छत्तीसगढ़
ठंड से ठिठुरन…5 जिलों में 10 जनवरी तक स्कूल बंद
मैनपाट में 1.6° पारा, ओस की बूंदें जमकर बर्फ बनीं, 17 जिलों में शीतलहर चलेगी
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। अधिकांश जिलों में रात का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। प्रदेश में मैनपाट सबसे ठंडा बना हुआ है, यहां न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री पहुंच गया है। यहां ओंस की बूंदें जमने लगी हैं।
अंबिकापुर में रात का पारा 3.8°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री कम है। मैदानी इलाकों में रायपुर सबसे ठंडा रहा, जहां रात का पारा 7°C तक गिर गया। दुर्ग में 7 डिग्री और पेंड्रा रोड में 7.2 डिग्री रहा।
इस बीच मौसम विभाग ने 17 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट और 15 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। दोनों अलर्ट के साथ हेल्थ एडवाइजरी भी जारी की गई है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में अधिकतम तापमान 29.6°C दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 3.8°C रहा।
ठंड के कारण सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। 2 पालियों के स्कूल भी 9.30 बजे से लगेंगे।

सरगुजा में सुबह घना कोहरा छाया रहा। दिन में लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े।

सरगुजा में सुबह और शाम के वक्त अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

मैनपाट में पौधों में ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गई थी।

सरगुजा संभाग में भी खुले मैदान में घास पर लगी ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गईं।

मैनपाट में सुबह ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गई।

सरगुजा के पाट से लेकर मैदानी इलाकों में भी जमकर पाले पड़े।

पेंड्रा के कई इलाकों में कोहरा छाए रहने से विजिबिलिटी भी कम हो गई है।
4 जिलों में प्राइमरी स्कूल बंद
सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड को देखते हुए चार जिलों में प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। सरगुजा और बलरामपुर जिलों के बाद मंगलवार देर शाम कोरिया और सूरजपुर जिलों में भी प्राइमरी स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद करने का आदेश जारी हो गया है। वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद रहेंगे। हालांकि मिडिल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों का संचालन पूर्ववत जारी रहेगा।
ठंड के कारण दो पालियों में संचालित होने वाली कक्षाओं का समय बदल दिया गया है। अब दो पालियों में चलने वाले स्कूल सुबह 8.30 बजे के बजाय 9.30 बजे से 12.30 बजे तक संचालित होंगे। वहीं दूसरी पाली की कक्षाएं दोपहर 12.30 बजे से शाम 4.00 बजे तक लगेंगी। यह आदेश सभी शासकीय, अर्धशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा।
अंबिकापुर में ठंड से दूसरी मौत
अंबिकापुर से लगे श्रीगढ़ में नए साल की रात एक बुजुर्ग की ठंड से मौत हो गई थी। उनका शव पैरावट में अकड़ा हुआ मिला। कम कपड़ों में खुले में सो जाने के कारण वह हाइपोथर्मिया की चपेट में आ गए।
अंबिकापुर में यह ठंड से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले, 11 दिसंबर की रात अंबिकापुर बस स्टैंड में खुले में सोए एक व्यक्ति की भी ठंड से मौत हो गई थी।
बच्चों पर पड़ रहा ठंड का असर
कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है।
नवजातों की मांसपेशियां कम विकसित होती हैं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं, सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है।
NICU और SNCU तक पहुंच रहे मामले
डॉक्टरों के अनुसार, पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने पर बच्चों को एनआईसीयू (NICU) और एसएनसीयू (SNCU) में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। नवजात का शरीर अचानक ठंडा पड़ जाना या तापमान सामान्य से कम हो जाना हाइपोथर्मिया का प्रमुख लक्षण है।

सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। 2 दिन पहले अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर घना कोहरा था।
OPD में मरीजों की भीड़
ठंड के चलते अस्पतालों की ओपीडी में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अंबेडकर अस्पताल में मेडिसिन, पीडियाट्रिक और चेस्ट विभाग में 600 से ज्यादा मरीज सामने आए हैं। रोजाना 2000 से अधिक मरीजों का इलाज ओपीडी में किया जा रहा है।

