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छत्तीसगढ़

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 : रमेन डेका राज्यपाल छत्तीसगढ़ का उदबोधन, पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर

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रायपुर।

प्रिय भाईयों, बहनों और प्यारे बच्चों…

77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आप सभी को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं…

यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता है। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्यों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।

हम इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार भगत सिंह, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर से लेकर शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर समेत उन सभी नायकों का स्मरण करते हैं, जिनके देश प्रेम और त्याग से हमें हमारा गणतंत्र प्राप्त हुआ।

आज के ही दिन हमें एक ऐसा संविधान प्राप्त हुआ, जो देश के सभी नागरिकों को स्वतंत्रता और समानता का अधिकार प्रदान करता है।

हम सबका सौभाग्य है कि हम विश्व के सबसे बड़े और सबसे सुंदर गणतंत्र में निवास करते हैं।

इस गणतंत्र का स्वप्न हमारे पुरखों ने देखा। बाबा गुरु घासीदास जी ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया। संविधान में समानता का अधिकार इस भावना को अभिव्यक्त करता है। शहीद वीरनारायण सिंह ने लोगों की भूख की पीड़ा देखी थी और इसे मिटाने के लिए अंग्रेजों से संघर्ष किया।

हम एक ऐसे लोककल्याणकारी राज्य में रह रहे हैं, जहां सामाजिक-आर्थिक न्याय के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ इन्हें लागू करने में मॉडल राज्य है। मुझे खुशी है कि छत्तीसगढ़ उन राज्यों में अग्रणी है, जहां सबसे पहले खाद्य सुरक्षा दी गई।

हमारे लिए संविधान पवित्र दस्तावेज है। 1975 में इमरजेंसी लगाकर इसे तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश हुई लेकिन हमारे लोकतंत्र सेनानियों के अदम्य साहस से यह कोशिश सफल नहीं हुई। छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जो अपने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ ही अपने लोकतंत्र सेनानियों का भी पूरा सम्मान करता है और उन्हें सम्मान निधि प्रदान करता है।

आज के दिन हम देश की सरहदों और आंतरिक सीमा में राष्ट्र की रक्षा के लिए जुटे जवानों के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। हम उन सभी नागरिकों के प्रति भी सम्मान प्रकट कर रहे हैं जो अपनी कड़ी मेहनत से राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगे हुए हैं। आप सभी की कोशिशों का ही परिणाम है कि भारत ने जापान को पीछे छोड़कर विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने का गौरव हासिल कर लिया है।

वर्ष 2000 में अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। रजत जयंती वर्ष में हमने छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया है और इसके लिए अंजोर विजन डाक्यूमेंट के रूप में रोडमैप भी तैयार किया है।

मुझे विक्टर ह्यूगो (victor hugo) का कथन याद आता है कि दुनिया की कोई भी ताकत उस विचार को रोक नहीं सकती, जिसका समय आ गया है। भारत विकसित देशों की कतार में खड़ा होने के लिए तेजी से बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप हम भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

देश के 19 प्रतिशत से अधिक आयरन का उत्पादन हम करते हैं। 20-20 प्रतिशत सीमेंट, एल्यूमीनियम और कोयले का उत्पादन हमारे प्रदेश में होता है और हम देश का पॉवर हब बनने की ओर अग्रसर हैं।

देश के सबसे बड़े रेलवे पुल चिनाब में हमारे भिलाई स्टील प्लांट का फौलाद है। देश की नौसेना सरहदों को संभालने वाले आईएनएस विक्रांत में हमारा फौलाद है। मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी लिंक ब्रिज में छत्तीसगढ़ में तैयार स्टील इस्तेमाल हुआ है। विकसित भारत मैन्युफैक्चरिंग की उछाल से बनेगा और कोर सेक्टर के मामले में सबसे अधिक संभावनाएं छत्तीसगढ़ में है।

