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कोरबा

बेटे की मौत पर अनिल अग्रवाल ने लिखा-वो मेरी दुनिया था

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पटना,एजेंसी। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का निधन हो गया है। उनकी उम्र केवल 49 साल थी। अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में इसकी जानकारी दी।

अनिल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने अपने बेटे को एक खिलाड़ी, संगीतकार और लीडर बताया, जो अपनी गर्मजोशी, विनम्रता और दयालुता के लिए जाने जाते थे।

अग्रवाल ने X पर एक पोस्ट में लिखा- ‘आज मेरे जीवन का सबसे दुखद दिन है। मेरे प्यारे बेटे अग्निवेश ने हमें बहुत जल्द ही अलविदा कह दिया। मेरे लिए, वे सिर्फ मेरे बेटे नहीं थे, वे मेरे दोस्त थे, मेरा गौरव थे, मेरी दुनिया थे, परिवार इस क्षति से व्याकुल हैं। किरण और मैं टूट गए हैं।’

अनिल अग्रवाल ने बेटे के साथ तस्वीरें शेयर की हैं…

बेटे के निधन की जानकारी देते हुए अनिल अग्रवाल ने ये फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की।

बेटे के निधन की जानकारी देते हुए अनिल अग्रवाल ने ये फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की।

फैमिली के साथ अनिल अग्रवाल और बेटे अग्निवेश अग्रवाल। (फोटो वेदांता ग्रुप के चेयरपर्सन ने सोशल मीडिया पर शेयर की।)

फैमिली के साथ अनिल अग्रवाल और बेटे अग्निवेश अग्रवाल। (फोटो वेदांता ग्रुप के चेयरपर्सन ने सोशल मीडिया पर शेयर की।)

बिहार के पटना से निकलकर ग्लोबल बिजनेस मैन बनने वाले अनिल अग्रवाल आज वेदांता ग्रुप के चेयरमैन हैं। फोर्ब्स की जुलाई 2025 लिस्ट के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 35,000 करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। जिससे वे बिहार के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 में वे 16वें स्थान पर हैं, जबकि एनआरआई वेल्थ क्रिएटर्स में चौथे स्थान पर हैं।

मेटल किंग के नाम से मशहूर अनिल अग्रवाल के परिवार की जड़ें राजस्थान में रही हैं। उनके पिता कारोबार के सिलसिले में बिहार चले गए थे। इससे पहले परिवार कुछ समय तक राजस्थान में रहा था। अनिल अग्रवाल का जन्म पटना में हुआ, पर उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई जयपुर के चौमूं और सीकर में की। जानिए कैसे पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल ने लंदन तक का सफर पूरा किया। कैसे वो मेटल किंग बने…

पटना टु लंदन वाया मुंबई

अनिल अग्रवाल का जन्म 1954 में पटना के मारवाड़ी परिवार में हुआ। सरकारी स्कूल में पढ़े। पिता द्वारका प्रसाद अग्रवाल एल्यूमीनियम कंडक्टर के छोटे कारोबारी थे। पिता के बिजनेस में हाथ बंटाया।

19 की उम्र में बेहतर भविष्य की तलाश में मुंबई पहुंचे। वहां 9 बिजनेस किए, सभी फेल रहे। फिर वेदांता की स्थापना की।

वेदांता, जिंक, लेड, एल्युमिनियम और सिल्वर बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। इसके फाउंडर अनिल अग्रवाल इंडिया के मेटल मैन के नाम से जाने जाते हैं। कंपनी का मार्केट कैप करीब 83 हजार करोड़ रुपए है।

हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘मैंने सोचा नहीं था कि साधारण आदमी होते हुए राष्ट्र निर्माण से योगदान दूंगा।’ मालूम हो, वेदांता ने 8 साल में 3.39 लाख करोड़ रुपए टैक्स का योगदान दिया है।

एक टिफिन बॉक्स-बिस्तर लेकर मुंबई गए

अनिल अग्रवाल चार भाई-बहन थे। पिता की आमदनी बहुत ज्यादा नहीं थी। वे पटना में ही एक छोटी सी एल्युमिनियम कंडक्टर की दुकान चलाते थे।

अनिल की शुरुआती पढ़ाई पटना में ही हुई। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें पटना से बाहर जाना था, लेकिन उन्होंने तय किया कि वे पिता के बिजनेस में हाथ बटाएंगे। इसके बाद वे पिता के साथ काम करने लगे।