GPM जिले में मध्यप्रदेश बॉर्डर से सटे धर्मपानी की पहाड़ी का नजारा।

पेंड्रा में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।
क्या है हाइपोथर्मिया?
हाइपोथर्मिया एक लाइफ थ्रेटनिंग इमरजेंसी स्थिति है। इसमें शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फॉरेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) से नीचे चला जाता है। तापमान गिरने पर शरीर सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता और धीरे-धीरे उसके अहम अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है।
पीडियाट्रिशियन डॉ. आकाश लालवानी के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर हवा या पानी के संपर्क में आकर तेजी से अपनी गर्मी खो देता है। शरीर की लगभग 90 फीसदी गर्मी त्वचा और सांस के जरिए बाहर निकलती है। ठंडी हवा या नमी के संपर्क में आने पर यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है।
अगर कोई व्यक्ति ठंडे पानी में है, तो उसका शरीर हवा की तुलना में 25 गुना तेजी से अपनी गर्मी खोता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।
रायपुर में नगर निगम ने कई जगहों पर अलाव का इंतजाम किया
रायपुर में शीतलहर का असर बढ़ते ही नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर में अलाव जलाने की व्यवस्था शुरू कर दी है। निगम ने 12 से अधिक लोकेशन पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को ठंड से तुरंत राहत मिल सके।
रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देशों के बाद सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों से रात में फील्ड में रहने और अलाव के इंतजाम की निगरानी करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें।
मलेरिया फैलने का खतरा भी बढ़ा
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में मलेरिया फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। पिछले कुछ दिनों से रायपुर में दिन का तापमान लगातार प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा है।
वहीं सूरज ढलते ही तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में ऑफिस जाने वाले, स्कूली बच्चों काे गर्म कपड़े साथ रखने चाहिए। ताकि अचानक तापमान गिरने का असर तबीयत पर न पड़े।
डॉक्टर बोले- सतर्क रहना जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि जिस तरह से तापमान बदल रहा है, बीमार होने का खतरा ज्यादा। खासकर ऐसे मौसम में मच्छर ज्यादा पनपते हैं, मलेरिया फैलने का खतरा ज्यादा है। ऐसे में बीमारी से बचने सतर्क रहना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह है कि…
- शाम के बाद घर और आसपास मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले कॉइल/लिक्विड का उपयोग करें।
- स्लीपिंग नेट (Insecticide Treated Net – ITN) या लॉन्ग लास्टिंग मच्छरदानी (LLIN) का उपयोग रात में जरूर करें।
- घर के दरवाजे-खिड़कियों पर जाली लगाएं ताकि मच्छर अंदर न आ सके
पानी जमा न होने दें
- कूलर, गमले, पुराने टायर, बाल्टी, बर्तन आदि में पानी जमा न रहने दें।
- सप्ताह में कम से कम एक बार इन्हें साफ और सूखा करें।
- नाली व ड्रेनेज सिस्टम खुला और साफ रखें।
शरीर को ढककर रखें
- खासकर शाम के समय पूरी बांह के कपड़े और फुल पैंट पहनें।
- बच्चों को भी हल्के लेकिन ढकने वाले कपड़े पहनाएं।
समय पर जांच और इलाज कराएं
- यदि बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द या शरीर दर्द जैसे लक्षण हों, तो तुरंत ब्लड टेस्ट कराएं।
- मलेरिया फैलने का आधार
- तापमान 33-39°C (दिन में)
- तापमान 14-19°C (रात में)
ऐसा तापमान मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल होता है। छत्तीसगढ़ में तापमान अभी इसी तरह का हो रखा है। यानी छत्तीसगढ़ में मलेरिया फैलने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। अगले आठ दिनों में मलेरिया संक्रमण का खतरा बढ़ा हुआ माना जा रहा है, खासकर ग्रामीण/जंगल क्षेत्रों में।
2 तरह के मलेरिया का खतरा
- प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (गंभीर प्रकार का मलेरिया)
- प्लास्मोडियम विवैक्स (सामान्य लेकिन बार-बार लौटने वाला मलेरिया) छत्तीसगढ़ में 11 नवंबर तक प्लास्मोडियम विवैक्स के बढ़ने का ही खतरा ज्यादा है। ऐसे में अपने आस-पास के इलाके में पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी का उपयोग करें। फुल स्लीव के कपड़े पहनें। बुखार और सिरदर्द हो तो तुरंत जांच कराएं।
इन राज्यों में भी जोखिम
- पूर्वोत्तर के ज्यादातर राज्य (असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम आदि)
- गुजरात, बिहार, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक
- उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, और छत्तीसगढ़ के कुछ जिले
छत्तीसगढ़
भूपेश बोले-अमेरिका सबसे ज्यादा डरा हुआ देश:भिलाई में कहा-एपस्टीन फाइल से ध्यान भटकाने तनाव बढ़ाया,ट्रम्प भी बच नहीं पाएंगे और न ही हमारा वाला
दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भिलाई में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में वैश्विक राजनीति पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज अगर दुनिया में सबसे ज्यादा डरा हुआ कोई देश है तो वह अमेरिका है, उसे सबसे ज्यादा चिंता डॉलर की है।
इसी कारण वह दुनिया के ऑयल पर कब्जा करना चाहता है। जहां-जहां तेल है, वहां किसी न किसी तरह दखल दे रहा है। दुनिया में अमेरिका जहां भी लड़ाई लड़ रहा है, चाहे वह वेनेजुएला हो, ईरान हो या भारत को धमकाने की बात हो। यह सब डॉलर को बचाने के लिए हो रहा है।
भूपेश बघेल ने कहा कि ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल से ध्यान भटकाने के लिए विश्व में तनाव बढ़ाया जा रहा है।
बघेल ने यह भी कहा कि कुछ लोग खुद को बचाने के लिए दुनिया में अशांति फैला रहे हैं। उन्होंने आगे टिप्पणी करते हुए कहा कि डॉनल्ड ट्रम्प भी इससे बच नहीं पाएंगे और प्रधानमंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि हमारा वाला भी बिल्कुल नहीं बच पाएगा।
होली मिलन कार्यक्रम से जुड़ी ये तस्वीरें-

