क्लास 1 अधिकारी के रूप में प्रमोट किया गया था।

यशराज सिंह की फाइल फोटो।
यशराज की मां दूसरे कमरे में थीं
वस्त्रापुर पुलिस और क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही हैं। घटना के बाद एनआरआई टावर के गेट बंद कर दिए गए हैं। पुलिस तैनात है। फ्लैट में रहने वालों के अलावा किसी को भी अंदर जाने की परमिशन नहीं है।
घटना के समय यशराज की मां दूसरे कमरे में ही मौजूद थीं, लेकिन उन्हें इस घटना के बारे में एंबुलेंस की टीम आने के बाद पता चला। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

जजेस बंगलो रोड स्थित एनआरआई टावर, जहां यशराज और राजेश्वरी रहते थे।
दोनों विदेश टूर पर जाने वाले थे
परिवार के मुताबिक यशराज और राजेश्वरी बुधवार रात एक रिश्तेदार के घर डिनर पर गए थे। वहां से लौटने के बाद ही यह घटना हुई।
यशराज सिंह गोहिल के करीबी लोगों ने बताया कि दोनों शादी से बहुत खुश थे। दोनों ने कोई मन्नत भी मांगी थी और मन्नत पूरी होने पर मंगलवार को सोला इलाके के रानूजा मंदिर भी गए थे।
इसके अलावा दोनों के वीजा की भी प्रोसेस चल रही थी। अगले महीने विदेश टूर का प्लान था। राजेश्वरी टूर की तैयारी भी कर रही थी।
कौन हैं शक्तिसिंह गोहिल, जिनके भतीजे ने सुसाइड किया

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ शक्तिसिंह गोहिल की फाइल फोटो।
शक्तिसिंह गोहिल, लिम्दा राज्य (हनुभना) के छठे राजा हरिश्चंद्र रणजीतसिंह गोहिल के पुत्र हैं। अभी शक्तिसिंह खुद लिम्दा के दरबार साहिब हैं। उनके दादा रणजीतसिंह 1967 में गढ़ाड़ा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधायक बने थे।
पांच बार विधायक और प्रदेश अध्यक्ष रहे
शक्तिसिंह गोहिल 1990-95, 1995-98, 2007-2012, 2014 और 2017 से 2020 तक पांच बार विधायक रहे हैं। गुजरात में कांग्रेस की आखिरी सरकार के दौरान 1991 से 1995 तक मंत्री रहे। इसके बाद 2020 में राज्यसभा सांसद बने। साल 2022 में नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष भी रहे, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था।
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सेंसेक्स 756 अंक गिरकर 78,516 पर बंद, निफ्टी 24,380 से नीचे आया
मुंबई, एजेंसी। बुधवार को शेयर बाजार में दिन-भर गिरावट रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 756.84 अंक (0.95%) की गिरावट के साथ 78,516.49 पर आ गया। निफ्टी में भी 198.50 अंकों (0.81%) की गिरावट रही, ये 24,378.10 के स्तर पर बंद हुआ। आज के कारोबार में आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली है।

गिरावट के कारण…..
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें
विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
India VIX में उछाल
आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली
रुपए में 31 पैसे की गिरावट
रुपया बुधवार को 31 पैसे टूटकर 93.75 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। पश्चिम एशिया शांति समझौते को लेकर अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से घरेलू मुद्रा दबाव में है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट और विदेशी पूंजी की निकासी ने भारतीय मुद्रा पर और दबाव डाला। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 93.69 प्रति डॉलर पर खुला और शुरुआती कारोबार में 93.76 तक लुढ़क गया। बाद में यह 93.75 प्रति डॉलर पर कारोबार करने लगा जो पिछले बंद भाव से 31 पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया मंगलवार को 28 पैसे की गिरावट के साथ 93.44 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
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टेक महिंद्रा का चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 16% बढ़कर 1,353.8 करोड़ रुपए
नई दिल्ली,एजेंसी। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 16 प्रतिशत बढ़कर 1,353.8 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी का वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में मुनाफा 1,166.7 करोड़ रुपए रहा था। टेक महिंद्रा ने बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी परिचालन आय 12.6 प्रतिशत बढ़कर 15,076.1 करोड़ रुपए हो गई जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 13,384 करोड़ रुपए थी। तिमाही आधार पर लाभ एवं राजस्व में क्रमशः 20.7 प्रतिशत और 4.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। समूचे वित्त वर्ष 2025-26 में टेक महिंद्रा का लाभ 13.15 प्रतिशत बढ़कर 4,810.9 करोड़ रुपए रहा जो 2024-25 में 4,251.5 करोड़ रुपए था।

