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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 3 दिन में 3 हाथियों की मौत:सूरजपुर में खेत में मिला शव, रायगढ़ में पानी पीते समय लगा करंट, 2 अरेस्ट

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सूरजपुर/रायगढ़,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में गेहूं के खेत में हाथी का शव मिला है। करंट लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है। वहीं, 2 दिन पहले रायगढ़ में भी पानी पीते समय करंट से 2 हाथियों की मौत हो गई थी। इस तरह पिछले 3 दिन में 3 हाथियों की करंट से जान चली गई।

वहीं, हाथियों की लगातार हो रही मौत पर युवा कांग्रेस ने चिंता जताई है। रायगढ़ में युवा कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है।

सूरजपुर में गेहूं के खेत में हाथी का शव मिला है।

सूरजपुर में गेहूं के खेत में हाथी का शव मिला है।

पहला केस-

सूरजपुर में मिला गेहूं के खेत में हाथी का शव

सूरजपुर जिले के ग्राम करंजवार में शुक्रवार सुबह गेहूं के खेत में हाथी का शव मिला है। हाथी की मौत करंट लगने से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। घटना प्रतापपुर वन परिक्षेत्र की है।

जानकारी के मुताबिक, प्रतापपुर से लगे करंजवार गांव में ग्रामीणों ने सुबह खेत में करीब 15 साल के नर हाथी का शव देखा। यह हाथी पिछले तीन-चार दिनों से इलाके में घूम रहा था। हाथी की सूंड पर काले निशान भी मिले हैं। जिसके आधार पर करंट लगने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा

हाथी की मौत की खबर मिलते ही सूरजपुर डीएफओ डीपी साहू और एसडीओ फॉरेस्ट संस्कृति बारले सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीओ संस्कृति बारले ने बताया कि अभी हाथी की मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। आसपास करंट लगाने के कोई स्पष्ट निशान भी नहीं मिले हैं।

उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की टीम हाथी के शव का पोस्टमॉर्टम कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। जिस स्थान पर हाथी का शव मिला है, वहां खेतों की ऊंचाई भी ज्यादा नहीं है।

रायगढ़ में दो दिन पहले दो हाथियों की हुई थी मौत।

रायगढ़ में दो दिन पहले दो हाथियों की हुई थी मौत।

दूसरा केस-

रायगढ़ में दो हाथियों की हुई थी मौत

रायगढ़ जिले में 11 मार्च को 2 हाथियों की मौत हो गई। उनकी लाशें कुरकुट नदी में तैरती हुई मिलीं थी। जांच में पता चला कि, नदी में पंप लगाकर पानी खींचा जा रहा था। उसी दौरान लगाए गए करंट वाले तार की चपेट में आने से दोनों हाथियों की जान गई।

2 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

वन विभाग की जांच के बाद पाकादरहा निवासी धरम सिंह (38) और रामकुमार राठिया (55) को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। वन अमला मामले की आगे जांच कर रहा है।

रायगढ़ में हाथियों की मौत मामले में वन अमला ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

रायगढ़ में हाथियों की मौत मामले में वन अमला ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

युवा कांग्रेस ने की कार्रवाई की मांग

हाथियों की लगातार हो रही मौत पर युवा कांग्रेस ने चिंता जताई है। गुरुवार को युवा कांग्रेस (ग्रामीण) जिलाध्यक्ष उस्मान बेग अपनी टीम के साथ रायगढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

जंगल कटने से भटक रहे वन्यजीव

युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष उस्मान बेग ने कहा कि, जिले में तेजी से जंगलों की कटाई हो रही है और बड़े उद्योग, खदानें और औद्योगिक परियोजनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस वजह से हाथी जैसे बड़े वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से भटककर गांवों और खेतों की ओर आने को मजबूर हो रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इस मुद्दे को लेकर बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।

युवा कांग्रेस ने हाथियों की मौत पर चिंता जाहिर करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।

युवा कांग्रेस ने हाथियों की मौत पर चिंता जाहिर करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।

युवा कांग्रेस ने रखी 4 प्रमुख मांगें

हाथियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए।

कुरकुट नदी में मिले दोनों हाथी शावकों की मौत की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच।

जिले में पहले हुई हाथियों की मौत की घटनाओं की समग्र जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई।

