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कोरबा

प्रदेश में आदर्श जिले के रूप में कोरबा को पहचान दिलाने सभी अधिकारी निभाएं अपनी भूमिका: प्रभारी मंत्री अरूण साव

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योजनाओं से आमजनों को लाभांवित कर विकसित कोरबा का सपना करें साकार

उपमुख्यमंत्री साव की अध्यक्षता में विभागीय कार्याे की समीक्षा बैठक हुई संपन्न

कोरबा । छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विधि व विधायी कार्य, तथा नगरीय प्रशासन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विकास कार्याे की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। उन्होंने कोरबा को प्रदेश में आदर्श जिले के रूप में पहचान दिलाने हेतु सभी अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन करने एवं शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्राथमिकता से पहुँचाने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि प्रदेश की ऊर्जाधानी कोरबा में संसाधनों की कोई कमी नही है, बहुमूल्य खनिज पदार्थ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। यहां हर क्षेत्र में कार्य करने की संभावनाएं असीम है। इस हेतु सभी अधिकारी-कर्मचारी नई ऊर्जा व सोच के साथ जिले के विकास कार्यों को गति देने के लिए के लिए काम करें।
समीक्षा बैठक में विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, विधायक पाली-तानाखार तुलेश्वर सिंह मरकाम, विधायक रामपुर फूलसिंह राठिया, महापौर राजकिशोर प्रसाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला छत्रपाल सिंह कंवर, कलेक्टर अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, डीएफओ अरविंद पीएम, कुमार निशांत, सीईओ जिला पंचायत संबित मिश्रा, नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रतिष्ठा ममगाई सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री श्री साव ने जिले में शाला प्रवेशोत्सव की तैयारी, खाद-बीज भण्डारण की स्थिति, मौसमी बीमारियों से बचाव की तैयारी, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, प्रधानमंत्री आवास, महिला बाल विकास सहित अन्य विभागों के विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने विभागीय योजनाओं की बेहतर क्रियान्वयन हेतु सभी अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने के लिए कहा। अधिकारी के फील्ड में जाने से आपकी टीम कार्य करने के प्रति सचेत होती है। इसके साथ ही आपको योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत पता चलती है। फील्ड जाने पर कार्यों में गति आएगी और समस्याओं का समाधान शीघ्र होगा।
शिक्षा विभाग अंतर्गत शाला प्रवेश उत्सव की समीक्षा करते हुए समय रहते स्कूल भवनों की साफ-सफाई, नव प्रवेशित बच्चों की जानकारी सहित अन्य आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कराना सरकार की प्रतिबद्धता है। साथ ही बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु विद्यालयों का उचित संचालन, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने निर्देश दिए। जिले में मानसून के दौरान मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग को प्रभावी उपाय अपनाने के लिए कहा। जिससे डेंगू, मलेरिया, पीलिया एवं जल जनित बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारी को सभी स्वास्थ्य केंदों की नियमित मॉनिटरिंग करने हेतु निर्देशित किया। इसी प्रकार खाद बीज भंडारण की स्थिति की जानकारी लेकर सभी समितियों से किसानों को मांग अनुसार उन्नत किस्म की खाद बीज उपलब्ध कराने के लिए कहा।
जल-जीवन मिशन के कार्य अंतर्गत हर घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना, शहरी एवं ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिछड़े परिवारों के पक्के आवास के सपने को साकार करने में अपनी महती भूमिका निभाने की बात कही। नगरीय निकाय के अधिकारी स्वच्छता एवं पीएम आवास के क्षेत्र में बेहतर प्रगति हेतु व्यक्तिगत रूचि लेकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी इन योजनाओं के महत्व को गंभीरता से समझें एवं अधिक से अधिक लोगों को इन योजनाओं का लाभ पहुंचाएं। लोक निर्माण विभाग के तहत लंबे समय से लंबित निर्माण कार्याे की जानकारी लेकर कार्य को शीघ्रता से पूर्ण कराने के लिए कहा। श्री साव ने कहा कि सभी अधिकारी स्वयं आगे बढ़कर अपनी विभागीय योजनाओं से लोगों को लाभांवित करें। आप ऐसे सकारात्मक कार्य करें जिससे इन योजनाओं से आम लोगों के जीवन में परिवर्तन और खुशहाली आए एवं विकसित कोरबा का सपना साकार हो।
प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव को जिले में किए जा रहे विकास कार्याे की जानकारी देते हुए कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि सरकार की सभी महत्वपूर्ण योजनाओं का आमजनों को लाभ पहुचाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा सतत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहीन शालाओं में नए शैक्षणिक सत्र से शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। स्कूलों में रिक्त शिक्षकों के पदों पर अतिथि व्याख्याता व अतिथि शिक्षकों की भर्ती शीघ्र ही पूर्ण कर ली जाएगी। साथ ही जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के शिक्षित बेरोजगारों को शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों में रिक्त पदों पर पीवीटीजी वर्ग के युवाओं की उनकी योग्यता अनुसार नियुक्ति दिए जाने की प्रक्रिया नए सत्र के प्रारंभ होने के साथ ही पूर्ण हो जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास से 100 से अधिक भवन विहीन विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र एवं स्वास्थ्य केंद्रों में भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण एवं अवैध कब्जों को हटाने हेतु भी प्रशासन द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। सभी राजस्व अधिकारियों को नए अतिक्रमण पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने एवं पूर्व के अतिक्रमण पर भी जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है।

