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कोरबा

पात्र किसानों से हो गुणवत्तापूर्ण धान की खरीदीःकलेक्टर

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किसानों से प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लेकर उचित कार्यवाही के दिये निर्देश

भौतिक सत्यापन के साथ कोचिये के माध्यम से होने वाली अवैध खरीदी पर रोक लगाने और सतत निगरानी के दिये निर्देश

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज शाम धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा बैठक लेते हुए धान खरीदी केंद्रों के नोडल अधिकारियों, समिति प्रबंधकों, एसडीएम एवं तहसीलदारों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्रों में आने वाले किसानों के धान की गुणवत्ता का परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए तथा धान की खरीदी औसत गुणवत्ता शासन के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप ही हो।


कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन के मापदंडों के अनुसार केवल मूल किसानों से ही उनका धान खरीदा जाए। रकबा संशोधन एवं त्रुटि सुधार से संबंधित आवेदनों पर गंभीरता से कार्यवाही कर किसानों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि कोचियों के माध्यम से अवैध धान खरीदी पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी 65 उपार्जन केंद्रों में पटवारियों की नियुक्ति कर दी गई है, जो 31 जनवरी 2026 तक वहीं उपस्थित रहकर नोडल अधिकारियों के साथ अवैध खरीदी पर नियंत्रण रखेंगे। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि 31 जनवरी तक कटे सभी टोकनों का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही एसडीएम एवं तहसीलदार अगले 15 दिनों तक अपने क्षेत्रों के उपार्जन केंद्रों का सतत निरीक्षण जारी रखें।


कलेक्टर ने निर्देश दिया कि किसानों द्वारा लाया गया धान सीधे बोरी में डालकर गोदाम में न रखा जाए। धान को पहले ढेरी लगाकर साफ-सफाई के बाद ही बोरी में भरा जाए और नमी की जांच भी की जाए। धान उठाव के दौरान मिलर्स के ट्रकों की एंट्री व एग्जिट पर आगे की नंबर प्लेट एवं पीछे लदे धान की फोटो लेकर एंट्री करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि उठाव की प्रक्रिया केवल दिन में ही हो और संबंधित नोडल अधिकारी इस दौरान उपस्थित रहें। स्टैकिंग के समय बोरों की रैंडम तौल कर गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करने और खराब गुणवत्ता का धान स्वीकार नहीं करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने भौतिक सत्यापन के समय नोडल अधिकारी और समिति प्रबंधक की उपस्थिति को अनिवार्य बताया। कलेक्टर ने एसडीएम एवं तहसीलदारों को आवश्यकतानुसार आकस्मिक सत्यापन के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि कोई किसान यदि किसी अन्य व्यक्ति का धान लेकर आता है तो जांच कर धान की जप्ती तथा प्रकरण का उचित निराकरण किया जाए।
राइस मिलों के वेरिफिकेशन को गति देने के निर्देश देते हुए उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को 31 जनवरी 2026 तक उपार्जन केंद्रों में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पटवारियों को टोकन आधारित भौतिक सत्यापन करने एवं सहकारिता निरीक्षक तथा मंडी सचिव/निरीक्षक को केंद्रों में नियमित निरीक्षण जारी रखने का निर्देश दिया। इस दौरान अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओंकार यादव, सभी एसडीएम, खाद्य अधिकारी घनश्याम कँवर, उप पंजीयक सहकारिता एम आर ध्रुव, नोडल कोऑपरेटिव बैंक एस के जोशी, डीएमओ ऋतुराज देवांगन सहित संबंधित खरीदी केंद्र के पटवारी अन्य उपस्थित रहे।

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कोरबा

फ्लाई ऐश उद्योगों से फैल रहे प्रदूषण का मुद्दा संसद में गूंजा  और दुष्प्रभाव सहित