हाथी प्रभावित क्षेत्रों में अवैध करंट और अवैध फेंसिंग के खिलाफ विशेष अभियान।

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कोरबा

नम: सामूहिक विवाह:पं.धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में 108 दिव्यांग व निर्धन कन्याएं बंधेंगी परिणय सूत्र में

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01 अप्रैल को ढपढप (बांकीमोंगरा) में होगा आयोजन
108 कन्याओं के नए जीवन में प्रवेश कराने हमें मिल रहा अवसर, यह सौभाग्य की बात-सर्वमंगला मंदिर प्रबंधक एव व्यवथापक
कोरबा। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में 2024 में नम: सामूहिक विवाह के सफल आयोजन के बाद इस वर्ष नम: सामूहिक विवाह को बड़ा विस्तार दिया जा रहा है। 01 अप्रैल 2026 को ढपढप (बांकीमोंगरा) में विश्व विख्यात कथा वाचक एवं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में एवं अपना आश्रम सेवा समिति के आयोजकत्व में यह पुण्य कर्म सम्पन्न होगा। इस पुण्यधरा पर 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह होगा और वे नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करेंगी।
नम: सामूहिक विवाह के प्रभारी, माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/ व्यवस्थापक ने बताया कि अब तक 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का पंजीयन हो चुका है। यह हमारा सौभाग्य है कि ईश्वरीय कृपा से यह पुण्यकर्म इस बार ग्राम ढपढप (बांकीमोंगरा) में सम्पन्न होगा और नवदम्पत्तियों को शुभ आशीर्वाद देने के लिए विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक एवं सनातन धर्म के प्रचारक पंडित धीरेंद्र शास्त्री (पीठाधीश्वर-बागेश्वर धाम) सहित कई लब्ध प्रतिष्ठित एवं विद्वान आचार्यों के साथ प्रदेश के कई राजनीतिक प्रतिभाएं, समाजसेवक अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
ज्ञातव्य हो कि अपना आश्रम सेवा समिति द्वारा ग्राम ढपढप में 27 मार्च से 01 अप्रैल तक श्री हनुमंत कथा का दिव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अपना सानिध्य प्रदान करने बागेश्वर धाम से पंडित धीरेंद्र शास्त्री पधार रहे हैं। 06 दिवसीय इस दिव्य आयोजन के अंतिम दिन 01 अप्रैल को नम: सामूहिक विवाह का आयोजन होगा, जिसमें 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं अपने मन पसंद जीवन साथियों के साथ नव दाम्पत्य जीवन प्रारंभ करेंगी। यह हमारा सौभाग्य है कि इस बार नम: सामूहिक विवाह का विस्तार हो रहा है और 108 कन्याओं का सामूहिक विवाह हो रहा है। पंजीयन अभी जारी है और कन्याओं की संख्या बढ़ सकती है।

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कोरबा

ढपढप (बांकीमोंगरा) में 108 दिव्यांग व निर्धन कन्याओं का होगा सामूहिक विवाह, पं. धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में 01 अप्रैल को भव्य आयोजन