छत्तीसगढ़ देश के सबसे तेजी से उभरते हुए राज्यों में से एक है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में तेजी से अधोसंरचना का विस्तार हुआ है। विशाखापट्नम एवं रांची को जोड़ने वाली एक्सप्रेस वे तैयार हो रही है। PMGSY से कोने-कोने में ग्रामीण सड़कें बिछ गई हैं। वर्ष 2014 से अब तक रेलवे के जो प्रोजेक्ट्स बने हैं और जो पाइपलाइन में हैं उन्हें शामिल किया जाए तो रेलवे ट्रैक की लंबाई उतनी ही होती है जितना रेलवे के इतिहास से वर्ष 2014 तक बिछी थी। खरसिया-परमालकसा जैसे रेलवे ट्रैक के माध्यम से

छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को जोड़ा जा रहा है। वन्दे भारत जैसी अत्याधुनिक और सुविधापूर्ण ट्रेन नागरिकों को मिली हैं। उड़ान योजना के तहत प्रदेश के एयरपोर्ट्स को अपग्रेड किया गया है और प्रदेश को देश के प्रमुख शहरों से बढ़िया कनेक्टिविटी मिली है। रायपुर एयरपोर्ट से कार्गो की शुरूआत भी हो चुकी है।

हमारी नई औद्योगिक नीति ने प्रदेश में निवेश के लिए नई संभावनाएं पैदा की हैं। 7 लाख 83 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव राज्य को मिले हैं। इनसे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

बरसों तक छत्तीसगढ़ ने माओवादी हिंसा की यातना झेली है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमने सुनियोजित रणनीति के माध्यम से माओवाद के विरुद्ध लड़ाई छेड़ी।

मैं प्रदेश के बहादुर जवानों के साहस की भरपूर प्रशंसा करता हूँ। आप लोगों ने रात-दिन जागकर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी अपना मनोबल ऊंचा रखा है। हमारे जवानों ने जहर फैलाने वाले माओवाद के थिंकटैंक को न्यूट्रलाइज किया है।

हमने माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतंत्र में आस्था प्रकट करने की अपील की। बहुत से माओवादियों ने हिंसा को छोड़कर संविधान को अपनाया।

हमने नक्सलियों के पुनर्वास की नई नीति तैयार की। दो सालो में ही 2500 से अधिक नक्सलियों ने संविधान में आस्था प्रकट की। बस्तर की धरती से हम इस साल के मार्च महीने तक माओवाद को पूरी तरह से समाप्त कर देंगे।

बस्तर ने माओवाद का बड़ा नुकसान सहा है। अब बस्तर के जख्मों को तेजी से भरने का काम हमें करना है। इसके लिए हमने ठोस Roadmap तैयार किया है। नई औद्योगिक नीति में जनजातीय क्षेत्रों में निवेश पर सर्वाधिक अनुदान प्रावधान हैं। जनजातीय लोगों के लिए उद्यम आरंभ करने पर सस्ती जमीन और विशेष रियायतें हैं। एक हजार करोड़ के निवेश अथवा 1000 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार देने पर विशेष अनुदान की व्यवस्था भी है।

नियद नेल्ला नार (Niyad Nella Naar) जैसी योजनाओं के माध्यम से नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन इलाकों में सतत विकास पर जोर रहा है

ताकि स्थानीय वनोपज आदि संसाधनों के बेहतर दोहन से जनजातियों की आय बढ़े। वन धन केंद्रों के माध्यम से संग्राहकों को संग्रहण का उचित भुगतान हो रहा है।

प्रधानमंत्री द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना आदि प्रमुख योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में व्यापक विकास कार्य कराए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं आदि कर्मयोगी अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया है।

बस्तर में बंद पड़े अनेक स्कूल हमने पुनः आरंभ किये हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का नेतृत्व इन्हीं स्कूलों में से निकले प्रतिभाशाली बच्चे करेंगे।

माओवादी हिंसा के चलते प्रदेश के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं भी ठप पड़ी थीं। अब इनका कायाकल्प (Rejuvenation) हो रहा है। सुकमा के चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ। अब यहां सीजेरियन डिलीवरी भी हो रही है। मोबाइल मेडिकल वैन दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में भी पहुंच रही हैं। अभी पिछले महीने ही 51 मोबाइल मेडिकल वैन को विशेष पिछड़ी जनजाति वाली बसाहटों के लिए भेजा गया है।

