छत्तीसगढ़
शराब-घोटाला…CA समेत 3 आरोपी EOW रिमांड पर:रकम की हेराफेरी मामले में 5 दिन होगी पूछताछ, साव बोले-कांग्रेस ने लखमा को बलि का बकरा बनाया
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में EOW ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें चार्टड अकाउंटेंट संजय कुमार मिश्रा, उसके भाई मनीष मिश्रा और अभिषेक सिंह शामिल हैं। अभिषेक आबकारी घोटाले के आरोपी अरविंद सिंह का भतीजा है।
EOW ने चार्टड अकाउंटेंट अभिषेक समेत तीनों आरोपियों को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 5 दिन की रिमांड पर भेजा है। 26 जुलाई तक EOW पूछताछ करेगी। EOW का दावा है कि आरोपियों के पास घोटाले में लेन-देन, रकम की हेराफेरी और अहम दस्तावेज की जानकारी है।
संजय और मनीष ने नेक्स्टजेन पावर कंपनी बनाई और एफएल 10 लाइसेंस लेकर राज्य में महंगी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की सप्लाई करते थे। इससे पहले 18 जुलाई को पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर पर ED ने छापेमारी की थी। चैतन्य बघेल को शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया है।
पूर्व सीएम बघेल के बेटे को ED ने किया गिरफ्तार
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर कस्टोडियल रिमांड पर लिया है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। 22 जुलाई को चैतन्य बघेल की कस्टोडियल रिमांड खत्म हो रही है। 5 दिनों की पूछताछ के बाद उन्हें मंगलवार को दोपहर 3 बजे के बाद रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
1000 करोड़ से ज्यादा ब्लैक मनी की हैंडलिंग
ED के मुताबिक लीकर स्कैम में पूछताछ में शराब कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू ने EOW को बयान दिया था कि, उसने और चैतन्य बघेल ने मिलकर 1000 करोड़ से ज्यादा घोटाले की रकम को हैंडल किया। यह कैश अनवर ढेबर ने दीपेन चावड़ा को पहुंचाया। यह पैसा बाद में राम गोपाल अग्रवाल को दिया गया।
इसकी व्यवस्था चैतन्य बघेल के साथ मिलकर की गई और चैतन्य बघेल के कहने पर 1000 करोड़ में से 100 करोड़ नकद केके श्रीवास्तव को दिया गया। पप्पू बंसल ने पूछताछ में ये भी स्वीकर किया है कि शराब घोटाले से उसे 3 महीने में 136 करोड़ रुपए मिले हैं। अनवर ढेबर और नितेश पुरोहित के बीच चैट में हुई बातचीत में इसकी जानकारी है।
कौन है लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल
पप्पू बंसल दुर्ग भिलाई का शराब कारोबारी है। प्रॉपर्टी डीलर का काम करने के दौरान शराब कारोबार से जुड़ा। भूपेश बघेल के करीबी होने के साथ ही कोयले का भी कारोबार है।
चैतन्य के प्रोजेक्ट में 13-15 करोड़ इन्वेस्ट
ED ने अपनी जांच में पाया कि चैतन्य बघेल के विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट (बघेल डेवलपर्स) में घोटाले के पैसे को इन्वेस्ट किया गया है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े अकाउंटेंट के ठिकानों पर छापेमारी कर ED ने रिकॉर्ड जब्त किए।
प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट राजेन्द्र जैन ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में वास्तविक खर्च 13-15 करोड़ था। जबकि रिकॉर्ड में 7.14 करोड़ ही दिखाया गया। जब्त डिजिटल डिवाइसेस से पता चला कि बघेल की कंपनी ने एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ कैश पेमेंट किया गया, जो रिकॉर्ड में नहीं दिखाया गया।
फर्जी फ्लैट खरीदी के जरिए पैसे की हेराफेरी
ED ने अपनी जांच में पाया है कि त्रिलोक सिंह ढिल्लो ने 19 फ्लैट खरीदने के लिए 5 करोड़ बघेल डेवलपर्स को ट्रांसफर किया। ढिल्लन ने ये फ्लैट अपने कर्मचारियों के नाम पर खरीदे लेकिन पेमेंट त्रिलोक ढिल्लो ने खुद दिया।
