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छत्तीसगढ़

घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग पर खाद्य विभाग की कार्रवाई:जांजगीर-चांपा में कई होटलों पर छापेमारी, उपकरण जब्त किए गए

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जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले में घरेलू गैस सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए खाद्य विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। खाद्य विभाग की टीम ने जिले के अलग-अलग व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और होटलों में छापामार कार्रवाई कर जांच की।

इस दौरान कई जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध उपयोग पाया गया, जिस पर विभाग ने गैस सिलेंडर और संबंधित उपकरण जब्त किए। जिला खाद्य अधिकारी कौशल साहू ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर आम उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित होते हैं और उनका व्यावसायिक उपयोग नियमों के विरुद्ध है।

विभाग को कई स्थानों से शिकायतें मिल रही थीं कि होटल और भोजनालयों में घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर भोजन तैयार किया जा रहा है। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर खाद्य विभाग की टीम ने चांपा और जांजगीर क्षेत्र के कई होटलों और प्रतिष्ठानों में अचानक छापेमारी की।

होटलों में व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपयोग की जांच

कार्रवाई के दौरान, चांपा स्थित करणी भोजनालय, पंजाब हवेली रेस्टोरेंट, जलाराम भोजनालय और होटल सुमित इन की जांच की गई। इन प्रतिष्ठानों में व्यावसायिक गैस सिलेंडर का उपयोग पाया गया और संबंधित संचालकों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए।

होटल श्री गणेश में घरेलू गैस का व्यावसायिक इस्तेमाल, सामान जब्त

वहीं, स्टेशन रोड चांपा स्थित होटल श्री गणेश में ग्राहकों के लिए भोजन तैयार करने में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा था। जांच के दौरान होटल के संचालक राजेश तिवारी के कब्जे से दो घरेलू गैस सिलेंडर, एक प्रेशर रेगुलेटर, एक गैस पाइप और एक गैस चूल्हा जब्त किया गया।

जांजगीर में पराठा हाउस से गैस सिलेंडर-उपकरण जब्त

इसी तरह रेलवे स्टेशन चांपा के पास स्थित होटल सोना में भी घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करते हुए नाश्ता तैयार किया जा रहा था। खाद्य विभाग की टीम ने यहां से दो घरेलू गैस सिलेंडर, एक प्रेशर रेगुलेटर, एक गैस पाइप और एक गैस चूल्हा जब्त किया। होटल की संचालक प्रेमलता यादव के खिलाफ भी नियमों के तहत कार्रवाई की गई।

जांजगीर शहर में भी जांच अभियान चलाया गया। यहां पराठा हाउस नामक प्रतिष्ठान में घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाया गया। जांच के दौरान, इस प्रतिष्ठान से दो गैस सिलेंडर, दो गैस चूल्हे, दो प्रेशर रेगुलेटर और दो गैस पाइप जब्त किए गए।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : विश्व रेडक्रॉस दिवस पर राज्य भर में होंगे विशेष कार्यक्रम राज्यपाल डेका ने दिए निर्देश

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रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि रेडक्रॉस के मानव सेवा कार्याे का प्रचार-प्रसार जन-जन तक पहुंचाने के लिए सदस्यता अभियान को गति देना आवश्यक है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, समाज सेवियों एवं विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाए। श्री डेका ने 8 मई विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर राज्य एवं जिला शाखाओं में वृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

         राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष टोमन साहू ने मुलाकात की। इस दौरान रेडक्रॉस सोसायटी की गतिविधियों, सदस्यता अभियान तथा आगामी विश्व रेडक्रॉस दिवस के आयोजन के संबंध में राज्यपाल द्वारा मार्गदर्शन दिया गया।
         श्री डेका ने 8 मई विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर वृहद स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों को रेडक्रॉस स्टीकर लगाकर दान संग्रहण कार्यक्रम चलाएं। उन्होंने प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को जूनियर रेडक्रॉस और यूथ रेडक्रॉस से जोड़ने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि युवाओं की भागीदारी से सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा मिलेगा। 
       बैठक में रेडक्रॉस सोसायटी के विभिन्न कार्यक्रमों और भविष्य की योजना पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी के राज्य प्रतिनिधि युवराज देशमुख और कोषाध्यक्ष संजय पटेल उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : मनरेगा श्रमिकों की ई- के वाय सी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश ने रचा नया कीर्तिमान

मनरेगा श्रमिकों की ई- के वाय सी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

रायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत श्रमिकों के ई-के वाय सी कार्य में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 97.11 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-के वाय सी पूर्ण कर लिया गया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक है। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ ने केरलम, त्रिपुरा, मिजोरम जैसे छोटे राज्यों तथा कर्नाटक, तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों को भी पछाड़कर यह उपलब्धि हासिल की है। 

       महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना; मनरेगा के तहत श्रमिकों की ई.केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करने में छत्तीसगढ़ ने देश भर में अग्रणी स्थान हासिल किया है। प्रदेश में लगभग 56.87 लाख से ज्यादा मजदूरों की डिजिटल वेरिफिकेशन (e-KYC) पूरी की गई है जो भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है। यह डिजिटल प्रक्रिया फर्जी जॉब कार्डों को हटाने और सीधे वास्तविक लाभार्थियों के बैंक खातों में मजदूरी पहुंचाने में मदद कर रही है।
       यह उपलब्धि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल मार्गदर्शन एवं उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के सतत नेतृत्व, मॉनिटरिंग और प्रभावी रणनीति का परिणाम है। राज्य में योजनाबद्ध ढंग से अभियान चलाकर ई-के वाय सी की प्रक्रिया को तेज किया गया, जिससे बड़ी संख्या में श्रमिकों को समयबद्ध रूप से इससे जोड़ा जा सका।
      रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में कुल 58 लाख से अधिक सक्रिय श्रमिकों में से 56 लाख से अधिक का ई-के वाय सी सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
       मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार गरीब और श्रमिक वर्ग के हितों के संरक्षण एवं उन्हें योजनाओं का पारदर्शी लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। ई-के वाय सी के माध्यम से श्रमिकों को समय पर भुगतान एवं योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित हो रहा है।
       उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राम स्तर पर कार्यरत टीमों के समन्वित प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि ई-के वाय सी से न केवल फर्जीवाड़े पर रोक लगी है, बल्कि वास्तविक हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने में भी पारदर्शिता आई है। श्री शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को बधाई देते हुए निर्देशित किया कि शेष लंबित प्रकरणों को भी शीघ्र पूर्ण कर प्रदेश को 100 प्रतिशत e-KYC (ई – के वाय सी) लक्ष्य की ओर अग्रसर किया जाए।
           प्रदेश में चलाए गए विशेष अभियान, ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग से यह सफलता हासिल हुई है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करती है।

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कोरबा

जिला कांग्रेस शहर अध्‍यक्ष ने प्रदेश की भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर किया तीखा प्रहार

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कोरबा। प्रदेश की भाजपा सरकार के द्वारा 1 मई 2026 से 10 जून तक दूसरी बार सुशासन तिहार मनाने की योजना पर जिला कांग्रेस के शहर अध्‍यक्ष मुकेश कुमार राठौर ने प्रदेश की भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है । 

श्री राठौर ने कहा है कि पिछले साल 2025 के मई महीने में लिए गए हजारों आवेदनों का आज तक निराकरण नहीं किया जा सका है । गत वर्ष कोरबा नगर पालिका निगम के सभी 67 वार्डों में सुशासन तिहार के तहत् शिविर लगाकर बड़ी संख्‍या में आवेदन लिए गये थे और तत्‍काल निराकरण का भरोसा दिलाया गया था ।  वार्ड के समस्‍याग्रस्‍त नागरिकों ने भी इस योजना में बढ़ चढ़कर हिस्‍सा लिया और अपने समस्‍या के त्‍वरित निराकरण के लिए आग्रह पत्र जमा किया था, बदले में उन्‍हें पावती दिया गया था जिसमें क्‍यू आर कोड प्रिंट हैं इसी क्‍यू आर कोड के माध्‍यम से आपके आवेदन की कार्य स्थिति का पता चलना है । आज तक इस कोड के माध्‍यम से बस  यही पता चलता है कि आपके कार्य प्रगति पर है । जिला अध्‍यक्ष मुकेश राठौर ने बताया कि चूंकि मैं पार्षद भी हूं, मैंने आपने वार्ड के विभिन्‍न समस्‍याओं के निराकरण के लिए बीते वर्ष कुल 9 आवेदन लगाया था वहीं पूर्व पार्षद श्रीमती सुनीता राठौर ने एक, वार्ड निवासी कुंज बिहारी साहु-एक, बसंत देवांगन ने -दो, दिनेश पाण्‍डेय-दो, धरम साहु-एक, समीर खुंटे-एक, रघुनाथ प्रसाद राठौर-एक, कन्‍हैया राठौर-एक, आर डी नायक-दो, शशिपाली पटेल-एक एवं शिवा राठौर ने एक आवेदन जमा किए थे । कुल 23 आवेदनों में से मात्र 3 कार्यों का निराकरण संभव हो सका है । शेष 20 कार्यों का अता पता नहीं है लेकिन क्‍यू आर कोड के माध्‍यम से पता चलता है कि कार्य प्रगति पर है । 

श्री राठौर ने कहा वार्ड क्र. 19 से कांग्रेस दल की ओर से पार्षद हूं तथा जिला कांग्रेस कमेटी का शहर अध्‍यक्ष हूं, कहीं यही कारण तो नहीं कि मेरे वार्ड को उपेक्षित रखा जा रहा है । उन्‍होंने कहा कि रोड, नाली, बिजली, सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए लोगों को आवेदन लगाने पड़ रहे हैं, जो आज तक लंबित है । श्री राठौर ने स्‍पष्‍ट रूप से सवाल उठाया है कि पिछले वर्ष के सुशासन तिहार का लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की जरूरत है । निगम के पूरे 67 वार्डों में लगाए गए शिविरों में कुल प्राप्‍त आवेदनों और कुल निराकरण एवं कुल लंबित का लेखा जोखा प्रस्‍तुत करने के बाद ही दूसरी बार सुशासन तिहार का शिविर लगाना चाहिए । 

जिला अध्‍यक्ष मुकेश राठाैर ने कहा कि जनता की समस्‍याओं का समय सीमा में निराकरण तथा जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्‍ध कराना ही असली सुशासन है । सुशासन के माध्‍यम से जनता को आवेदन लेकर लाईन में खड़े रखना कुशासन है । बीते साल के सुशासन तिहार में प्राप्‍त आवेदनों पर पारदर्शिता के बिना एक साल बाद दुबारा सुशासन शिविर लगाना जनता के साथ बेईमानी है । गत वर्ष के प्रक्रिया को एक बार दोहराना केवल औपचारिकता और राजनैतिक प्रचार ही कहलाएगा, इसमें कर्मचारी और आम जनता के साथ पंचायत एवं वार्ड स्‍तर के जनप्रतिनिधिगण परेशान होंगे । 

जिला कांग्रेस और विपक्षी पार्षदों की मांग हैं कि पहली बार के सुशासन तिहार शिविर के आवेदनों का पहले निराकरण हो उसके बाद ही दुबारा यह शिविर लगे वरना चिलचिलाती धुप के महिना में लोगों को परेशान करना लोगों के साथ ज्‍यादती होगी । 

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