छत्तीसगढ़
राजेश मूणत के पोस्टर पर यूथ-कांग्रेस ने पोती कालिख:रायपुर NIT-चौपाटी शिफ्टिंग को लेकर जताया विरोध, कार्रवाई नहीं होने पर सीएम आवास घेरने चेतावनी दी
रायपुर,एजेंसी। युवा कांग्रेस ने बुधवार को पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक राजेश मूणत के पोस्टर पर कालिख पोतकर विरोध जताया। एनआईटी चौपाटी वाली जगह पर जहां नए नालंदा परिसर की घोषणा का होर्डिंग लगाया था, वहां पहुंचकर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और राजेश मूणत के पोस्टर पर कालिख पोत दी।
विपक्ष लगातार कर रहा है चौपाटी हटाए जाने का विरोध
रायपुर के एनआईटी चौपाटी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दुकानें भले ही आमानाका में शिफ्ट कर दी गई हैं, लेकिन विपक्ष इसे लेकर लगातार सरकार पर हमलावर है। कुछ दिन पहले कांग्रेस नेताओं ने डिप्टी सीएम अरुण साव से मुलाकात की। इस दौरान 7 दिनों के भीतर जांच कमेटी गठित करने की मांग की गई।
कांग्रेस का आरोप है कि अधिकारियों ने पहले इस चौपाटी को अनुमति दी और अब वही अधिकारी इसे अवैध बताकर तोड़ रहे हैं।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें:
- चौपाटी विवाद की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति बने।
- जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
- राजनीतिक दबाव में निर्णय लेने वाले जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जांच हो।
- भविष्य की कार्रवाईयों के लिए स्पष्ट नीति प्रकाशित की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
अगर 7 दिनों के भीतर इन मुद्दों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेता लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
चौपाटी का विरोध और नालंदा-2 का निर्माण
रायपुर में 10 करोड़ रुपए खर्च करके चौपाटी का विकास किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद इसे हटाने और नालंदा-2 बनाने की योजना पर काम तेजी से शुरू हुआ। नवंबर 2025 में नगरीय प्रशासन ने नालंदा-2 के लिए टेंडर पूरा कर लिया और 15 नवंबर से चौपाटी शिफ्टिंग की तारीख तय कर दी।
हालांकि, इससे पहले ही रेलवे ने 32 दुकानदारों को नोटिस भेजकर जमीन पर अपना दावा जताया। इस विवाद को लेकर नगर निगम और रेलवे के बीच बातचीत जारी है, ताकि जल्द इस मामले का समाधान निकाला जा सके।
छत्तीसगढ़
सीबीएसई 12वीं में पलक अग्रवाल के 96.02% अंक
सक्ती। शहर के दीपक अग्रवाल की बेटी पलक अग्रवाल ने 13 मई को घोषित सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में 96.02% अंक हासिल किए। पलक इस समय इंदौर में पढ़ाई कर रही हैं। वह शुरुआत से ही मेधावी रही हैं। पलक की सफलता से परिवार में खुशी है। सक्ती और रायगढ़ जिले के लोगों ने भी इस सफलता पर खुशी जताई है। पलक ने कहा कि वह आगे और मेहनत करेगी। वह उच्च शिक्षा की ओर बढ़ना चाहती है।

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल बोर्ड के रिजल्ट जारी:12वीं में 71% और 10वीं में 58.39% स्टूडेंट्स पास, दोनों कक्षाओं में लड़कियां आगे रहीं
रायपुर,एजेंसी। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बुधवार को छत्तीसगढ़ स्टेट ओपन स्कूल की ओर से आयोजित हाई स्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) मुख्य परीक्षा मार्च-अप्रैल 2026 के परिणाम घोषित किए।
इस साल 12वीं का ओवरऑल रिजल्ट 71% रहा, जबकि 10वीं में 58.39% स्टूडेंट्स पास हुए। दोनों ही परीक्षाओं में छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए लड़कों से अधिक पास प्रतिशत दर्ज किया।