भिलाई में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में भूपेश बघेल शामिल हुए।

पूर्व सीएम ने होलिका दहन से पहले पूजा-अर्चना की।

होली मिलन में पूर्व गृहमंत्री समेत के कांग्रेसी शामिल हुए।
भूपेश बघेल ने क्या-क्या कहा ?
दरअसल, मंगलवार को भिलाई के अजंता पैलेस में होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने इजराइल-इरान जंग को लेकर टिप्पणी की। इसके अलावा प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे पर भी टिप्पणी की।
भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो लोग 56 इंच सीना और विश्वगुरु बनने की बात करते थे, उनके मुंह से आज एक शब्द भी नहीं निकल रहा है। लोग इंतजार कर रहे हैं कि वे कुछ तो बोलें, लेकिन अभी पूरी तरह मौन हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें मौनमोहन सिंह कहा जाता था, लेकिन जब वे बोलते थे तो पूरी दुनिया उन्हें सुनती थी। अभी प्रधानमंत्री की आवाज ही नहीं सुनाई दे रही है।
भूपेश बघेल ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का नाम लेते हुए कहा कि उनकी स्थिति भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से ब्लैक मार्केटिंग शुरू होने की आशंका है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
जब-जब पीएम मीडिल ईस्ट गए तब-तब गड़बड़ी हुई
भूपेश बघेल ने कहा कि जब भी नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट की यात्रा पर जाते हैं, तो कुछ न कुछ गड़बड़ हो जाती है। पिछली बार जब प्रधानमंत्री संयुक्त अरब अमीरात गए थे और फाइटर जेट का स्वागत कर रहे थे, उसी समय देश में पहलगाम की घटना हुई थी।
पूर्व सीएम ने हाल ही में प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे के दौरान गले मिलने की तस्वीरें आईं और इसके बाद युद्ध जैसी स्थिति बन गई। उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि इजराइल को ‘फादरलैंड’ और भारत को ‘मदरलैंड’ बताया गया।
जिस पर भूपेश बघेल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि इजराइल उनका फादरलैंड हो सकता है, हमारा नहीं। उन्होंने कहा कि हमारी पहचान भारत माता है।

