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छत्तीसगढ़

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR..भूपेश बघेल ने योगी को बताया ढोंगी:कहा- योगी अब निम्न स्तर पर उतरे, महंत-मुख्यमंत्री दोनों पद पर एक आदमी कैसे

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दुर्ग-भिलाई,एजेंसी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR होने पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान सामने आया है। उन्होंने इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ को ढोंगी बताया और कहा कि योगी अब निम्न स्तर पर उतर आए हैं।

बघेल ने कहा कि महंत भी 24 घंटे के लिए होता पूर्ण कालिक होता है, मुख्यमंत्री भी पूर्ण कालिक होता है। दोनों पद में एक साथ कोई आदमी कैसे रह सकता है।

दल्लीराजहरा जाते समय दुर्ग में मीडिया से बातचीत में बघेल ने यह बयान दिया। इसके साथ ही उन्होंने 24 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र पर भी सवाल उठाए। भूपेश बघेल ने कहा कि केवल 15 बैठकों का प्रस्तावित बजट सत्र राज्य जैसे बड़े विषयों पर चर्चा के लिए पर्याप्त नहीं है।

दुर्ग में पटेल चौक पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत।

दुर्ग में पटेल चौक पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत।

बजट सत्र पर 15 बैठकें काफी नहीं – भूपेश बघेल

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, केवल 15 बैठकों का प्रस्तावित बजट सत्र राज्य जैसे बड़े विषयों पर चर्चा के लिए पर्याप्त नहीं है। 23 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण निर्धारित है। परंपरा के अनुसार अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होती है, लेकिन जानकारी मिल रही है कि 24 तारीख को ही बजट पेश किया जाएगा।

उन्होंने पूछा इतनी जल्दबाजी किस बात की है? क्या सरकार के पास कहने के लिए कुछ बचा नहीं है। इसलिए सब कुछ एक साथ निपटाया जा रहा है? भूपेश ने कहा कि, कुछ भाजपा नेताओं ने 25 सांसदों और राहुल गांधी को गोली मारने जैसे बयान दिए, लेकिन उस समय बीजेपी पार्टी चुप थी।

22 फरवरी को पत्रकारों से चर्चा के दौरान बीजेपी पर भूपेश ने साधा निशाना।

22 फरवरी को पत्रकारों से चर्चा के दौरान बीजेपी पर भूपेश ने साधा निशाना।

AI समिट पर बोले- चाइनीज कुत्ते को अपना बता दिया

भूपेश बघेल ने कहा कि, आज कल सब जगह कुत्ता ही महत्वपूर्ण हो गया है। यहां देखो शिक्षक, अस्टिटेंट प्रोफेसरों को कुत्तों की निगरानी में ड्यूटी लगा दी गई है। वे अब कुत्ता पकड़ रहे हैं। अब यहां देशी कुत्तों की बात हो रही थी, अब अचानक चाइनीज कुत्ता आ गया है, वो भी नकली।

चाइनीज कुत्ता को अपना कुत्ता बता दिए। पूरा एआई समिट एक तरफ और चाइनीज कुत्ता एक तरफ। गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर भूपेश ने कहा कि, वो गलगोटिया नहीं है, वो भारतीय जनता पार्टी और सरकार का गला घोटने वाला है, पूरा सत्यानाश कर दिया, पूरे कार्यक्रम का गला घोट दिया।

योगी आदित्यनाथ को बताया ढोंगी

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज एफआईआर के सवाल पर बघेल ने कहा कि, महंत और मुख्यमंत्री दोनों पूर्णकालिक पद हैं। ऐसे में एक व्यक्ति दोनों जिम्मेदारियां कैसे निभा सकता है?

