खेल
ऋषभ पंत IPL इतिहास के सबसे महंगे क्रिकेटर:लखनऊ ने 27 करोड़ की बोली लगाकर खरीदा, श्रेयस को पंजाब ने 26.75 करोड़ दिए
नई दिल्ली,एजेंसी।विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत IPL इतिहास के सबसे महंगे क्रिकेटर बन गए हैं। सऊदी अरब के जेद्दाह में चल रहे IPL मेगा ऑक्शन में लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 27 करोड़ रुपए में खरीदा।
इसी ऑक्शन में IPL इतिहास के दूसरे सबसे महंगे खिलाड़ी श्रेयस अय्यर बने। उन्हें पंजाब किंग्स ने 26.75 करोड़ की बोली लगाकर खरीदा। इस ऑक्शन में बिकने वाले वह पहले कप्तान हैं। केएल राहुल पर बोली लगना अभी बाकी है।
IPL ऑक्शन के हाईलाइट्स…
- मिचेल स्टार्क को 11.75 करोड़ में दिल्ली ने खरीदा। पिछले सीजन 24.75 करोड़ में कोलकाता ने खरीदा था। इस बार कीमत करीब आधी हुई।
- दो कप्तानों श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत पर 53.75 करोड़ में पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स ने खरीदा।
- 110 करोड़ में बिके शुरुआती 6 खिलाड़ी। इनमें अर्शदीप, श्रेयस, पंत और बटलर भी शामिल हैं।
- डेविड मिलर अब लखनऊ की टीम में

