कोरबा
जिले के 43412 किसानों के खातों में पहुंचा धान खरीदी की अंतरराशि 262.09 करोड़ रूपए
कैबिनेट मंत्री देवांगन के आतिथ्य में कृषि उपज मंडी कटघोरा में जिला स्तरीय कृषक उन्नति योजना कार्यक्रम का हुआ आयोज

कोरबा। किसान हितैषी प्रदेश सरकार के मुखिया विष्णुदेव साय द्वारा आज जनकल्याणकारी योजना कृषक उन्नति योजना का शुभारंभ करते हुए किसानों के खाते में समर्थन मूल्य में धान खरीदी की अंतर की राशि का अंतरण किया गया। बालोद जिले के सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय कृषक उन्नति योजना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा हजारों किसानों एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में राज्य के 24 लाख 72 हजार किसानों के खाते में 13 हजार 320 करोड़ रूपए की आदान सहायता राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने सम्बोधन में कहा कि कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ राज्य के लिए आज का दिन सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार के गठन होने के साथ ही विकास कार्य प्रारंभ हो गए है। सरकार द्वारा पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में कमजोर परिवार के लोगों के लिए 18 लाख पक्के मकान निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई। भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस के अवसर पर दो साल का बकाया बोनस का 12 लाख से अधिक किसानों को 3716 करोड़ रुपये प्रदान किया गया। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए कृषि उन्नति योजना के तहत राज्य के 24.72 लाख किसानों को 13,320 करोड़ रुपये की राशि किसानों के खाते में अंतरित किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ पहुंचाते हुए 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता की खऱीदी की जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में खेती-किसानी और किसानों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। कृषि के क्षेत्र में सम्पन्नता से ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और विकसित राज्य बनाने का सपना साकार होगा। राज्य के सभी जिला मुख्यालयों सहित विकासखण्ड मुख्यालयों में भी कृषक उन्नति योजना कार्यक्रम आयोजित हुए। जिले के कटघोरा विकासखण्ड के कृषि उपज मंडी में आयोजित कृषक उन्नति योजना 2023 आदान सहायता राशि वितरण समारोह कार्यक्रम में प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर, कलेक्टर अजीत वसंत, जिला पंचायत सीईओ संबित मिश्रा, डीएफओ कोरबा अरविंद पीएम, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। कैबिनेट मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के गठन के साथ ही विकास का कार्य तेजी से प्रारंभ हो गया है। राज्य सरकार द्वारा, मजदूर, व्यापारी, युवा, कमजोर वर्ग, महिला पुरूष समाज के सभी वर्ग के हितों में ध्यान में रखकर कार्य किया जा रहा है। किसान हितैषी प्रदेश सरकार द्वारा अपने वादा अनुरूप खरीफ विपणन वर्ष 2023 में किसानो से समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई धान के अंतर की राशि का एकमुश्त भुगतान किसानों के खाते में किया जा रहा है। जिससे जिले की लगभग 43 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने सभी किसानों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योजना से किसान आर्थिक रुप से मजबूत बनेंगे। मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश को सशक्त बनाया है। उनकी अगुवाई में भारत हर क्षेत्र में शक्तिशाली एवं आर्थिक रूप से सुदृढ़ हुआ है। राज्य में मोदी की गारंटी शत प्रतिशत पूरी हो रही है। प्रदेश में सरकार बनते ही मुख्यमंत्री श्री साय ने पहली कैबिनेट बैठक में कमजोर वर्ग के