महंत भी 24 घंटे के लिए होता है पूर्ण कालिक होता है, मुख्यमंत्री भी पूर्ण कालिक होता है। दोनों पद में एक साथ कोई आदमी कैसे रह सकता है। दूसरी बात शास्त्रार्थ कर लें।

तीसरी बात ये है कि योगी है जो एक पैर पर खड़ा नहीं हो सकता तो वो किस बात का योगी है, ढोंगी है वो। और पूरे उत्तर प्रदेश में महंतजी की थू-थू हो रही है। सर्टिफिकेट मांग रहे हैं तो आपके पास कौन सा सर्टिफिकेट है भाई। ये निम्नस्तर पर उतर आए हैं।

मड़ई मेला में कोई भी लगा सकता है दुकान

दुर्ग जिले के देवबलोदा में मेला विवाद के बाद मंदिरों के आसपास मुस्लिम समुदाय के लोगों को दुकान नहीं लगाने के सवाल पर बघेल ने कहा कि, यह सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है। आज मुसलमानों को रोका जा रहा है, कल एससी-एसटी समाज को भी रोका जा सकता है।

मेला-मड़ई सबका होता है, वहां हर समुदाय के लोग आते-जाते हैं। देश को किस दिशा में ले जाया जा रहा है? कल को बजरंग दल बोल देंगे जिस जाति के लोग हैं, वही रहेंगे बाकी लोग नहीं रहेंगे।

अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन शोषण मामले में FIR

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के मामले FIR दर्ज कर ली गई है। प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज FIR में शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद का भी नाम है।

शंकराचार्य को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद

18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। तभी पुलिस ने उनकी पालकी रोक दी थी। पुलिस ने उनसे पैदल संगम जाने को कहा था। लेकिन, शंकराचार्य के शिष्य नहीं माने थे। वे लोग पालकी लेकर आगे बढ़ने लगे थे।

इस पर शंकराचार्य के शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई थी। पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने एक साधु को चौकी में भी पीटा भी था। इससे शंकराचार्य नाराज हो गए थे और शिष्यों को छुड़वाने पर अड़ गए थे।

तब अफसरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, हाथ जोड़े थे, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद पुलिस ने शंकराचार्य के कई और समर्थकों को हिरासत में ले लिया था। शंकराचार्य की पालकी को खींचते हुए संगम से 1 किमी दूर ले जाया गया था।

इस दौरान पालकी का क्षत्रप भी टूट गया था। शंकराचार्य स्नान भी नहीं कर पाए थे। इसके बाद वह धरने पर बैठ गए थे। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं होने पर शंकराचार्य 28 जनवरी को वाराणसी लौट आए थे।

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कोरबा

स्वर्गीय श्रीमती कुसुम सिन्हा की पुण्य स्मृति में शांति हवन एवं शोक सभा संपन्न

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कोरबा। दिनांक 18 फरवरी 2026 को सायं 05:00 बजे से 06:30 बजे तक छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश के शासकीय आवास, उच्च न्यायालय आवासीय परिसर, बोदरी बिलासपुर में मुख्य न्यायाधीश की पूज्य माताजी स्वर्गीय श्रीमती कुसुम सिन्हा (10 जुलाई 1942 – 15 फरवरी 2026) की पुण्य स्मृति में उनकी आत्मा की शांति हेतु शांति हवन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ तथा शांति हवन विधिवत सम्पन्न किया गया। हवन उपरांत भजन संध्या आयोजित की गई। इसके पश्चात शोक सभा में उपस्थित सभी जनों द्वारा दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
शोक सभा में स्वर्गीय श्रीमती कुसुम सिन्हा के जीवन, उनके सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, उच्च संस्कारों और दृढ़ पारिवारिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि उनका स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद सदैव कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा एवं सेवा भाव की प्रेरणा प्रदान करता रहा है। माताजी की स्मृतियाँ सदा शक्ति, संबल और प्रेरणा देती रहेंगी।
उक्त कार्यक्रम में विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री; तोखन साहू, केन्द्रीय राज्य मंत्री; गजेंद्र यादव, विधि मंत्री; छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण रमेश बैस, पूर्व राज्यपाल; सुशांत शुक्ला, विधायक; महाधिवक्ता; पुलिस महानिदेशक; उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं सचिव; वरिष्ठ अधिवक्तागण; प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी; रजिस्ट्रार जनरल एवं रजिस्ट्री के अधिकारी; छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायिक अधिकारी; जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारी; अधिवक्तागण; उच्च न्यायालय के अधिकारी-कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की पहल ‘देखो अपना देश’ से जागा युवाओं में उत्साह

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एसआईएचएम नया रायपुर में ब्रोशर प्रतियोगिता और पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी में 300 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी 

राज्य व राष्ट्रीय विजेताओं को मिला सम्मान, प्रदर्शनी और करियर मार्गदर्शन का सफल आयोजन

