कोरबा
कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक, विकास कार्यो के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
डीएमएफ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने, टीएस अनुरूप दरवाजे, खिड़कियां, प्लंबिंग फिटिंग्स कराने किया निर्देशित
जिले में खराब हैंडपम्पों की अभियान चलाकर मरम्मत कराने के दिए निर्देश
पीएम स्वनिधि योजना में अपेक्षाकृत धीमी प्रगति वाले नगरीय निकायों को नोटिश देने किया निर्देशित
सोसायटियों में समय पर खाद्यान्न का पर्याप्त भंडारण व पारदर्शी वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश
कोरबा । जिले में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की और उनके प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक प्राथमिकता के साथ पहुंचाया जाए तथा आपसी समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ तय लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बैठक में जनगणना 2026 की तैयारियों की जानकारी लेते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रो में बैनर-पोस्टर के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाने तथा सार्वजनिक उपक्रमों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही। जनगणना कार्य मे नियुक्त अधिकारी कर्मचारियों की समय पर प्रशिक्षण पूर्ण करने एवं समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।
गर्मी के मद्देनजर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने जिले के खराब हैंडपंपों की मिशन मोड में मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इस हेतु पंचायतों से मरम्मत योग्य हैंडपंपों की सूची प्राप्त कर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को गंभीरता से कार्यवाही सुनिश्चित करने निर्देशित किया। जिससे आमजन को राहत मिल सके।
पीडीएस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने माह के अंत तक सभी सोसायटियों में खाद्यान्न का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने और समय पर पारदर्शी वितरण सुनिश्चित कराने निर्देशित किया। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत नगरीय क्षेत्र के अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभ दिलाने तथा योजना के क्रियान्वयन में अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले नगरीय निकायों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को गम्भीर बीमारी से पीड़ित एवं स्वास्थ्य लाभ दिलाने हेतु प्राप्त होने वाले आवेंदनो पर त्वरित आवश्यक कार्यवाही करने , पीड़ितों को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना का लाभ दिलाने एवं आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी मुक्त अभियान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रो मेंटीबी की पहचान हेतु एक्स-रे जांच को अनिवार्य रूप से बढ़ाने एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एमएमयू, नगरीय निकायों एवं सार्वजनिक उपक्रमों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आधार एवं अपार आईडी से छूटे हुए स्कूली बच्चों का चिन्हांकन कर आधार व आपार आईडी बनवाने के लिए कहा।
कलेक्टर ने डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए अपूर्ण कार्यों में प्रगति लाते हुए शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी क्रियान्वयन एजेंसियों को जिले में डीएमएफ से निर्मित किए जा रहे स्कूल-आंगनबाड़ी भवन एवं शिक्षक -स्वास्थ्य कर्मचारी आवासीय भवनो में दरवाजे, खिड़कियां, प्लंबिंग फिटिंग्स और सेनेटरी कार्य निर्धारित तकनीकी प्राक्कलन (टीएस) के अनुरूप ही लगाने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही दोषपूर्ण कार्यो को तत्काल सुधारने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने सभी विभागों को अपने संचालित कार्यो की अद्यतन स्थिति की जानकारी निर्माण पोर्टल में जल्द से जल्द जियो-टैगिंग, फोटो एवं आवश्यक विवरण सहित अपलोड करने के निर्देश दिए। जिले में यूथ हॉस्टल एवं क्रीड़ा परिसर निर्माण हेतु जगह चिन्हांकन सहित अन्य आवश्यक तैयारियां जल्द पूर्ण करने की बात कही।
उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।
उन्होंने शासन की फ्लैगशिप स्कीम महतारी वंदन योजना अंतर्गत महिला हितग्राहियों का लोक सेवा केंद्र के माध्यम से किए जा रहे निःशुल्क केवाईसी कार्य प्रगति की जानकारी लेते हुए महिलाओं की सहूलियत पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही केवाईसी कार्य का नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए कहा। उन्होंने कर्मयोगी अभियान में स्वयं एवं अपने अधीनस्थ कार्यालयों के सभी कर्मचारियों का पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीयन सुनिश्चित करने एवं कोर्स का प्रशिक्षण लेने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान निष्क्रिय योजनाओं के खातों को पूरी तरह बंद कर शेष राशि शासन खाते में जमा कराने की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए यथाशीघ्र कार्य पूर्ण करने की बात कही गई। साथ ही मुख्यमंत्री घोषणाओं, मातृ वंदना योजना के लक्ष्य पूर्ति, रेडी-टू-ईट वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन योजना तथा स्वीकृत आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