12वीं में लड़कियों का रिजल्ट 72.17% और लड़कों का 70.01% रहा। वहीं 10वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 59.82% और लड़कों का 57.43% दर्ज किया गया।

12वीं में कुल 40 हजार से ज्यादा ने कराया था रजिस्ट्रेशन
12वीं में कुल 40,256 स्टूडेंट्स ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 38,683 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें कुल 24,823 स्टूडेंट्स पास हुए और ओवरऑल पास प्रतिशत 71% दर्ज किया गया।
लड़कियों का रिजल्ट 72.17% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 70.01% दर्ज हुआ। यानी लड़कियां 2.16% की बढ़त के साथ आगे रहीं।
40 हजार में से 38 हजार स्टूडेंट्स परीक्षा में बैठे
इस बार परीक्षा के लिए कुल 40,256 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें 21,725 लड़के और 18,531 लड़कियां थीं। हालांकि 161 स्टूडेंट्स का परीक्षा फॉर्म निरस्त हो गया। इसके बाद 38,683 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए।
| वर्ग | लड़के | लड़कियां | कुल |
| रजिस्टर्ड | 21,725 | 18,531 | 40,256 |
| परीक्षा में शामिल | 20,851 | 17,832 | 38,683 |
| रिजल्ट घोषित | 19,002 | 15,959 | 34,961 |
24,823 स्टूडेंट्स पास, 9,594 ने हासिल की फर्स्ट डिवीजन
रिजल्ट में सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स ने फर्स्ट और सेकंड डिवीजन हासिल की। कुल 9,594 स्टूडेंट्स ने फर्स्ट डिवीजन प्राप्त की, जबकि 10,368 स्टूडेंट्स सेकंड डिवीजन से पास हुए।
| डिवीजन | संख्या |
| फर्स्ट डिवीजन | 9,594 |
| सेकंड डिवीजन | 10,368 |
| थर्ड डिवीजन | 4,738 |
| पास | 123 |
| कुल पास | 24,823 |
लड़कियां फर्स्ट डिवीजन में भी आगे
फर्स्ट डिवीजन हासिल करने वाले विद्यार्थियों में भी लड़कियों का प्रदर्शन मजबूत रहा। 4,756 लड़कियों ने फर्स्ट डिवीजन प्राप्त की, जबकि लड़कों की संख्या 4,838 रही। कुल परीक्षार्थियों की तुलना में लड़कियों का सफलता अनुपात ज्यादा दिखाई दिया।
वहीं सेकंड डिवीजन में 5,643 लड़के और 4,725 लड़कियां सफल रहीं। थर्ड डिवीजन में 2,748 लड़के और 1,990 लड़कियां शामिल रहीं।
3,682 विद्यार्थियों का रिजल्ट RTD
परीक्षा परिणाम में 3,682 विद्यार्थियों का रिजल्ट RTD श्रेणी में गया। इसमें लड़कों की संख्या 1,821 और लड़कियों की संख्या 1,861 रही। वहीं 40 विद्यार्थियों का रिजल्ट RWI/RWC/RWS श्रेणी में रखा गया
10वीं में भी लड़कियों ने मारी बाजी
12वीं की तरह 10वीं में भी इस बार लड़कियों ने रिजल्ट में बाजी मारी है। लड़कियों का पास प्रतिशत 59.82% रहा, जबकि लड़कों का रिजल्ट 57.43% दर्ज किया गया। यानी छात्राएं 2.39% की बढ़त के साथ आगे रहीं।
परीक्षा के लिए कुल 33,693 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 31,852 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। कुल 18,578 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए। ओवरऑल रिजल्ट 58.39% रहा।
33 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने कराया था रजिस्ट्रेशन
इस बार परीक्षा के लिए 20,163 लड़कों और 13,530 लड़कियों सहित कुल 33,693 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। हालांकि 177 विद्यार्थियों का फॉर्म निरस्त हो गया। इसके बाद 31,852 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
| वर्ग | लड़के | लड़कियां | कुल |
| रजिस्टर्ड | 20,163 | 13,530 | 33,693 |
| परीक्षा में शामिल | 18,997 | 12,855 | 31,852 |
| रिजल्ट घोषित | 18,974 | 12,839 | 31,813 |
18,578 विद्यार्थी पास, सबसे ज्यादा सेकंड डिवीजन
