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छत्तीसगढ़

रायपुर : गणतंत्र के अमृतकाल में साहित्य उत्सव का आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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राष्ट्र निर्माण की बुनियाद में साहित्य की सदैव रही है निर्णायक भूमिका: मुख्यमंत्री साय

साहित्य आशा, साहस और सामाजिक चेतना जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम : उप सभापति हरिवंश

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का हुआ भव्य शुभारंभ: देशभर के 120 साहित्यकार, 42 सत्रों में करेंगे विचार-विमर्श

साहित्य आशा, साहस और सामाजिक चेतना जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम : उप सभापति श्री हरिवंश

रायपुर। राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में आज रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समारोह का आयोजन विनोद कुमार शुक्ल मंडप में किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री अरुण साव, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा तथा सुप्रसिद्ध रंगकर्मी एवं अभिनेता मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, वरिष्ठ पत्रकार अनंत विजय तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

साहित्य आशा, साहस और सामाजिक चेतना जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम : उप सभापति श्री हरिवंश

उद्घाटन अवसर पर अतिथियों के करकमलों से छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर आधारित पुस्तिका, एक कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य के साहित्यकार, जे. नंदकुमार द्वारा लिखित पुस्तक नेशनल सेल्फहुड इन साइंस, प्रो. अंशु जोशी की पुस्तक लाल दीवारें, सफेद झूठ तथा राजीव रंजन प्रसाद की पुस्तक तेरा राज नहीं आएगा रे का विमोचन किया गया।

साहित्य आशा, साहस और सामाजिक चेतना जागृत करने का सबसे सशक्त माध्यम : उप सभापति श्री हरिवंश

उप सभापति हरिवंश ने अपने संबोधन की शुरुआत छत्तीसगढ़ के महान साहित्यकार स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी साहित्य की एक समृद्ध और प्राचीन परंपरा रही है तथा इस प्रदेश ने अपनी स्थानीय संस्कृति को सदैव मजबूती से संजोकर रखा है। रायपुर साहित्य उत्सव के आयोजन में अत्यंत रचनात्मक दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कबीर के काशी से गहरे संबंधों का उल्लेख करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के कवर्धा से भी उनका विशेष जुड़ाव रहा है। उप सभापति हरिवंश ने कहा कि एक पुस्तक और एक लेखक भी दुनिया को बदलने की शक्ति रखते हैं।  उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि साहित्य समाज को दिशा देता है, आशा जगाता है, निराशा से उबारता है और जीवन जीने का साहस प्रदान करता है।

उपसभापति हरिवंश ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और 2047 तक विकसित भारत का संकल्प हमारा राष्ट्रीय लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भारत आज स्टील, चावल उत्पादन और स्टार्टअप्स के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश की आत्मनिर्भरता से दुनिया को नई दिशा मिली है और इस राष्ट्रीय शक्ति के पीछे साहित्य की सशक्त भूमिका रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है और इस पावन भूमि पर तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का शुभारंभ होना हम सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने देशभर से आए साहित्यकारों और साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 साहित्य का एक महाकुंभ है, जिसमें प्रदेश और देश के विभिन्न राज्यों से आए 120 से अधिक ख्यातिप्राप्त साहित्यकार सहभागिता कर रहे हैं। आयोजन के दौरान कुल 42 सत्रों में समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विषयों पर गहन विमर्श होगा। यह समय गणतंत्र के अमृतकाल और छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष का है, इसी भाव के अनुरूप इस उत्सव का आयोजन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम की तुलना समुद्र मंथन से करते हुए कहा कि जिस प्रकार समुद्र मंथन में विष और अमृत दोनों निकले, उसी प्रकार स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे सेनानियों ने विष रूपी कष्ट स्वयं सहकर आने वाली पीढ़ियों को आज़ादी का अमृत प्रदान किया। उन्होंने कहा कि हमारे अनेक स्वतंत्रता सेनानी लेखक, पत्रकार और वकील भी थे। माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा बिलासपुर जेल में रचित पुष्प की अभिलाषा जैसी रचनाओं ने देशवासियों को प्रेरित किया। माधवराव सप्रे की कहानी एक टोकरी भर मिट्टी को हिंदी की पहली कहानी माना जाता है। 

मुख्यमंत्री ने पंडित लोचन प्रसाद पांडेय, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और गजानन माधव मुक्तिबोध जैसे साहित्यकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी स्मृतियों को सहेजना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। राजनांदगांव में त्रिवेणी संग्रहालय का निर्माण इसी भावना का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव के मंडपों को विनोद कुमार शुक्ल, श्यामलाल चतुर्वेदी, लाला जगदलपुरी और अनिरुद्ध नीरव जैसे महान साहित्यकारों को समर्पित किया गया है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और साहित्य को नई पहचान दी। उन्होंने कहा कि कविता अन्याय के विरुद्ध प्रतिरोध करना सिखाती है और यही साहित्य की वास्तविक शक्ति है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित काव्यपाठ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल जी कवि हृदय थे और उनकी कविताओं ने करोड़ों लोगों को प्रेरणा दी। “हार नहीं मानूंगा…” जैसी पंक्तियाँ आज भी जनमानस को संबल देती हैं।

