Connect with us

कोरबा

जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनीं नागरिकों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

Published

on

नकिया पंचायत के पहाड़ी कोरवा को मिलेगा समय पर राशन, कलेक्टर के निर्देश

पीएम आवास की राशि त्रुटिवश अन्य खाते में जमा, कलेक्टर ने जांच हेतु किया निर्देशित

दुर्घटना की आशंका को देखते हुए कुकरीचोली में क्षतिग्रस्त विद्युत पोल की परीक्षण कर बदलने के निर्देश

कोरबा। जिला कार्यालय में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन  में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के दूरस्थ वनांचल एवं शहरी क्षेत्रों से आए आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने प्राप्त आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार एवं समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए।
आवेदकों ने एक एक कर अपने आवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया एवं अपनी समस्याएं बताई।  जनदर्शन में नकिया पंचायत के पहाड़ी कोरवा ग्रामीणों द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन वितरण में लापरवाही की शिकायत प्रस्तुत की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए खाद्य अधिकारी को तत्काल जांच कराने तथा दो दिवस के भीतर सभी हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि  उचित मूल्य की राशन दुकानों से समय पर हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित हो, खाद्य निरीक्षक फील्ड पर इसका मॉनिटरिंग करें,  साथ ही इस प्रकार की शिकायत पर त्वरित कार्रवाही करते हुए उपभोक्ताओं को समय पर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित किया जाएं।


करतला तहसील के ग्राम भंवरखोल की निवासी भारती ने आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि उसके पिता श्याम लाल कंवर के नाम से स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना  की राशि आवेदन के दौरान खाता क्रमांक की गलत प्रविष्टि के कारण किसी अन्य व्यक्ति के खाते में अंतरित हो गई है। आवेदिका द्वारा राशि वापस दिलाने का आग्रह किया गया। कलेक्टर श्री दुदावत ने प्रकरण के सम्बंध में  जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए हितग्राही को राशि वापस दिलाने के निर्देश दिए।


कुकरीचोली के ग्रामीण द्वारा गांव के  क्षतिग्रस्त विद्युत पोल को बदलवाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन में बताया गया कि विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने के कारण तार अत्यधिक झुक गया है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कलेक्टर  ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए विद्युत विभाग के अधिकारियों को स्थल निरीक्षण कर शीघ्र क्षतिग्रस्त विद्युत पोल को बदलने तथा सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार जनदर्शन में आज सीमांकन, बटांकन,  सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर आर्थिक सहायता, आरबीसी 6-4 के तहत राहत राशि, प्रधानमंत्री आवास योजना, अवैध कब्जा हटवाने, मुआवजा भुगतान, अधिक बिजली बिल की जांच सहित विभिन्न विषयों से संबंधित 112 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी प्रकरणों में संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के निर्देश देते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल,  सीईओ जिला पंचायत दिनेश नाग, अपर कलेक्टर कटघोरा ओंकार यादव,  शिक्षा, कृषि, खाद्य, समाज कल्याण, श्रम,  महिला बाल विकास, आदिवासी विकास सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

कोरबा में जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा:डीबीएल कंपनी के गेट पर धरना-प्रदर्शन, मरम्मत के आश्वासन के बाद खत्म आंदोलन

Published

on

कोरबा। कोरबा में कुदमुरा-स्यांग और बरपाली-दादरपारा मार्ग की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार को डीबीएल कंपनी के गेट पर प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज, कोरबा के जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो के नेतृत्व में यह धरना और गेट जाम आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से सफल रहा।

इस आंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, महिलाएं और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सुबह से ही जिल्गा और दादरपारा के पास स्थित डीबीएल के प्लांट/यार्ड के मुख्य गेट पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए थे। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर सड़क मरम्मत और धूल-कीचड़ से निजात दिलाने की मांग करते हुए नारेबाजी की।

कंपनी प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

कंपनी प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में कुदमुरा से स्यांग रोड और बरपाली से दादरपारा मार्ग की तत्काल मरम्मत शामिल थी। इसके अलावा, धूल और कीचड़ की समस्या से राहत, भारी वाहनों का नियंत्रित संचालन और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।

ग्रामीणों का कहना था कि डीबीएल कंपनी के भारी वाहनों के लगातार आवागमन से ये दोनों मार्ग पूरी तरह जर्जर हो गए हैं, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को रोजाना परेशानी हो रही है।

मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद, आंदोलन को सफल मानते हुए शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।

मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद, आंदोलन को सफल मानते हुए शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।

जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा चुका था

आंदोलन के दौरान, जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो ने ग्रामीणों की समस्याओं को कंपनी प्रबंधन के सामने गंभीरता से रखा। आंदोलन से पहले जिला प्रशासन को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा जा चुका था। इसके बाद कंपनी प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।