लोगों के लिए 18 लाख पीएम आवास निर्माण की स्वीकृति दी। साथ ही किसानों को बकाया धान का बोनस उनके खाते में प्रदान की गई है। खरीफ विपणन वर्ष 2023 मद 3100 रुपए प्रति क्विन्टल समर्थन मूल्य पर एवं 21 क्विन्टल प्रति एकड़ की दर से अन्नदाताओं से धान की खरीदी की गई है। जिसके अंतर की राशि बोनस के रूप में आज एकमुश्त प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए 5500 रूपए प्रति मानक बोरे की दर से हरा सोना की खरीदी की जाएगी। साथ ही उन्हें चरण पादुका जैसे अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित किया जाएगा। 10 मार्च को महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के खाते मेंएक हजार की मासिक सहायता राशि जारी की गई है। पीएम विश्वकर्मा योजना से कारीगरों को रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। केसीसी के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसान सशक्त बन रहे है। इसी प्रकार प्रदेश सरकार द्वारा जनहित में आगे भी निरंतर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का धरातल पर बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। साथ ही सभी किसानों से जनहितैषी योजनाओं से जुडक़र लाभ लेने का आग्रह किया। जिससे जिले के साथ ही राज्य का विकास हो। विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के लिए पूरी तरह समर्पित है। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है जिसको पूरा करने दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। आज सरकार द्वारा किसानों को अंतर की राशि का भुगतान किया गया है। जिससे किसानों के चेहरे प्रसन्नता से खिल गए है। उन्होंने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए आधुनिक एवं उन्नत कृषि अपनाने एवं अपनी उपज बढ़ाने हेतु प्रोत्साहित किया। कलेक्टर श्री वसंत ने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार की मंशानुरूप आज कृषि उपज मंडी कटघोरा में किसानों को अंतर राशि के भुगतान हेतु यह कार्यक्रम आयोजित की गई है। कृषक परिवारों के लिए आज खुशियों का दिन है। सरकार द्वारा उन्हें सौगात के रूप में धान विक्रय के समर्थन मूल्य के अंतर की राशि 917 रुपए प्रति क्विन्टल की दर से प्रदान की गई है। उन्होंने आमजनों को शासकीय योजनाओं की जानकारी लेने एवं लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया। गौरतलब है की जिले के अन्य जनपदों में भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कृषक उन्नति योजना का खण्ड स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें पाली ब्लॉक के केराझरिया, कोरबा के भैंसमा, पोड़ी-उपरोड़ा के सिरमिना और करतला मुख्यालय में कृषक उन्नति अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित हुए। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा योजना के तहत बटन दबाकर किसानों के खाते में राशि का अंतरण किया। खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में जिले के 43,412 किसानों ने कुल 28.67 लाख क्विंटल धान का विक्रय किया। जिन्हें धान विक्रय के अंतर की राशि के रूप में 262.09 करोड़ की राशि प्रदान की गई।

कोरबा
लायंस क्लब कोरबा ने अपने दो स्कूलों, लायंस स्कूल सीतामढ़ी और लायंस स्कूल टी.पी. नगर में ‘शाला प्रवेशोत्सव’ मनाया
कोरबा। लायंस क्लब आॅफ कोरबा द्वारा दिनांक 16 जून 2026 मंगलवार को लायंस स्कूल सीतामढ़ी एवं लायंस स्कूल टी.पी. नगर में शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम बच्चों को गिफ्ट, चॉकलेट देकर व तिलक लगाकर मनाया गया एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना किया गया।

