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छत्तीसगढ़

खडग़े बोले- देश बचाना है तो कांग्रेस को वोट दें

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रायपुर(एजेंसी)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने कोंटा के बाद महासमुंद में भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अब चुनाव बेहद करीब है। 17 नवंबर को आपको वोट डालना। पिछली बार आपने कांग्रेस को जिताकर भूपेश बघेल को सीएम बनाया। आप फिर से कांग्रेस को जिताइए ताकी कांग्रेस के कार्यक्रमों का फायदा मिले। चाहे गैस सब्सिडी हो, 200 यूनिट बिजली है, मुफ्त पढ़ाई का हो ये सारे वादे हम करके दिखाएंगे। मोदी जी जैसे कहके बोलके भागने वाले नहीं हैं, झूठ बोलने वाले नहीं हैं, जुमलेबाजी करने वाले नहीं है। चुनाव से पहले मोदी ने कहा था कि काला धन लाकर हर एक के जेब में 15-15 लाख डालेंगे। आपको मिले क्या। उन्होंने ये भी कहा था कि 2 करोड़ नौकरियां दूंगा। क्या आपको मिली। आज तक 10 साल में 18 करोड़ नौकरियां मिल जानी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने जो वादे किए वो पूरे नहीं किए। लेकिन जो जैसा बोलता है वैसा करता भी है वो है कांग्रेस की सरकार। आपको जो भरोसा दिलाते हैं और अमल में भी लाते हैं इसलिए उनको वोट देना चाहिए।

मोदी जी का हमेशा दूरदर्शन होता है

हमारे नेता राहुल गांधी जी देश को एक करने के लिए कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल चले। क्या किसी और ने किया है। खडग़े ने कहा कि राहुल गरीबों से बच्चों से माताओं से मिलते हैं, बातचीत करते हैं। आपने कभी मोदी जो को नजदीक से देखा है। मोदी जी को हाथ मिलाते हुए देखा है। हमेशा दूरदर्शन होता है। गरीबों के प्रति ये भाव है कि वो हमेशा दूर रहना चाहते हैं। लेकिन गरीबों की बात करके वोट बटोरना चाहते हैं। अगर आप गरीबों की बात करके वोट लेना चाहते हैं तो दूसरी तरफ झूठ क्यों बोलते हैं।

मोदी जी गरीबों के लिए सोचते नहीं

मणिपुर जल रहा है लेकिन मोदी जी मणिपुर नहीं गए। महिलाओं का रेप हुआ, घर जल गए। अभी गांव-गांव फिरते हैं वोट के लिए आपके पास भी आएंगे। लेकिन मणिपुर नहीं गए। मोदी जी गरीबों के लिए सोचते नहीं। इतने देश वो गए लेकिन जहां दंगे-फसाद होते हैं उनका समाधान करने की ताकत उनमें नहीं है।

लोकतंत्र है इसलिए मोदी जी प्रधानमंत्री बनकर बैठे हैं

बार-बार कांग्रेस को गाली देते हैं, पूछते हैं 70 साल में कांग्रेस ने क्या किया। इनके भी 10 साल हो गए। कुल 16 साल से सत्ता में हैं। उनके बार में कुछ नहीं कहते। जिन्होंने देश को आजादी दिलाई उन्हें गालियां देते हैं। आजादी के लिए कांग्रेस लड़ी, और देश के लोकतंत्र, संविधान को बचाने के लिए कांग्रेस ने काम किया। आज देश में लोकतंत्र है इसलिए मोदी जी प्रधानमंत्री बनकर बैठे हैं।

वो तो ऐसे हैं बाप बनाया बेटा गुमाया

जो वादे हमने किए हैं वो सब निभाएंगे। वो तो ऐसे हैं बाप बनाया बेटा गुमाया, हमने एयरपोर्ट बनाए ये बेच रहे हैं। अडानी-अंबानी को दे रहे हैं। कोंटा में खडग़े ने कहा- समाज, संविधान, लोकतंत्र और देश को बचाना है तो कांग्रेस को वोट करें। भाजपा के लोगों ने देश के लिए कुछ नहीं किया है। हमने यहां के लोगों के लिए काम किया। इस?लिए वोट मांग रहे हैं। खडग़े बोले- नेहरू-गांधी के उसूलों के साथ कांग्रेस ने देश को आजाद कराया। भाजपा नेताओं के पास कांग्रेस नेताओं को गाली देने के अलावा कोई काम नहीं है। खडग़े ने ये बात छत्तीसगढ़ के सुकमा में सभा के दौरान कही।

