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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की 74 ट्रेनें कैंसिल, कई के बदले रूट:चांपा-स्टेशन में होगा चौथी-लाइन का काम, 7-16 जून तक नहीं चलेंगी गाड़ियां, सात राज्यों के यात्रियों होंगे प्रभावित

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बिलासपुर, एजेंसी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर चलने वाली 74 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। बिलासपुर रेल मंडल के चांपा स्टेशन में चौथी लाइन का काम होगा, जिसके चलते रेलवे ने 8 से 14 जून तक यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इससे पश्चिम-बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के यात्री प्रभावित होंगे। समर सीजन में ट्रेनें कैंसिल होने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ जाएंगी।

अधोसंरचना विकास हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अनेक परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है । इसी प्रकार बिलासपुर-झारसुगुड़ा के बीच तीसरी एवं चौथी रेलवे लाइन परियोजना दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण परियोजना है यह व्यस्त रेल मार्ग है, जो इस पूरे क्षेत्र को उत्तर एवं दक्षिण भारत से जोड़ती है । परिचालन को और भी सुचारू तथा नई गाडियों के मार्ग प्रशस्त करने के लिए नई लाइनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है । इससे आधारभूत संरचना में तथा यात्री सुविधाओं में वृद्धि के साथ यात्री ट्रेनों की समय बद्धता में वृद्धि होगी । रेलवे प्रशासन ने बताया कि बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसमें अब तक 180 किलोमीटर से अधिक का रेल लाइन का निर्माण का काम पूरा हो गया है। इसके अंतर्गत बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन के चांपा स्टेशन में चौथी लाइन से जोड़ने का कार्य किया जाएगा।

7 से 19 जून तक होगा काम

चांपा स्टेशन में चौथी रेललाइन में जोड़ने का यह कार्य 7 जून से 19 जून तक (विभिन्न तिथियो में) किया जाएगा। रेल अफसरों का दावा है कि रेल यात्रियों को कम से कम असुविधा हो इसलिए यह कार्य किए जा रहे हैं। रेल विकास से संबधित इस कार्य के लिए इन ट्रेनों का परिचालन अल्पकालिक बाधित रहेगा एवं इस कार्य के पूर्ण होते ही गाडियों की समयबद्धता एवं गति में तेजी आएगी।

रद्द होने वाली पैसेंजर ट्रेनें

  • 8 से 19 जून तक रायगढ़ से चलने वाली 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 7 से 18 जून तक बिलासपुर से चलने वाली 68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक गेवरारोड से चलने वाली 68745 गेवरारोड-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 7 से 18 जून तक रायपुर से चलने वाली 68746 रायपुर-गेवरारोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक कोरबा से चलने वाली 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 7 से 18 जून तक रायपुर से चलने वाली 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक बिलासपुर व गेवरारोड से चलने वाली 68734/68733 बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक बिलासपुर व कोरबा से चलने वाली 68732/68731 बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक रायगढ़ व बिलासपुर से चलने वाली 68737/68738 रायगढ़-बिलासपुर-रायगढ़ मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक बिलासपुर से चलने वाली 58210 बिलासपुर-गेवरारोड पैसेंजर रद्द रहेगी।