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27 मार्च को निकलेगी भव्य कलश यात्रा, 28 मार्च से शुरू होगी श्री हनुमंत कथा, अंतिम दिन 108 कन्याएं बंधेंगी परिणय सूत्र में
कोरबा। कोरबा जिले में धार्मिक आस्था और सामाजिक सेवा का अनूठा संगम देखने को मिलने वाला है। इस वर्ष “नम: सामूहिक विवाह” का आयोजन बड़े और भव्य स्वरूप में किया जा रहा है। 01 अप्रैल 2026 को बांकीमोंगरा क्षेत्र के ग्राम ढपढप में 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह विश्व विख्यात कथा वाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में संपन्न होगा। इस पुण्य आयोजन का आयोजकत्व अपना आश्रम सेवा समिति द्वारा किया जा रहा है।
मां सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में वर्ष 2024 में आयोजित नम: सामूहिक विवाह की सफलता के बाद इस बार आयोजन को और व्यापक रूप दिया गया है। इस आयोजन के माध्यम से समाज के जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह के बंधन में बांधकर उन्हें नए जीवन की शुरुआत करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
27 मार्च को निकलेगी भव्य कलश यात्रा
धार्मिक आयोजन की शुरुआत 27 मार्च 2026 को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं और धर्मप्रेमी शामिल होंगे। कलश यात्रा के माध्यम से पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण का संचार होगा और आयोजन का शुभारंभ किया जाएगा।
28 मार्च से शुरू होगी श्री हनुमंत कथा
कलश यात्रा के अगले दिन 28 मार्च से 01 अप्रैल 2026 तक छह दिवसीय श्री हनुमंत कथा का दिव्य आयोजन किया जाएगा। इस कथा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एवं विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपना सानिध्य प्रदान करेंगे। कथा के दौरान देशभर से श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है।
01 अप्रैल को होगा 108 कन्याओं का सामूहिक विवाह
कथा के अंतिम दिन 01 अप्रैल को नम: सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं अपने मनपसंद जीवन साथियों के साथ परिणय सूत्र में बंधकर नव दाम्पत्य जीवन की शुरुआत करेंगी। इस भव्य समारोह में संत-महात्माओं, विद्वान आचार्यों के साथ प्रदेश के कई जनप्रतिनिधि और राजनीतिक हस्तियां भी शामिल होकर नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देंगी।
108 कन्याओं का पंजीयन, संख्या और बढ़ने की संभावना
नम: सामूहिक विवाह के प्रभारी एवं मां सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/व्यवस्थापक ने बताया कि अब तक 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का पंजीयन हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि ईश्वरीय कृपा से इतने बड़े पुण्य कार्य का आयोजन ग्राम ढपढप (बांकीमोंगरा) में हो रहा है।
उन्होंने बताया कि पंजीयन की प्रक्रिया अभी भी जारी है, इसलिए कन्याओं की संख्या बढ़ने की संभावना भी बनी हुई है। समाज के सहयोग और श्रद्धालुओं के समर्थन से यह आयोजन सेवा, समर्पण और सनातन संस्कृति के प्रचार का एक बड़ा माध्यम बनेगा।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : प्रदेश में पीसीपीएनडीटी और एआरटी एक्ट का कड़ाई से होगा पालन, स्वास्थ्य मंत्री की बैठक में अहम निर्देश

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मेडिकल कॉलेज रायपुर में शुरू होगी आईवीएफ सुविधा, जरूरतमंद दंपत्तियों को मिलेगा निःशुल्क लाभ

स्वास्थ्य मंत्री ने आईवीएफ और सरोगेसी केंद्रों की नियमित निगरानी और निरीक्षण के कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

मेडिकल कॉलेज रायपुर में शुरू होगी आईवीएफ सुविधा, जरूरतमंद दंपत्तियों को मिलेगा निःशुल्क लाभ

रायपुर। प्रदेश में लिंगानुपात में सुधार और प्रजनन संबंधी सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में राज्य पर्यवेक्षक मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 एवं एआरटी-सरोगेसी एक्ट 2021 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

मेडिकल कॉलेज रायपुर में शुरू होगी आईवीएफ सुविधा, जरूरतमंद दंपत्तियों को मिलेगा निःशुल्क लाभ

बैठक में विधायक सुश्री लता उसेंडी (कोंडागांव), श्रीमती रायमुनी भगत और श्रीमती गोमती साय सहित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त शिक्षा रितेश अग्रवाल और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान संचालक महामारी नियंत्रण डॉ. सुरेन्द्र पामभोई ने दोनों अधिनियमों के प्रावधानों की जानकारी देते हुए प्रदेश में इनके क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में पीसीपीएनडीटी और एआरटी एक्ट का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

बैठक में लिंगानुपात की स्थिति सुधारने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। मंत्री श्री जायसवाल ने निर्देश दिए कि प्रदेश में सर्वाधिक और न्यूनतम सेक्स रेशियो वाले तीन-तीन जिलों का विस्तृत अध्ययन कराया जाए, ताकि असमानता के कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश में सोनोग्राफी सेवाओं की कमी को देखते हुए एमबीबीएस चिकित्सकों के लिए छह माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिक से अधिक प्रतिभागियों को शामिल करने के निर्देश भी दिए, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी यह सुविधा उपलब्ध हो सके।

बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश में संचालित आईवीएफ और सरोगेसी केंद्रों की नियमित निगरानी और निरीक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि संबंधित हितग्राहियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में गरीब और आमजन को बेहतर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर में शीघ्र ही आईवीएफ सुविधा प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है, जिससे जरूरतमंद दंपत्तियों को निःशुल्क लाभ मिल सकेगा।

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