मल्लिकार्जुन खडग़े के भाषण की प्रमुख बातें

भूपेश सरकार ने वादा पूरा किया

पांच साल पहले जो वादे आपसे किए थे उन वादों को पूरा करने का काम किया। इसलिए कांग्रेस पार्टी का नाम ऊंचा हुआ और पार्टी यहां मजबूत हुई। मैं सिर्फ वोट मांगने नहीं आया हूं, मैं आपने से विनती करूंगा कि एक तरफ तो हमें चुनाव जीतना है लेकिन सबसे ज्यादा समाज, संविधान, लोकतंत्र और देश को बचाना है। ये सबसे बड़ी बात है। गांधी आजादी की लड़ाई नहीं लड़ते तो जंगलों में रहना पड़ता

पहले कोई स्कूल नहीं था, हॉस्पिटल नहीं थे, बैंक नहीं थे, व्यापार नहीं था, ये सब कांग्रेस ने किया। बाकी के लोग हवा में बातें करते हैं। बीजेपी ने इस देश के लिए क्या किया। बार-बार पूछते हैं कांग्रेस ने 60 साल में क्या किया। गांधी ने आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी होती तो हम लोगों को जंगलों में रहना पड़ता। कांग्रेस के लोग सूली चढ़े, तिरंगे के नीचे गांधी जी के उसूलों के साथ कदम से कदम मिलाकर देश को आजादी दिलाई।

छत्तीसगढ़ में जो स्कूल है क्या मोदी जी ने बनाया

मोदी भूल जाते हैं कि उनकी सरकार कब तक थी। 70 साल में हमने जो इस देश में फैक्ट्रियां बनाई, स्कूल बनाए। क्या छत्तीसगढ़ में जो स्कूल हैं, उन्हें मोदी जी ने बनाया। वो ऐसी बात करते हैं कि देश को आजादी 2014 के बाद मिली। आप लोगों ने देश के लिए कुछ नहीं किया।

मोदी सरकार में महंगाई आसमान छू रही

पेट्रोल-प्याज की कीमत आसमान छू रहे हैं। गरीबी और बेरोजगारी चरम पर है। जल जंगल जमीन पर आदिवासियों का जो अधिकार है उसे हमें जीवित रखना है। ये आदिवासियों की जो लड़ाई है, उसमें कांग्रेस हमेशा मदद करती आई है। भूपेश सरकार ने उसकी हमेशा रक्षा की। नरेगा जैसा काम सोनिया गांधी ने किया। खाद्य सुरक्षा कानून लाए।बच्चों को पढ़ाने के लिए कानून बनाया। जमीन पर अगर किसी ने उतारा तो वो कांग्रेस है। बीजेपी वाले जंगल, जमीन अडानी जैसे लोगों को बेच रहे

भूपेश बघेल कांग्रेस के प्रतिनिधि हैं। बीजेपी वाले जंगल, जमीन अडानी जैसे लोगों को बेच रहे हैं। आदिवासी जो देश के मूल निवासी हैं, उनकी जमीन बेचकर आप अमीरों को देते हैं। बीजेपी की सरकार में अमीर और अमीर गरीब और गरीब हो रहा है।

छत्तीसगढ़ में 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त की

न्याय योजना के जरिए पैसे किसानों के खाते में डाले। 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी। बाकी का वादा भी निभाएंगे। इसमें संदेह नहीं होना चाहिए। हमारी खनिज संपत्ति लूटी जा रही है। देश जिस रफ्तार से चल रहा है ये सबको मालूम है। पर मोदी जी नहीं चाहते सत्ता गरीब के हाथ में आए। वो कहते हैं मेरा पीएम बनना लोगों को सहन नहीं हो रहा। भूपेश जी ने कभी ऐसा नहीं कहा।

19 करोड़ लोगों को नौकरी मिलनी चाहिए

मोदी ने कहा था अगर मैं देश का पीएम बनूंगा तो काला धन निकालकर सभी लोगों के खाते में 15 लाख रुपए दूंगा। आपको 15 लाख मिले की नहीं। या तो मोदी झूठ बोल रहे हैं, या आप झूठ बोल रहे हैं। मोदी जी ने ये कहा मैं हर साल युवाओं को 2 करोड़ नौकरी दूंगा। अब तो उनका 10वां कार्यकाल चल रहा है। कम से कम 19 करोड़ को नौकरी मिलनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

