छत्तीसगढ़
रामगढ़ के अस्तित्व पर संकट,गलत रिपोर्ट देकर सहमति:सिंहदेव बोले-भूपेश कार्यकाल में भी कलेक्टर ने दी थी गलत रिपोर्ट, खदान खुली तो नहीं बचेगा रामगढ़
सरगुजा,एजेंसी। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि हसदेव क्षेत्र में नए कोल प्रोजेक्ट से ऐतिहासिक महत्व के रामगढ़ पहाड़ का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। भूपेश सरकार के कार्यकाल में भी तत्कालीन कलेक्टर ने कोल ब्लॉक को मंजूरी देने के लिए रामगढ़ के श्रीराम मंदिर के बजाय दो किलोमीटर आगे सीताबेंगरा से दूरी की रिपोर्ट दी।
उन्होंने कहा, वर्तमान में कोल ब्लॉक की दूरी का गलत आकलन कर डायवर्सन के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। इस कोल ब्लॉक के न खुलने से किसी को नुकसान नहीं होगा, लेकिन खुलने से ऐतिहासिक धरोहर को नहीं बचा सकेंगे।

अंबिकापुर के कोठीघर में रामगढ़ संरक्षण और संवर्द्धन समिति के सदस्यों के साथ आयोजित प्रेसवार्ता में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने कहा कि रामगढ़ पहाड़, जोगीमाड़ा गुफा, जोगीमाड़ा का पर्वत संरक्षित क्षेत्र है। यह ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है।
सिंहदेव ने कहा, यहां हर वर्ष रामनवमी पर लाखों लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय वनवासी और आदिवासियों की आस्था रामगढ़ पहाड़ से जुड़ी है। यही कारण है कि स्थानीय लोग इस पहाड़ के पास कोल खदान खोलने का लगातार विरोध कर रहे हैं।

भू-स्खलन के कारण बंद हुआ रामगढ़ मार्ग
गलत रिपोर्ट देकर कोल ब्लॉक की अनुमति सिंहदेव ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों द्वारा ग्रामसभाओं को फर्जी बताया गया है। वर्ष 2020 में तत्कालीन सरगुजा कलेक्टर ने PKEB खदान की दूरी सीताबेंगरा से 11 किलोमीटर बताई थी। जबकि रिपोर्ट में रामगढ़ के ऐतिहासिक राममंदिर (जोगीमाड़ा) और रामगढ़ पहाड़ की दूरी नहीं बताई गई थी।
उन्होंने कहा, वर्तमान में डीएफओ ने वन डायवर्सन के लिए दी गई सहमति में भी सीताबेंगरा तक की दूरी 11 किलोमीटर बताई है। खदान की सीमा के नजदीकी छोर के बजाय दूसरे नजदीकी छोर से यह दूरी नापी गई है। केते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक की सीमा से रामगढ़ पहाड़ की दूरी 8.1 किलोमीटर, जोगीमाड़ा की दूरी 9.3 किलोमीटर है। यदि हमारा दावा गलत है तो पुनः इसकी नाम कराई जाए।

पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा- यह कोल ब्लॉक खुला तो रामगढ़ पहाड़ का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
कोल ब्लॉक खोलने की हड़बड़ी, राजस्थान को कोई नुकसान नहीं
सिंहदेव ने कहा कि यह कोल ब्लॉक सिर्फ एक उद्योगपति को फायदा पहुंचाने के लिए हड़बड़ी में खोला जा रहा है। केंद्र सरकार की नीति में शामिल है कि वर्तमान में संचालित कोयला आधारित पावर प्लांट की लाइफ स्पॉन पूरा हो जाने के बाद उन्हें रिन्यू नहीं किया जाएगा। वर्तमान में संचालित खदानों में 30 साल का कोयला है।
सिंहदेव ने कहा कि यह कोयला खदान नहीं खुलेगा तो किसी को कोई भी नुकसान नहीं होगा। लेकिन खोला गया तो रामगढ़ पहाड़ का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। हम आने वाली पीढ़ी के लिए इस विरासत को खो देंगे।
दरक रही पहाड़ी, इसलिए बना रहे नया राममंदिर पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रशासन ने रामगढ़ पहाड़ के नीचे नये राममंदिर का निर्माण शुरू कराया है। इसमें कुछ जनप्रतिनिधियों को आगे किया गया है। चूंकि कोल ब्लॉक में हो रही ब्लास्टिंग से रामगढ़ की पहाड़ियों में पत्थरों में दरारें आ गई हैं। सड़क पर लैंड स्लाइड हो रही है। वनविभाग ने चेतावनी के बोर्ड लगाए हैं।
सिंहदेव ने कहा कि नया राम मंदिर इसलिए भी बनाया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में रामगढ़ की पहाड़ी पर लोगों को जाने से रोका जा सके। केते एक्सटेंशन को मंजूरी दी गई तो रामगढ़ का बर्बाद होना तय है।
पूर्व की सरकार ने रोकी थी अनुमति सिंहदेव ने कहा कि पूर्ववर्ती भूपेश सरकार में लेमरू एलिफेंट प्रोजेक्ट का एरिया बढ़ाकर 1995 वर्ग किलोमीटर किया गया है। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में केते एक्सटेंशन खदान से लेमरू प्रोजेक्ट की दूरी 10 किलोमीटर से कम बताई गई थी, इस कारण यह अनुमति रोकी गई थी।
सिंहदेव ने कहा कि इस कोयला खदान में सिर्फ 16.44 हेक्टेयर भूमि ही गैर वनभूमि है। शेष घने जंगल हैं। यहां 4.5 लाख से ज्यादा पेड़ काटे जाएंगे जो भविष्य में छत्तीसगढ़ के पर्यावरण के लिए अत्यधिक खतरनाक होगा।
प्रेसवार्ता के दौरान रामगढ़ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के सदस्य सहित कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, पूर्व अध्यक्ष राकेश गुप्ता एवं रामगढ़ क्षेत्र के लोग उपस्थित थे।
कोरबा
अमित जोगी का ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन संपन्न:बालको में मजदूरों के लिए प्रदर्शन, प्रबंधन ने मानी तीन मांगें
कोरबा। कोरबा में जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी का ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन कुछ ही घंटों में संपन्न हो गया। यह आंदोलन बालको में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों के लिए किया गया था। अमित जोगी ने दावा किया कि यह सफल रहा, क्योंकि प्रबंधन ने उनकी तीन प्रमुख मांगें मान ली हैं।
बालको परसाभाटा स्थित गेट के सामने अमित जोगी ने एक टेंट लगाकर प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने वहां मौजूद मजदूरों की समस्याओं को उठाया और उनके साथ गेट की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस बल ने उन्हें रोका, जिससे कुछ देर तक हल्की धक्का-मुक्की चलती रही।

अमित जोगी ने कहा, ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन सफल
मीडिया से बात करते हुए अमित जोगी ने बताया कि उन्होंने अपने पिता अजीत जोगी द्वारा 2004 में बालको में किए गए आंदोलन की तर्ज पर ही मजदूरों के हक में यह संघर्ष किया है।
जोगी ने पुष्टि की कि उनका ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन सफल रहा है। उन्होंने बताया कि बालको प्रबंधन ने उनकी तीन मांगों को स्वीकार कर लिया है।

आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया
अमित जोगी ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया था। उन्होंने दावा किया कि प्रबंधन ने आदेश जारी किए थे कि जो भी इस आंदोलन में शामिल होगा, उसे काम और सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। जोगी ने कहा कि ऐसी स्थिति में वह खुद बालको की यूनिफॉर्म पहनकर आंदोलन करेंगे।
छत्तीसगढ़
PTJNMC की बड़ी उपलब्धि; DM कार्डियोलॉजी की दो-सीट मंजूर:NMC अप्रूवल पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के स्टाइपेंड का मुद्दा भी गर्माया
रायपुर,एजेंसी। राजधानी स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर को बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि मिली है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए मेडिकल कॉलेज में डीएम-कार्डियोलॉजी (सुपर स्पेशियलिटी) की दो पीजी सीटों को मंजूरी प्रदान की है।
हालांकि इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने डीएम यानी डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन करने वाले डॉक्टरों के स्टाइपेंड और कैडर व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं।
विशेषज्ञ समिति की समीक्षा के बाद मिली अनुमति
मेडिकल कॉलेज ने आवेदन पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति हेल्थ साइंसेज और आयुष विश्वविद्यालय, रायपुर के माध्यम से प्रस्तुत किया था। इसके बाद एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने कॉलेज की स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट (SAF) और मूल्यांकनकर्ताओं की रिपोर्ट का परीक्षण किया।
विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद न्यूनतम मानकों के आधार पर डीएम-कार्डियोलॉजी की दो सीटों को मंजूरी दी गई।
हृदय रोग विशेषज्ञों की संख्या बढ़ने की उम्मीद
सुपर स्पेशियलिटी कोर्स शुरू होने से प्रदेश में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे गंभीर हृदय रोगों के इलाज के लिए मरीजों को राज्य के बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है। साथ ही उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाओं और शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस उपलब्धि पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई दी है।
स्टाइपेंड और कैडर को लेकर उठे सवाल
डीएम-कार्डियोलॉजी की सीटों की मंजूरी के साथ ही छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन का कहना है कि छत्तीसगढ़ में अभी तक डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (DM), सर्जिकल सुपर स्पेशियलिटी (MCh) और डॉक्टरेट ऑफ नेशनल बोर्ड (DrNB) के डॉक्टरों के लिए अलग कैडर या अलग स्टाइपेंड संरचना तय नहीं की गई है।
इसी वजह से कई जगहों पर सुपर स्पेशियलिटी कोर्स कर रहे डॉक्टरों को भी डॉक्टर ऑफ मेडिसिन या मास्टर ऑफ सर्जरी पीजी रेजिडेंट के बराबर ही स्टाइपेंड मिल रहा है, जबकि DM कोर्स MD के बाद किया जाने वाला उच्च स्तर का विशेषज्ञता कोर्स है।
कई बार भेजे जा चुके हैं प्रस्ताव
डॉक्टरों और संस्थानों की ओर से इस मुद्दे पर कई बार सरकार को पत्र लिखकर DM/MCh/DrNB के लिए अलग कैडर और बेहतर वेतन संरचना तय करने की मांग की जा चुकी है। लेकिन अभी तक इस पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है।
नए DM छात्रों के सामने भी चुनौती
अब जब रायपुर मेडिकल कॉलेज में DM-कार्डियोलाॅजी की पढ़ाई शुरू होने जा रही है, तो यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर स्टाइपेंड और कैडर की स्थिति स्पष्ट नहीं होगी तो दूसरे राज्यों के डॉक्टर यहां सुपर स्पेशियलिटी पढ़ाई के लिए कितने आकर्षित होंगे।
कोरबा
नम: सामूहिक विवाह:पं.धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में 108 दिव्यांग व निर्धन कन्याएं बंधेंगी परिणय सूत्र में
01 अप्रैल को ढपढप (बांकीमोंगरा) में होगा आयोजन
108 कन्याओं के नए जीवन में प्रवेश कराने हमें मिल रहा अवसर, यह सौभाग्य की बात-सर्वमंगला मंदिर प्रबंधक एव व्यवथापक
कोरबा। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में 2024 में नम: सामूहिक विवाह के सफल आयोजन के बाद इस वर्ष नम: सामूहिक विवाह को बड़ा विस्तार दिया जा रहा है। 01 अप्रैल 2026 को ढपढप (बांकीमोंगरा) में विश्व विख्यात कथा वाचक एवं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में एवं अपना आश्रम सेवा समिति के आयोजकत्व में यह पुण्य कर्म सम्पन्न होगा। इस पुण्यधरा पर 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह होगा और वे नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करेंगी।
नम: सामूहिक विवाह के प्रभारी, माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/ व्यवस्थापक ने बताया कि अब तक 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का पंजीयन हो चुका है। यह हमारा सौभाग्य है कि ईश्वरीय कृपा से यह पुण्यकर्म इस बार ग्राम ढपढप (बांकीमोंगरा) में सम्पन्न होगा और नवदम्पत्तियों को शुभ आशीर्वाद देने के लिए विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक एवं सनातन धर्म के प्रचारक पंडित धीरेंद्र शास्त्री (पीठाधीश्वर-बागेश्वर धाम) सहित कई लब्ध प्रतिष्ठित एवं विद्वान आचार्यों के साथ प्रदेश के कई राजनीतिक प्रतिभाएं, समाजसेवक अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
ज्ञातव्य हो कि अपना आश्रम सेवा समिति द्वारा ग्राम ढपढप में 27 मार्च से 01 अप्रैल तक श्री हनुमंत कथा का दिव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अपना सानिध्य प्रदान करने बागेश्वर धाम से पंडित धीरेंद्र शास्त्री पधार रहे हैं। 06 दिवसीय इस दिव्य आयोजन के अंतिम दिन 01 अप्रैल को नम: सामूहिक विवाह का आयोजन होगा, जिसमें 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं अपने मन पसंद जीवन साथियों के साथ नव दाम्पत्य जीवन प्रारंभ करेंगी। यह हमारा सौभाग्य है कि इस बार नम: सामूहिक विवाह का विस्तार हो रहा है और 108 कन्याओं का सामूहिक विवाह हो रहा है। पंजीयन अभी जारी है और कन्याओं की संख्या बढ़ सकती है।
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