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10 year Old Aadhaar card: 10 साल पुराने Aadhaar को करें अपडेट, 14 June तक FREE सुविधा

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नई दिल्ली,एजेंसी। भारत में Aadhaar Card एक अहम दस्तावेज है। जो एक पहचान पत्र के तौर पर काम करता है। इस ID प्रूफ के बिना कई सरकारी काम-काज रूक सकते है। ऐसे में इस दस्तावेज का अपडेट रहना बहुत जरूरी है।  

10 साल पुराने Aadhaar को अपडेट करने की सलाह
Aadhaar जारी करने वाली संस्था Unique Identification Authority of India ने नागरिकों को सलाह दी है कि अगर उनका Aadhaar 10 साल पुराना हो चुका है और उसमें कभी अपडेट नहीं हुआ है, तो उसे फौरन अपडेट करवा लें। यूजर यह अपडेट 14 June 2026 तक मुफ्त (FREE) में कर सकते हैं। इसके बाद आपको इसके लिए निर्धारित फीस देनी पड़ेगी।

घर बैठे कैसे करें Online Aadhaar अपडेट 
आप MyAadhaar portal के जरिए आसानी से आप अपना Aadhaar अपडेट कर सकते हैं। 

-सबसे पहले myAadhaar portal पर जाएं
-Aadhaar नंबर डालकर लॉग इन करें।
-रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफिकेशन करें।
-लॉग इन करने के बाद Document Update ऑप्शन चुनें।
-अपनी जानकारी (नाम, जन्म तिथि, जेंडर, एड्रेस) चेक करें।
-सही होने पर कन्फर्म करके आगे बढ़ें।
-पहचान पत्र (POI) और एड्रेस प्रूफ (POA) चुनें।
-जरूरी डॉक्यूमेंट (JPEG, PNG या PDF) अपलोड करें।
-Submit पर क्लिक करें।
-आगे ट्रैकिंग के लिए SRN (Service Request Number) सेव कर लें। 

किन बातों का रखें ध्यान
-अपलोड किए गए डॉक्यूमेंट साफ और पढ़ने योग्य होने चाहिए।
-Aadhaar और डॉक्यूमेंट में नाम की स्पेलिंग एक जैसी होनी चाहिए।
-फाइल तय फॉर्मेट (JPEG, PDF, PNG) में होनी चाहिए।
-फाइल साइज लिमिट के अंदर होनी चाहिए।

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सरकार ने कपास पर 30 अक्टूबर तक आयात शुल्क से छूट दी

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नई दिल्ली, एजेंसी। सरकार ने शनिवार को कपास के आयात पर सीमा शुल्क से पांच महीने यानी 30 अक्टूबर, 2026 तक छूट देने की घोषणा की। वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि आयात शुल्क में यह छूट एक जून, 2026 से प्रभावी होगी। इस शुल्क छूट से भारतीय वस्त्र क्षेत्र के लिए कपास की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस अस्थायी शुल्क छूट से वस्त्र और परिधान क्षेत्र में कच्चे माल की लागत कम होने की उम्मीद है। इससे विनिर्माताओं और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। साथ ही घरेलू किसानों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। 

मंत्रालय ने कहा कि कुल मिलाकर, इस कदम से घरेलू वस्त्र उद्योग, विशेष रूप से लघु और मध्यम उद्यमों के प्रदर्शन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। इससे बाजार में कपास की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। 

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SpiceJet GST notice: स्पाइसजेट पर बढ़ा टैक्स संकट, GST विभाग ने भेजा 124 करोड़ रुपए का नोटिस

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मुंबई, एजेंसी। विमानन कंपनी स्पाइसजेट की वित्तीय मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब कंपनी पर जीएसटी नियमों के पालन में कथित चूक को लेकर 124.65 करोड़ रुपए की कर देनदारी का मामला सामने आया है। जीएसटी विभाग ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए यह स्पष्ट करने को कहा है कि उसका जीएसटी रजिस्ट्रेशन क्यों न रद्द कर दिया जाए।

रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पाइसजेट ने कई महीनों से जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किए हैं। इसी वजह से विभाग ने सीजीएसटी और एसजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत कंपनी की कर देनदारी का अस्थायी आकलन किया है। 25 मई 2026 को जारी नोटिस में कंपनी को जवाब देने के लिए कहा गया है।

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 के लिए 44.44 करोड़ रुपए, दिसंबर 2025 के लिए 43.79 करोड़ रुपए, जनवरी 2026 के लिए 12.19 करोड़ रुपए, फरवरी 2026 के लिए 12.10 करोड़ रुपए और मार्च 2026 के लिए 12.12 करोड़ रुपए की कर मांग निर्धारित की गई है। बताया जा रहा है कि नोटिस जारी होने के बाद भी लंबित रिटर्न दाखिल नहीं किए गए हैं।

शेयर बाजार पर दिख सकता है असर

इस घटनाक्रम का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिल सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोमवार को कारोबार शुरू होने पर निवेशकों की प्रतिक्रिया नकारात्मक रह सकती है। शुक्रवार को बीएसई पर स्पाइसजेट का शेयर 12.75 रुपए पर बंद हुआ था। वर्ष 2026 में अब तक कंपनी का शेयर करीब 60 प्रतिशत गिर चुका है, जबकि पिछले एक वर्ष में इसमें 70 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति भी दबाव में बनी हुई है। दिसंबर 2025 तिमाही में स्पाइसजेट को 261.38 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध घाटा हुआ था, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी लाभ में थी। हालांकि, परिचालन से होने वाली आय में वृद्धि दर्ज की गई और यह 1,237 करोड़ रुपए से बढ़कर 1,408 करोड़ रुपए तक पहुंच गई।

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पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद से Crude Oil में सात हफ्तों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट

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मुंबई, एजेंसी। पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों और होर्मुज की खाड़ी (Hormuz Strait) के फिर से खुलने की संभावना के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को थोड़ी राहत मिली है।

कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट

इस सप्ताह ब्रेंट क्रूड की कीमत में 11% की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले सात हफ्तों में सबसे अधिक है। शुक्रवार को जुलाई डिलीवरी का ब्रेंट क्रूड फ्यूचर 1.66 डॉलर यानी 1.8 फीसदी गिरावट के साथ 92.05 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। डब्ल्यूटीआई भी 1.7 फीसदी गिरावट के साथ $87.36 प्रति बैरल रह गया। दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल होर्मुज की खाड़ी से गुजरता है, इसलिए वहां तनाव कम होना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। 

भारत पर प्रभाव 

भारत अपनी तेल जरूरतों का 90% आयात करता है, इसलिए कीमतों में यह कमी देश के लिए बड़ी राहत है। हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों को अभी भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है; उदाहरण के लिए, उन्हें हर गैस सिलेंडर पर लगभग 700 रुपए का नुकसान हो रहा है।

भविष्य की अनिश्चितता और चेतावनियां

मोर्गन स्टेनली ने चेतावनी दी है कि यदि जून में होर्मुज स्ट्रेट बंद रहता है, तो तेल की कीमतें एक बार फिर उबाल मार सकती हैं। सऊदी अरामको के सीईओ के अनुसार, वैश्विक तेल बाजार में यह उथल-पुथल 2027 के अंत तक बनी रह सकती है।

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