छत्तीसगढ़
जगदलपुर के बाद खरसिया में राहुल की सभा-कहा- अगर देश मे कोई जाति नहीं तो मोदी जी खुद को ओबीसी क्यों कहते हो?
जगदलपुर (एजेंसी)। राहुल गांधी ने शनिवार को जगदलपुर के लालबाग मैदान में सभा की। इसके बाद उन्होंने खरसिया में भी चुनावी सभा को संबोधित किया। उनके भाषण का पूरा फोकस आदिवासियों पर रहा। राहुल ने पीएम मोदी से पूछा कि, आप कहते हैं कि देश में सिर्फ एक जाति है वह है गरीब। अगर ऐसा है तो खुद को ओबीसी क्यों कहते हैं? वहीं खरसिया में राहुल गांधी ने नंद कुमार पटेल को याद करते हुए कहा कि, अगर वे आज जिंदा होते तो प्रदेश के मुख्यमंत्री होते। वे कांग्रेस पार्टी के सच्चे सिपाही थे। इसलिए उनके बेटे उमेश पटेल को भारी बहुमत से आपको जिताना है।
जगदलपुर और खरसिया में राहुल गांधी का पूरा भाषण 8 पॉइंट में
आदिवासी शब्द एक क्रांतिकारी शब्द है
मध्यप्रदेश में कुछ समय पहले बीजेपी के एक नेता ने एक आदिवासी युवा के ऊपर पेशाब किया। इसका वीडियो बनाकर नेता ने ही वीडियो को वायरल किया। इनकी विचारधारा इससे साफ जाहिर होती है। वे यह दिखाना चाहते हैं कि आदिवासियों की जगह कहां होनी चाहिए। वे सोचते हैं कि जंगल में जो जानवर होते हैं वैसी आदिवासियों की जगह होनी चाहिए। बीजेपी नेता जानवरों से ज्यादा आदिवासियों पर जुल्म करते हैं। आदिवासी शब्द एक क्रांतिकारी शब्द है। आदिवासी शब्द में ही आपकी सच्चाई छिपी हुई है।
देश के असली मालिक हैं आदिवासी
बीजेपी के जो नेता हैं वह आदिवासियों को वनवासी कहते हैं। आदिवासियों के लिए आरएसएस और बीजेपी ने वनवासी शब्द निकाला है। लेकिन इसमें बहुत अंतर है। आदिवासी शब्द का मतलब है कि देश के पहले और असली मालिक। देश के जंगल, जमीन और जल आपके थे जिसे आपके हाथों से बीजेपी ने लिया है। इसलिए भाजपा के लोग आदिवासियों को वनवासी कहकर संबोधित करती है। वनवासी शब्द कांग्रेस कभी नहीं स्वीकार कर सकती है। आदिवासियों के लिए कांग्रेस ने कई कानून बनाए
हम ट्राइबल बिल लेकर आए, पेसा कानून लेकर आए, जमीन अधिग्रहण बिल लेकर आए उसमें हमने साफ लिखा था कि, जबतक आदिवासियों की ग्राम सभा इजाजत नहीं देगी तब तक कोई भी आदिवासियों की जमीन नहीं ले सकता है। अगर 5 साल के अंदर किसी इंडस्ट्रियल ने अपना बिजनेस शुरू नहीं किया, तो आदिवासियों को जमीन वापस कर दी जाएगी।
मोदी जी के सबसे बड़े मित्र हैं अडानी
मोदी जी के सबसे बड़े मित्र अडानी जी का यहां आयरन ओर माइनिंग का प्रोजेक्ट था। अरबपति हैं मोदीजी के मित्र हैं। लेकिन कांग्रेस ने उनका प्रोजेक्ट कैंसिल कर के दिखा दिया। हमारे आदिवासी भाई-बहनों ने कहा कि, हमें ये प्रोजेक्ट यहां नहीं चाहिए। क्योंकि आप वनवासी नहीं आदिवासी हो। छत्तीसगढ़ की जमीन आपकी है और इसका हक आपको मिलना चाहिए।
अगर एक जात है तो खुद को ओबीसी क्यों कहते हो
मोदी जी ने अपने भाषण में यह कहा कि, हिंदुस्तान में सिर्फ एक जात है वह है गरीब। इसका मतलब वे कह रहे हैं कि हिंदुस्तान में ना आदिवासी है, ना दलित हैं ना पिछड़े हैं। लेकिन हम सब जानते हैं इस देश में आदिवासी भाषा है, आदिवासी संस्कृति है, इतिहास है। देश में दलित हैं जिन्हें परेशान किया जा रहा है, जिन्हें अपमानित किया जाता है और आज हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री कहते हैं कि सिर्फ एक जात है वह गरीब है। अच्छा अगर एक जात है तो खुद को ओबीसी क्यों कहते हो। हर भाषण में खुद को ओबीसी बताते हो।
मोदी जी आपके शब्द खोखले हैं
आप जानते हो जो आपकी सोच है वह आदिवासियों के अपमान की सोच है। इसलिए आपने अपने शब्द तो बदले लेकिन अपनी सोच नहीं बदली है। आपके शब्द खोखले हैं, आप पहले यहां आए थे और कहा था कि हर बैंक अकाउंट में 15 लाख रुपए डालेंगे। क्या किसी एक व्यक्ति को भी 15 लाख रुपए मिले हैं। नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि नोटबंदी से काला धन मिटेगा, क्या नोटबंदी से किसी को फायदा मिला? नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जीएसटी से हिंदुस्तान बदलेगा, एक व्यक्ति है जो कहे कि जीएसटी से उसे फायदा मिला।