दूसरी सेट से कैप्ड प्लेयर डेविड मिलर को लखनऊ ने 7.5 करोड़ रुपए में खरीदा। उनका बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए था। पिछले सीजन में साउथ अफ्रीकन बैट्समैन डेविड मिलर गुजरात के लिए खेले थे और उन्होंने 9 मैचों में 210 रन बनाए थे।
शमी 10 करोड़ में बिके, हैदराबाद ने खरीदा
दूसरी मार्की लिस्ट से कैप्ड प्लेयर मोहम्मद शमी को हैदराबाद ने 10 करोड़ रुपए में खरीदा। उनका बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए था।
पिछले सीजन में इंडियन पेसर शमी इंजरी की वजह से नहीं खेले थे। इससे पहले वे 2023 में गुजरात के लिए खेले थे। इस सीजन में उन्होंने 17 मैच में 28 विकेट लिए थे और टूनामेंट के पर्पल कैप होल्डर भी रहे थे।
पंत IPL इतिहास में सबसे महंगे, अब लखनऊ के लिए खेलेंगे
भारतीय विकेटकीपर बैट्समैन ऋषभ पंत को लखनऊ ने 27 करोड़ रुपए में खरीदा। इसके साथ ही वे IPL इतिहास के सबसे महंगे प्लेयर बन गए हैं। पंत से पहले अय्यर को पंजाब ने 26.75 करोड़ रुपए में खरीदा है।
पंत के लिए शुरुआत में लखनऊ और बेंगलुरु ने बोली लगाई। 11.75 करोड़ रुपए के बाद में सनराइजर्स हैदराबाद ने एंट्री की, लेकिन आखिरी बोली लखनऊ ने 20.75 करोड़ रुपए की लगाई। इसके बाद दिल्ली ने अपना RTM कार्ड यूज किया, जिसके बाद ऑक्शनर ने लखनऊ से उनकी फाइनल बिड पूछी, जिसपर टीम ने सबसे बड़ी बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल किया।
पंत को 2020 में दिल्ली ने अपना कप्तान बनाया था। इसके बाद अगले साल कार एक्सीडेंट हो जाने की वजह से वे टीम से बाहर हो गए थे। 2024 में वापसी करते हुए पंत ने दोबारा दिल्ली की कप्तानी की थी। उन्होंने 13 मैचों में 446 रन बनाए थे, जिसमें 3 फिफ्टी शामिल थीं।
110 करोड़ में बिके शुरुआती 6 खिलाड़ीपहले सेट में 6 खिलाड़ियों पर बोली लगी। 4 टीमों ने इन प्लेयर्स पर 110 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। लखनऊ सुपरजायंट्स ने 27 करोड़ में ऋषभ पंत और पंजाब किंग्स ने 26.75 करोड़ रुपए में श्रेयस अय्यर को खरीदा। अर्शदीप सिंह 18 करोड़, जोस बटलर 15.75 करोड़, मिचेल स्टार्क 11.75 करोड़ और कगिसो रबाडा 10.75 करोड़ रुपए में बिके।
43 मिनट पहले
स्टार्क को दिल्ली ने 11.75 करोड़ में खरीदा
ऑस्ट्रेलियन पेसर मिचेल स्टार्क को दिल्ली कैपिटल्स ने 11.75 करोड़ रुपए में खरीदा। स्टार्क पिछली बार हुए मिनी ऑक्शन में IPL इतिहास के सबसे महंगे प्लेयर बने थे, उन्हें कोलकाता ने 24.75 करोड़ रुपए में खरीदा था। स्टार्क पिछले सीजन कोलकाता के लिए खेले थे, उन्होंने 14 मैचों में 17 विकेट लिए थे।
जोस बटलर अब गुजरात में, 15.75 करोड़ में खरीदा
मार्की लिस्ट में नंबर-1 प्लेयर जॉस बटलर को गुजरात टाइटंस ने 15.75 करोड़ रुपए में खरीदा। उनकी बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए थी। इंग्लैंड के व्हाइट बॉल कैप्टन जोस पिछले सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेले थे। उन्होंने 2024 के 11 मैचों में 359 रन बनाए थे, इनमें 2 शतक शामिल थे।
श्रेयस अय्यर IPL इतिहास में दूसरे सबसे महंगे क्रिकेटर
मार्की लिस्ट से तीसरे कैप्ड प्लेयर श्रेयस अय्यर को पंजाब ने 26.75 करोड़ रुपए में खरीदा। इसके साथ ही वे IPL इतिहास के सबसे महंगे प्लेयर बन गए। हालांकि, उनके बाद ऋषभ पंत 27 करोड़ रुपए में बिक गए। उनकी बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए थी। अय्यर से पहले ऑस्ट्रेलियन पेसर मिचेल स्टार्क को पिछले मिनी ऑक्शन में कोलकाता ने 24.75 करोड़ रुपए में खरीदा था।
अय्यर ने एक दिन पहले सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मुंबई से खेलते हुए गोवा के खिलाफ 57 बॉल में नाबाद 130 रन बनाए थे। अय्यर पिछले साल कोलकाता के लिए खेले थे और उन्होंने टीम की कप्तानी कर पिछले IPL का टाइटल भी जिताया था।
कगीसो रबाडा गुजरात टीम में, 10.76 करोड़ मिले
मार्की लिस्ट से दूसरे कैप्ड प्लेयर्स कगिसो रबाडा को गुजरात ने 10.75 करोड़ रुपए में खरीदा। कगिसो पहले पंजाब के लिए खेलते थे। उनका बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए था।
अर्शदीप को पंजाब किंग्स ने 18 करोड़ में रोकामार्की लिस्ट से पहले कैप्ड प्लेयर्स अर्शदीप सिंह को RTM कार्ड का यूज कर पंजाब किंग्स ने 18 करोड़ रुपए में खरीदा। पंजाब से पहले सनराइजर्स हैदराबाद ने अर्शदीप पर सबसे ज्यादा 15.75 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। इसके बाद पंजाब ने RTM कार्ड यूज किया, जिसके बाद ऑक्शनर ने हैदराबाद से उनकी फाइनल बिड पूछी थी, जिसे हैदराबाद ने 18 करोड़ बताया था। अर्शदीप का बेस प्राइस 2 करोड़ रुपए था
मेगा ऑक्शन के बारे में जाने सबकुछ, जेद्दा में क्यों? कहां देख सकेंगे?24 नवंबर को दोपहर 3 बजे नीलामी शुरू होगी। रात 8 बजे तक बोली लगेगी, बाकी खिलाड़ी अगले दिन दोपहर 3 बजे से ही बिकना शुरू होंगे।
BCCI मेगा ऑक्शन को ग्लोबल इवेंट बनाने के लिए पिछले कुछ सालों से इसे विदेश में होस्ट करने की कोशिश कर रहा है। पिछला ऑक्शन भी दुबई में था। उससे पहले सभी नीलामी भारत में ही हुई।
मेगा ऑक्शन 3 साल में एक बार होता है, पिछला ऑक्शन 2022 IPL से पहले हुआ था। मेगा ऑक्शन में टीमें बहुत कम खिलाड़ी रिटेन कर सकती हैं। इस बार 6 खिलाड़ियों को रिटेन करने की लिमिट थी।
मेगा ऑक्शन के बीच मिनी ऑक्शन होते हैं, जिसमें टीमें ज्यादा खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती हैं। 2023 और 2024 IPL के लिए मिनी ऑक्शन ही हुए थे। ऑक्शन को टीवी पर ‘स्टार स्पोर्ट्स चैनल’ और ऑनलाइन ‘जियो सिनेमा’ पर देख सकेंगे। साथ ही दैनिक भास्कर ऐप पर आप इसकी लाइव कवरेज फॉलो कर सकते हैं।
खेल
पहली बार छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी का इंडिया A में चयन:आयुष पांडेय श्रीलंका के खिलाफ खेलेंगे, 25 जून से होने वाले 4 दिवसीय-सीरीज में दिखेंगे
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। प्रदेश के रणजी खिलाड़ी और बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज आयुष पांडे का चयन भारतीय ए टीम में हुआ है। राज्य में यह पहली बार है, जब किसी खिलाड़ी का चयन भारतीय ए टीम के लिए हुआ है।

