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छत्तीसगढ़

मारवाड़ी युवा मंच एवं जागृति शाखा द्वारा निशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर 30 नवंबर से

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स्व. रामेश्वर लाल सिंघानिया ‘नेताजी’ की स्मृति में होगा आयोजन

जांजगीर। मारवाड़ी युवा मंच एवं जागृति शाखा जांजगीर-नैला द्वारा समाजसेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्वर्गीय रामेश्वर लाल सिंघानिया ‘नेताजी’ की स्मृति में निशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 30 नवंबर, 1 और 2 दिसंबर 2025 को सतसंग भवन, वी.आई.पी. सिटी के सामने आयोजित होगा। आयोजन में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति का सहयोग प्राप्त है।

शिविर का उद्देश्य उन जरूरतमंद व्यक्तियों को सहारा प्रदान करना है, जिनके हाथ या पैर किसी दुर्घटना, बीमारी या जन्मजात कारणों से क्षतिग्रस्त हुए हैं। आयोजन समिति के अनुसार, शिविर में लाभार्थियों के माप के अनुरूप उत्तम गुणवत्ता वाले कृत्रिम हाथ, पैर, कैलिपर्स, बैसाखी तथा कान की मशीनें पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाएँगी। विशेषज्ञ तकनीशियन प्रत्येक व्यक्ति की स्थिति के अनुसार परीक्षण कर उचित उपकरण प्रदान करेंगे।

पंजीयन 29 नवंबर तक रखा गया है। इसके लिए लाभार्थियों को आधार कार्ड की प्रति, पासपोर्ट साइज फोटो और आवश्यकता अनुसार विकलांगता प्रमाण पत्र साथ लाने की सलाह दी गई है। शिविर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होगा। मारवाड़ी युवा मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर सुल्तानिया ने बताया कि मंच नियमित रूप से जन सेवा के कार्य वृहद स्तर पर पूरे देश में संचालित करता है। इसी कड़ी में यह आयोजन भी जांजगीर-नैला नगर में किया जा रहा है। समिति ने क्षेत्र के जरूरतमंद नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर का लाभ लेने की अपील की है साथ अन्य जरूरतमंदों को सूचित करने का निवेदन भी आम जनता से की है।

शिविर का लाभ उठाने के लिए जरूरतमंद मारवाड़ी युवा मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर सुल्तानिया, विक्रांत अग्रवाल, दीपक सिंघानिया, अखिल बंसल, आकाश सिंघानिया, नवदीप अग्रवाल, निकुंज भोपालपुरीया, अनुभव अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, मनीषा अग्रवाल, बबीता गर्ग, शिखा अग्रवाल, कल्याणी भोपालपुरिया से संपर्क कर सकते हैं।

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कोरबा

कोयला गैसीकरण को मिली नई गति : केंद्र सरकार की 37,500 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी

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भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में भी संभावनाओं पर कार्य जारी

बिलासपुर/कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में सतही कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी प्रदान की है। यह योजना वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य को गति देने, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने तथा एलएनजी, यूरिया, अमोनिया और मेथेनॉल जैसे उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस योजना के अंतर्गत लगभग 75 मिलियन टन कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत नई परियोजनाओं को प्लांट एवं मशीनरी लागत का अधिकतम 20 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। परियोजनियों का चयन पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।

केंद्र सरकार द्वारा कोयला गैसीकरण क्षेत्र में दी जा रही इस नई गति का प्रभाव देश की प्रमुख कोयला कंपनियों में भी दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) द्वारा भी कोयला गैसीकरण की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। SECL के भटगांव क्षेत्र स्थित महामाया खदान में कोल गैसीफिकेशन की संभावनाओं का परीक्षण एवं अध्ययन किया जा रहा है। यह पहल भविष्य में कोयले के वैकल्पिक एवं स्वच्छ उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