हमने जो वादा किया उससे ज्यादा किया
पिछले चुनाव में हम आए थे, मैंने भी वादे किए थे। इसी मंच से मैंने कहा था कि छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का 2500 रुपए मिलेगा। कोई है जो कह सकता है कि नहीं मिल रहा है? मैंने वादा किया था 2500 रुपए का आज किसानों को 2640 रुपए मिल रहे हैं। हम किसान के दर्द को समझते हैं इसलिए बिना कहे हमने दाम बढ़ाए, मैं आज फिर कह रहा हूं आपको कहने की जरूरत नहीं है, यह कुछ ही समय में 3000 रुपए तक पहुंच जाएगा। मोदी जी ने कहा था कि कांग्रेस कर्ज माफ नहीं करेगी लेकिन हमने कर के दिखा दिया। जब मैंने खेत में किसानों से पूछा कि आपका कर्ज माफ हुआ, उन्होंने कहा कि राहुल जी मेरा कर्ज माफ हुआ, अब मैंने गाड़ी खरीदी है, बाइक भी नहीं गाड़ी खरीदी है। हमने कर्ज माफ किया तो किसान ने वह पैसा अपने गांव में खर्च किया। हमने 23 हजार करोड़ रुपए 26 लाख किसानों के बैंक अकाउंट में पहुंचा दिए।
स्कूल जो बंद हुए वो हमने खोले
जगदलपुर के लिए हमने क्या किया मैं आपको बताता हूं, जो स्कूल बंद हुए वो 300 स्कूल हमने खोले, यह स्कूल बीजेपी के समय बंद हुए थे। 23 हजार लोगों की जमीन हमने उनको वापस दी। रुलर इंडस्ट्रियल पार्क खोले, स्वामी आत्मानंद स्कूल के बच्चे अंग्रेजी पढ़ रहे हैं। बीजेपी के लोग सिर्फ हिंदी को बढ़ावा देते हैं, हम कहते हैं सभी भाषा आनी चाहिए। हम अंग्रेजी के साथ छत्तीसगढ़ी को भी बढ़ावा दे रहे हैं। बीजेपी की सोच है कि आदिवासी अंग्रेजी ना सीख पाए। बीजेपी वालों की बातों में नहीं आना है। वो खुद अपने बच्चों को अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाते हैं।
कोरबा
रीवा हादसे पर कोरबा में भी आक्रोश : जैन संतों की सुरक्षा के लिए सकल जैन समाज ने निकाली मौन रैली, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
कोरबा। देश में विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने और हाल ही में मध्यप्रदेश के रीवा में आर्यिका माताजी संघ के साथ हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर सकल जैन समाज ने सोमवार को जैन मंदिर बुधवारी से कलेक्ट्रेट तक मौन रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि रीवा, मप्र में विहार के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में आर्यिका माताजी संघ की साध्वियों का असामयिक निधन हो गया था। समाज ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की पारदर्शिता के साथ एसआईटी या न्यायिक जांच करवाई जाए। घटना स्थल के आस-पास के सभी सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जैन समाज सदैव शांति, अहिंसा और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है। लेकिन तपस्वी संतों की सुरक्षा के मामले में अब शासन-प्रशासन को जागना होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान सकल जैन समाज के अनेक पदाधिकारी, प्रबुद्ध नागरिक मौजूद थे।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने समाजजनों को आश्वस्त किया कि जैन संतों की सुरक्षा से जुड़े विषय पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा तथा आवश्यक कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
सकल जैन समाज के प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप जैन, मूलचंद जैन, योगेश जैन, प्रकाश जैन, महेन्द्र चोपड़ा, दिनेश जैन, दीपांशु जैन ने संयुक्त रूप से कहा कि संत समाज की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए समाज हमेशा एकजुट होकर आवाज उठाता रहेगा।
छत्तीसगढ़
विवादित बयानों के बाद बैज-सिंहदेव और भूपेश एक साथ:जिला-उपाध्यक्ष पर आर्म्स एक्ट का केस, धरने पर कांग्रेस, कहा- परेशान करने FIR, वापस ली जाए
सूरजपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाना के सामने कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव भी धरने बैठे हैं। दरअसल, भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी की शिकायत पर विश्रामपुर पुलिस ने कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ धमकी देने, गाली-गलौज करने और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी धरने में शामिल हुए। पीसीसी चीफ को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच दीपक बैज, सिंहदेव और भूपेश बघेल तीनों साथ दिखे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले सिंहदेव और भूपेश ने नजरें नहीं मिलाई। हालांकि, इसके बाद दोनों बातचीत करते नजर आए।
सिंहदेव ने कहा कि अगर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है तो क्या हथियार चलाया। क्या हथियार पाया गया। क्या कोई हथियार बरामद किया गया। चुनाव की प्रक्रिया में कांग्रेस के साथियों को परेशान करने के लिए यह FIR दर्ज की गई है। केस वापस लिया जाए। शाम 6 बजे तक यदि हमारी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो मैं भूख हड़ताल पर बैठूंगा।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल भी धरने में शामिल होने विश्रामपुर पहुंचे।

पीसीसी चीफ को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच तीनों साथ दिखे।

पीसीसी चीफ दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता सोमवार सुबह से विश्रामपुर थाने के सामने धरने पर बैठे हैं।
बैज बोले- सत्ता की दलाली बंद करे पुलिस
प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “हम भी सत्ता में रहे हैं, थानेदार का पावर जानते हैं। झीरम घाटी में गोलियां खाई हैं। बिना जांच के आर्म्स एक्ट की धारा कैसे लगा दी गई, इसका जवाब पुलिस को देना चाहिए।”
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस नेता एनएसए जैसी धाराओं से भी डरने वाले नहीं हैं, लेकिन किसी पर कार्रवाई करने से पहले निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आर्म्स एक्ट की धाराएं वापस नहीं ली गईं तो धरना जारी रहेगा।

रात को भी जारी रहा कांग्रेस का धरना प्रदर्शन।
देर रात तक धरने पर बैठे कांग्रेसी
सोमवार को कड़ाके की धूप के बीच पूरे दिन कांग्रेस का प्रदर्शन जारी रहा। धरने में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक भानू प्रताप सिंह, पारस नाथ राजवाड़े और अंबिका सिंहदेव समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए।
रात में भी कांग्रेस कार्यकर्ता थाने के सामने चटाई और दरी बिछाकर धरने पर डटे रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के साथ एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव, अंबिकापुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, सूरजपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पूरी रात धरने पर बैठे रहे।
कांग्रेस का आरोप है कि शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह एफआईआर दर्ज की गई है। पार्टी ने मांग की है कि एफआईआर वापस ली जाए और मामले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव देर रात पहुंचे धरनास्थल।
कांग्रेस ने बनाई जांच कमेटी
कांग्रेस प्रदेश महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने मामले की जांच के लिए 7 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। जांच दल में सरगुजा जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, बलरामपुर जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव, कोरिया जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, एमसीबी जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव समेत नरेश राजवाड़े, अखिलेश प्रताप सिंह और नवीन जायसवाल को शामिल किया गया है।