रद्द होने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें

  • 7 से 18 जून तक टाटानगर से चलने वाली 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक बिलासपुर से चलने वाली 18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक टाटानगर व नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी से चलने वाली 18109/18110 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 से 16 जून तक दुर्ग से चलने वाली 13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 से 14 जून तक आरा से चलने वाली 13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 से 15 जून तक अहमदाबाद व हावड़ा से चलने वाली 12833/12834 अहमदाबाद-हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 जून को हावड़ा से चलने वाली 12870 हावड़ा-सीएसएमटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।14 जून को सीएसएमटी से चलने वाली 12869 सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 व 15 जून को हटिया से चलने वाली 22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 व 17 जून को पुणे से चलने वाली 22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 जून को पुरी से चलने वाली 20813 पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून 2026 को जोधपुर से चलने वाली 20814 जोधपुर-पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 व 11 जून को पोरबंदर से चलने वाली 12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 व 13 जून को शालीमार से चलने वाली 12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 जून को ओखा से चलने वाली 22905 ओखा-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 16 जून को शालीमार से चलने वाली 22906 शालीमार-ओखा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून को कामाख्या से चलने वाली 22512 कामाख्या-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 16 जून को एलटीटी से चलने वाली 22511 एलटीटी-कामाख्या एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून को उदयपुर से चलने वाली 20971 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 जून को शालीमार से चलने वाली 20972 शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 जून को गया से चलने वाली 22358 गया-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 जून को एलटीटी से चलने वाली 22357 एलटीटी-गया एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 जून को वास्कोडिगमा से चलने वाली 17321 वास्कोडिगमा-जसीडीह एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 15 जून को जसीडीह से चलने वाली 17322 जसीडीह-वास्कोडिगमा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 जून को हैदराबाद से चलने वाली 17005 हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 जून को रक्सौल से चलने वाली 17006 रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 9 व 13 जून को चर्लपल्ली से चलने वाली 17007 चर्लपल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 व 16 जून को दरभंगा से चलने वाली 17008 दरभंगा-चर्लपल्ली एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 जून को श्रीगंगानगर से चलने वाली 20471 श्रीगंगानगर-पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 17 जून को पुरी से चलने वाली 20472 पुरी-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून को शालीमार से चलने वाली 22830 शालीमार-भुज एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 16 जून को भुज से चलने वाली 22829 भुज-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 जून को रानी कमलापति से चलने वाली 22169 रानी कमलापति-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 22170 सांतरागाछी-रानी कमलापति एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 20828 सांतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 जून को जबलपुर से चलने वाली 20827 जबलपुर-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 जून को पोरबंदर से चलने वाली 12949 पोरबंदर-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 12950 सांतरागाछी-पोरबंदर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 9 जून को इंदौर से चलने वाली 20917 इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 जून को पुरी से चलने वाली 20918 पुरी-इंदौर हमसफर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 जून को बलसाड से चलने वाली 22909 बलसाड-पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 जून को पुरी से चलने वाली 22910 पुरी-बलसाड एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 9 जून को पुरी से चलने वाली 22866 पुरी-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 जून को एलटीटी से चलने वाली 22865 एलटीटी-पुरी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 15 जून को पुणे से चलने वाली 20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 जून को बिलासपुर से चलने वाली 22843 बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून को पटना से चलने वाली 22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 जून को मालदाटाउन से चलने वाली 13425 मालदाटाउन-सूरत एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 15 जून को सूरत से चलने वाली 13426 सूरत-मालदाटाउन एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 15 जून को नांदेड़ से चलने वाली 12767 नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 17 जून को सांतरागाछी से चलने वाली 12768 सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 व 13 जून को हटिया से चलने वाली 12812 हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 14 व 15 जून को एलटीटी से चलने वाली 12811 एलटीटी-हटिया एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 व 13 जून को विशाखापटनम से चलने वाली 20807 विशाखापटनम–अमृतसर हीराकुंड एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 व 14 जून को अमृतसर से चलने वाली 20808 अमृतसर-विशाखापटनम हीराकुंड एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 9 व 12 जून को यशवंतपुर से चलने वाली 12251 यशवंतपुर-कोरबा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 व 14 जून को कोरबा से चलने वाली 12252 कोरबा-यशवंतपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 व 15 जून को तिरुअनंतपुरम नॉर्थ से चलने वाली 22648 तिरुअनंतपुरम नॉर्थ-कोरबा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 13 व 17 जून को कोरबा से चलने वाली 22647 कोरबा-तिरुअनंतपुरम नॉर्थ एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 10 व 11 जून को एलटीटी से चलने वाली 12151 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 12 व 13 जून को शालीमार से चलने वाली 12152 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
  • 11 से 15 जून तक पुरी व योगनगरी ऋषिकेश से चलने वाली 18477/18478 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस रद्द रहेगी।