MBBS की पढ़ाई हिंदी में शुरू होने से जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को भी सुविधा हो रही है। दंतेवाड़ा के गीदम में मेडिकल कालेज शुरू होने से स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ मेडिकल एजुकेशन का विस्तार होगा।

शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण भी है। बच्चों के समग्र विकास में शिक्षा की अहम भूमिका को देखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया गया है। इसके माध्यम से बच्चे भारत के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति के साथ ही आधुनिक ज्ञान-विज्ञान भी सीख रहे हैं।

Newton और Galileo की तरह ही आर्यभट्ट (Aryabhatta) और ब्रह्मगुप्त (Brahmagupta) जैसे हमारे खगोलविदों और गणितज्ञों ने आज से सैकड़ों बरस पहले ऐसे गणितीय सूत्रों को खोजा, जिससे यूनिवर्स की हमारी समझ मजबूत हुई, दुर्भाग्य से इन्हें सिलेबस में मामूली जगह दी गई। अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इन्हें शामिल किया गया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषाओं में बच्चों को पढ़ाने पर फोकस किया गया है इसे ध्यान में रखकर प्रदेश में स्थानीय भाषाओं में शिक्षा दी जा रही है। इससे बच्चों का शिक्षा के प्रति फोकस बढ़ा है।

दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था हो, इसके लिए Rationalization को अपनाया गया है। विद्या समीक्षा केंद्रों के माध्यम से 9 हजार स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाए जा रहे है। उच्च शिक्षा में भी हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया है। नवा रायपुर को हम एजुकेशन हब के रूप में तैयार कर रहे हैं। यहां National Institute of Fashion Technology, National Institute of Electronics & Information Technolony, National Forensic Sciences University जैसी संस्थाएं आरंभकर रहे हैं।

युवाओं के skills training की भी हमने भरपूर व्यवस्था की है। लाइवलीहुड कालेज के माध्यम से हर साल कुशल युवा तैयार किये जा रहे हैं। इस साल 13 हजार युवा लाइवलीहुड कालेज से प्रशिक्षित हुए हैं।

नई औद्योगिक नीति में कोर सेक्टर के साथ ही आधुनिक समय के आईटी, एआई, फार्मा जैसे सेक्टर में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं। मुझे इस बात की हार्दिक खुशी है कि छत्तीसगढ़ आधुनिक उद्योगों की स्थापना में भी आगे है। यहां सेमीकंडक्टर प्लांट का काम प्रगति पर है। एआई डाटा सेंटर पार्क अस्तित्व में आ रहा है। आईटी सेक्टर भी तेजी से तरक्की कर रहा है।

हमारा प्रदेश कृषि प्रधान है। हमारी सरकार किसानों को फसल का सबसे अच्छा मूल्य दे रही है। हम किसानों से 3100 रुपए प्रति Quintal तथा 21 Quintal प्रति acre धान खरीदी कर रहे हैं।

हम जैविक खेती को विशेष रूप से प्रोत्साहित कर रहे हैं। पूरी दुनिया में आर्गेनिक फूड की डिमांड बढ़ी है। छत्तीसगढ़ की जमीन organic farming के लिए काफी अनुकूल है।

देश-दुनिया में Millets की मांग भी तेजी से बढ़ी है। हमारे किसानों के लिए इस क्षेत्र में काफी अवसर हैं। कृषि के साथ पशुपालन को भी महत्व दे रहे हैं। एनडीडीबी से प्रदेश के मिल्क फेडरेशन का एमओयू होने के बाद तेजी से इस पर काम हो रहा है। ड्रोन दीदी को ड्रोन से कीटनाशकों का छिड़काव करते देखना सुखद है। यह बताता है कि खेती काफी हाईटेक हो चुकी है और इसमें महिलाएं भी पीछे नहीं है।

हमारी मातृशक्ति के खाते में महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं। यह उनकी मेहनत का सम्मान है। प्रदेश की करीब 70 लाख महिलाएं इस पैसे से अपनी जरूरत पूरा करने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई और भविष्य में निवेश कर रही है।