ढोल नगाड़ों के साथ मनाया होली का पर्व।
घर-घर सिंदूर भिजवाने के बाद से बिगड़ा अलाइमेंट
भूपेश बघेल ने नरेंद्र मोदी पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए कथित ऑपरेशन सिंदूर के तहत घर-घर सिंदूर भेजे जाने की चर्चा हुई थी।
सिंदूर आमतौर पर धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में बेटियों या महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से दिया जाता है, लेकिन इसे सभी घरों में भेजे जाने पर विरोध हुआ और बाद में यह पहल बंद करनी पड़ी। उसी समय से उनका ‘अलाइनमेंट’ गड़बड़ा गया और वह गड़बड़ी आज तक जारी है।
ताम्रध्वज साहू की ली चुटकी, असहज हो गए पूर्व गृहमंत्री
भूपेश बघेल ईरान-इजराइल युद्ध के कारण डीजल-पेट्रोल संकट पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने समुद्री रास्ता बंद कर दिया और जहाजों की आवाजाही रुक गई, तो देश में डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतें बढ़ने की आशंका है।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि जिनके पास 4-5 पेट्रोल पंप हैं, उन्होंने अभी से 2-3 पेट्रोल पंप बंद कर दिए हैं। पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने चुटकी लेते हुए पूछा कि क्या आपने भी ऐसा किया है? इसके बाद ताम्रध्वज साहू कुछ असहज नजर आए।
छत्तीसगढ़
इजराइल-ईरान जंग…छत्तीसगढ़ के 3 दोस्त दुबई में फंसे:फ्लाइट कैंसिल होने के कारण वापसी में देरी, तीनों घूमने गए थे, भारत सरकार से मांगी मदद
बिलासपुर,एजेंसी। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब दुबई तक महसूस किया जा रहा है। इस बीच छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के 3 युवक दुबई में फंसे हुए हैं। तीनों दोस्त घूमने के लिए दुबई गए थे, लेकिन सुरक्षा को लेकर स्थिति साफ नहीं होने के कारण उनकी वापसी में देरी हो रही है।
जानकारी के मुताबिक, युवकों का नाम शिवम मिश्रा, आकाश अग्रवाल और आयुष अग्रवाल है, जो कोटा के रहने वाले हैं। लगातार फ्लाइट रद्द होने से तीनों दुबई में फंसे हुए हैं। हालांकि, तीनों युवक होटल में सुरक्षित हैं। वहीं, परिजनों ने भारत सरकार से मदद मांगी है।
तीनों युवक वीडियो कॉल के जरिए परिजनों से संपर्क बनाए हुए हैं। बताया गया कि पहले उनकी टिकट 28 फरवरी की थी, लेकिन उड़ान निरस्त हो गई। इसके बाद तीन मार्च की नई टिकट मिली, वह भी कैंसल हो गई। अब उन्हें 5 मार्च की फ्लाइट का टिकट मिला है।
शिमव मिश्रा ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से फोन पर बात की। जिस पर उन्होंने मदद का आश्वासन दिया। इधर, इस मामले में कलेक्टर संजय अग्रवाल का कहना है कि अब तक प्रशासनिक स्तर पर जानकारी नहीं मिली है।