पैसेंजर बनकर चलेगी हसदेव एक्सप्रेस इस दौरान रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को होने वाली असुविधा से बचने के लिए हसदेव एक्सप्रेस को बिलासपुर-कोरबा के बीच पैसेंजर बनाकर चलाने का फैसला लिया है। जारी आदेश के अनुसार 8 से 19 जून तक 18250/18249 तथा 18252/18251 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस कोरबा-बिलासपुर-कोरबा के मध्य पैसेंजर बनकर चलेगी।

परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां

  • 11 व 13 जून को हावड़ा से चलने वाली 12222 हावड़ा-पुणे दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी।
  • 13 व 15 जून को पुणे से चलने वाली 12221 पुणे-हावड़ा दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।
  • 11 व 13 जून को सीएसएमटी से चलने वाली 12261 सीएसएमटी-हावड़ा दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।
  • 12 व 15 जून को हावड़ा से चलने वाली 12262 हावड़ा-सीएसएमटी दुरन्तो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी।
  • 12 व 13 जून को एलटीटी से चलने वाली 12101 एलटीटी-शालीमार ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।
  • 14 व 15 जून को शालीमार से चलने वाली 12102 शालीमार-एलटीटी ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी।
  • 11 व 15 जून को भुवनेश्वर से चलने वाली 12880 भुवनेश्वर-एलटीटी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया झारसुगुड़ा–टिटलागढ़-रायपुर होकर चलेगी।
  • 13 व 17 जून को एलटीटी से चलने वाली 12879 एलटीटी-भुवनेश्वर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया रायपुर-टिटलागढ़-झारसुगुड़ा होकर चलेगी।

बीच रास्ते समाप्त होने वाली गाड़ियां

  • 8 से 19 जून तक 68861/ 68862 गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन में समाप्त और प्रारम्भ होगी। यह ट्रेन झारसुगुड़ा-बिलासपुर-झारसुगुड़ा के मध्य रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक कोरबा से चलने वाली 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी तथा कोरबा-बिलासपुर के मध्य रद्द रहेगी।
  • 7 से 18 जून तक विशाखापटनम से चलने वाली 18518 विशाखापटनम-कोरबा लिंक एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन में समाप्त होगी तथा बिलासपुर-कोरबा के मध्य रद्द रहेगी।
  • 8 से 19 जून तक कोरबा से चलने वाली 18517 कोरबा-विशाखापटनम लिंक एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी तथा कोरबा-बिलासपुर के मध्य रद्द रहेगी।
  • 10 व 13 जून को निज़ामुद्दीन से चलने वाली 12410 निज़ामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन में समाप्त होगी तथा बिलासपुर-रायगढ़ के मध्य रद्द रहेगी।
  • 12 व 15 जून को रायगढ़ से चलने वाली 12409 रायगढ़-निज़ामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस बिलासपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी तथा रायगढ़-बिलासपुर के मध्य रद्द रहेगी।

विलंब से रवाना होने वाली गाड़ियां

12 से 16 जून तक कोरबा से चलने वाली गाड़ी संख्या 18239 कोरबा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी शिवनाथ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 1 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी।

11 से 15 जून तक पुणे से चलने वाली 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिन्द एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 3 घंटे देरी से रवाना होगी।

11 से 15 जून तक सीएसएमटी से चलने वाली 12809 सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 02 घंटे 30 मिनट घंटे देरी से रवाना होगी।

12 से 16 जून 2026 तक गोंदिया से चलने वाली 12070 गोंदिया-रायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 2 घंटे देरी से रवाना होगी।

12 से 16 जून तक रायपुर से चलने वाली गाड़ी संख्या 18249 व 18251 रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 2 घंटे देरी से रवाना होगी।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : विशेष लेख : मियावकी वन तकनीक से हरित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते कदम

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’कम समय में घने जंगल तैयार कर पर्यावरण संरक्षण को मिल रही नई दिशा’

  •   धनंजय राठौर ,  संयुक्त संचालक 
  •  अशोक कुमार चंद्रवंशी,  सहायक जनसंपर्क अधिकारी 
मियावकी वन तकनीक से हरित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते कदम

वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए मियावाकी तकनीक एक बेहद प्रभावी और लोकप्रिय विधि बन गई है। जापानी वनस्पतिशास्त्री डॉ. अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित यह तकनीक केवल 2-3 वर्षों में बंजर भूमि को घने, आत्मनिर्भर सूक्ष्म वनों में बदल देती है। पारंपरिक वृक्षारोपण की तुलना में यह विधि 10 गुना तेजी से बढ़ती है और 30 गुना अधिक घने जंगल बनाती है, जो शहरी क्षेत्रों के लिए आदर्श है।
         छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए मियावकी वन तकनीक तेजी से अपनाई जा रही है। राज्य में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा इस तकनीक के जरिए शहरी क्षेत्रों, औद्योगिक क्षेत्रों और खनन प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर हरियाली विकसित की जा रही है। मियावकी पद्धति में स्थानीय प्रजातियों के पौधों को अधिक घनत्व में लगाया जाता है, जिससे मात्र 3 से 5 वर्षों में घना जंगल तैयार हो जाता है।

’राज्य में तेजी से बढ़ रहा सघन वनीकरण’
       छत्तीसगढ़ में वर्ष 2022 से मियावकी पद्धति के तहत लगातार वृक्षारोपण किया जा रहा है। वर्ष 2022 में कोटा मण्डल में एनटीपीसी लिमिटेड के सहयोग से 1 हेक्टेयर क्षेत्र में 23 हजार पौधे तथा 0.3 हेक्टेयर में 7 हजार पौधे लगाए गए। वर्ष 2023 में कोटा के भिल्मी क्षेत्र में 6.4 हेक्टेयर भूमि पर 64 हजार पौधों का रोपण किया गया। वहीं गेवरा क्षेत्र में 2 हेक्टेयर भूमि पर 20 हजार पौधे लगाए गए। वर्ष 2024 में कोटा के उच्चभट्टी क्षेत्र में 3.2 हेक्टेयर में 32 हजार पौधे लगाए गए। इसके अलावा रायगढ़ मण्डल के तिलईपाली और छाल क्षेत्रों में कुल 3.75 हेक्टेयर भूमि पर 37 हजार 500 पौधों का सफल रोपण किया गया।
’वर्ष 2025 में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं जारी’
         वर्तमान में राज्य के कई क्षेत्रों में वृक्षारोपण कार्य तेजी से जारी है। बारनवापारा मण्डल में ‘हरियर छत्तीसगढ़’ योजना के तहत 6 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। कोरबा और रायगढ़ क्षेत्रों में साउथ इस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के सहयोग से 4 हेक्टेयर क्षेत्र में 40 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है। वहीं विशेष परियोजनाओं के अंतर्गत महानदीकोलफील्ड लिमिटेड द्वारा 1.9 हेक्टेयर भूमि पर 64 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही अरपा नदी के किनारे भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर हरित क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है।

’पर्यावरण संरक्षण में मिल रहे बहुआयामी लाभ’
         विशेषज्ञों के अनुसार मियावकी वन सामान्य जंगलों की तुलना में अधिक कार्बन अवशोषित करते हैं। इससे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। यह तकनीक वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने, भू-जल स्तर सुधारने और मिट्टी संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इन वनों की शुरुआती वर्षों में देखभाल की जाती है, जिसके बाद ये जंगल स्वतः विकसित होने लगते हैं। इससे रखरखाव की लागत कम होती है और लंबे समय तक पर्यावरणीय लाभ मिलता है। 
’बंजर डंप क्षेत्र से हरित जंगल बनने की ओर गेवरा की प्रेरक पहल’
          छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनूठी पहल करते हुए कोरबा जिले के गेवरा क्षेत्र के 12.45 हेक्टेयर डंप क्षेत्र में 33 हजार 935 मिश्रित प्रजातियों के पौधों का सफल रोपण किया है। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।