छत्तीसगढ़ जैसा गुजरात में नहीं मिल रहा

मोदी जी किसानों का दोगुना आमदनी करके देता हूं बोले थे, हुआ क्या। धान का एमएसपी तक नहीं बढ़ाए। यहां कांग्रेस की सरकार 2640 रुपए दे रही है। ऊपर से कहते हैं किसान भाइयों को लूट रहे हैं। मुझे खुशी है छग सरकार गरीब बच्चों के लिए फ्री एजुकेशन दे रही हैं। यहां सेंट्रल सरकार पीजी की स्कॉलरशिप भी नहीं भेजती है।

कागज का टुकड़ा मिला तो ईडी का छापा पड़ा

हमें ईडी और विजिलेंस से डराते हैं। झूठे केस में पकड़कर अंदर कर देते हैं। जो पार्टी हमेशा गरीबों के साथ है लेकिन ये लोगों से हम डरेंगे नहीं। इस मुल्क को आजादी दिलाते वक्त हम नहीं डरे, ये लोग तो लड़े नहीं सब फोकट में मिला। इससे पहले भूपेश बघेल ने सुकमा में कहा रमन सिंह बस्तर के लोगों को नक्सली मानते थे। यहां के लोगों को जेल में डाल दिया जाता था। यहां फर्जी मुठभेड़ कराई गई। रमन राज में महुआ खरीदना बंद कर दिया गया। लोग महुआ को सड़क पर फेंकने को मजबूर हो गए। हमने पांच सालों में यहां कई विकास के कार्य किए। आदिवासियों को जमीनें वापस लौटाई। स्कूल खोले।

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कोरबा

सुशासन तिहार 2026ः श्रीमती शांति गवेल के सपनों को मिला नया आशियाना

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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से पक्के घर का सपना हुआ साकार, परिवार के जीवन में आई नई खुशियां’

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में संचालित सुशासन तिहार 2026 आमजन के जीवन में खुशियों और भरोसे का नया अध्याय लिख रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब जरूरतमंदों तक संवेदनशीलता और तत्परता के साथ पहुंच रहा है। इसी कड़ी में कोरबा शहर के इमलीडुग्गू निवासी श्रीमती शांति गवेल का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना साकार हुआ। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत नए आवास की चाबी प्रदान की गई।

हर व्यक्ति की तरह श्रीमती गवेल का भी सपना था कि उनका अपना एक सुरक्षित और सम्मानजनक घर हो, जहां वे अपने परिवार के साथ सुख-शांति और आत्मसम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकें। लंबे समय तक वे कच्चे मकान में परिवार सहित निवास कर रही थीं। बरसात के मौसम में घर की स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती थी। तेज बारिश के दौरान पानी टपकने से रातभर चिंता बनी रहती थी। बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर वे हमेशा चिंतित रहती थीं। बावजूद इसके उन्होंने बेहतर जीवन की उम्मीद कभी नहीं छोड़ी।
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर जोन कार्यालय पानी टंकी में जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत नए घर की चाबी प्रदान की गई, तब वह पल उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण बन गया। चाबी हाथ में लेते ही उनकी आंखें खुशी से नम हो उठीं। वर्षों की प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद उन्हें ऐसा आशियाना मिला, जो अब उनके परिवार को सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन प्रदान करेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का एवं सुरक्षित आवास मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आवास उनके लिए केवल एक घर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्षों से संजोया गया अपने सपनों के आशियाने का सपना अब साकार हुआ है, जिससे पूरे परिवार के जीवन में नई खुशियां और आत्मविश्वास आया है।

