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छत्तीसगढ़

पुलिस पर लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर से हमला, TI का सिर फूटा:महिला पुलिसकर्मी भी घायल, अवैध शराब बेचने के आरोपियों को पकड़ने गए थे, 9 अरेस्ट

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महासमुंद,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस टीम अवैध शराब बेचने के मामले में फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची थी। इस दौरान घरवालों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में थाना प्रभारी, महिला आरक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

इस दौरान हमलावरों ने पुलिस की गाड़ी पर भी हमला किया और हाईवे पेट्रोलिंग वाहन के शीशे तोड़ दिए। आरोपियों के परिजनों ने उन्हें छुड़ाने की कोशिश की और पुलिस की कार्रवाई में रुकावट डाली।

पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि 3 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। यह मामला पटेवा थाना क्षेत्र के ग्राम पचरी का है।

पुलिस टीम पर हमला करने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस टीम पर हमला करने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के अनुसार, पटेवा थाना में आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज था। 11 अप्रैल, 2026 को इस केस में फरार आरोपी विजय मारकंडेय और विनोद मारकंडेय को पकड़ने के लिए पुलिस टीम पचरी गांव पहुंची थी।

पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। जब उन्हें गाड़ी में बैठाने की कोशिश की गई, तो आरोपियों ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने घरवालों के साथ आसपास के लोगों को भी भड़काया।

लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर से हमला

इसके बाद घरवालों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और ईंट-पत्थर लेकर मौके पर आ गए और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में थाना प्रभारी उत्तम तिवारी के सिर, गले और सीने में गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा कई अन्य पुलिसकर्मी, जिनमें महिला आरक्षक भी शामिल थीं, घायल हो गईं।

पटेवा थाना प्रभारी उत्तम तिवारी के सिर पर गंभीर चोट लगी है।

पटेवा थाना प्रभारी उत्तम तिवारी के सिर पर गंभीर चोट लगी है।

पुलिस की गाड़ी को भी बनाया निशाना

इस दौरान हमलावरों ने पुलिस की गाड़ी को भी निशाना बनाया। हाईवे पेट्रोलिंग वाहन के शीशे तोड़ दिए। आरोपियों के परिजनों ने उन्हें छुड़ाने की कोशिश की और पुलिस की कार्रवाई में बाधा डाली।

इसके बावजूद पुलिस टीम ने समझदारी और हिम्मत दिखाते हुए स्थिति को काबू में कर लिया और दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना पटेवा ले जाया गया।

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी विजय मारकंडेय, विनोद मारकंडेय के साथ-साथ उनके परिजनों और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन पर शासकीय काम में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और मारपीट जैसे आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों में 6 महिलाएं भी शामिल हैं। जबकि 3 आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

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कोरबा

ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी से मिलती है बेहतर जीवन गुणवत्ता : डॉ. विपिन चंद्र त्यागी

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कोरबा। न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) में मेदांता हॉस्पिटल के वरिष्ठ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. विपिन चंद्र त्यागी ने मरीजों को परामर्श एवं उपचार देकर लाभान्वित किया। वे 11 व 12 अप्रैल तक अपनी सेवाएं NKH में दी , जिससे क्षेत्र के मरीजों को विशेषज्ञ इलाज का अवसर मिल सका।
डॉ. त्यागी ने बताया कि ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी केवल दर्द से राहत ही नहीं देती, बल्कि मरीजों को बेहतर “क्वालिटी ऑफ लाइफ” भी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि घुटनों और कूल्हों के गंभीर दर्द से पीड़ित, विशेषकर बुजुर्ग मरीज, अक्सर चलने-फिरने में असमर्थ हो जाते हैं और मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं, लेकिन इस सर्जरी से उन्हें नया जीवन मिल सकता है।

उन्होंने जॉइंट रिप्लेसमेंट को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि यह एक सुरक्षित और सफल प्रक्रिया है। देश में इस सर्जरी की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो इसकी सफलता का प्रमाण है। डॉ. त्यागी 10,000 से अधिक सफल सर्जरी कर चुके हैं और इस क्षेत्र में उनका व्यापक अनुभव है।

फिजियोथेरेपी है बेहद जरूरी
डॉ. त्यागी ने सर्जरी के बाद नियमित फिजियोथेरेपी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कम से कम 5 से 6 सप्ताह तक नियमित व्यायाम और फिजिकल थेरेपी करने से मरीज तेजी से सामान्य जीवन में लौट सकता है।

लाइफस्टाइल में सुधार जरूरी

उन्होंने बताया कि 50-60 वर्ष की आयु में जॉइंट संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं, जिनका मुख्य कारण खराब जीवनशैली है। उकड़ू बैठना और पालथी मारकर बैठने जैसी आदतों से बचने की सलाह देते हुए उन्होंने संतुलित जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।
मोटापा बना सबसे बड़ा कारण
डॉ. त्यागी के अनुसार मोटापा जॉइंट की समस्याओं का प्रमुख कारण है। इससे जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और अर्थराइटिस तेजी से बढ़ता है। उन्होंने कहा कि वजन नियंत्रित रखना जॉइंट को स्वस्थ रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मरीज में अर्थराइटिस विकसित हो चुका है, तब भी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी एक प्रभावी और सुरक्षित विकल्प के रूप में उपलब्ध है।

