बिज़नस
आर्थिक स्थिति के सामान्य होने में अधिक समय लग सकता है: मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन
वाशिंगटन,एजेंसी। भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर तेल की बढ़ती कीमतों के प्रभाव के बारे में बुधवार को चेताया और कहा कि स्थिति के सामान्य होने में अधिक समय लग सकता है। नागेश्वरन ने यहां ‘यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम’ द्वारा आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक संघर्ष का प्रभाव चार व्यापक क्षेत्रों में महसूस किया जा सकता है – ऊर्जा की उच्च कीमतें, अन्य वस्तुओं की आपूर्ति में व्यवधान, रसद और बीमा लागत में वृद्धि तथा आपूर्ति प्रवाह में गिरावट।

नागेश्वरन ने यूएस-इंडिया इकोनॉमिक फोरम 2026 को संबोधित करते हुए कहा, ”इसलिए मुझे लगता है कि हमें संघर्ष की समाप्ति और आर्थिक गतिविधियों की सामान्य बहाली के लिए अधिक धैर्य रखने की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा कि संघर्ष से उत्पन्न अनिश्चितता के व्यापक दायरे को समझना आवश्यक है, विशेष रूप से दक्षिण एशिया में और सामान्य तौर पर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में। नागेश्वरन ने कहा, ”यह केवल तेल की कीमत का मामला नहीं है… यह उन वस्तुओं के बारे में है जो मायने रखती हैं।”

देश
Auto Sales in May 2026: मई में ग्राहकों ने जमकर खरीदी गाड़ियां, रिकॉर्ड तोड़ हुई बिक्री
मुंबई, एजेंसी। भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए मई 2026 का महीना ऐतिहासिक साबित हुआ है। कार निर्माता कंपनियों द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू बाजार में पैसेंजर और यूटिलिटी वाहनों की मांग में जबरदस्त बूम देखा गया है। इस दौरान मारुति सुजुकी, किआ इंडिया, टोयोटा, हुंडई, महिंद्रा ने रिकॉर्ड बिक्री हासिल की।

मारुति सुजुकी का शानदार प्रदर्शन
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने मई 2026 में 2,42,688 वाहनों की बिक्री के साथ सालाना आधार पर 34% की तूफानी बढ़त दर्ज की है।
विशेष रूप से, कंपनी की एंट्री-लेवल कारों (ऑल्टो और एस-प्रेसो) की बिक्री में 140% का भारी उछाल देखा गया है।
हुंडई और महिंद्रा की डबल-डिजिट ग्रोथ
हुंडई मोटर इंडिया की घरेलू बिक्री में 9.1% की वृद्धि हुई, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में इसकी कुल घरेलू बिक्री 13% बढ़कर लगभग एक लाख यूनिट तक पहुंच गई है।
वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा ने 99,636 वाहनों की बिक्री के साथ 20% की कुल वृद्धि दर्ज की, जिसमें उनकी एसयूवी (SUV) की बिक्री का प्रमुख योगदान रहा।
किआ इंडिया की बिक्री
किआ इंडिया ने मई, 2026 में 23.6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ 27,586 इकाई की बिक्री दर्ज की जो कंपनी की अब तक की मई महीने की सबसे अधिक बिक्री है। किआ इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (बिक्री एवं विपणन) अतुल सूद ने कहा कि यह प्रदर्शन बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं के साथ उनके उत्पाद खंड के मजबूत तालमेल को दर्शाता है।
टोयोटा का हाइब्रिड मील का पत्थर
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने मई में 33,128 वाहनों की बिक्री की और भारत में 3 लाख से अधिक स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों की बिक्री का एक महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। इसके अलावा, कंपनी के निर्यात में भी 61% की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई।
चुनौतियों के बावजूद स्थिरता
जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने वैश्विक सप्लाई चेन की बाधाओं और बढ़ती माल ढुलाई लागत के बावजूद 6,048 वाहनों की बिक्री के साथ अपना प्रदर्शन स्थिर बनाए रखा है।
देश
देश में बिजली खपत मई में 11.55% बढ़कर 164.98 अरब यूनिट पर
नई दिल्ली, एजेंसी। देश में पारा चढ़ने के साथ बिजली खपत मई में सालाना आधार पर 11.55 प्रतिशत बढ़कर 164.98 अरब यूनिट रही। गर्मी से बचने के लिए एयर कंडीशनर और कूलर जैसे उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली खपत बढ़ी है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। गर्मी के कारण पिछले महीने बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर अबतक के उच्चतम स्तर 270.82 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) पर पहुंच गई, जो मई, 2025 में 230.99 गीगावाट रही थी। इस वर्ष मई में लगातार चार दिन तक बिजली की अधिकतम मांग रिकॉर्ड उच्चस्तर पर रही।