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कोरबा

जिला पंचायत में स्थायी शिक्षा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न

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विद्यालयों के सुचारु संचालन, शिक्षकों की नियुक्ति एवं छात्रावास व्यवस्थाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में स्थायी शिक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्थायी शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती निकिता जायसवाल ने की। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं नवीन शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ताम्रेश्वर उपाध्याय ने जिले के विद्यालयों के पुनः संचालन, विद्यार्थियों के प्रवेश एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं सरस्वती साइकिल योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

बैठक में मानदेय शिक्षकों एवं भृत्यों की नियुक्ति के संबंध में भी चर्चा की गई। बताया गया कि रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया प्रगति पर है तथा इस माह के भीतर नियुक्तियां पूर्ण कर ली जाएंगी। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ ऐसे अतिशेष शिक्षक जिन्होंने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, उनके स्थान पर मानदेय शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कलेक्टर से अनुमति प्राप्त की जाएगी।

सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर ने छात्रावास एवं आश्रमों में प्रवेश प्रक्रिया, विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था तथा आवश्यक सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। वहीं उल्लास कार्यक्रम की प्रगति एवं गतिविधियों की जानकारी श्रीमती ज्योति शर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई।

बैठक में स्थाई शिक्षा समिति की अध्यक्ष सहित समिति सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया एवं विद्वान सिंह मरकाम ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा शैक्षणिक व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे, इस संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में जिले के सभी विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, खेल अधिकारी दीनू पटेल, जिला क्रीड़ा अधिकारी गभेल, के.आर. टंडन सहित शिक्षा विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

कटघोरा के तालाब में सफाई के दौरान हादसा:जलकुंभी में फंसकर ग्रामीण की डूबने से मौत, 2 घंटे बाद शव बरामद

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कोरबा। कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरी स्थित प्रसिद्ध गणेश तालाब में सोमवार को सफाई के दौरान एक हादसा हो गया। तालाब में जलकुंभी हटाने उतरे 50 साल के ग्रामीण श्यामलाल सारथी की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और गोताखोरों की टीम ने घंटों मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार, पंचायत की ओर से छुरी गणेश तालाब की सफाई का काम ठेके पर दिया गया था। श्यामलाल सारथी अपने पांच अन्य साथियों के साथ तालाब में सफाई के लिए उतरा था। सफाई करते हुए श्यामलाल तालाब के बीच वाले हिस्से तक पहुंच गया, जहां जलकुंभी और कीचड़ काफी घना था।

इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह घनी जलकुंभी में उलझ गया। उसके साथियों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन गहराई और फिसलन के कारण वह पानी में समा गया। हादसे के तुरंत बाद साथियों ने शोर मचाकर ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी।

2 घंटे के बाद शव बरामद

कटघोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कोरबा से गोताखोरों की टीम बुलाई गई। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने तालाब के बीच से श्यामलाल का शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कटघोरा पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है।

सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही की जांच

पुलिस ठेकेदार और पंचायत कर्मियों से पूछताछ कर रही है कि सफाई के दौरान सुरक्षा के उचित इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मजदूरों को बिना लाइफ जैकेट और रस्सी के तालाब में उतारा गया था। पुलिस लापरवाही के पहलू से भी मामले की जांच कर रही है।

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कोरबा

रेलवे साइडिंग की धूल से परेशान ग्रामीण, खोला मोर्चा:सैकड़ों लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे, बंद करने की मांग

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कोरबा। कोरबा में SECL सुराकछार की रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण वार्ड 65 प्रेम नगर सहित आसपास के पांच गांवों के निवासी परेशान हैं। हवा चलने पर पंखा दफाई, भेरोताल, सुरा कछार और भक्तु दफाई तक महीन कोल डस्ट फैल जाती है, जिससे दमा, खांसी, सांस और आंखों से संबंधित बीमारियां बढ़ गई हैं।

इस समस्या से परेशान होकर सोमवार को नगर निगम पार्षद प्रेम कुमार साहू और सैकड़ों ग्रामीणों ने पंखा दफाई रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सुराकछार भूमिगत खदान की रेल साइडिंग पर प्रतिदिन भारी वाहनों से कोयला गिराया और लोड किया जाता है।

प्रबंधन की ओर से साइडिंग और सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं किया जाता, जिससे धूल सीधे हवा में मिल जाती है। पार्षद प्रेम साहू ने पूर्व में कलेक्टर को पत्र लिखकर साइडिंग बंद करने की मांग की थी। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता चुना।

कलेक्टर को पत्र लिखकर साइडिंग बंद करने की मांग की थी।

कलेक्टर को पत्र लिखकर साइडिंग बंद करने की मांग की थी।

फाटक पर चटाई बिछाकर बैठे प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारी सुबह से ही फाटक पर चटाई बिछाकर बैठ गए और ‘धूल मुक्त गांव, स्वस्थ जीवन’ के नारे लगाए। पार्षद प्रेम साहू ने बताया कि जब तक साइडिंग पर 24 घंटे वाटर स्प्रिंकलर, मिस्ट गन और फॉग कैनन नहीं लगाए जाते, कोयला लोडिंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने गांवों में स्वास्थ्य शिविर और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। ग्रामीणों के अनुसार धूल के कारण उनके घरों की छतें, कपड़े और खाने-पीने की चीजें तक काली हो जाती हैं और बच्चे स्कूल जाने में असमर्थ हैं।

रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण लोग परेशान हैं।

रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण लोग परेशान हैं।

मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी

चक्काजाम की सूचना मिलने पर कुसमुंडा थाना पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और SECL प्रबंधन से बातचीत का आश्वासन दिया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। पार्षद प्रेम साहू ने स्पष्ट किया कि लिखित आश्वासन और ठोस कदम उठाए बिना चक्काजाम समाप्त नहीं किया जाएगा।

ग्रामीणों ने पंखा दफाई रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया।

ग्रामीणों ने पंखा दफाई रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया।

कोयला धूल से गंभीर बीमारियों का खतरा

चिकित्सकों के अनुसार, कोयले की धूल में सिलिका और कार्बन के कण होते हैं, जो फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और फेफड़ों का कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है।

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