हालांकि कुछ सालों बाद अनिल का मन फिर से बाहर जाने का करने लगा। 19 साल की उम्र में वे पटना से मुंबई आ गए। साथ में था एक टिफिन बॉक्स और बिस्तर। अनिल ने पिता को बिजनेस करते देखा था, इसलिए उन्हें नौकरी की दुनिया पसंद नहीं आई।

अनिल अग्रवाल पिता के साथ बैठे हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में अनिल ने लिखा था कि इतनी व्यस्तता के बावजूद हर दिन वे पिता से बात करते थे।

अनिल अग्रवाल पिता के साथ बैठे हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में अनिल ने लिखा था कि इतनी व्यस्तता के बावजूद हर दिन वे पिता से बात करते थे।

छोटे-छोटे धंधे में हाथ आजमाया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली

मुंबई आने के बाद कुछ सालों तक अनिल अग्रवाल अलग-अलग धंधे में हाथ आजमाते रहे। कुछ समय तक स्क्रैप का भी बिजनेस किया।

कैंब्रिज में एक बार बोलते हुए उन्होंने बताया था कि मेरे शुरुआती 30 साल संघर्ष में बीते। सालों तक डिप्रेशन में रहा। उसके बाद मुंबई में एक घर लिया। फिर पत्नी और बेटे को भी बुला लिया।

कैंब्रिज में स्पीच के दौरान अनिल ने पत्नी की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने उस छोटे से मकान को घर बना दिया।

एक बार सोशल मीडिया पर अनिल ने बताया था ‘मैंने बहुत उम्मीदों से पहली कंपनी खरीदी, लेकिन कोई खास फायदा नहीं हुआ। दस साल बहुत मुश्किल हालात में गुजरे।

इसके बाद 1976 में शमशेर स्टर्लिंग केबल कंपनी खरीदी। तब मेरे पास वर्कर्स को सैलरी देने और रॉ मटेरियल खरीदने के लिए पैसे नहीं थे।

दिन-दिनभर मैं पेमेंट क्लियर कराने के लिए बैंकों के चक्कर काटता था। इसके बाद मैंने अलग-अलग फील्ड में 9 बिजनेस शुरू किए। हर बिजनेस में असफलता मिली, लेकिन मैंने हार नहीं मानी।’

पत्नी किरण के साथ अनिल अग्रवाल। अनिल अपनी कामयाबी के लिए पत्नी को क्रेडिट देते हैं।

पत्नी किरण के साथ अनिल अग्रवाल। अनिल अपनी कामयाबी के लिए पत्नी को क्रेडिट देते हैं।

1976 में शुरू की वेदांता रिसोर्सेज

इसके बाद 1976 में अनिल ने एक नई कंपनी शुरू की और नाम रखा वेदांता रिसोर्सेज। शुरुआत में ही इस बिजनेस में उन्हें फायदा होने लगा। इस प्रॉफिट का उन्होंने दूसरी कंपनियों का अधिग्रहण करने में इस्तेमाल किया।

1993 में उन्होंने औरंगाबाद में एल्युमिनियम शीट्स और फॉइल्स बनाने का प्लांट लगाया। इसके साथ ही यह भारत की पहली कॉपर रिफाइनरी प्राइवेट कंपनी बन गई।

सरकार के एक फैसले ने अनिल अग्रवाल को भारत का ‘मेटल किंग’ बना दिया

2001 में भारत सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी का ऑफर दिया। तब वेदांता रिसोर्सेज ने भारत एल्युमिनियम कंपनी में 51% शेयर खरीद लिए। यह सौदा 551.50 करोड़ रुपए में हुआ।

अगले ही साल वेदांता ने हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में 65% हिस्सेदारी खरीद ली। इस तरह वेदांता रिसोर्सेज दो पब्लिक सेक्टर कंपनियों में आधे से ज्यादा शेयर की हिस्सेदार बन गई। कहा जाता है कि जब इन दोनों कंपनियों में वेदांता ने हिस्सेदारी खरीदी तब इनकी हालत अच्छी नहीं थी।

दोनों ही माइनिंग कंपनियां थीं। वेदांता का भी इसी सेक्टर में बिजनेस था। ऐसे में, अनिल अग्रवाल के इस फैसले से वेदांता को खूब फायदा हुआ। यहीं से मेटल प्रोडक्शन सेक्टर में अनिल अग्रवाल स्थापित हो गए। उन्हें भारत का ‘मेटल मैन’ कहा जाने लगा।

पहली भारतीय फर्म जो लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई

2001 में वेदांता की सिस्टर कंपनी स्टरलाइड इंडस्ट्रीज, ब्रोकर हर्षद मेहता के साथ शेयर प्राइज के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में फंस गई। इसमें BPL और विडियोकॉन जैसी कंपनियां भी शामिल थीं।