इस दौरान लायंस स्कूल टीपी नगर के चेयरमेन पीएमजेएफ लायन जयप्रकाश अग्रवाल व लायंस स्कूल सीतामढ़ी के चेयरमेन एमजेएफ लायन राजकुमार अग्रवाल (श्वेता), एमजेएफ लायन एस.के. अग्रवाल, लायन राजकुमार अग्रवाल (उत्सव), लायन संतोष खरे, प्राचार्य द्वय रमेश शर्मा व जी.आर. हंस एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कोरबा
युवा कांग्रेस ने टोल प्लाजा की मनमानी पर मोर्चा खोला:CG-12 वाहनों को टोल फ्री करने,कर्मचारियों के दुर्व्यवहार पर कार्रवाई की मांग,NHAI को सौंपा ज्ञापन
कोरबा। कोरबा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजाओं की कार्यप्रणाली को लेकर युवा कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। युवा कांग्रेस जिला महासचिव मधुसूदन दास के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने NHAI अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर CG-12 पासिंग घरेलू वाहनों और स्थानीय निवासियों को टोल शुल्क से मुक्त करने की मांग की है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान NSUI जिलाध्यक्ष मनमोहन राठौर, दीपक वर्मा समेत बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने टोल प्लाजाओं की मनमानी, कर्मचारियों के दुर्व्यवहार और सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी कड़ा विरोध जताया।

स्थानीय वाहनों को टोल से छूट देने की मांग
युवा कांग्रेस जिला महासचिव मधुसूदन दास ने कहा कि कोरबा आदिवासी और किसान बहुल जिला है। किसानों और ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दिन में कई बार आवागमन करना पड़ता है, लेकिन चोटिया, मदनपुर, बगदेवा और कोथारी टोल प्लाजा में हर बार शुल्क देना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि वाहन खरीदते समय नागरिक पहले ही रोड टैक्स का भुगतान करते हैं, ऐसे में घरेलू और स्थानीय वाहनों से बार-बार टोल वसूली उचित नहीं है।
टोल कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप
युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि टोल संचालक केवल शुल्क वसूली पर ध्यान दे रहे हैं, जबकि यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
संगठन का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से रात के समय आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। वहीं टोल प्लाजा के आसपास अवैध पार्किंग और अतिरिक्त वसूली से भी सड़क हादसों का खतरा बढ़ रहा है।

युवा कांग्रेस ने NHAI अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
ओवरलोड वाहनों में मिलीभगत की जांच की मांग
ज्ञापन में ओवरलोड राखड़ वाहनों के अवैध परिवहन में टोल कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई है।
युवा कांग्रेस ने कहा कि यदि जांच में किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
दुर्घटनाओं के लिए FIR की मांग
संगठन ने राष्ट्रीय राजमार्ग के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही को लेकर टोल कंपनी और संबंधित प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की मांग की है। ज्ञापन में सड़क दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार पाए जाने पर टोल मैनेजर के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग भी शामिल है।
मांगें नहीं मानी गईं तो होगा आंदोलन
NSUI जिलाध्यक्ष मनमोहन राठौर और युवा नेता दीपक वर्मा ने कहा कि यदि CG-12 पासिंग वाहनों और स्थानीय निवासियों को टोल से छूट नहीं दी गई, कर्मचारियों के दुर्व्यवहार और ओवरलोड वाहनों के मामले में कार्रवाई नहीं हुई तथा दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर FIR दर्ज नहीं की गई तो युवा कांग्रेस उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
कोरबा
वेदांता ने रचा इतिहास; बीएसई और एनएसई पर चार स्वतंत्र कंपनियों की लिस्टिंग