आयुष 25 जून 2026 से शुरू होने वाली श्रीलंका ए के खिलाफ चार दिवसीय सीरीज में भारत ए टीम का हिस्सा होंगे। आयुष पांडे ने पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में छत्तीसगढ़ की ओर से शानदार प्रदर्शन किया था।
उन्होंने 7 मैचों की 13 पारियों में 57.30 की औसत से 573 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 2 शतक और 2 अर्धशतक निकले। उनका सर्वोच्च स्कोर 183 रन रहा। रणजी ट्रॉफी में लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर आयुष का चयन दलीप ट्रॉफी के लिए भी हुआ था।
वहां भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। दलीप ट्रॉफी में 2 मैचों की 3 पारियों में उन्होंने 53.92 की औसत से 102 रन बनाए।
भारत A टीम क्या है?
भारत A टीम को भारतीय क्रिकेट की “दूसरी राष्ट्रीय टीम” या राष्ट्रीय टीम की फीडर टीम कहा जाता है। इसमें घरेलू क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, विजय हजारे आदि) में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मौका दिया जाता है।
इसका मुख्य उद्देश्य सीनियर भारतीय टीम के संभावित खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसी प्रतिस्पर्धा में परखना होता है।

भारत A टीम का रोल क्या होता है?
- सीनियर भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों की तैयारी करना।
- घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच की खाई को कम करना।
- चयनकर्ताओं को यह देखने का मौका देना कि खिलाड़ी विदेशी या मजबूत विपक्ष के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करता है।
- टेस्ट क्रिकेट के संभावित खिलाड़ियों को लंबे प्रारूप के मैचों में परखना।
खेल
कवर्धा: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राष्ट्रीय पदक विजेता बेसबॉल खिलाडि़यों का किया सम्मान
कवर्धा के पांच खिलाडि़यों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते 3 स्वर्ण और 2 रजत पदक


कवर्धा। ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित 31वीं राष्ट्रीय सब जूनियर बेसबॉल बालक एवं बालिका प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले कवर्धा के खिलाडि़यों से उप मुख्यमंत्री एवं विधायक कवर्धा विजय शर्मा ने अपने कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

एमेच्योर बेसबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में 24 से 29 मई तक आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रयास स्पोर्ट्स अकादमी कवर्धा के पांच खिलाडि़यों का छत्तीसगढ़ टीम में चयन हुआ था। इनमें बालक वर्ग से चंद्रेश कोर्राम, पंकज मेरावी और शुभम सेन तथा बालिका वर्ग से चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे शामिल थीं। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि बालिका टीम ने रजत पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खिलाडि़यों को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। खिलाडि़यों की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी।
अकादमी के प्रशिक्षक राजा जोशी ने बताया कि खिलाडि़यों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ था। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली जैसी मजबूत टीमों को हराकर फाइनल में महाराष्ट्र को 6-2 से पराजित कर राष्ट्रीय खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में चंद्रेश कोर्राम ने शानदार होमरन लगाकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में तीन होमरन लगाए।
वहीं बालिका वर्ग में छत्तीसगढ़ टीम ने दिल्ली, तेलंगाना और मेजबान ओडिशा को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र के खिलाफ टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रजत पदक जीतकर खिलाडि़यों ने शानदार प्रदर्शन किया। चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे ने टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। खिलाडि़यों की इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, अभिभावकों और जिलेवासियों में उत्साह का माहौल है। सभी ने खिलाडि़यों एवं उनके प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए भविष्य में और बड़ी सफलताओं की शुभकामनाएं दी हैं।
खेल
20 साल के प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास, प्रतिष्ठित ‘नार्वे शतरंज’ का खिताब जीतने वाले बने पहले भारतीय
ओस्लो/नई दिल्ली/चेन्नई, एजेंसी। भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा (R Praggnanandhaa) ने वैश्विक शतरंज की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने सबसे कड़े और प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में से एक ‘नार्वे शतरंज’ (Norway Chess) का खिताब अपने नाम कर लिया है। वह इस महामुकाबले को जीतने वाले देश के पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। अंतिम दौर (लास्ट राउंड) के करो या मरो के मुकाबले में चेन्नई के इस 20 वर्षीय युवा खिलाड़ी ने जर्मनी के दिग्गज विन्सेंट कीमर को क्लासिकल बाजी में मात देकर पूरे 3 अंक बटोरे और एलीट शतरंज की सबसे चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम कर ली। प्रज्ञानानंदा ने आखिरी दिन की शुरुआत 15 अंक के साथ तीसरे स्थान से की।