कलेक्टर ने समय-सीमा से जुड़े लंबित प्रकरणों में तेजी लाते हुए उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए सभी विभागीय अधिकारियों को दिए। पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन, मानवाधिकार आयोग और कलेक्टर जनदर्शन सहित अन्य महत्वपूर्ण लंबित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ निराकृत करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इस अवसर पर निगमायुक्त आशुतोष पाण्डेय, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी तरूण कुमार किरण, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेन्द्र पटेल, ओंकार यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कोरबा
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से पर्यावरण प्रदूषण रोकना है – सीईओ
जिला पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर हुई कार्यशाला
कोरबा। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 27 जनवरी 2026 को अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, वर्ष 2016 के पुराने नियमों का स्थान लेंगे। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण को रोकना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उक्त बातें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार नाग ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 संबंधी कार्यशाला में कही।

सीईओ श्री नाग ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह नियम 01 अप्रैल 2026 से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे देश में लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निपटान हो सके। इसके लिए ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण शुल्क, शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान भी सुनिश्चित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ग्राम एवं जनपद स्तर पर उत्पन्न होने वाले कचरे की रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिवस में तैयार कर प्रस्तुत करनी होगी। राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु जून माह तक जिले की 25 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को वैज्ञानिक तरीके से कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
श्री नाग ने कहा कि स्वच्छता अभियान की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी अपने घरों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन अपनाएं तथा कचरे के पृथक्करण के लिए नीले, हरे, लाल एवं पीले रंग के डस्टबिन का उपयोग करें, ताकि विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक-पृथक निपटान किया जा सके।
कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन के श्री दीप सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के उद्देश्य, महत्वपूर्ण विशेषताओं एवं मुख्य प्रावधानों की जानकारी पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दी गई।
कार्यक्रम में लेखा अधिकारी श्री राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती इंदिरा भगत, श्रीमती अमिता साहू, जनपद पंचायतों के सीईओ, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अधिकारी-कर्मचारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।
कोरबा
अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन हेतु अशोक मोदी सहित 13 पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इंदौर रवाना
कोरबा। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मिलित होने हेतु छत्तीसगढ़ संगठन के प्रांतीय चेयरमैन अशोक मोदी, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, जयदेव सिंघल, महेन्द्र सक्सेरिया, आशीष सक्सेरिया एवं डाॅ. अनिता मोहनलाल सहित अन्य पदाधिकारी आज इंदौर के लिए रवाना हो गए।

विदित हो कि अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 30 एवं 31 मई 2026 को इंदौर में आयोजित है। इस अधिवेशन में संगठन के देशभर के प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारीगण एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सम्मिलित होंगे।
अधिवेशन में उपस्थित पदाधिकारीगणों के द्वारा राष्ट्रहित एवं समाजहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की जायेगी। साथ ही समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक समरसता एवं राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे एवं संगठन की सदस्यता को बढ़ाने एवं इसको 1 करोड तक पहुॅचाने का लक्ष्य रखा जायेगा जिस पर कार्य करने पर भी विचार किया जायेगा।
उक्त कार्यक्रम राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल के सानिध्य में तथा नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल की अध्यक्षता में संपन्न होगा।