‘एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर और आयरन एवं स्टील क्षेत्रों में एक साथ सबसे अधिक स्टॉक एक्सचेंज लिस्टिंग का ऐतिहासिक रिकॉर्ड’
मुंबई/बालकोनगर। वेदांता समूह ने आज भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी चार नव-डिमर्ज्ड कंपनियों को बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर लिस्ट किया। इस ऐतिहासिक लिस्टिंग के साथ रणनीतिक धातुओं, क्रिटिकल मिनरल्स, एल्युमिनियम, ऑयल एवं गैस, पावर तथा आयरन एवं स्टील क्षेत्रों में केंद्रित, विश्वस्तरीय व्यवसायों का एक मजबूत पोर्टफोलियो तैयार हुआ है। ये व्यवसाय भारत की दीर्घकालिक औद्योगिक, अवसंरचनात्मक और आत्मनिर्भरता संबंधी महत्वाकांक्षाओं के केंद्र में हैं।

वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता आयरन एंड स्टील और वेदांता पावर की लिस्टिंग भविष्य के लिए तैयार उस परिवर्तनकारी रणनीति का परिणाम है, जिसका उद्देश्य वैल्यू अनलॉक करना, व्यवसायों पर फोकस बढ़ाना और भारत को वैश्विक आर्थिक एवं विनिर्माण शक्ति बनाने की दिशा में सेक्टर-लीडर कंपनियां तैयार करना है। ये नव-सूचीबद्ध कंपनियां आज से समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई वेदांता लिमिटेड के साथ बीएसई और एनएसई पर ट्रेडिंग शुरू करेंगी। वेदांता लिमिटेड की आधारशिला हिंदुस्तान जिंक तथा क्रिटिकल मिनरल्स व्यवसायों के वैश्विक महत्व वाले पोर्टफोलियो पर आधारित है।

लिस्टिंग समारोह को संबोधित करते हुए वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा:
“आज वेदांता के लिए एक ऐतिहासिक दिन है और मेरे लिए भावनात्मक रूप से भी बेहद खास है। 24 वर्ष पहले वेदांता लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी थी और आगे चलकर एफटीएसई-100 कंपनी का दर्जा हासिल किया। उस दिन बोया गया बीज आज एक विशाल बरगद के पेड़ में बदल चुका है और उसके संरक्षण में विकसित हुए पौधे अब प्रमुख क्षेत्रों में दिग्गज बनने तथा भारत की तेज़ आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हैं। अभूतपूर्व विकास का अगला अध्याय अब मुंबई में शुरू हो रहा है, जो वह शहर है जहां मेरी कारोबारी यात्रा की शुरुआत हुई थी।
हमारी पूरी यात्रा के दौरान शेयरधारकों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सर्वोच्च रही है। पिछले पांच वर्षों में हमने 300 प्रतिशत से अधिक का कुल शेयरधारक प्रतिफल दिया है, जो निफ्टी के रिटर्न से लगभग पांच गुना अधिक है। इसके साथ ही हमने 70 प्रतिशत से अधिक का संचयी डिविडेंड यील्ड भी प्रदान किया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी ट्रांजिशन से संचालित भविष्य की अर्थव्यवस्था में मिनरल्स, मेटल्स और ऊर्जा की मांग अत्यधिक बढ़ने वाली है। वर्तमान में भारत अपनी आवश्यकताओं का लगभग 50 प्रतिशत आयात करता है, जबकि भविष्य में हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। आज सूचीबद्ध हुई कंपनियां इन महत्वपूर्ण कच्चे माल की मांग और आपूर्ति के बीच मौजूद बड़े अंतर को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
इन कंपनियों का निर्माण आने वाली पीढ़ियों तक राष्ट्र की सेवा करने, शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने, भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है। हालांकि, वेदांता की विकास यात्रा का अगला अध्याय केवल हम अकेले नहीं लिख सकते। इसके लिए हमारे शेयरधारकों का विश्वास, सरकार का सहयोग और 1.5 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं तथा सहभागिता की आवश्यकता होगी। भारत जैसा कोई देश नहीं है। और यह भारत का समय है।”
भारत के औद्योगिक भविष्य का नया अध्याय