ED ने जब ढिल्लन के कर्मचारियों से पूछताछ की तो कर्मचारियों ने बताया कि ये फ्लैट की खरीदी उन्हीं के नाम पर हुई, लेकिन पैसे ढिल्लो ने दिए। ये सारा ट्रांजेक्शन 19 अक्टूबर 2020 को एक ही दिन हुआ। ED ने कहा कि ब्लैक को लीगल करने के लिए यह एक पूर्व-योजना के तहत किया गया लेन-देन था। इसका मकसद पैसे को छिपाकर चैतन्य बघेल तक पहुंचाना था।

ED ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर चैतन्य बघेल को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया।
5 करोड़ कैश के बदले फर्जी ट्रांसफर
ED के मुताबिक भिलाई के एक ज्वेलर्स ने चैतन्य बघेल को 5 करोड़ रुपए उधार दिए लेकिन ED की जांच में सामने आया कि जो 5 करोड़ रुपए चैतन्य की दो कंपनियों को लोन के रूप में दिया गया ।
बाद में इसी ज्वेलर्स ने बघेल की कंपनी से 6 प्लॉट खरीदे जिसकी कीमत 80 लाख थी। ED ने बताया कि यह पैसा शराब घोटाले से आया हुआ कैश था। यह पैसा बैंक के जरिए ट्रांसफर किया गया। ताकि कैश को लीगल दिखाया जा सके।
पैसा छुपाने के लिए फ्रंट कंपनियों का इस्तेमाल
ईडी का दावा है कि चैतन्य बघेल ने घोटाले का पैसा पाने के लिए दूसरे लोगों और कंपनियों का इस्तेमाल किया ताकि ED और अन्य एजेंसियां ट्रैक न कर सकें। जैसे ढिल्लन सिटी मॉल में पैसा आया, फिर ढिल्लन ड्रिंक्स से कर्मचारियों को पैसा ट्रांसफर हुआ, फिर वही पैसा बघेल डेवलपर्स को दिया गया। ED का दावा है कि चैतन्य बघेल के पास 16.70 करोड़ के अवैध घोटाले के पैसे आए।
छत्तीसगढ़
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद जैन के निधन पर जताया शोक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद जैन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महावीर प्रसाद जैन ने अपने जीवन को समाजसेवा, राष्ट्रहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित किया।आपातकाल के कठिन दौर में उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए साहसपूर्वक संघर्ष किया और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। उस समय उनके द्वारा किया गया त्याग और समर्पण लोकतांत्रिक चेतना के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का परिचायक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री जैन का जीवन समाज के लिए प्रेरणादायी रहा है। उनका योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें।
छत्तीसगढ़
बिलासपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने की दी सीख
आर्चरी खिलाड़ियों को 5-5 हजार देने की घोषणा


बिलासपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बैगा-बिरहोर आदिवासियों से कहा कि अपनी समृद्ध, पारंपरिक संस्कृति को सहेजने के लिए स्थानीय भाषाओं, लोकगीतों, कलाओं और रीति-रिवाजों को संरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने समृद्ध संस्कृति ओर परंपरा को सहेजकर रखनेे का आग्रह करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ते हुए भी अपनी परंपराओं को विलुप्त न होने दें। राज्यपाल श्री रमेन डेका आज अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान कोटा विकासखंड के शिवतराई पहुंचकर बैगा और बिरहोर आदिवासियों से शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि बैगा और बिरहोर समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराएं उनकी पहचान हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने आर्चरी के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रत्येक खिलाड़ी को 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने खिलाड़ियों को लोकभवन रायपुर आने का निमंत्रण दिया तथा कलेक्टर को उनके आवागमन सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

स्व-सहायता समूह द्वारा आजीविका गतिविधियां संचालित