इस बार सबसे ज्यादा विद्यार्थियों ने सेकंड डिवीजन हासिल की। कुल 7,700 विद्यार्थियों ने सेकंड डिवीजन प्राप्त की, जबकि 5,874 विद्यार्थियों ने फर्स्ट डिवीजन हासिल की।
| डिवीजन | संख्या |
| फर्स्ट डिवीजन | 5,874 |
| सेकंड डिवीजन | 7,700 |
| थर्ड डिवीजन | 4,947 |
| पास | 57 |
| कुल पास | 18,578 |
लड़कियां हर वर्ग में मजबूत प्रदर्शन में आगे
फर्स्ट डिवीजन में 3,404 लड़के और 2,470 लड़कियां सफल रहीं। वहीं सेकंड डिवीजन में 4,520 लड़के और 3,180 लड़कियां पास हुईं। थर्ड डिवीजन में 2,932 लड़के और 2,015 लड़कियां शामिल रहीं।
हालांकि संख्या में लड़के ज्यादा रहे, लेकिन कुल परीक्षार्थियों के अनुपात में लड़कियों का प्रदर्शन बेहतर रहा। यही वजह है कि उनका पास प्रतिशत लड़कों से अधिक दर्ज किया गया।
39 विद्यार्थियों का रिजल्ट रोका गया
रिजल्ट में 39 विद्यार्थियों को RWI/RWC/RWS श्रेणी में रखा गया है। इनमें 23 लड़के और 16 लड़कियां शामिल हैं। बोर्ड की ओर से इन मामलों की अलग से समीक्षा की जाएगी।
कोरबा
कोयला गैसीकरण को मिली नई गति : केंद्र सरकार की 37,500 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी
भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में भी संभावनाओं पर कार्य जारी
बिलासपुर/कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी प्रदान की है। यह योजना वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य को गति देने, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने तथा एलएनजी, यूरिया, अमोनिया और मेथेनॉल जैसे उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस योजना के अंतर्गत लगभग 75 मिलियन टन कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत नई परियोजनाओं को प्लांट एवं मशीनरी लागत का अधिकतम 20 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। परियोजनियों का चयन पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।

केंद्र सरकार द्वारा कोयला गैसीकरण क्षेत्र में दी जा रही इस नई गति का प्रभाव देश की प्रमुख कोयला कंपनियों में भी दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) द्वारा भी कोयला गैसीकरण की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। SECL के भटगांव क्षेत्र स्थित महामाया खदान में कोल गैसीफिकेशन की संभावनाओं का परीक्षण एवं अध्ययन किया जा रहा है। यह पहल भविष्य में कोयले के वैकल्पिक एवं स्वच्छ उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
कोयला गैसीकरण तकनीक के माध्यम से कोयले को ‘सिंथेसिस गैस’ (Syngas) में परिवर्तित किया जाता है, जिसका उपयोग उर्वरक, रसायन, ईंधन तथा अन्य औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जा सकता है। इससे न केवल आयातित ईंधनों पर निर्भरता घटेगी, बल्कि देश में वैल्यू एडिशन एवं औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार के अनुसार इस योजना से लगभग 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित होने की संभावना है तथा लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। साथ ही कोयला उत्पादक क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
भारत के पास लगभग 401 बिलियन टन कोयला एवं 47 बिलियन टन लिग्नाइट भंडार उपलब्ध हैं। ऐसे में कोयला गैसीकरण को ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत एवं ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल माना जा रहा है।
-
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized8 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