प्रधानमंत्री जी ने बीते वर्षों में महिला सशक्तीकरण के लिए अनेक बड़े निर्णय लिये, इनमें से एक महत्वपूर्ण लक्ष्य देश में तीन करोड़ लखपति दीदी देश भर में तैयार करने का भी है। छत्तीसगढ़ में भी इस लक्ष्य को लेकर तेजी से कार्य हो रहा है और अब तक प्रदेश में 4 लाख 93 हजार लखपति दीदी बन चुकी हैं।

हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना से कार्य कर रही है। तरक्की की राह पर सबको जोड़ने के उद्देश्य से दिव्यांगजनों की बेहतरी के लिए भी अनेक निर्णय लिये गये हैं। दिव्यांगजनों के हित में राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की बकाया ऋण राशि एकमुश्त वापस की गई, ताकि निगम द्वारा दिव्यांगजनों को शिक्षा एवं स्वरोजगार के लिए 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा सके।

प्रधानमंत्री जी की फ्लैगशिप योजनाएं किस तरह आपस में समन्वय से काम करती हैं इसका सुंदर उदाहरण प्रधानमंत्री आवास योजना है। प्रदेश में हमने 18 लाख आवास मंजूर किये, इन घरों में Centering लगनी थी। इनकी Supply Self Help Groups ने की, हमारी 8 हजार से अधिक Self Help Group की बहनें इस योजना के लिए Centering तथा निर्माण सामग्री की Supply में लगी और ऐसा करते हुए वे लखपति दीदी बन चुकी हैं।

सम्मानित अटल जी ने हमारे राज्य का निर्माण किया है। वे सुशासन को सबसे ज्यादा महत्व देते थे। हमारी सरकार ने सुशासन को हर स्तर पर अपनाया है। E-Office के आ जाने से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है तथा निर्णय लेने की गति तेज हुई है। Biometric System से सरकारी कामकाज बेहतर हो रहा है।

मोदी जी ने वर्ष 2070 तक Zero carbon emissions का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ इस उद्देश्य को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। हमारे यहां तेजी से Green energy को अपनाया जा रहा है। ग्रीन स्टील के निर्माण में हमारी अग्रणी भूमिका होगी। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत अब तक 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाये गये हैं।

भविष्य में जल संकट से निपटना भी हमारी महत्वपूर्ण चुनौती है। इसके लिए राज्य सरकार कई स्तर पर काम कर रही है। हम नदियों को जोड़ने के लिए सर्वे आरंभ कर रहे हैं। इंद्रावती और महानदी जैसी नदियों को जोड़ने से एक-एक बूंद का इस्तेमाल सही तरह से हो सकेगा। पानी की हर बूंद को बचाने के लिए हम शहरों में वाटर हारवेस्टिंग का काम प्राथमिकता से कर रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में मिशन मोड पर भू-जल संवर्धन के लिए स्ट्रक्चर बनाए हैं। 2 सालों में एक हजार से अधिक नये तालाब खोदे गये तथा 5 हजार से अधिक तालाबों का रिनोवेशन किया गया है। अमृत सरोवर योजना फेस-2 के तहत 10 हजार से अधिक डबरी तथा 72 सरोवर बनाये गये हैं। पानी के विवेकपूर्ण

इस्तेमाल पर जितनी ज्यादा जागरूकता बढ़ेगी, हम जल संकट से उतना ही दूर रहेंगे। तालाब और डबरी निर्माण के लिए लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है। विशेषकर हम बड़े किसानों को अपने खेतों में तालाब निर्माण के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

प्लास्टिक प्रदूषण आज के समय की अहम समस्या है। माइक्रो प्लास्टिक का प्रदूषण इस सीमा तक पहुंच गया है कि रिसर्च में माँ के दूध में भी इसके कण मिले हैं। इस गंभीर समस्या का सामना करने के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। प्लास्टिक के उपयोग के खतरों के संबंध में लगातार जागरूकता अभियान शासन द्वारा चलाये जा रहे हैं। इन अभियानों का अच्छा असर हो रहा है और लोग अब इनके इस्तेमाल से कतराने लगे हैं।