मुख्यमंत्री ने इमरजेंसी काल के दौरान साहित्यकारों की भूमिका को रेखांकित करते हुए दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख किया और कहा कि आज जब बड़ी संख्या में युवा साहित्यप्रेमी इस उत्सव में शामिल हो रहे हैं, तब यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में साहित्य का वातावरण उजला और सशक्त है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह तीन दिवसीय आयोजन एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस अवसर पर उन्होंने स्वर्गीय सुरेंद्र दुबे को भी नमन किया।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित इस उत्सव को साहित्य का महाकुंभ बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती ने हिंदी साहित्य को अनेक महान पुरोधा दिए हैं। वहीं डॉ. कुमुद शर्मा ने कहा कि अमृतकाल में आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी का संकल्प हमारे उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने साहित्य को आत्मबोध और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त माध्यम बताया तथा भारत को मानवीय संस्कृति की टकसाल कहा।

आयोजन के पश्चात अतिथियों एवं साहित्यकारों ने विभिन्न सत्रों में सहभागिता करते हुए समकालीन साहित्य, संस्कृति, लोकतंत्र और समाज से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। 
कार्यक्रम के दौरान साहित्य प्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही और विशेष रूप से युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का यह शुभारंभ साहित्यिक संवाद, विचारों के आदान-प्रदान और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।

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बच्चा चोरी की अफवाहें, जांजगीर-चांपा में पुलिस अलर्ट:एएसपी बोले..पेरेंट्स ना हो पैनिक, कानून हाथ में लेने पर होगी सख्त कार्रवाई

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले में बच्चा चोरी की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की तस्वीरें और वीडियो साझा कर उन्हें ‘बच्चा चोर’ बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले के किसी भी थाने में अब तक बच्चा चोरी की कोई पुख्ता शिकायत दर्ज नहीं हुई है।

इन भ्रामक सूचनाओं के कारण पेरेंट्स में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता और तनाव है। स्थिति इतनी संवेदनशील हो गई है कि राह चलते किसी भी अनजान व्यक्ति को संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है, जिससे मॉब लिंचिंग जैसी अप्रिय घटना का खतरा बढ़ गया है।

अफवाहों से बचे

मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) उमेश कश्यप ने जिलेवासियों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी संदिग्ध को देखते ही कानून अपने हाथ में न लें।

संदिग्ध होने पर हिंसा ना करें

एएसपी उमेश कश्यप ने अपने बयान में कहा, “जांजगीर-चांपा के नागरिकों से मेरी विनम्र अपील है कि यदि आपको कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है या बच्चा चोरी का संदेह होता है, तो उसके साथ हिंसक व्यवहार न करें। मारपीट करना या कानून को अपने हाथ में लेना अपराध है।” उन्होंने आगे कहा, “ऐसी किसी भी सूचना पर तुरंत 112 डायल करें, कंट्रोल रूम को सूचित करें या नजदीकी पुलिस थाना/चौकी में जानकारी दें। आप किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकते हैं और वैधानिक कार्रवाई में पुलिस का सहयोग करें।”

सोशल मिडिया पर भ्रम फ़ैलाने पर सख्त करवाई

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग सोशल मीडिया पर बिना किसी आधार के भ्रामक खबरें या वीडियो साझा कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की साइबर सेल लगातार ऐसी पोस्ट पर नजर रख रही है।

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सक्ती : आकस्मिक मृत्यु हो जाने के कारण 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत

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सक्ती। राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड-6 क्रमांक 4 परिशिष्ट “एक” प्राकृतिक आपदा से होने वाली क्षति के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता अनुदान के लिए निर्धारित मापदंडों तथा दरों के तहत चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृति दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सक्ती जिले के तहसील नया बाराद्वार अंतर्गत ग्राम रेडा़ निवासी मृतक स्व. नमन पैकरा को नहर के पानी में डूबने के कारण मृत्यु होने से निकटतम वारिस मृतक के माता श्रीमती ममता पैकरा पति नितिन कुमार पैकरा को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत चार लाख रूपये भुगतान किए जाने की स्वीकृति निर्धारित शर्तों के अधीन प्रदान की गई है।

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सक्ती : जिला पंचायत सीईओ वासु जैन ने जनपद पंचायत मालखरौदा में विभिन्न निर्माण कार्यों का किया औचक निरीक्षण

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जिला पंचायत सीईओ ने गुणवत्तापूर्ण व समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश

सक्ती। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सक्ती वासु जैन द्वारा जनपद पंचायत मालखरौदा के विभिन्न ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया। सीईओ श्री जैन द्वारा ग्राम पंचायत बंदोरा, करीगांव, किरकर एवं नवागांव में नाली निर्माण कार्य, मुक्तिधाम निर्माण, पीडीएस गोदाम निर्माण कार्य तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बन रहे आवासों का अवलोकन किया गया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों और हितग्राहियों को आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत करीगांव एवं नवागांव में नाली निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्वक तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनपद पंचायत मालखरौदा परिसर में किए जा रहे पेवर ब्लॉक निर्माण कार्य को भी गुणवत्तापूर्वक किए जाने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए गए। सीईओ श्री जैन ने मनरेगा योजना अंतर्गत समस्त तकनीकी सहायकों के साथ कार्यों की समीक्षा भी की गई। इस दौरान सभी तकनीकी सहायकों को नियमित रूप से फील्ड का दौरा करने तथा अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही उन्होंने जनपद पंचायत मालखरौदा में 15वें वित्त आयोग की राशि से क्रय किए गए पानी टैंकर को हरी झंडी दिखाकर ग्राम पंचायत के लिए रवाना किया गया।निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत मालखरौदा सीईओ संदीप कश्यप, सहायक परियोजना अधिकारी जिला पंचायत सक्ती बी.पी. साहू, एसडीओ ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक मनरेगा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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