चर्चा के दौरान, कंपनी प्रबंधन ने ग्रामीणों की समस्याओं को स्वीकार किया और सड़क मरम्मत तथा आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र शुरू करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, आमजन को हो रही परेशानियों को कम करने के लिए नियमित पानी छिड़काव, सड़क समतलीकरण और सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपाय करने पर भी सहमति बनी।

मांगे पूरी होने पर आंदोलन खत्म किया

ग्रामीणों ने बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह से जनहित और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर किया गया था। कंपनी प्रबंधन द्वारा सकारात्मक पहल और मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद, आंदोलन को सफल मानते हुए शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर दिया गया।

छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो ने आंदोलन में शामिल सभी ग्रामवासियों, महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

Continue Reading

कोरबा

केमिकल से पकाए फलों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई:कोरबा में 10 किलो आम और 4 दर्जन केले फेंके, नमूने लैब भेजे गए

Published

on

कोरबा। कोरबा में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को फल दुकानों पर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान सड़े-गले और रसायन से पकाए गए फल मिलने पर 10 किलो आम और 4 दर्जन केले मौके पर ही नष्ट कर दिए गए। यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा दीपक अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

विभाग की टीम ने राजा फ्रूट सेंटर, राजेश फ्रूट सेंटर, शारदा फ्रूट सेंटर और सर्वमंगला फ्रूट सेंटर सहित कुल 11 संस्थानों की जांच की। कई दुकानों में फलों को पकाने के लिए प्रतिबंधित कार्बाइड के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने फलों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

फलों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि यह विशेष अभियान 27 मई से 29 मई 2026 तक पूरे छत्तीसगढ़ में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को गुणवत्तापूर्ण फलों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

गर्मी के मौसम में आम, केला और तरबूज जैसे फलों की मांग बढ़ जाती है। इसका फायदा उठाकर कुछ व्यापारी फलों को रसायन से पकाकर बेचते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।

रसायन से पके फल बेचने वालों को सख्त चेतावनी

कार्रवाई के दौरान दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई कि वे केवल प्राकृतिक तरीके से पके फल ही बेचें। उन्हें फलों पर रंग या वैक्स का इस्तेमाल न करने और कोल्ड स्टोरेज व दुकानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। बिना लाइसेंस के कारोबार करने वाले विक्रेताओं को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

विभाग ने आम जनता से अपील की है कि फल खरीदते समय सावधानी बरतें। अस्वाभाविक रूप से चमकदार, एक जैसे रंग वाले या संदिग्ध फल न खरीदें। किसी भी दुकान पर गड़बड़ी दिखने पर टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, सैंपलिंग असिस्टेंट और नगर निगम का अमला शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि अभियान अगले दो दिनों तक शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की मंडियों और थोक बाजारों में भी जारी रहेगा।

जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी दुकानदारों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Continue Reading

कोरबा

सुशासन तिहार 2026-गांव-गांव पहुंच रही राहत और विश्वास की नई किरण

Published

on

कृषक नंद किशोर राजवाड़े को मिली डिजिटल किसान किताब, शासन की पहल से मिली बड़ी सुविधा

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार 2026 आमजनों की समस्याओं एवं मांगों के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इस पहल के जरिए लोगों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिल रहा है, साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी सहज रूप से प्राप्त हो रही है। सुशासन तिहार न केवल शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत कर रहा है, बल्कि लोगों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियाँ भी ला रहा है।

इसी क्रम में कोरबा जिले के ग्राम कनकी निवासी कृषक नंद किशोर राजवाड़े की समस्या का भी त्वरित समाधान किया गया। लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़े श्री राजवाड़े के पास लगभग ढाई से तीन एकड़ कृषि भूमि है, जहां वे मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं। खेती के साथ-साथ शासकीय योजनाओं एवं कृषि संबंधी प्रक्रियाओं में बढ़ती डिजिटल व्यवस्था के कारण उन्हें डिजिटल किसान किताब की आवश्यकता महसूस हो रही थी। डिजिटल किसान किताब नहीं होने से उन्हें कई जरूरी कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था तथा वे विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे थे।
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। शिविर में पहुंचकर उन्होंने अपनी समस्या जिला प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष रखी और डिजिटल किसान किताब नहीं होने से हो रही परेशानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों द्वारा उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई गई और उन्हें त्वरित रूप से डिजिटल किसान किताब उपलब्ध कराई गई।
डिजिटल किसान किताब प्राप्त होने पर श्री राजवाड़े ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें कृषि संबंधी दस्तावेजों एवं योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रहा है। गांव में ही शिविर लगने से आमजन को सीधे लाभ मिल रहा है और समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन कोरबा के प्रति आभार व्यक्त किया।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677