बीते एक दशक में प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से देश की सूरत को संवारने में अहम भूमिका निभाई है। स्वच्छता सर्वेक्षण के माध्यम से नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के संबंध में अग्रणी रहने की ललक बढ़ी है। स्वच्छता सर्वेक्षण में रायपुर को प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला और गार्बेज फ्री सिटीज की रेटिंग में 7 स्टार मिला। तीन लाख से

दस लाख जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में बिलासपुर को पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। बिल्हा को 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में प्रथम स्थान मिला। यह गौरव की बात है कि प्रधानमंत्री जी ने मन की बात में बिल्हा की स्वच्छता दीदियों की प्रशंसा की।

आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए उपयोगी अधोसंरचना तैयार की गई है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में 81 लाख परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाये गये हैं। 4 लाख 96 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाये गये हैं। स्वास्थ्य से जुड़े हुए सभी कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य की 4106 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो गई हैं तथा इसके उपचार की सफलता दर 90 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत हो गई है।

हमारा प्रदेश सिकल सेल की समस्या से जूझता रहा है। इस संकट से उबरने के लिए प्रभावी कार्य किये गये हैं। दो वर्षों में 1 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को जेनेटिक कार्ड वितरण हो चुका है और कुल 1 करोड़ 52 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर ली गई है।

अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 2 लाख 81 हजार से अधिक मोतियाबिंद आपरेशन हुए हैं। मोतियाबिंद आपरेशन के लिए शासन ने एम्स से भी एमओयू किया है। परीक्षा से पूर्व बच्चों का आई टेस्ट कर लिया जाए, इसके पुख्ता इंतजाम किये गये हैं और इसके तहत 1 लाख 62 हजार चश्मों का वितरण स्कूली बच्चों को किया गया है।

राज्य की रजत जयंती के अवसर पर हमने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का आयोजन किया। हमने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया। हमने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन भी किया। अब ट्राइबल खेलों की मेजबानी भी करने जा रहे हैं।

गणतंत्र दिवस का शुभ दिन राष्ट्र के लिए नये संकल्प लेने का भी दिन होता है। आइये यह संकल्प लें कि विकसित छत्तीसगढ निर्माण में अपनी पूरी भागीदारी देंगे।

मैं आप सभी को पुनः गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

जय भारत, जय छत्तीसगढ़

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कोरबा

अडानी कोरबा पॉवर लिमिटेड संयंत्र में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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श्रमिकों एवं कर्मचारियों ने ली मज़बूत लोकतंत्र के निर्माण करने की शपथ

कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में जिले में 5 अक्टूबर 2026 से प्रारम्भ होकर 31 अक्टूबर 2026 तक “विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान”(Special Drive For Voter Registration) व्यापक रूप से संचालित किया जा रहा हैं।

इस कड़ी में दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को अडानी पॉवर लिमिटेड संयंत्र पताड़ी उरगा में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में युवा मतदाताओं को मतदाता सूची के “विशेष अभियान” में जोड़ने के लिए, ग्रामीण मतदाताओं का मतदाता सूची में पंजीकरण करने तथा उन्हें मतदान का महत्व बताने के लिए अडानी पॉवर प्लांट कम्युनिटी हॉल में “मतदाता जागरूकता कार्यक्रम” आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने उपस्थित श्रमिकों, प्लांट के अधिकारी-कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मज़बूत लोकतंत्र के निर्माण में प्रत्येक मतदाता के वोट का महत्व को बताया। श्री सिंह ने कहा कि जिले में मतदाता सूची से छूटे हुए सभी पात्र नागरिकों तथा पहली बार मतदाता बनने के लिए पात्र बने युवाओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान दिनांक 5 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होकर 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा हैं।