यह लिस्टिंग ऐसे समय में हुई है जब भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभर रहा है। आधुनिक अर्थव्यवस्था को गति देने वाली आवश्यक सामग्रियों, जिनमें ऑयल एवं गैस, सोना, चांदी, जिंक, एल्युमिनियम, आयरन एवं स्टील, कॉपर और कोयला शामिल हैं, की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, क्योंकि भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
ऐसे परिदृश्य में वेदांता के व्यवसाय हमारे समय के सबसे बड़े औद्योगिक विकास अवसरों के केंद्र में स्थित हैं। सामूहिक रूप से ये भारत की ऊर्जा सुरक्षा, अवसंरचना निर्माण, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटलीकरण, एआई-आधारित विकास, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन टेक्नोलॉजी, एनर्जी ट्रांजिशन और दीर्घकालिक राष्ट्रीय विकास की महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देंगे।
वेदांता एल्युमिनियम (बीएसई: 544780 एवं एनएसई: वीएएमएल), वैश्विक एल्युमिनियम चैंपियन बनने की ओर
वेदांता एल्युमिनियम भारत के सबसे बड़े एल्युमिनियम उत्पादक और चीन के बाहर दुनिया के तीसरे सबसे बड़े उत्पादक के रूप में अपनी स्वतंत्र यात्रा शुरू कर रहा है। इसका आधार ओडिशा के झारसुगुड़ा स्थित दुनिया का सबसे बड़ा एल्युमिनियम स्मेल्टर है। बालको में मात्र 1 लाख टन उत्पादन से शुरू हुई यात्रा आज 30 लाख टन प्रतिवर्ष क्षमता तक पहुंच चुकी है, जिससे वेदांता दुनिया के सबसे बड़े और सबसे कम लागत वाले एल्युमिनियम उत्पादकों में शामिल हो गया है। कंपनी अगले तीन वर्षों में अपनी क्षमता को बढ़ाकर 60 लाख टन प्रतिवर्ष करने की योजना बना रही है और उसका लक्ष्य दुनिया का सबसे बड़ा तथा सबसे कम लागत वाला पूर्णतः एकीकृत एल्युमिनियम उत्पादक बनना है। प्राथमिक धातु उत्पादन से आगे बढ़ते हुए, वेदांता एल्युमिनियम हजारों डाउनस्ट्रीम उद्योगों और विनिर्माण इकाइयों के विकास को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे भारत के व्यापक औद्योगिकीकरण एजेंडे को मजबूती मिलेगी।
वेदांता ऑयल एंड गैस (बीएसई: 382914 एवं एनएसई: वीओजीएल), भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती
वेदांता ऑयल एंड गैस भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की ऑयल एवं गैस उत्पादक कंपनी और देश के सबसे रणनीतिक ऊर्जा व्यवसायों में से एक के रूप में बाजार में प्रवेश कर रही है।
आने वाले दशक में भारत में हाइड्रोकार्बन की मांग दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ने की संभावना है। ऐसे में कंपनी देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयात निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में है। ऋण-मुक्त बैलेंस शीट के साथ विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रही कंपनी वित्तीय मजबूती, परिचालन क्षमता और संसाधन संभावनाओं का अनूठा संयोजन प्रस्तुत करती है। वेदांता अगले तीन से पांच वर्षों में लगभग 5 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर उत्पादन को बढ़ाकर 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाने की योजना बना रही है।
इसके विकास पोर्टफोलियो में टाइट ऑयल, शेल गैस, शैलो-वॉटर एवं डीप-वॉटर एसेट्स, सैटेलाइट फील्ड्स तथा असम और पूर्वोत्तर भारत में महत्वपूर्ण एकरेज शामिल हैं। विविध संसाधन आधार और उन्नत वैश्विक तकनीकों तक पहुंच के कारण कंपनी भारत की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है।
वेदांता आयरन एंड स्टील (बीएसई: 544784 एवं एनएसई: वीआईएसएल), भारत के अवसंरचना विकास की मजबूत नींव

वेदांता आयरन एंड स्टील एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण, संसाधन-सुरक्षित और ऋण-मुक्त व्यवसाय है, जो भारत की अवसंरचना और विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप है।
वर्तमान में लगभग 40 लाख टन वार्षिक स्टील उत्पादन करने वाली कंपनी ने क्षमता को बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन प्रतिवर्ष तक पहुंचाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।