शेयर बाजार में नियम-कानूनों को देखने वाली संस्था सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI ने तब स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को कैपिटल मार्केट में बैन कर दिया।

2003 में अनिल अग्रवाल लंदन चले गए। यहां कंपनी को नए नाम वेदांता रिसोर्सेज नाम से खड़ा किया। इसी साल उन्होंने वेदांता रिसोर्सेज को लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट किया।

यह पहली बार था जब कोई भारतीय कंपनी लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई थी। इसके बाद दूसरी और भी भारतीय कंपनियां लंदन स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुईं। अनिल अग्रवाल को ऑफरिंग से करीब 7 हजार करोड़ रुपए का फायदा भी हुआ।

अब जानिए अनिल अग्रवाल की फैमिली को

अनिल अग्रवाल अपनी सफलता का श्रेय अपनी पत्नी किरण अग्रवाल को देते हैं। उन्होंने न केवल पारिवारिक मोर्चे पर सहयोग दिया, बल्कि वेदांता समूह की सामाजिक कामों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।

अनिल अग्रवाल के दो बच्चे थे जिसमें बेटे अग्निवेश अग्रवाल ने 49 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। बेटी प्रिया अग्रवाल है।

अग्निवेश अग्रवाल वेदांता ग्रुप की इकाई तलवंडी साबो पावर लिमिटेड में बोर्ड सदस्य थे। वहीं, प्रिया अग्रवाल वेदांता के बोर्ड में शामिल हैं। साथ ही वे हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं।

अनिल अग्रवाल के इकलौते बेटे थे अग्निवेश

अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। एक मध्यमवर्गीय बिहारी परिवार से आने वाले अग्निवेश ने जीवन में खेल, संगीत और नेतृत्व के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।

उन्होंने मेयो कॉलेज, अजमेर से पढ़ाई की, इसके बाद फुजैराह गोल्ड की स्थापना की और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। अपने पेशेवर योगदान के साथ-साथ वे सरल, संवेदनशील और मानवीय स्वभाव के लिए जाने जाते थे।

पूजा बांगुर से अग्निवेश की शादी हुई थी

अग्निवेश की शादी पूजा बांगुर से हुई थी। पूजा बांगुर श्री सीमेंट के प्रबंध निदेशक हरि मोहन बंगुर की बेटी हैं। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो कारोबारी घराने के बच्चों की ये शादी उस जमाने की सबसे महंगी शादियों में शुमार हुई थी।

पूजा ने अग्निवेश अग्रवाल से गोवा के फोर्ट अगुआडा रिसॉर्ट के एक निजी समुद्र तट पर शादी की थी। दोनों की शादी में मुंबई और कोलकाता से जेट एयरवेज के चार्टर्ड विमान से 600 से अधिक मेहमान आए थे।

अग्निवेश अग्रवाल का करियर

अग्निवेश ने वेदांता समूह और उससे जुड़ी कंपनियों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। वे हिंदुस्तान जिंक के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे और 2019 में उन्होंने यह पद छोड़ दिया था। इसके अलावा, उन्होंने वेदांता द्वारा समर्थित कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) में निदेशक मंडल के अध्यक्ष के रूप में काम किया।

साथ ही यूएई में स्थित एक बहुमूल्य धातु शोधन कंपनी, फुजैराह गोल्ड एफजेडसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक की भी जिम्मेदारी निभाई थी। इसके अलावा वे ट्विन स्टार इंटरनेशनल लिमिटेड और स्टेरलाइट डिस्प्ले टेक्नोलॉजीज सहित समूह की अन्य सहायक कंपनियों में निदेशक पद संभाले।

2013 में बैंकर आकर्ष से हुई बहन प्रिया की शादी

अग्निवेश की बहन प्रिया अग्रवाल हेब्बर की शादी 2013 से बैंकर आकर्ष हेब्बर से हुई थी। उनकी एक बेटी माही है। उन्होंने ब्रिटेन के वारविक विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान और व्यवसाय प्रबंधन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। प्रिया वेदांता लिमिटेड में ईएसजी, निवेशक संबंध, कॉर्पोरेट संचार, मानव संसाधन, डिजिटल और सामाजिक प्रभाव विभागों का संचालन करती हैं।

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कोरबा

प्रधानमंत्री आवास योजना के अधूरे आवासों को शीघ्र पूरा करे सरकार –  जयसिंह अग्रवाल

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कोरबा। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लगातार यह दावा किया जा रहा है कि गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत किए जाने तथा हितग्राहियों को राशि प्रदान करने की बात कही जा रही है, किंतु जमीनी स्तर पर स्थिति इससे बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है।