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कोरबा

नराईबोध के ग्रामीणों का हल्लाबोल, बुनियादी हक और बसाहट सहित रोजगार की मांग को लेकर भठोरा फेस ठप

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कोरबा/गेवरा। एसईसीएल (SECL) गेवरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नराईबोध के ग्रामीणों का धैर्य आज जवाब दे गया। पुनर्वास, बसाहट और रोजगार जैसी मूलभूत मांगों को लेकर ग्राम पंचायत के नेतृत्व में आज सुबह 7:00 बजे से ग्रामीणों ने भठोरा फेस का खदान बंद कर दिया है। आंदोलन के कारण खदान में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है ।

प्रमुख मांगें और आक्रोश का कारण

ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में जिला प्रशासन एसईसीएल प्रबंधन और ग्राम नराईबोध के बीच हुई त्रिपक्षीय बैठक में कई अहम समझौतों पर सहमति बनी थी, लेकिन आज तक उन्हें अमलीजामा नहीं पहनाया गया है ।

आंदोलनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:-

बसाहट और पुनर्वास:- प्रभावित ग्रामीणों को उचित बसाहट स्थल और वहां नागरिक सुविधाएं प्रदान करना ।

मकान नापी:- पूर्व में छूटे हुए मकानों की जीपीएस (GPS) के माध्यम से पारदर्शी नापी और उचित मुआवजा ।

वैकल्पिक रोजगार:- समझौते के अनुसार आउटसोर्सिंग कंपनी (PNC) में 70% स्थानीय प्रभावित ग्रामीणों को प्राथमिकता के साथ रोजगार देना ।

विकास कार्य:- बसाहट स्थल पर लंबित विकास कार्यों को तत्काल शुरू करना ।

अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

ग्राम पंचायत नराईबोध के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल सांकेतिक विरोध नहीं है यदि प्रबंधन और प्रशासन तत्काल ठोस निर्णय नहीं लेते हैं तो 15 अप्रैल 2026 से खदान के समीप ही विशाल पंडाल लगाकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा ।

पार्षद अमिला राकेश पटेल ने बताया कि प्रबंधन ने बार-बार केवल आश्वासन दिया है, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। जब तक हमारी मांगों पर सार्थक कार्रवाई नहीं होती यह आंदोलन जारी रहेगा, किसी भी अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी ।

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छत्तीसगढ़

भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रेस रिपोर्टर क्लब का हल्लाबोल: प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी के नेतृत्व में सोशल मीडिया पर पोस्टर वॉर जारी

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रायगढ़।​ छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अब पत्रकारों ने मोर्चा खोल दिया है। प्रेस रिपोर्टर क्लब के प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी के नेतृत्व में संगठन ने एक अनूठा और प्रभावी ‘पोस्टर अभियान’ शुरू किया है। यह अभियान सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर प्रतिदिन चलाया जा रहा है, जिसने प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।


अभियान का मुख्य उद्देश्य
​संजय सोनी के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य शासन-प्रशासन में व्याप्त अनियमितताओं को उजागर करना और जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। संगठन का मानना है कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का सबसे सशक्त माध्यम है।
​पोस्टर अभियान की मुख्य विशेषताएं
​प्रतिदिन नया प्रहार: प्रेस रिपोर्टर क्लब द्वारा हर दिन एक नया पोस्टर जारी किया जाता है, जो किसी न किसी ज्वलंत मुद्दे या विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार पर केंद्रित होता है।
​तथ्यात्मक चोट: इन पोस्टरों में केवल आरोप नहीं होते, बल्कि व्यंग्य और तथ्यों के माध्यम से व्यवस्था की कमियों को दर्शाया जाता है।
​सोशल मीडिया पर व्यापक उपस्थिति: फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर ये पोस्टर ‘वायरल’ हो रहे हैं, जिससे आम नागरिक भी इस मुहिम से जुड़ रहे हैं।
​पत्रकारों की एकजुटता: इस अभियान के माध्यम से प्रदेश भर के पत्रकार एकजुट होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लेखनी और डिजिटल सक्रियता का उपयोग कर रहे हैं।
​प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी का विजन
​अभियान के विषय में चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संजय सोनी ने स्पष्ट किया कि: ​”पत्रकारिता का धर्म ही सच को सामने लाना है। यदि व्यवस्था में कहीं घुन लगा है, तो उसे उजागर करना हमारा कर्तव्य है। हमारा पोस्टर अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कि जवाबदेही तय नहीं हो जाती। हम डरे बिना, दबे बिना जनहित की बात करते रहेंगे।”
​जनता और प्रशासन पर प्रभाव
​इस डिजिटल मुहिम का असर अब धरातल पर भी दिखने लगा है। जहाँ एक ओर आम जनता भ्रष्टाचार के मामलों में खुलकर अपनी राय रख रही है, वहीं दूसरी ओर संबंधित विभागों में हड़कंप की स्थिति है। प्रेस रिपोर्टर क्लब की इस पहल को प्रदेश के बौद्धिक वर्ग और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है।,​प्रेस रिपोर्टर क्लब का यह पोस्टर अभियान इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए नए और रचनात्मक तरीके अपना रहा है। संजय सोनी के नेतृत्व में यह संगठन न केवल खबरों के संप्रेषण का माध्यम बना हुआ है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत ढाल बनकर भी उभरा है।

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