शिवम मिश्रा ने बुर्ज खलीफा के सामने से वहां के हालातों की जानकारी दी।

शिवम मिश्रा ने वीडियो जारी कर भारत सरकार से मदद मांगी थी।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने युवकों से फोन पर बात की। उन्होंने मदद का आश्वासन दिया।
बार-बार कैंसिल हुई फ्लाइट
दरअसल, शिवम मिश्रा अपने दोस्त आकाश अग्रवाल और आयुष अग्रवाल के साथ घूमने के लिए दुबई पहुंचा था। उसी दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर वहां की उड़ानों पर पड़ने लगा। इसके कारण उनकी वापसी में दिक्कत आ गई।
तीनों की पहली वापसी टिकट 28 फरवरी की थी, जो कैंसिल हो गई। इसके बाद 3 मार्च की टिकट मिली, वह भी कैंसिल हो गई। अब 5 मार्च की फ्लाइट का टिकट मिला है। उन्हें उसी से घर लौटने की उम्मीद है।
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। कई उड़ानें री-शेड्यूल हो रही हैं, जिससे लोगों को ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। शिवम ने बताया कि फ्लाइट रद होने के कारण होटल में रुकने का समय बढ़ गया है और खर्च भी बढ़ रहा है। फिर भी तीनों एयरलाइन और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
शिवम बोला-बुर्ज खलीफा पर कोई हमला नहीं
शिवम ने वीडियो कॉल के जरिए परिवार को बताया कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। उनसे साफ किया कि बुर्ज खलीफा पर किसी तरह का कोई हमला नहीं हुआ है। दुबई में हालात सामान्य हैं। शहर में रोजमर्रा की गतिविधियां जारी हैं और पर्यटक स्थल भी खुले हैं। घबराने की जरूरत नहीं है।
परिवार की सरकार से अपील
परिजनों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से मदद की अपील की है। उनका कहना है कि दुबई में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए। जरूरत पड़ने पर विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जाए।
परिवार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के संपर्क में है और मामले को केंद्र सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
पैकेज टूर के तहत दुबई घूमने गए थे
शिवम के चचेरे भाई विनय मिश्रा ने बताया कि चाचा राजेश मिश्रा ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। चाची कांग्रेस नेत्री हैं। जबकि एक दोस्त के पिता डॉक्टर हैं और दूसरे दोस्त के पिता ट्रांसपोर्टर हैं। उन्हें दुबई गए 8 दिन हो गए हैं। 5 वें दिन उन्हें भारत लौटना था। पैकेज टूर के तहत दुबई घूमने गए थे।
कलेक्टर बोले- आधिकारिक जानकारी नहीं
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल उनके पास इस मामले में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। विदेश में फंसे नागरिकों से जुड़ी जानकारी आमतौर पर सीधे विदेश मंत्रालय को भेजी जाती है, वहीं से आगे की कार्रवाई होती है।
कोरबा
तुमान में सजेगा भक्ति का महाकुंभ: 6 मार्च से प्रारंभ होगी श्रीमद्भागवत कथा
कोरबा। तुमान की पावन भूमि 6 मार्च से 13 मार्च तक पूर्णतः भक्तिमय वातावरण में डूबी नजर आएगी। श्री वैष्णव निकुंज निवास, तुमान में दिव्य श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य आयोजन होने जा रहा है। क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर व्यापक उत्साह देखा जा रहा है और श्रद्धालु बड़ी संख्या में सहभागिता की तैयारी कर रहे हैं।
इस सात दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव में भगवान श्री कृष्ण के अवतरण से लेकर उनकी बाल लीलाओं, गोपी प्रेम, धर्म स्थापना और भक्तों पर कृपा के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। कथा का उद्देश्य केवल श्रवण मात्र नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों, संस्कारों और भक्ति मार्ग की ओर प्रेरित करना है।
कथा वाचन का दायित्व प्रसिद्ध कथावाचक पंडित बलराम प्रसाद पाण्डेय निभाएंगे, जिनकी मधुर शैली और आध्यात्मिक व्याख्या श्रोताओं को भावविभोर कर देती है। यज्ञ आचार्य के रूप में अखिलेश महाराज सोन लोहर्शी एवं संगीत मे सीमा मानस पार्टी संतोष महेत्तर ललित की गरिमामयी उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ एवं हवन संपन्न होंगे।
दैनिक कार्यक्रम
🔸 प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक – पूजन, हवन, संकीर्तन, तुलसी परिक्रमा एवं आरती
🔸 दोपहर 3 बजे से – पूज्य महाराज जी द्वारा भागवत कथा श्रवण
आयोजन स्थल को आकर्षक सजावट और आध्यात्मिक परिवेश से सुसज्जित किया जाएगा, जहाँ भजन-कीर्तन की स्वर लहरियाँ निरंतर गूंजती रहेंगी। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और प्रभु कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर रहेगा।
इस धार्मिक महोत्सव के आयोजक बलराम वैष्णव एवं संजू वैष्णव (तुमान) द्वारा समस्त क्षेत्रवासियों को सपरिवार उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का सादर आमंत्रण दिया गया है।
6 मार्च से प्रारंभ होने वाला यह भक्ति महोत्सव तुमान को एक सप्ताह तक आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर देगा।
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