इस विशेष पंजीकरण अभियान के अंतर्गत मतदाता पंजीकरण हेतु मतदाता सूची में वर्तमान में अपंजीकृत व्यक्ति या जिसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया हो, ऐसा कोई भी व्यक्ति इस विशेष अभियान के दौरान पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता हैं। ऐसे मतदाताओं का चिन्हांकन कर, उनके पंजीकरण का कार्य किया जा रहा हैं।
उन्होंने उपस्थित श्रमिकों, प्लांट के अधिकारी- कर्मचारियों से अपने परिवार, समुदाय तथा अपने संपर्क के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं का मतदाता सूची में पंजीकरण करवाने के लिए अपील की।

सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि विशेष पंजीकरण अभियान के तहत मतदान केंद्रों के बूथ लेवल अधिकारी BLO द्वारा घर-घर भ्रमण करके मतदाता सूची के निरंतर अद्धतीकरण की प्रक्रिया में सभी पात्र नागरिकों का पंजीकरण किया जा रहा हैं। इसका लाभ उठाते हुए सभी पात्र मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में पंजीकरण करा सकते हैं।

सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने कहा कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना हैं कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज होने से वंचित न रहे।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पात्र नए युवा मतदाता फॉर्म-6 के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने उपस्थितजनों को बताया कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र नागरिकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध हैं। पात्र नागरिक मोबाइल एप अथवा निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर नए मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भरने के साथ आवेदन की स्थिति देखने और मतदाता सूची में अपना नाम खोजने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी से अपील की, कि वें मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें और नाम शामिल नहीं होने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत् अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। सभी मतदान केंद्रों में ऑफलाइन आवेदन के लिए भी फॉर्म- 6 बीएलओ, ईआरओ, एईआरओ, जिला निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि इस विशेष पंजीकरण अभियान में 17 वर्ष आयु से अधिक के युवाओं के लिए सभी शासकीय-अशासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों, महाविद्यालयों में भी प्राचार्य के माध्यम से पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भरा जा सकता हैं।
इस अवसर पर समीर कुमार मित्रा चीफ़ बिज़नेस ऑफिसर अडानी पॉवर लिमिटेड ने सभी उपस्थितजनों को अनिवार्य रूप से मतदान करने के लिए अपना नाम तथा अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम मतदाता सूची में पंजीकरण करवाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने अडानी पॉवर लिमिटेड के समीपस्थ सभी ग्रामीण क्षेत्रों, ग्रामों, हाट-बाजारों में संयंत्र की ओर से मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम के अंत में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने सभी श्रमिकों, अधिकारी-कर्मचारियों को मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम का संचालन ताजेंद्र कुमार बंजारे सीएसआर हेड अडानी फाउंडेशन ने किया।
कार्यक्रम मे अडानी पॉवर लिमिटेड संयंत्र के अधिकारीगण- मूला रवि ओ एंड एम हेड, एम एस विश्वकर्मा ऑपरेशनल हेड, बृजेश द्विवेदी एम टी पी हेड, आशीष अनसिंगकर ऑपरेशंस, प्रवीण चंदवादकर सी एंड आई हेड, अंशुल गौरहा ओ एंड एम अडानी पॉवर लिमिटेड सहित अन्य अधिकारी- कर्मचारी, श्रमिकगण उपस्थित थे।

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कोरबा

फसल विविधीकरण को बढ़ावा दें, किसानों का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करें-कलेक्टर

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खरीफ में धान का रकबा 2,961 हेक्टेयर घटा, रबी पड़ती भूमि में 10 प्रतिशत अतिरिक्त क्षेत्राच्छादन का लक्ष्य

कोरबा, 27 अक्टूबर 2026। कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में 23 अक्टूबर को बिलासपुर के मंथन सभागार में खरीफ 2026 की प्रगति और रबी 2026-27 के प्रस्तावित कार्यक्रम की संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कृषि विभाग के मैदानी अमले की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में खरीफ फसल क्षेत्राच्छादन, फसल विविधीकरण, रबी पड़ती भूमि में अतिरिक्त खेती, ग्रीष्मकालीन धान का रकबा कम करने, प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) की प्राइस सपोर्ट स्कीम, वैकल्पिक पोषण प्रबंधन, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना तथा एकीकृत किसान पोर्टल पर किसानों के पंजीयन की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने किसानों को धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन सहित अन्य फसलें लेने के लिए प्रोत्साहित करने और समय-सीमा में पंजीयन कराने के निर्देश दिए।

दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ाने और रबी की तैयारी पर जोर

समीक्षा में बताया गया कि खरीफ 2026 में जिले में धान का रकबा 2,961 हेक्टेयर कम हुआ है। किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करते हुए धान के स्थान पर अन्य फसल लेने पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तथा धान के अतिरिक्त अन्य फसल लेने पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर समय-सीमा में पंजीयन कराने को कहा गया। पीएम-आशा की प्राइस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत अधिसूचित दलहन एवं तिलहन फसलों के उपार्जन के लिए भी किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए।
रबी 2026-27 में रबी पड़ती भूमि पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत क्षेत्र में खेती बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर ने जलभराव वाले क्षेत्रों को छोड़कर शेष क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन धान का रकबा शून्य करने तथा किसानों की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण बीज का भंडारण और वितरण सुनिश्चित करने को कहा। करतला विकासखंड में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सूरजमुखी की खेती कराने और जिले में दलहन-तिलहन का क्षेत्र विस्तार 10 हजार हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य दिया गया।
कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत किसानों का चौम्प्स पोर्टल पर पंजीयन कर लक्ष्य के अनुसार कृषि यंत्र वितरित करने तथा सूक्ष्म सिंचाई के अंतर्गत 700 हेक्टेयर के लक्ष्य के अनुरूप स्प्रिंकलर पंप सेट के लिए किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए योजना से जुड़े किसानों के रकबे का पीजीएस प्रमाणीकरण कराने को कहा गया। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारियों ने पीजीएस प्रमाणीकरण की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान सम्मान निधि और उर्वरक वितरण की समीक्षा

कलेक्टर ने प्रत्येक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को 250 मृदा नमूने एकत्र करने और जिले में कुल 25 हजार मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड योजना से सभी पात्र किसानों को जोड़ने पर भी जोर दिया।
बैठक में कृषि विभाग के मैदानी अमले को टोकन और क्यूआर कोड के माध्यम से उर्वरक वितरण के लिए नवीन मोबाइल ऐप का प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि किसानों को योजनाओं की जानकारी देने, पंजीयन कराने और विभागीय लक्ष्यों की पूर्ति के लिए मैदानी अमला गांवों में सक्रियता से कार्य करे।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन , उप संचालक कृषि, सहायक संचालक कृषि तथा बीज निगम एवं बीज प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारियों सहित कृषि विभाग का मैदानी अमला उपस्थित रहा।

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कोरबा

इमलीछापर-गेवरा रेलवे स्टेशन मार्ग स्ट्रीट लाइट से हुआ रोशन

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सीएसआर मद से 1 करोड़ 89 लाख 99 हजार रुपये की तकनीकी स्वीकृति, भारी वाहनों सहित राहगीरों को मिलेगी सुविधा

कोरबा 27 अक्टूबर 2026। सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत सर्वमंगला – इमलीछापर मार्ग से गेवरा रेलवे स्टेशन तक महत्वपूर्ण सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर सीएसआर मद से इस कार्य के लिए 1 करोड़ 89 लाख 99 हजार रुपये की तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई थी। विद्युत यांत्रिकी विभाग द्वारा स्ट्रीट लाइट स्थापना का कार्य पूरा किया जा रहा है।

लगभग 5.55 किलोमीटर लंबे सर्वमंगला – इमलीछापर मार्ग तक स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। इन मार्गों पर भारी वाहनों सहित बड़ी संख्या में अन्य वाहन लगातार आवागमन करते हैं। सड़क बनने के बाद रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी होती थी। अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती थी।
स्ट्रीट लाइट शुरू होने से मार्ग पर रोशनी की बेहतर व्यवस्था हुई है। इससे रात में आवागमन अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होगा तथा वाहन चालकों को रास्ता देखने में मदद मिलेगी। क्षेत्रवासियों और इस मार्ग से नियमित गुजरने वाले लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।

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