बिजली की अधिकतम मांग 18 मई को रिकॉर्ड 257.37 गीगावाट, 19 मई को 260.45 गीगावाट, 20 मई को 265.44 गीगावाट और 21 मई को 270.82 गीगावाट रही। बिजली की अधिकतम मांग 25 अप्रैल को रिकॉर्ड 256.11 गीगावाट (256.11 गीगावाट) पर पहुंच गई थी। इससे पहले, मई, 2024 में बिजली की अधिकतम मांग लगभग 250 गीगावाट के अबतक के उच्च स्तर पर रही थी।
बिजली मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2026 की गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। पिछली गर्मियों में, जून, 2025 में बिजली की अधिकतम मांग 242.77 गीगावाट रही थी, लेकिन यह सरकार के 277 गीगावाट (277 गीगावाट) के अनुमान से कम थी। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस वर्ष भीषण गर्मी का अनुमान जताया है। इससे बिजली की मांग और खपत बनी रहेगी।
देश
तेजी के बाद क्यों गिरा शेयर बाजार, जानें गिरावट की वजहें?
मुंबई, एजेंसी। शुरुआती तेजी के बाद शेयर बाजार दिनभर लाल निशान पर कारोबार करता दिखा। 1 जून को सेंसेक्स 508.40 अंक गिरकर 74,267.34 पर आ गया। निफ्टी में भी 165.15 अंकों की गिरावट रही, ये 23,382.60 के स्तर पर बंद हुआ।
इंट्रा-डे में सेंसेक्स 592.19 प्वाइंट्स उछलकर 75,367.93 और निफ्टी 185.95 प्वाइंट्स बढ़कर 23,733.70 तक पहुंच गया था।

शेयर बाजार में गिरावट के कारण…
कच्चे तेल में उछाल
मध्य पूर्व (इजराइल-हिजबुल्लाह संघर्ष) में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। अमेरिकी क्रूड फ्यूचर्स 2.71% बढ़कर $89.73 प्रति बैरल और ब्रेंट फ्यूचर्स 2.37% बढ़कर $93.28 प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
सेक्टोरल गिरावट
बाज़ार में FMCG और सरकारी बैंकिंग (PSU Bank) सेक्टरों पर भारी दबाव देखा गया है, जिससे इनके सूचकांकों में 1% से अधिक की गिरावट आई है। साथ ही, निफ्टी रियल्टी और ऑटो सेक्टर भी आधे फीसदी से ज्यादा नीचे गिरे हैं।
India VIX में उछाल
निवेशकों की अस्थिरता और डर को मापने वाला इंडेक्स, India VIX, 2.10% बढ़कर 16.53 पर पहुंच गया है, जो पहले 16 के नीचे था।
मुनाफावसूली
बाजार में रिकवरी के बाद निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली की है, जिससे बाजार में नरमी आई है।
शुक्रवार को सेंसेक्स 1092 अंक गिरकर 74,775 पर बंद हुआ था
29 मई को सेंसेक्स 1092 अंक गिरकर 74,775 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 359 अंक गिरकर 23,547 के स्तर पर बंद हुआ। मेटल-ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही।
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