अशोक मोदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के कार्यक्रम सराहनीय रहे हैं तथा सामाजिक सेवा, धार्मिक सेवा, व्यापार एवं उद्योग में छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज की बड़ी भूमिका रही है और राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में जो ठोस निर्णय लिए जाएंगे, उसे छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाएगा।
कोरबा
कोरबा दीपका में उपचुनाव, हाईकोर्ट पहुंचा मामला, क्या पावर का हुआ गलत इस्तेमाल
प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से रोकने मनमाना नियम थोपने का आरोप
हाईकोर्ट के निर्णय पर टिकी शोभा तिग्गा की उम्मीदें
बिलासपुर//कोरबा। कोरबा जिले के नगर पालिका परिषद दीपका अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 में हो रहे उपचुनाव को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है इस उपचुनाव में भाग लेने की इच्छुक अभ्यर्थी का नामांकन पत्र मनमाना नियम थोप कर लेने से अस्वीकार कर कर दिया गया इससे क्षुब्ध हो कर शोभा तिग्ग ने उच्च न्यायालय की शरण ली है अपने अधिवक्ता अंशुल तिवारी के माध्यम से याचिका दायर कर राहत देने की गुहार लगाई है इसमें छत्तीसगढ़ राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग के साचिव/कमिश्नर, रायपुर, जिला निर्वाचन अधिकारी कोरबा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी दीपका व रिटर्निंग ऑफिसर, वार्ड नंबर 15 को प्रतिवादी बनाया गया है ।

याचिकाकर्ता शोभा तिग्गा वार्ड 15 दीपका की निवासी है, उसने दीपका के वार्ड नंबर 15 के काउंसलर/पार्षद के पद के लिए उसकी उम्मीदवारी में रुकावट डालने के लिए नगर पालिका अधिकारियों की मनमानी कार्रवाई को चुनौती दी है। 11.05.2026 के इलेक्शन नोटिफिकेशन के मुताबिक वह पालिका चुनाव लड़ना चाहती थी और उसने कानून के मुताबिक अपने नामांकन पत्र तैयार किए थे। इलेक्शन शेड्यूल में नॉमिनेशन पेपर फाइल करने की आखिरी तारीख 18.05.2026 तय की गई थी, जिसमें 01.06.2026 को पोलिंग और 04.06.2026 को काउंटिंग तय है ।
दुकान का एनओसी मांगा गया,इसी पर सवाल
शोभा तिग्गा ने हाईकोर्ट को बताया कि उसने पहले साल 2021 में नगर पालिका दीपका के अंतर्गत चौपाटी में दुकान नंबर 06 चलाने के लिए एक एग्रीमेंट किया था और उसी साल उस दुकान से जुड़े सभी ड्यूज़ (बकाया) भी क्लियर कर दिए थे लेकिन जब उसने 18 मई 2026 को अपना नॉमिनेशन पेपर जमा करने के लिए ऑफिस गई तो चीफ म्युनिसिपल ऑफिसर ने एक विवादित लेटर जारी किया जिसमें उसे उस दुकान के संबंध में म्युनिसिपल काउंसिल से एक NOC या पंचनामा पेश करने का निर्देश दिया गया था इसके तुरंत बाद 18 मई को ही शोभा तिग्गा ने एक रिक्वेस्ट दी जिसमें उसी ऑफिस से NOC जारी करने की मांग की गई क्योंकि CMO खुद ही वह अथॉरिटी थे जो ऐसे NOC पर ज़ोर दे रहे थे और किसी भी बकाया का स्टेटस साफ़ करने और NOC जारी करने के लिए भी वही अथॉरिटी थे याचिकाकर्ता ने कहा है कि ऐसे डॉक्यूमेंट पर ज़ोर देना पूरी तरह से मनमाना था और किसी भी कानूनी नियम से सपोर्टेड नहीं था पिटीशनर का कहना है कि 2021 के बाद से उसके खिलाफ कभी कोर्ड बकाया नोटिस डिमांड या रिकवरी की कार्रवाई शुरू नहीं की गई है।
न्याय सिद्धान्तों का उल्लंघन
पिटीशनर शोभा तिग्गा का कहना है कि विवादित कार्रवाई गैर-कानूनी मनमाना और नेचुरल जस्टिस के सिद्धांतों का उल्लंघन है क्योंकि रेस्पोंडेंट्स ने नॉमिनेशन पेपर स्वीकार करने के लिए एक गैर-कानूनी शर्त लगाने की कोशिश की है यह खास तौर पर कहा गया है कि पिटीशनर छत्तीसगढ़ म्युनिसिपैलिटीज एक्ट 1961 के सेक्शन 35 के तहत किसी भी तरह की डिसक्वालिफिकेशन के दायरे में नहीं आती है क्योंकि उसके खिलाफ कोई मौजूदा म्युनिसिपल बकाया नहीं है और डिसक्वालिफिकेशन लिए कानूनी शर्तें नहीं हैं रेस्पोंडेंट बिना इजाज़त NOC की ज़रूरत पर ज़ोर देकर कानूनी तौर पर अयोग्य ठहराए जाने का दायरा नहीं बढ़ा सकते। पिटीशनर ने 18.05.2026 के विवादित लेटर को रद्द करने और रेस्पोंडेंट को यह निर्देश देने की मांग की है कि वे कानून के तहत तय नहीं किए गए किसी भी डॉक्यूमेंट पर ज़ोर दिए बिना उसका नॉमिनेशन पेपर स्वीकार करें और प्रोसेस करें ।
मनमानी, बेमतलब और पावर का गलत इस्तेमाल
शोभा तिग्गा ने याचिका में कहा है कि यह पूरी प्रक्रिया मनमानी बेमतलब और सही प्रक्रिया की बुनियादी ज़रूरतों के खिलाफ है उसको ऐसा कोई कानूनी नियम नहीं दिखाया गया जिसके तहत काउंसिलर/पार्षद के ऑफिस के लिए नॉमिनेशन स्वीकार करने की शर्त के तौर पर नगर निगम से पहले किराए पर ली गई दुकान के संबंध में कोई NOC जमा करने की ज़रूरत हो शोभा का कहना है कि जिस लेटर पर सवाल उठाया गया है वह उसे उसका नॉमिनेशन पेपर दाखिल करने से रोकने का एक साफ तरीका है जिससे चुनाव लड़ने के उसके डेमोक्रेटिक (लोकतांत्रिक) अधिकार को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है आरोप है कि यह सब जानबूझकर रुकावट डालने के मतलब में गलत इरादे से की गई है भले ही किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई निजी गलत इरादे न बताए गए हों बार-बार कहने के बावजूद नॉमिनेशन स्टेज पर एक गैर-कानूनी डॉक्यूमेंट पर ज़ोर देना, पावर का मनमाना इस्तेमाल दिखाता है ।
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