राज्यपाल श्री डेका ने लखपति दीदी श्रीमती प्रमिला बैगा से चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे गोंदा स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह की श्रीमती रश्मि मरावी ने बताया कि उनके समूह द्वारा सिलाई-मशीन का काम, अचार-पापड़ निर्माण सहित अन्य आजीविका गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बैगा महिलाओं द्वारा बांस से विभिन्न उपयोगी उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। राज्यपाल ने आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास
योजना(ग्रामीण), राशन की उपलब्धता, पीएम जनमन योजना सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली। औरापानी की श्रीमती मंगली ने बताया कि उन्हें आवास योजना का लाभ मिला है। शिवतराई की श्रीमती ममता खुसरो ने बताया कि उन्हें आयुष्मान कार्ड के साथ महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने आयुष्मान कार्ड से अपना अल्सर का ऑपरेशन भी कराया है।
जनमन योजना के तहत 265 आवास स्वीकृत
राज्यपाल ने कहा कि बांस के उत्पाद और पारंपरिक गहने बनाना सिखाने के लिए प्रशिक्षक की भी व्यवस्था की जाएगी। राज्यपाल ने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने पर भी जोर दिया। इस दौरान सरपंच ने बताया कि यहां पीएम जनमन योजना के तहत 265 आवास स्वीकृत हुए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में पीवीटीजी समुदाय के लगभग 6400 लोग 54 बसाहटों में निवासरत हैं। पीएम जनमन योजना के तहत लगभग 900 आवास स्वीकृत किए गए हैं तथा 21 सड़कों का निर्माण किया गया है। टाटीधार में बहुद्देशीय केंद्र बनाया गया है। पीवीटीजी बसाहटों में 3 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण और दवाईयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
नियमित रूप से मेडिकल कैंप लगाए
राज्यपाल ने निर्देश दिए कि पीएम जनमन योजना का अधिक से अधिक लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए तथा नियमित रूप से मेडिकल कैंप लगाए जाएं। उन्होंने टीबी मरीजों के पोषण के लिए उन्हें गोद लेने की पहल को भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को मोतियाबिंद की समस्या है, तो वे एम्स आ सकते हैं, वहां उनके ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी। राज्यपाल ने बैगा समाज के लोगों को होली पर्व की शुभकामनाएं दीं और उन्हें उपहार भी प्रदान किया।
इस अवसर पर बैगा समाज के प्रमुख लुमन सिंह बैगा ने पलाश के फूलों की माला पहनाकर राज्यपाल का स्वागत किया तथा बैगा महिलाओं ने खुमरी पहनाकर उनका पारंपरिक स्वागत किया। कार्यक्रम में एसएसपी रजनेश सिंह, सीसीएफ मनोज पांडे, एडीएम शिव कुमार बनर्जी सहित बड़ी संख्या में बैगा आदिवासी समाज के लोग, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़
रायपुर : कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने राज्यपाल से की सौजन्य भेंट
पत्रकारिता विश्वविद्यालय के विकास पर चर्चा
रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने मंगलवार को कुलाधिपति एवं राज्यपाल रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दयाल ने विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्य करने का अवसर देने और विकास के प्रति विश्वास जताने के लिए कुलाधिपति के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रोफेसर दयाल ने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय के हित, प्रगति और शैक्षणिक गुणवत्ता को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सभी प्रयास कुलाधिपति के मार्गदर्शन में किए जाएंगे। भेंट के दौरान विश्वविद्यालय के भावी विकास के लिए तैयार रोडमैप, रूपरेखा और विभिन्न योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. दयाल ने उच्च शिक्षा सचिव तथा उच्च शिक्षा आयुक्त से भी मुलाकात कर विश्वविद्यालय की प्रगति, शैक्षणिक गुणवत्ता और विकास संबंधी योजनाओं पर चर्चा की। अधिकारियों ने विश्वविद्यालय की उन्नति के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
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