परिचालन आय 7.2 प्रतिशत बढ़कर 56,815.4 करोड़ रुपए हो गई। टेक महिंद्रा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक मोहित जोशी ने कहा, ”हम एआई-आधारित संगठन बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सेवाओं में एआई (कृत्रिम मेधा) को शामिल कर रहे हैं और ग्राहकों के लिए बेहतर मूल्य प्रदान करने हेतु अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहे हैं…। हम अनुशासित तरीके से विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और वित्त वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में अग्रसर हैं।” कंपनी के निदेशक मंडल ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए पांच रुपए अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर पर 36 रुपए का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है। यह अंतिम लाभांश नवंबर 2025 में दिए गए 15 रुपए प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त है।
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चांदी में चीन की रिकॉर्ड खरीदारी, मार्च 2026 में 836 टन आयात, क्यों बढ़ी मांग?
मुंबई, एजेंसी। मार्च 2026 में वैश्विक बाजार भले ही स्थिर नजर आ रहे थे लेकिन चांदी की मांग ने सभी को चौंका दिया। जहां निवेशकों की नजर लगातार सोने पर बनी हुई थी, वहीं चीन में चुपचाप चांदी की रिकॉर्ड खरीदारी हो रही थी।
आंकड़ों के मुताबिक, चीन ने मार्च में करीब 836 टन चांदी का आयात किया, जो अब तक किसी भी मार्च महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। यह फरवरी की तुलना में लगभग 78% अधिक और पिछले 10 वर्षों के औसत से करीब 173% ज्यादा है। यह सिर्फ बड़ा आंकड़ा नहीं था, बल्कि अब तक का रिकॉर्ड स्तर था यानी चीन ने इतिहास में किसी भी मार्च महीने में इतनी चांदी पहले कभी नहीं खरीदी थी।

साल 2026 की शुरुआत से अब तक चीन कुल 1,626 टन चांदी खरीद चुका है, जो बताता है कि यह कोई अचानक हुआ कदम नहीं, बल्कि लगातार बढ़ती मांग का नतीजा है।
क्यों बढ़ी चांदी की मांग?
विशेषज्ञों के अनुसार इसके दो बड़े कारण हैं:
1. निवेशकों का रुख बदलाव
जब सोने की कीमतें लगातार ऊंची हो गईं, तो छोटे निवेशकों ने सस्ते और आसान विकल्प के तौर पर चांदी की ओर रुख किया। कम कीमत और सुरक्षित निवेश विकल्प होने की वजह से सिल्वर बार की मांग तेजी से बढ़ी।
2. इंडस्ट्रियल डिमांड
चीन दुनिया का सबसे बड़ा सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब है। सोलर पैनल निर्माण में चांदी की बड़ी भूमिका होती है। टैक्स रिबेट और उत्पादन बढ़ाने की रणनीति के चलते कंपनियों ने बड़े पैमाने पर चांदी का स्टॉक जमा किया।
अनुमान है कि वैश्विक सोलर इंडस्ट्री हर साल कुल चांदी सप्लाई का लगभग 20% इस्तेमाल करती है, जिसमें चीन का सबसे बड़ा योगदान है।
वैश्विक बाजार पर असर
चीन की इस भारी खरीदारी से वैश्विक सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। अगर मांग इसी तरह बनी रही और उत्पादन नहीं बढ़ा, तो आने वाले समय में चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। ट्रेडर्स अब चांदी को सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि एक मजबूत निवेश अवसर के रूप में देखने लगे हैं।
भारत पर क्या असर?
भारत में चांदी का उपयोग निवेश के साथ-साथ परंपरागत रूप से भी बहुत ज्यादा होता है—जैसे गहने, सिक्के और पूजा सामग्री में। अगर वैश्विक कीमतें बढ़ती हैं, तो भारतीय बाजार में भी चांदी महंगी हो सकती है। साथ ही सिल्वर ETF और डिजिटल सिल्वर में निवेश का आकर्षण भी बढ़ सकता है।
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