देश
वक्फ बोर्ड किसी जमीन को अपनी संपत्ति नहीं बता सकेगा:केंद्र सरकार वक्फ एक्ट में संशोधन के लिए बिल लाएगी, कैबिनेट की मंजूरी मिली
नई दिल्ली, एजेंसी। केन्द्र सरकार जल्द ही मौजूदा वक्फ एक्ट में करीब 40 संशोधन करने की तैयारी में है। इसे लेकर सरकार इसी सत्र में एक नया बिल लेकर आ सकती है। अभी वक्फ के पास किसी भी जमीन को अपनी संपत्ति घोषित करने की शक्ति है। नए बिल में इस पर रोक लगाई जा सकती है।
सूत्रों को मुताबिक शुक्रवार (2 अगस्त) को हुई कैबिनेट बैठक में इस बिल को मंजूरी भी मिल गई है। प्रस्तावित बिल में मौजूदा एक्ट की कुछ धाराओं को हटाया भी जा सकता है। संसद का मानसून सत्र अभी 12 अगस्त तक चलना है।
ओवैसी बोले- भाजपा हमेशा से वक्फ बोर्ड के खिलाफ रही है
वक्फ एक्फ में संशोधन की अटकलों को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो जब संसद सत्र चल रहा है, तो केंद्र सरकार संसद की सर्वोच्चता और विशेषाधिकारों के खिलाफ काम कर रही है और इसकी जानकारी संसद को देने की बजाय मीडिया को दे रही है।
ओवैसी ने कहा कि वक्फ एक्ट में संशोधन को लेकर मीडिया में जो भी कहा जा रहा है, उससे यह पता चलता है कि मोदी सरकार वक्फ बोर्ड की ऑटोनॉमी छीनना चाहती है और उसमें दखल देना चाहती है। यह धर्म की स्वतंत्रता के खिलाफ है।
आगे उन्होंने कहा कि दूसरी बात यह कि भाजपा हमेशा से इस बोर्ड और वक्फ की संपत्तियों के खिलाफ रही है। उनका हिंदुत्व का एजेंडा है। अब अगर आप वक्फ बोर्ड की स्थापना और संरचना में बदलाव करना चाहते हैं, तो इससे प्रशासनिक स्तर पर अव्यवस्था होगी, वक्फ बोर्ड की ऑटोनॉमी खत्म होगी और अगर सरकार वक्फ बोर्ड पर अपना कंट्रोल बढ़ाती है तो वक्फ की स्वतंत्रता पर असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अगर कोई विवादित संपत्ति है, तो ये लोग कहेंगे कि वह विवादित है और हम उसका सर्वे कराएंगे। यह सर्वे भाजपा के मुख्यमंत्री करेंगे और आप जानते ही हैं कि इसके नतीजे क्या होंगे। इस देश में ऐसी कई दरगाह हैं जिन्हें लेकर BJP-RSS दावा करते हैं कि यह दरगार और मजार नहीं हैं। इस फैसले से न्यायपालिका की शक्ति छीनने की कोशिश की जा रही है।
नए बिल से वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा
देश में रेलवे और सशस्त्र बल के बाद सबसे ज्यादा जमीन पर मालिकाना हक रखने वाली संस्था वक्फ बोर्ड है। संशोधनों के बाद किसी भी जमीन पर दावे से पहले उसका वेरिफिकेशन करना होगा। इससे बोर्ड की जवाबदेही बढ़ेगी और मनमानी पर रोक लगेगी।
बोर्ड के पुनर्गठन से बोर्ड में सभी वर्गों समेत महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ेगी। मुस्लिम बुद्धिजीवी, महिलाएं और शिया और बोहरा जैसे समूह लंबे समय से मौजूदा कानूनों में बदलाव की मांग कर रहे हैं।
विवादों में रहे थे वक्फ बोर्ड के कुछ फैसले
वक्फ बोर्ड से जुड़े नए बिल के पीछे सितंबर 2022 के एक मामले का तर्क दिया जा रहा है। इसमें तमिलनाडु वक्फ बोर्ड ने थिरुचेंदुर गांव को अपनी संपत्ति बताया था, जबकि इस गांव की ज्यादातर आबादी हिंदू है।
वहीं पिछले साल मई में दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में उन 123 संपत्तियों के निरीक्षण की अनुमति दी थी, जिन पर दिल्ली वक्फ बोर्ड अपने कब्जे का दावा कर रहा है। पिछले साल अगस्त में ही केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने इन संपत्तियों को नोटिस भी जारी किया था।
मोदी सरकार 2.0 के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने किसी विशेष संपत्ति को वक्फ संपत्ति घोषित करने के लिए राज्य वक्फ बोर्ड की शक्तियों और उनके मुतवल्लियों की नियुक्ति के प्रोसेस की समीक्षा की थी।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बुरहानपुर की 3 ऐतिहासिक इमारतों को वक्फ बोर्ड का मानने से इनकार कर दिया है। अदालत ने गुरुवार को एक याचिका पर फैसला देते हुए कहा, ‘ये वक्फ बोर्ड की संपत्ति का हिस्सा नहीं हो सकती हैं।’ तीन इमारतों में से एक- शाह शुजा स्मारक मुगल बादशाह शाहजहां की बहू बेगम बिलकिस की कब्र है।
बुरहानपुर के सैयद रजोद्दिन और सैयद लायक अली की अपील पर मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने 2013 में एक आदेश जारी कर इन तीनों इमारतों को अपनी संपत्ति घोषित कर दिया था। आर्कियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) ने 2015 में इसके खिलाफ याचिका दायर की।
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अद्वित ज्वेल्स का IPO 23 जून को, मूल्य दायरा 130-138 रुपए प्रति शेयर
नई दिल्ली, एजेंसी। आभूषण क्षेत्र की कंपनी अद्वित ज्वेल्स लिमिटेड का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 23 जून को खुलेगा। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 130 से 138 रुपए प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। यह आईपीओ पूरी तरह 1.19 करोड़ नए शेयरों के निर्गम पर आधारित है। इसके जरिये 165.15 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य है। जयपुर की कंपनी के अनुसार, यह आईपीओ 23 जून को खुलकर 25 जून को बंद होगा।