कोरबा जिले में लगभग 1000 ऐसे हितग्राही परिवार हैं, जिनके आवास निर्माण कार्य की शुरुआत तो हो चुकी है तथा प्रथम किस्त की राशि भी प्राप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बाद की किस्तें लंबे समय से जारी नहीं की गई हैं। परिणामस्वरूप उनके मकान अधूरे पड़े हुए हैं और निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। कई हितग्राहियों ने अपने पुराने मकानों को तोड़कर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए आवास का निर्माण प्रारंभ किया था। अब राशि के अभाव में उनके घर अधर में लटके हुए हैं, जिससे उन्हें रहने की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही आर्थिक संकट भी लगातार गहराता जा रहा है।
श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि यदि शासन के पास वित्तीय संसाधनों की कमी है तो, पहले से स्वीकृत एवं निर्माणाधीन आवासों को पूर्ण करने की प्राथमिकता तय की जानी चाहिए। वर्तमान में सरकार द्वारा लगातार नए आवासों की घोषणाएं की जा रही हैं, जबकि पहले से शुरू किए गए हजारों गरीब परिवारों के आवास अधूरे पड़े हुए हैं।
सरकार को नए वादे और घोषणाएं करने से पहले उन गरीब परिवारों की चिंता करनी चाहिए जो वर्षों से अपनी अगली किस्त की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शासन से मांग है कि लंबित किश्तों का तत्काल भुगतान कर अधूरे आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि गरीब परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो सके।

स.क.                  नाम                    मोबाईल नं.                       वार्ड नं.         पेमेन्ट स्थिति
1                 सोमनाथ महतो         9630548486                   19               द्वितीय किस्त
2                 सोनकुमारी यादव     8959193699                     04               द्वितीय किस्त
3                 पिंकी देवी साव         6266968367                     36               द्वितीय किस्त
4                 रीना राजपुत             7880108046                     19               द्वितीय किस्त
5                 राधा बाई                  9630772712                     19                द्वितीय किस्त
6                 मीनी देवी                 8817956576                      01               तृतीय किस्त
7                 बीना विश्वकर्मा          9098139729                      04                तृतीय किस्त
8                 युगल किशोर बरेठ    9893657303                     19                 तृतीय किस्त
9                 शैल बरेठ                  9826853464                     20                  तृतीय किस्त
10               मन्नू विश्वकर्मा            8827339741                     04                  तृतीय किस्त
11               राजू निषाद               7809336023                     19                  द्वितीय किस्त
12               सुष्मा टोप्पो              8817092859                     36                   द्वितीय किस्त
13               कौशल्या केवट                  —                                10        द्वितीय किस्त / तृतीय किस्त
14               सीता बाई यादव                 —                                10                  द्वितीय किस्त
15               पुंष्पा चौहान                       —                                10                  द्वितीय किस्त
16               कमला कुम्हार                    —                                10                  तृतीय किस्त
17               शिव कुमार साहू                 —                                 10                   द्वितीय किस्त
18                कृष्णा बाई निर्मलकर     7725099238                   22     द्वितीय किस्त / तृतीय किस्त

ऐसे अनेक परिवार हैं जो दूसरी एवं तीसरी किस्‍त के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं । बरसात सर पर है और प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के सर पर छत नहीं है । राज्‍य सरकार इन हितग्राहियों को शीघ्र राशि उपलब्‍ध कराये जिससे ये अपना घर बना सके ।

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कोरबा

हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी रज्जाक अली गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

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आदतन अपराधी एवं गुंडा बदमाश रज्जाक अली के विरुद्ध कोरबा पुलिस की सख्त कार्रवाई

कोरबा। दिनांक 15.06.2026 को थाना सिविल लाइन रामपुर में अपराध क्रमांक 550/2026 धारा 296, 351(3), 109(1), 3(5) बीएनएस एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी रज्जाक अली एवं उसके साथियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया।

प्रार्थी शिवबालक सिंह तोमर द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि जिला जेल कोरबा के समीप पुरानी रंजिश के चलते आरोपी रज्जाक अली एवं उसके साथियों द्वारा रास्ता रोककर गाली-गलौज की गई तथा हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों द्वारा लोहे के डंडे एवं अन्य हथियारों से हमला कर प्रार्थी को गंभीर चोट पहुंचाई गई, जिससे उसके दोनों पैरों सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना सिविल लाइन रामपुर पुलिस द्वारा आरोपी रज्जाक अली को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

गवाहों को धमकाने एवं न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित करने के प्रयास पर पृथक अपराध दर्ज

विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी रज्जाक अली द्वारा प्रकरण के गवाहों एवं संबंधित व्यक्तियों को लगातार धमकाया जा रहा था तथा बयान बदलने एवं न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था। इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध पृथक से धारा 296, 351(3) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

तीन दशकों से अधिक समय से गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है आरोपी

आरोपी रज्जाक अली के विरुद्ध थाना कोतवाली, करतला, उरगा सहित जिले के विभिन्न थानों में विगत लगभग तीन दशकों से हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी, आगजनी, अवैध हथियार रखने, आर्म्स एक्ट, नारकोटिक्स एक्ट, लोक सेवक के कार्य में बाधा एवं संपत्ति संबंधी अपराध सहित अनेक गंभीर अपराध दर्ज हैं।

जिला बदर एवं राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की तैयारी

आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों, समाज में भय एवं आतंक का वातावरण निर्मित करने तथा लोक शांति व्यवस्था के लिए खतरा बनने वाली गतिविधियों को देखते हुए कोरबा पुलिस द्वारा आरोपी के विरुद्ध जिला बदर (Externment) हेतु प्रतिवेदन तैयार कर जिलाधीश कार्यालय भेजा गया है।

साथ ही उपलब्ध तथ्यों एवं आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के अंतर्गत भी प्रभावी कार्रवाई हेतु प्रस्ताव तैयार किया गया है।

कोरबा पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि जिले में कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले एवं आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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कोरबा

मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा महिला मोर्चा हरदीबाजार द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन

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विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिलाओं ने मनाया सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण का उत्सव

कोरबा/हरदीबाजार। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष सेवा के, 12 वर्ष सुशासन के, 12 वर्ष गरीब कल्याण के पूर्ण होने के गौरवशाली अवसर पर भारतीय जनता पार्टी मंडल हरदीबाजार में महिला मोर्चा द्वारा एक विशेष और भव्य कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया ।

यह कार्यक्रम भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति स्वर्णकार के निर्देशानुसार एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष कृष्णा पटेल के मार्गदर्शन में महिला मोर्चा हरदीबाजार मंडल अध्यक्ष श्रीमती अमृता यादव की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न हुआ ।

मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कटघोरा विधानसभा के लोकप्रिय विधायक प्रेमचंद पटेल एवं भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति स्वर्णकार विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा, समर्पण, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प का स्वर्णिम अध्याय हैं ।

रचनात्मक प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

इस गौरवशाली उत्सव को और अधिक खास बनाने के लिए भाजपा महिला मोर्चा द्वारा विभिन्न रचनात्मक और जनकल्याण से जुड़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया ।

पेंटिंग प्रतियोगिता:- महिलाओं और बालिकाओं ने कला के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया ।

रंगोली प्रतियोगिता:- आकर्षक और भव्य रंगोलियों के जरिए मोदी सरकार की योजनाओं और भारतीय संस्कृति को उकेरा गया ।

पौष्टिक आहार प्रतियोगिता:- स्वस्थ भारत के संकल्प को बढ़ावा देने के लिए पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई ।

कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार द्वारा देश के विकास के लिए किए जा रहे ऐतिहासिक कार्यों और आम जनमानस के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी उपस्थित जनसमूह के साथ साझा की गई ।

वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति

इस गौरवमयी अवसर पर भाजपा और महिला मोर्चा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनमें जिला मंत्री अजय कुमार दुबे, जांजगीर-चांपा जिला प्रभारी चुलेश्वर राठौर, पूर्व जिला मंत्री नरेश टंडन, महिला मोर्चा प्रदेश कार्य समिति सदस्य ज्योति पांडे, जिला महामंत्री श्रीमती अनुसूईया राठौर, मंडल अध्यक्ष कृष्णा पटेल, पूर्व किसान मोर्चा उपाध्यक्ष छोटे लाल पटेल, मंडल महामंत्री नवरत्न सिंह राजपूत, कोषाध्यक्ष व्यास राठौर और मंडल मंत्री चंद्रर मरकाम शामिल रहे ।

साथ ही महिला मोर्चा की टीम से मंडल अध्यक्ष अमृता यादव, महामंत्री श्रीमती रुक्मणी मरकाम, शशि कला राठौर, उपाध्यक्ष माधुरी राठौर, मंत्री संध्या राठौर, उमा राठौर, भवनी राठौर, मैथिली राठौर, जय राठौर, सरोजिनी, श्रीमती गंगोत्री सहित भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय मातृशक्ति उपस्थित रही ।

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