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पर्यावरण मुवायजा कितना वसूल व क्या कार्यवाही की सांसद ने पूछा
कोरबा। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने संसद में कोरबा जिले में बढ़ती फ्लाई ऐश, लेगेसी ऐश और उद्योगों से फैल रहे प्रदूषण की गंभीर समस्या को उठाया। उन्होंने 100 प्रतिशत फ्लाई ऐश उपयोग का लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले विद्युत संयंत्रों से अब तक वसूले गए मुआवजा और अन्य कार्यवाही की जानकारी भी चाही।  
उन्होंने विशेष रूप से कोरबा जिले के ऐश पॉन्ड में पिछले तीन वर्षों में जमा लेगेसी ऐश की मात्रा और उसके वैज्ञानिक निपटान की समय-सीमा की जानकारी मांगने के साथ विद्युत संयंत्रों और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषण का स्थानीय पर्यावरण, जल स्रोतों, कृषि और आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर पर चिंता जताई। सरकार की ओर से नियम का उल्लंघन करने पर ऐसे संयंत्रों पर की गई कार्यवाही का ब्यौरा भी मांगा। इसके जवाब में पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मामलों के केन्द्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि 31 दिसंबर 2021 की अधिसूचना के अनुसार कोयला या लिग्नाइट आधारित ताप विद्युत गृहों को 100 फीसदी फ्लाई ऐश उपयोग करने आदेशित किया गया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड की ओर से कोरबा या प्रदेश के किसी भी ताप बिजली घरों पर पर्यावरणीय मुआवजा अधिरोपित नहीं किया गया है। मंत्री ने वजह बताई कि प्रथम तीन वर्षीय अनुपालन चक्र वित्त वर्ष 2022 से 2025 तक राख उपयोग संबंधी लक्ष्य के संबंध में कोई गैर अनुपालन होना नहीं पाया गया।
लोकसभा में सांसद ज्योत्सना महंत ने वन क्षेत्रों और जनजातीय बस्तियों में हो रही अवैध ऐश डंपिंग को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी मांगी। उनका कहना था कि फ्लाई ऐश एक बड़ी समस्या है इसलिए स्थायी समाधान जरूरी है।
विभागीय मंत्री ने सांसद को जानकारी दी कि थर्मल पॉवर प्लांट को अप्रयुक्त संचित राख अर्थात लैगेशी ऐश का उपयोग क्रमिक रूप से करने को कहा गया है। 1 अप्रैल 2022 से 10 वर्ष के भीतर इसकी उपयोगिता तय होगी। सीएसईबी के हवाले से केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि हसदेव ताप विद्युत संयंत्र स्थित ऐश पांड को छोडक़र कोरबा जिले में बेमतलब के ऐसे ऐश पांड को विद्युत कंपनी ने फिर से प्राप्त कर लिया है। वर्तमान में वहां संचित लैगेशी ऐश की कुल मात्र 210.64 लाख मिट्रिक टन है। सांसद ने ऐश ट्रैक के जरिए फ्लाई ऐश के प्रबंधन और ट्रैकिंग के बारे में नतीजे की जानकारी मांगी। इस पर उन्हें बताया गया कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा विकसित वेब पोर्टल पर राख उत्पादन और उपयोगिता की मासिक जानकारी अपलोड करने आदेशित किया गया है। इसके साथ ही ताप विद्युत संयंत्रों और सीपीसीबी द्वारा अधिकृत लेखा परीक्षकों से राख निपटान के लिए वार्षिक अनुपालन लेखा परीक्षा की रिपोर्ट पर भी ध्यान दिया जा रहा है। लोकसभा की कार्यवाही में सांसद ज्योत्सना महंत ने विद्युत संयंत्रों से वसूले गए पर्यावरणीय जुर्माने की उपयोगिता पर्यावरण व स्वास्थ्य क्षेत्र में तय करने की मांग भी सरकार से की। इस पर केन्द्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने स्पष्ट किया कि राख उपयोग अधिसूचना 2021 के अंतर्गत थर्मल पॉवर प्लांट व अन्य मामलों में लापरवाही बरतने वालों से एकत्रित किए गए पर्यावरण मुआवजे की राशि का उपयोग राखड़ के सुरक्षित निपटान के लिए होता है। इसके अतिरिक्त राख आधारित उत्पाद सहित राख के उपयोग पर अनुसंधान को उन्नत बनाने में भी हो सकता है। कहा गया कि छत्तीसगढ़ के थर्मल बिजली घरों पर पर्यावरणीय मुआवजा अधिरोपित नहीं किया गया है। इसलिए पर्यावरणीय मुआवजे के आबंटन का औचित्य नहीं है।

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कोरबा

प्रेस क्लब की महिला क्रिकेट टीम ने बड़े अंतर से जीता अपना लीग मैच

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कोरबा। प्रेस कोरबा  द्वारा आयोजित ऊर्जा कप महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में  बुधवार को आयोजित  कोरबा प्रेस क्लब की महिला क्रिकेट टीम और लायंस स्कूल  इलेवन के मध्य क्रिकेट मैच खेला गया निर्धारित 10 ओवर में प्रेस क्लब की महिला क्रिकेट खिलाड़ियों ने 94 रन का लक्ष्य दिया।

वहीं लक्ष्य का पीछा करते हुए लायंस स्कूल की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में निधरित रन नही बना पाए इस तरह से कोरबा प्रेस क्लब की टीम ने मैच पर जीत हासिल कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई प्रेस क्लब कोरबा के सभी सदस्यों ने महिला क्रिकेट टीम की जीत पर उन्हें बधाई दी ।

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कोरबा

कोरबा में चालू ट्रांसफार्मर से चोरी:किसान के खेत से पुर्जे निकाले, किसान परेशान, पुलिस जांच में जुटी

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कोरबा। कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत बरपाली गांव में एक किसान के खेत में लगे चालू बिजली ट्रांसफार्मर से कीमती पुर्जे चोरी हो गए। यह घटना चांपा मुख्य मार्ग स्थित बरपाली में बीती देर रात हुई। चोरों ने सक्रिय ट्रांसफार्मर को खोलकर उसके अंदर के महत्वपूर्ण पुर्जे निकाल लिए। सुबह जब किसान खेत पहुंचा, तब उसे ट्रांसफार्मर से छेड़छाड़ और चोरी का पता चला।

किसान शिवांश खत्री के खेत में यह ट्रांसफार्मर लगा था। चोरी के कारण खेती के कामकाज में बाधा आ रही है, जिससे किसान परेशान है। शिवांश खत्री ने प्रशासन से चोरी की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है।

चालू बिजली ट्रांसफार्मर की चोरी

चालू बिजली ट्रांसफार्मर की चोरी

ग्रामीणों की चोर को जल्द पकड़ने की मांग

ऐसे में क्षेत्र के पुलिस गश्त पर सवाल खड़े हो रहे है । ग्रामीणों का आरोप है कि चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने चोरों को जल्द पकड़ने की मांग की है। घटना की सूचना उरगा पुलिस को दे दी गई है। साथ ही बिजली विभाग को भी जानकारी दी गई है, ताकि ट्रांसफार्मर की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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