छत्तीसगढ़
जंबूरी 2026 के खिलाफ EOW पहुंची कांग्रेस
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2 weeks agoon
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Divya Akashमंत्री गजेंद्र यादव समेत सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR की मांग, आयोजन रद्द करने की भी मांग
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में होने जा रहे रोवर–रेंजर जंबूरी 2026 को लेकर कांग्रेस ने आयोजन से जुड़े टेंडर आबंटन में गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए ACB/EOW कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने EOW पहुंचकर पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।
पीसीसी महामंत्री सुबोध हरितवाल ने बताया कि, बालोद में 9 जनवरी से प्रस्तावित जंबूरी 2026 के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू से ही संदेह के घेरे में रही। टेंडर 20 दिसंबर को खुलना था, लेकिन उसे गलत तरीके से रद्द कर दिया गया। इसके बाद महज 10 दिनों के अंतराल में दोबारा टेंडर जारी किया गया, जिसकी अंतिम तिथि 3 जनवरी तय थी।
हैरानी की बात यह है कि, टेंडर अंतिम तारीख तक खुला ही नहीं, लेकिन मौके पर काम लगभग पूरा हो चुका है। जमीनी हकीकत यह है कि करोड़ों रुपए का काम हो चुका है, जबकि अब तक किसी भी कंपनी को औपचारिक रूप से वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया।

बालोद में होना है जंबूरी 2026।
संरक्षण में किया गया काम, क्या यह भ्रष्टाचार नहीं
सुबोध हरितवाल ने सवाल उठाया कि, जब टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, तब किसके आदेश पर निजी कंपनी ने काम शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री और विभागीय अधिकारियों के संरक्षण में पहले ही तय कंपनी से काम कराया गया, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
इसी आधार पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ACB/EOW में आवेदन देकर मंत्री गजेंद्र यादव सहित आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने की मांग की है।
जेम पोर्टल की पारदर्शिता पर सवाल
कांग्रेस ने जेम पोर्टल के जरिए होने वाली सरकारी निविदाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि जेम पोर्टल का उद्देश्य समान अवसर और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, लेकिन इस मामले में टेंडर खुलने से पहले ही निजी कंपनी द्वारा काम शुरू कर देना पूरी व्यवस्था को संदिग्ध बनाता है।
टेंडर से पहले कंपनी मौके पर मौजूद
कांग्रेस के अनुसार, बालोद स्थित शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में जंबूरी आयोजन प्रस्तावित है। टेंडर खुलने से पहले ही वहां ‘भारत किराया भंडार’ नामक कंपनी के ट्रक, सामग्री और मजदूर मौजूद थे। काम पूरी तैयारी के साथ शुरू हो चुका था, जिससे यह सवाल उठता है कि कंपनी को पहले से जानकारी किसने दी।
अधिकारियों के मोबाइल रहे बंद
इस मामले को और गंभीर बताते हुए सुबोध हरितवाल ने कहा कि टेंडर दस्तावेज में जिन अधिकारियों के मोबाइल नंबर दर्ज थे, उनसे संपर्क करने पर फोन स्विच ऑफ मिला। कांग्रेस का आरोप है कि यह जवाबदेही से बचने की कोशिश है।
निष्पक्ष जांच और आयोजन रद्द करने की मांग
कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जब तक यह स्पष्ट नहीं हो जाता कि टेंडर से पहले काम किसके आदेश पर शुरू हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही, तब तक जंबूरी 2026 का आयोजन रद्द किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मामले को दबाने की कोशिश की गई, तो पार्टी इसे सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी।
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कोरबा
सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन
Published
7 hours agoon
January 16, 2026By
Divya Akash220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।

अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कोरबा
बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख
Published
7 hours agoon
January 16, 2026By
Divya Akashकोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
कोरबा
सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत
Published
7 hours agoon
January 16, 2026By
Divya Akashसुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

हृदयविदारक घटना – 25 वर्षीय युवती का सर कुचलकर हत्या,,,,दीपका…..देखे पूरी खबर
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