अद्वित ज्वेल्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक नितिन गिलारा ने कहा, ”अपने बी2बी (कंपनियों के बीच) कारोबार को प्रभावित किए बिना, हम अगले तीन वर्षों में देश भर में 30 खुदरा शोरूम खोलकर सीधे उपभोक्ताओं से जुड़े अपने व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।”
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डिजिटल वॉलेट रखने वालों के लिए जरूरी खबर, PhonePe ने लागू की मेंटेनेंस फीस
मुंबई, एजेंसी। डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe ने अपने वॉलेट यूजर्स के लिए एक नया नियम लागू किया है। कंपनी के अनुसार, अगर कोई फोनपे वॉलेट लंबे समय यानि 365 दिनों तक इस्तेमाल नहीं करता है, तो उसे इनएक्टिव माना जाएगा और उन पर मेंटेनेंस फीस लगाई जाएगी।
कंपनी ने बताया कि केवल ऐप खोलना, बैलेंस चेक करना या UPI के जरिए भुगतान करना वॉलेट की एक्टिविटी में शामिल नहीं होगा। वॉलेट को सक्रिय बनाए रखने के लिए उसमें उपलब्ध बैलेंस का उपयोग कर भुगतान करना, पैसे भेजना या अन्य वित्तीय लेन-देन करना जरूरी होगा।

कितना कटेगा चार्ज
नए नियम के तहत, इनएक्टिव वॉलेट पर हर तीन महीने में 100 रुपए (GST सहित) की ‘Wallet Inactivity Maintenance Fee’ वसूली जाएगी। यदि वॉलेट में 100 रुपए या उससे अधिक बैलेंस है, तो पूरा शुल्क काट लिया जाएगा। वहीं, बैलेंस 100 रुपए से कम होने पर उपलब्ध राशि ही काटी जाएगी और बैलेंस शून्य हो जाएगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में वॉलेट का बैलेंस नेगेटिव नहीं होगा।
चार्ज कटौती से पहले कंपनी देगी मैसेज
किसी भी चार्ज की कटौती से पहले कंपनी यूजर को नोटिफिकेशन या मैसेज के जरिए सूचित करेगी। इसके बाद भी वॉलेट का उपयोग नहीं किया जाता है तो निर्धारित मेंटेनेंस चार्ज वॉलेट बैलेंस से काट लिया जाएगा।
अगर आप साल में कम से कम एक बार भी अपने वॉलेट बैलेंस का इस्तेमाल कर लेते हैं, तो वॉलेट एक्टिव बना रहेगा। इसके लिए बड़ी रकम खर्च करने की जरूरत नहीं है। छोटी राशि का भुगतान या किसी व्यक्ति को पैसे भेजना भी पर्याप्त हो सकता है।
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5 दिन की तेजी के बाद लुढ़का बाजार, निवेशकों को नुकसान
मुंबई, एजेंसी। 5 दिन की तेजी के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स खुलने के कुछ ही मिनटों बाद 832 अंक गिरकर 76,578.08 के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी भी 229 अंक से ज्यादा टूटकर 23,938.75 के लो तक फिसल गया। इस गिरावट का असर मार्केट कैप 1.35 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा घट गया।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 607.08 अंक तक फिसलकर 76,802.90 पर आ गया। इसी तरह निफ्टी 154.90 अंक टूटकर 24,013.10 के स्तर पर बंद हुआ।

कच्चे तेल में गिरावट
पश्चिम एशिया में तनाव थमने से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट जारी है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स का भाव और 0.58 प्रतिशत कम होकर 79.39 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। शुरुआती कारोबार में रुपया 10 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.30 पर आ गया।
एक दिन पहले क्या रहा था हाल
पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था।
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