कांग्रेस पार्टी के मुताबिक शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के मेन रोड स्थित प्रतिष्ठान पर पहुंचे थे। कांग्रेस का आरोप है कि वहां मित्तल पांडेय ने चुनाव में जीत-हार को लेकर नरेंद्र जैन को उकसाया और उनके साथ बदसलूकी की।
कांग्रेस का दावा है कि विवाद बढ़ने पर मित्तल पांडेय ने सत्ता का हवाला देते हुए नरेंद्र जैन को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली सोनी ने देर रात विश्रामपुर थाने में नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि नरेंद्र जैन ने गाली-गलौज करते हुए मित्तल पांडेय पर कटार तान दी थी।
छत्तीसगढ़
हार्डकोर नक्सली दंपती ने किया सरेंडर:हथियार, IED बनाने के थे एक्सपर्ट, नक्सली कैडरों को देते थे ट्रेनिंग, तेलंगाना पुलिस के सामने डाले हथियार
जगदलपुर, एजेंसी। नक्सल संगठन में लंबे समय से सक्रिय 2 सीनियर कैडर्स ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य तेलंगाना में सरेंडर कर दिया है। दोनों लीडर्स ने 26 मई को तेलंगाना के डीजीपी सीवी आनंद के सामने सरेंडर किया।
इसमें सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) और बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी (BJSAC) सचिव पसुनूरी नरहरी उर्फ विश्वनाथ उर्फ सलई दा और पत्नी स्टेट कमेटी मेंबर (SCM) मेदारा दनम्मा उर्फ लता उर्फ पूनम उर्फ जोबा शामिल है।

1982 से माओवादी संगठन में सक्रिय था नरहरी
तेलंगाना पुलिस के अनुसार, पसुनूरी नरहरी संगठन में बेहद अहम भूमिका निभा रहा था। वह सेंट्रल कमेटी का सदस्य होने के साथ-साथ बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी का सचिव भी था। नरहरी तेलंगाना के हनमकोंडा जिले के सोमिडी गांव का रहने वाला है और उसकी उम्र 64 वर्ष बताई गई है।
उसने साल 1982 में अंडरग्राउंड दलम सदस्य के रूप में संगठन जॉइन किया था। इसके बाद 1986 में कमांडर बनाया गया। साल 2000 में उसे रीजनल कमेटी मेंबर (RCM) बनाया गया और नागपुर क्षेत्र भेजा गया। 2006 में उसे BJSAC स्टेट कमेटी मेंबर और 2017 में सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) बनाया गया।
तकनीकी और हथियार निर्माण में था एक्सपर्ट
नरहरी नक्सल संगठन के टेक्निकल विंग का बड़ा चेहरा माना जाता था। साल 2010 में बनी टेक्निकल डिपार्टमेंट टीम का वह इंचार्ज रहा। 2014 में उसे बिहार स्टेट कमेटी में भेजा गया, जहां उसने गया जिला संगठन की जिम्मेदारी संभाली।
2017 में उसे ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो के तहत CCM पद पर प्रमोट किया गया। इसके बाद बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी में टेक्निकल डिपार्टमेंट का प्रभारी बनाया गया। 2018 से 2020 तक वह झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय रहा और स्टेट मिलिट्री कमीशन का इंचार्ज भी रहा। साल 2026 में उसे BJSAC का सचिव बनाया गया था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, नरहरी को हथियार, मोर्टार, रॉकेट, रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड, ग्रेनेड और बूबी ट्रैप बनाने, उनके रखरखाव में विशेषज्ञता हासिल थी। वह नक्सली कैडरों को हथियार निर्माण, रिपेयर और तकनीकी प्रशिक्षण भी देता था।
मेदारा दनम्मा भी संगठन की बड़ी सदस्य
सरेंडर करने वाली दूसरी महिला नक्सली मेदारा दनम्मा उर्फ लता उर्फ पूनम उर्फ जोबा (55) है, वह आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के गमालापाडु गांव की रहने वाली है और बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी में स्टेट कमेटी मेंबर (SCM) के पद पर सक्रिय थी। ये CCM पसुनूरी नरहरी की पत्नी है। दोनों लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहकर संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।
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