कंपनी को तीन महत्वपूर्ण इनपुट्स की उपलब्धता के रूप में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त है, गोवा, ओडिशा और कर्नाटक में लगभग 4 अरब टन आयरन ओर संसाधन, लगभग 800 केटीपीए मेटलर्जिकल कोक तथा गैस पाइपलाइन अवसंरचना तक सीधी पहुंच। ये एकीकृत क्षमताएं कंपनी को भारत में तेजी से बढ़ती स्टील मांग का लाभ उठाने के लिए मजबूत स्थिति प्रदान करती हैं। व्यवसाय का फोकस ग्रीन स्टील, इलेक्ट्रिकल स्टील और स्पेशियलिटी स्टील जैसे उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों पर रहेगा।
वेदांता पावर (बीएसई: 544781 एवं एनएसई: वीईडी पावर), भारत की अगली औद्योगिक क्रांति को ऊर्जा
वेदांता पावर को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भारत की स्थिर बेसलोड बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है।
भारत की बिजली मांग अगले दशक में लगभग 240 गीगावाट से बढ़कर 460 गीगावाट से अधिक होने का अनुमान है। ऐसे में कंपनी देश की विकास महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के बड़े अवसर देख रही है। 4.2 गीगावाट परिचालन क्षमता, दीर्घकालिक पावर परचेज एग्रीमेंट्स और सुरक्षित कोल माइंस के आधार पर वेदांता पावर पहले से ही भारत की पांचवीं सबसे बड़ी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी है। कंपनी की योजना क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट तक पहुंचाने और देश की अग्रणी पावर कंपनियों में शामिल होने की है।
विस्तार का अधिकांश हिस्सा ब्राउनफील्ड एक्सपैंशन के माध्यम से होगा। कंपनी का मानना है कि आने वाले दशकों तक भारत के ऊर्जा मिश्रण में कोयले की महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी, जो नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के साथ सह-अस्तित्व में रहेगा। साथ ही, कंपनी न्यूक्लियर एनर्जी के अवसरों का भी मूल्यांकन कर रही है, जिसे वह स्वच्छ, विश्वसनीय और 24×7 बिजली स्रोत तथा भारत के एनर्जी ट्रांजिशन का प्रमुख सक्षमकर्ता मानती है।
वेदांता लिमिटेड: भारत का क्रिटिकल मिनरल्स चैंपियन

नई सूचीबद्ध कंपनियों के साथ-साथ वेदांता लिमिटेड समूह की प्रमुख सूचीबद्ध इकाई बनी रहेगी और भारत के सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन तथा क्रिटिकल मिनरल्स व्यवसायों में से एक होगी।
विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक और तीसरी सबसे बड़ी सिल्वर उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक इसकी आधारशिला है। इसके अतिरिक्त कंपनी के पास जिंक, सिल्वर, कॉपर, निकेल, फेरो अलॉयज तथा अन्य रणनीतिक खनिजों का वैश्विक महत्व वाला पोर्टफोलियो है। हिंदुस्तान जिंक के माध्यम से कंपनी भारत की कृषि महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए 15 लाख टन क्षमता का फर्टिलाइज़र प्लांट भी विकसित कर रही है। वेदांता लिमिटेड भारत की एकमात्र निकेल उत्पादक कंपनी है और ऊर्जा परिवर्तन तकनीकों तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए निकेल उत्पादन को बढ़ाकर 60,000 टन प्रतिवर्ष करने की योजना बना रही है। कंपनी के कॉपर व्यवसाय घरेलू आपूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जबकि फैकोर भारत का सबसे बड़ा स्पेशल-ग्रेड फेरो क्रोम उत्पादक बनने की दिशा में अग्रसर है तथा कुछ मैंगनीज सेगमेंट्स में जल्द ही देश की एकमात्र निजी क्षेत्र की उत्पादक कंपनी बन जाएगी।
ये सभी व्यवसाय मिलकर वेदांता लिमिटेड को भारत की दीर्घकालिक क्रिटिकल मिनरल्स रणनीति, औद्योगिक आत्मनिर्भरता और भविष्य के विनिर्माण विकास के केंद्र में स्थापित करते हैं।
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