राज्य व राष्ट्रीय विजेताओं को मिला सम्मान, प्रदर्शनी और करियर मार्गदर्शन का सफल आयोजन
राज्य व राष्ट्रीय विजेताओं को मिला सम्मान, प्रदर्शनी और करियर मार्गदर्शन का सफल आयोजन
राज्य व राष्ट्रीय विजेताओं को मिला सम्मान, प्रदर्शनी और करियर मार्गदर्शन का सफल आयोजन
राज्य व राष्ट्रीय विजेताओं को मिला सम्मान, प्रदर्शनी और करियर मार्गदर्शन का सफल आयोजन
राज्य व राष्ट्रीय विजेताओं को मिला सम्मान, प्रदर्शनी और करियर मार्गदर्शन का सफल आयोजन

रायपुर। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय इंडिया टूरिज्म, मुंबई द्वारा स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर (एसआईएचएम) के सहयोग से ‘देखो अपना देश’ ब्रोशर निर्माण प्रतियोगिता, पुरस्कार वितरण समारोह एवं पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में भारत के विविध पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यटन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से उन्हें परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में इंद्र कुमार साहू, विधायक अभनपुर तथा पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक मोहम्मद फारूक मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त पश्चिम एवं मध्य क्षेत्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की डीजीएम सुश्री पूनम शर्मा, आईएचएम रायपुर के वरिष्ठ लेखा अधिकारी समीर मिश्रा तथा संस्थान के प्राचार्य विवेक आचार्य के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ।

राज्य और राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं को मिला सम्मान

समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के विजेताओं को नकद पुरस्कार (चेक), पदक, किट एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्यभर से लगभग 300 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, दुधली के छात्रों ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार हासिल कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बैकुंठपुर एसईसीएल एवं पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय महाराजपुर कवर्धा ने राज्य स्तर पर द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय खैरागढ़, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय कुरुद तथा पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय धमतरी ने राज्य स्तर पर तृतीय पुरस्कार अर्जित किया।

पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी में करियर अवसरों की जानकारी

कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग में उपलब्ध विविध और बढ़ते करियर अवसरों पर विशेष प्रस्तुति दी गई। छात्रों एवं शिक्षकों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिससे सहभागिता और ज्ञानवर्धन को बढ़ावा मिला। प्रदर्शनी में होटल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया था। प्रतिभागियों को एसआईएचएम रायपुर परिसर का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा। छात्रों ने रिसेप्शन प्रबंधन, खाद्य एवं बेकरी निर्माण, फ्रूट एवं वेजिटेबल कार्विंग, फ्लावर डेकोरेशन, टॉवेल आर्ट तथा मॉकटेल निर्माण जैसी व्यावहारिक गतिविधियों का प्रदर्शन देखा और आतिथ्य उद्योग की बारीकियों को समझा।

युवाओं में पर्यटन जागरूकता की सशक्त पहल

‘देखो अपना देश’ पहल के माध्यम से छात्रों में भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के प्रति रुचि और गर्व की भावना विकसित हुई है। यह आयोजन न केवल रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करता है, बल्कि युवाओं को पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं से भी जोड़ता है। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की ‘देखो अपना देश’ पहल वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जिसका उद्देश्य देशवासियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध परंपराओं से परिचित कराना तथा घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को अपने ही देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि वे भारत की अद्भुत विविधता को निकट से जान सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में योगदान दे सकें। ‘देखो अपना देश’ अभियान के अंतर्गत वेबिनार श्रृंखलाएँ, ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिताएँ, वर्चुअल टूर, रचनात्मक प्रतियोगिताएँ तथा पर्यटन शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह पहल विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से अवगत कराने का भी कार्य करती है। साथ ही, डिजिटल माध्यमों और जनसहभागिता के जरिए देश के कम प्रसिद्ध लेकिन संभावनाशील पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया जाता है। इस प्रकार ‘देखो अपना देश’ पहल न केवल नागरिकों में अपने देश के प्रति गर्व और जागरूकता की भावना को सुदृढ़ करती है, बल्कि पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान कर आर्थिक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका से वन मंत्री कश्यप ने भेंट की

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रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन और कौशल विकास मंत्री केदार कश्यप ने सौजन्य भेंट की।

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