उन्होंने सबसे अहम मौके पर बेहतरीन खेल दिखाया और क्लासिकल बाजी में जीत हासिल करके पूरे तीन अंक बटोरे। इस तरह वे 18 अंक पर पहुंचे और एलीट शतरंज की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफियों में से एक अपने नाम की। चेन्नई के इस 20 वर्षीय खिलाड़ी ने वह उपलब्धि हासिल की जो 2013 में टूर्नामेंट की शुरुआत के बाद से भारतीय शतरंज के दिग्गज विश्वनाथन आनंद और मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश जैसे खिलाड़ी भी हासिल नहीं कर पाए थे।

नार्वे शतरंज में दूसरी बार हिस्सा ले रहे प्रज्ञानानंदा की शुरुआत धीमी रही थी लेकिन टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में उन्होंने रफ्तार पकड़ी और लगातार चार जीत हासिल की। प्रज्ञानानंदा के अभियान की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने नार्वे शतरंज के सात बार के चैंपियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल बाजी में दो बार हराया। मौजूदा विश्व चैंपियन गुकेश के अंतिम चरण में खिताब की दौड़ से बाहर होने के बाद प्रज्ञानानंदा ने भारत की उम्मीदों को जीवंत रखा और आखिरकार खिताब अपने नाम किया।
अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो आखिरी दौर से पहले 15.5 अंक के साथ सबसे आगे थे लेकिन अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ उनकी क्लासिकल बाजी ड्रॉ रही जिससे मुकाबला आर्मागेडन टाईब्रेक में चला गया। इस नतीजे ने प्रज्ञानानंदा के लिए रास्ता खोल दिया। उन्हें पता था कि कीमर के खिलाफ क्लासिकल बाजी में जीत उन्हें अंक तालिका में सबसे ऊपर पहुंचा देगी और यादगार खिताब दिला देगी।

हालांकि वेस्ली सो ने टाईब्रेक जीत लिया लेकिन उस जीत से उन्हें सिर्फ डेढ़ अंक मिला जिससे उनके कुल अंक 17 रहे जबकि प्रज्ञानानंदा ने 18 अंक के साथ खिताब जीता। खिताब जीतने की उम्मीद के साथ आखिरी दौर में उतरे अलीरेजा 15.5 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। मैच के बाद प्रज्ञानानंदा ने बताया कि चेन्नई में अपनी मां से हुई बातचीत ने उनका हौसला बढ़ाया था।
उन्होंने कहा, उन्होंने मेरे से कहा था कि जून का महीना मेरे लिए अच्छा रहेगा और उनकी यह भविष्यवाणी सच साबित हुई। प्रज्ञानंदा ने कहा, मैं एक जून को अलीरेजा के खिलाफ मुकाबले से पहले अपनी मां से बात कर रहा था और वह मुझे कह रही थी, ‘यह नया महीना है, तुम अच्छा खेलोगे।’ यह वैसी ही बात है जो मां हमेशा कहती हैं और फिर मैंने ये चार बाजी जीतीं। मुझे लगता है कि उन्हें कुछ पता था।
इसके बाद प्रज्ञानानंदा ने लगातार चार जीत हासिल कीं। यहां तक कि कार्लसन ने भी प्रज्ञानानंदा की जमकर तारीफ की और पूरे टूर्नामेंट में इस युवा भारतीय खिलाड़ी के प्रदर्शन को ‘शानदार’ बताया। कार्लसन ने प्रसारणकर्ता से कहा, ”यह वाकई कमाल की बात है। यह बहुत ही निर्णायक और जबरदस्त प्रदर्शन था और इससे पता चलता है कि अगर मैं भी इसी तरह का नतीजा हासिल करता तो मेरे लिए भी यह मुमकिन हो सकता था लेकिन हां यह अविश्वसनीय है।

वह एक जबरदस्त फाइटर है और उसे इसका इनाम मिलते देखना अच्छा लगता है। इस बीच गुकेश का निराशाजनक सफर जारी रहा। टूर्नामेंट में उनकी तीसरी मौजूदगी भी उस कामयाबी के बिना खत्म हुई जिसकी उन्हें उम्मीद थी विशेषकर ऐसे साल में जब उन्हें चैलेंजर जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ अपने विश्व खिताब का बचाव करना है।
आखिरी दौर में सफेद मोहरों से खेलते हुए कार्लसन ने क्लासिकल बाजी में 20 साल के गुकेश को हराकर तीन अंक हासिल किए। नार्वे का यह दिग्गज हालांकि इस जीत के बावजूद 13 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहा।
-
Uncategorized8 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