’जहां हरियाली संभव नहीं थी, वहां तैयार हो रहा जंगल’
        कोयला खनन के बाद डंप क्षेत्रों में उपजाऊ मिट्टी नीचे दब जाती है और ऊपर पत्थर, कोयला अवशेष तथा अनुपजाऊ मिट्टी रह जाती है। ऐसे क्षेत्रों में पौधों का उगना बेहद कठिन माना जाता है। लेकिन वैज्ञानिक पद्धति और सतत प्रयासों से इस बंजर भूमि को अब हरियाली में बदला जा रहा है।
’वैज्ञानिक तरीके से किया गया पौधारोपण’
         डंप क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए वर्मी कम्पोस्ट, नीमखली और डीएपी का उपयोग किया गया। जीपीएस सर्वे और सीमांकन के बाद व्यवस्थित गड्ढे तैयार किए गए तथा 3 से 4 फीट ऊंचाई वाले स्वस्थ पौधों का रोपण किया गया। इस क्षेत्र में नीम, शीशम, सिरस, कचनार, करंज, आंवला, बांस, महोगनी, महुआ और बेल जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इससे आने वाले समय में यह क्षेत्र पक्षियों और अन्य वन्य जीवों के लिए भी उपयुक्त आवास बन सकेगा।
निरंतर देखभाल से मिल रही सफलता
        शुरुआती 2-3 वर्षों की देखभाल के बाद, यह वन पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो जाता है और इसे किसी उर्वरक या पानी की आवश्यकता नहीं होती है। रोपण के बाद पौधों की नियमित सिंचाई, खाद, निंदाई-गुड़ाई, घास कटाई और सुरक्षा का कार्य लगातार किया जा रहा है। मृत पौधों का समय पर प्रतिस्थापन भी सुनिश्चित किया जा रहा है। वर्ष 2025 से 2029 तक पांच वर्षों तक रखरखाव के बाद इस विकसित हरित क्षेत्र को साउथ इस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड गेवरा को सौंपा जाएगा।
’हरित भविष्य की ओर मजबूत पहल’
       कम जगह में घने जंगल बनाकर शहरों में प्रदूषण (धूल और ध्वनि) को कम करने में सहायक होते हैं। ये वन पारंपरिक वनों की तुलना में 30 गुना अधिक कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करते हैं। गेवरा की यह पहल दर्शाती है कि सही योजना, वैज्ञानिक तकनीक और निरंतर प्रयासों से बंजर और पत्थरीली भूमि को भी घने जंगल में बदला जा सकता है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र सघन हरित वन और जैव विविधता से भरपूर मानव निर्मित जंगल के रूप में विकसित होगा, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।

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कोरबा

उद्यमिता विकास प्रशिक्षण हेतु 12 आवेदकों का चयन

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कोरबा। रायपुर में आयोजित होने वाले उद्यमिता विकास संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए 23 अप्रैल 2026 तक इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। प्राप्त आवेदनों का परीक्षण एवं सारणीकरण किया गया, जिसके आधार पर कुल 12 आवेदकों का चयन किया गया है।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 मई 2026 से प्रारम्भ होना सुनिश्चित है।चयनित आवेदकों की सूची इस प्रकार है-विकास कुमार, कौशलेंद्र सिंह, योगिता धाकड़े, विष्णु सिंह राठिया, आशुतोष मार्वल, अजय डहरिया, गौरव अग्रवाल, अमित कुमार चैहान, स्वप्निल पाटिल, राजकुमारी, वीरेंद्र कुमार तरुण, वंशिका सिंह सेंगर।

प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित आगे की जानकारी चयनित अभ्यर्थियों को समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।

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कोरबा

सुरक्षित भविष्य कि ओर एक कदम – अपनी बेटी को दें सुरक्षा का उपहार

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कोरबा। बेटियों के उज्जवल भविष्य और स्वस्थ जीवन में कैंसर जैसी गंभीर बिमारी से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। यह टीका विशेष रूप से सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुँह का कैंसर)  से सुरक्षा प्रदान करने में सहायक है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी ने जिले के सभी पात्र बालिकाओं, अभिभावकों एवं नागरिकों से अपील किया है कि वे पात्र बालिकाओं (जिन किशोरियों ने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो, लेकिन 15 वर्ष का जन्मदिन न मनाया हो ) का एचपीवी का टीकाकरण करावं। यह टीका पूरी तरह सुरक्षित और डॉक्टर द्वारा प्रमाणित है। एचपीवी टीका राष्ट्रीय टीकाकरण के अंतर्गत मेडिकल कालेज संबद्ध जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में  निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

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