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कोरबा

खाद वितरण हेतु मापदण्ड तय

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कोरबा। जिले के किसानों को इस वर्ष पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग के द्वारा लगातार प्रयास जारी है। शासन के द्वारा खाद वितरण हेतु आवश्यक मापदण्ड तय किये गये है जिसमें खरीफ 2025 में कृषक को वितरित उर्वरक यूरिया की 80 प्रतिशत मात्रा एवं डी.ए.पी की 60 प्रतिशत मात्रा का ही वितरण खरीफ 2026 में किया जाना है। यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा पारंपरिक यूरिया की आपूर्ति होने पर की जायेगी, अन्यथा की स्थिति में नैनो यूरिया के रूप में प्रदाय की जायेगी। डी.ए.पी. की शेष 40 प्रतिशत मात्रा अन्य वैकल्पिक एन.पी.के. उर्वरकों अथवा नैनो डी.ए.पी. के माध्यम से दी जायेगी। किसानों के लिए यूरिया एवं डी.ए.पी. हेतु नैनो यूरिया, डीएपी समितियों में पर्याप्त भंडारण किया जायेेगा। प्रदेश के समस्त सीमांत कृषक (जिनकी भूमि धारिता 2.5 एकड़ तक होती है) को उपरोक्तानुसार निर्धारित मात्रा एक मुश्त प्रदाय की जायेगी। लघु कृषक (जिनकी भूमि धारिता 2.5 से 5 एकड़ तक होती है) को निर्धारित मात्रा में से यूरिया 2 किश्त में प्रदाय की जायेगी एवं बड़े कृषक (जिनकी भूमि धारिता 5 एकड़ से अधिक है) को उपरोक्तानुसार  निर्धारित मात्रा में से यूरिया 3 किश्त में (द्वितीय किश्त प्रथम किश्त के 20 दिवस एवं तृतीय किश्त द्वितीय किश्त के 20 दिवस उपरांत) प्रदाय की जायेगी। उक्त निर्देष अनुसार कृषक को देय उर्वरक का निर्धारण बोरी की गणना के आधार पर किया जायेगा। विगत वर्ष (खरीफ 2025) वितरित उर्वरक की गणना बोरी में करने के उपरांत यूरिया हेतु 80 प्रतिशत एवं डी.ए.पी. हेतु 60 प्रतिशत की गणना बोरी में ही की जायेगी। गणना में यदि पूर्णांक संख्या प्राप्त न हो तो निकटतम पूर्णांक को मान्य किया जायेगा अर्थात यदि बोरी की गणना 7.2 या 7.8 प्राप्त हो तो क्रमशः 7 एवं 8 बोरी मान्य किया जायेगा।

वैकल्पिक उर्वरकों, नैनो यूरिया एवं डीएपी के साथ-साथ हरी खाद व जैव उर्वरक जैसे नील हरित काई, एजोस्पिरिलियम, पीएसबी इत्यादि केउपयोग को बढ़ावा देने हेतु कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की गई है। समितियों में हरी खाद के लिए ढेंचा एवं मूंग बीज का भंडारण प्रारंभ कर दिया गया है। कृषकों से नील हरित काई का उत्पादन कराया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसा अनुसार उर्वरक उपयोग संबंधी पोस्टर एवं पाम्पलेट वितरित किए जा रहे हैं। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे डीएपी के स्थान पर वैकल्पिक मिश्रित उर्वरक जैसे- एसएसपी, टीएसपी, एनपीके का उपयोग करें। जिससे यूरिया की खपत कम होगी तथा फसल को संतुलित पोषक तत्व प्राप्त होंगे। जिले में उर्वरकों की उपलब्धता के दृष्टिगत उप संचालक कृषि, कोरबा द्वारा किसान को सलाह दी गई है कि वह उर्वरकों का अत्यधिक क्रय एवं उनके प्रयोग से बचे तथा निकटस्थ समिति अथवा निजी विक्रय केन्द्रों से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित मात्रा के अनुसार फसल एवं रकबा के आधार पर उर्वरक का उठाव करें।

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कोरबा

“ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के सुचारु क्रियान्वयन एवं जन-जागरूकता हेतु अग्रसेन कन्या महाविद्यालय कोरबा में बैठक कल

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कोरबा। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत कोरबा जिले में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु व्यापक, सुनियोजित एवं प्रभावी कार्यवाही कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में सतत रूप से की जा रही है।
इस सम्बन्ध में “ज्ञानभारतम् मिशन” कोरबा के जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरबा जिले में संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत 75 वर्ष से अधिक पुरानी सांस्कृतिक विरासत रूपी महत्वपूर्ण,ऐतिहासिक और दुर्लभ हस्तलिखित पाण्डुलिपियों (ताड़पत्र, भोजपत्र, कागज़, पुरानी लिपि के हस्तलिखित ग्रन्थ, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व के हस्तलिखित दस्तावेज आदि) को बचाने और उन्हें डिजिटल संरक्षण करने का कार्य किया जा रहा हैं। इस अभियान को गति प्रदान करने और जनसमुदाय को जोड़ने का कार्य सतत रूप से जारी हैं।
इस कड़ी में “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के सुचारु क्रियान्वयन एवं जन-जागरूकता हेतु 26 मई को दोपहर 12 बजे, अग्रसेन कन्या महाविद्यालय कोरबा में आवश्यक बैठक आयोजित की गई हैं।
जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता अपेक्षित हैं।
बैठक में विभिन्न समाज के प्रतिनिधिगण, स्वयंसेवी संस्थाओं,सामाजिक संस्थाओं के सदस्यगण, शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यगण, “ज्ञानभारतम् प्रभारी सहायक प्राध्यापक, ”ज्ञानभारतम् दूत“ युवा टीम, स्वयंसेवी वालंटियर्स एवं नागरिकगण सम्मिलित होंगे।

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