कोयला गैसीकरण तकनीक के माध्यम से कोयले को ‘सिंथेसिस गैस’ (Syngas) में परिवर्तित किया जाता है, जिसका उपयोग उर्वरक, रसायन, ईंधन तथा अन्य औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जा सकता है। इससे न केवल आयातित ईंधनों पर निर्भरता घटेगी, बल्कि देश में वैल्यू एडिशन एवं औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकार के अनुसार इस योजना से लगभग 2.5 से 3 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश आकर्षित होने की संभावना है तथा लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। साथ ही कोयला उत्पादक क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

भारत के पास लगभग 401 बिलियन टन कोयला एवं 47 बिलियन टन लिग्नाइट भंडार उपलब्ध हैं। ऐसे में कोयला गैसीकरण को ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत एवं ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल माना जा रहा है।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़-BJP बैठक की इनसाइड स्टोरी:शिवप्रकाश बोले- जीत के उत्साह में डूबिए मत, नेताओं से कहा- मीडिया में नहीं फील्ड पर एक्टिव रहे

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में 2 दिनों तक चली बीजेपी की मैराथन बैठकों में मंच पर जितनी औपचारिक बातें हुईं, उससे कहीं ज्यादा चर्चा बंद कमरों में हुई।

12 मई को प्रदेश पदाधिकारियों और कोर कमेटी की बैठक हुई, जबकि अगले दिन प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई। नई प्रदेश कार्यकारिणी की यह पहली बैठक थी, इसलिए संगठन के अंदर इसे सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं बल्कि नई दिशा तय करने वाली मीटिंग माना जा रहा था।

बैठक के दौरान सबसे ज्यादा जिस बयान की चर्चा रही, वह बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश का था। उन्होंने नेताओं और पदाधिकारियों को साफ कहा कि पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों में मिले ‘विजय के उत्साह में डूब मत जाइए, अब संगठन को और ज्यादा मेहनत करनी है।’

संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कार्यकर्ताओं से साफ कहा- विजय के उत्साह में डूब मत जाइए, मेहनत करिए।

संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कार्यकर्ताओं से साफ कहा- विजय के उत्साह में डूब मत जाइए, मेहनत करिए।

बंगाल जीत के बाद छत्तीसगढ़ मॉडल पर फोकस

बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल चुनाव की जीत का जिक्र कई बार हुआ। नेताओं ने इसे संगठनात्मक मॉडल की सफलता बताया। चर्चा यह रही कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में बूथ स्तर तक नेटवर्क मजबूत किया गया, उसी मॉडल को अब छत्तीसगढ़ में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में लागू किया जाएगा।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कई जिलों से आए पदाधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि सिर्फ सोशल मीडिया और बयानबाजी से संगठन मजबूत नहीं होगा। बूथ स्तर पर नियमित संपर्क, कार्यकर्ता बैठक और फील्ड एक्टिविटी बढ़ानी होगी।

‘बंगाल की जीत, पार्टी विचारधारा की जीत’

संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने पश्चिम बंगाल की जीत को सिर्फ चुनावी सफलता नहीं बल्कि वैचारिक जीत बताया। कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की कर्मभूमि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत पार्टी की विचारधारा की जीत है।

साथ ही उन्होंने असम समेत दूसरे राज्यों में मिली सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी विकसित भारत और समरस समाज के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है।

बीजेपी में दो दिनों तक लगातार बड़ी बैठकें चली।

बीजेपी में दो दिनों तक लगातार बड़ी बैठकें चली।

नई कार्यकारिणी को पहला संदेश ‘संगठन चुनावी मोड में रहे’

बैठक में बार-बार एक ही बात दोहराई गई कि संगठन अब लगातार चुनावी मोड में रहेगा। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी अब पंचायत और निकाय चुनावों पर पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। यही वजह है कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में एक नया संगठनात्मक कैलेंडर तय किया गया।

इसके तहत हर महीने 4 स्तरों पर बैठकें होंगी। पहले हफ्ते में मंडल पदाधिकारी और कार्यसमिति की बैठक, दूसरे सप्ताह में जिले की बैठक, तीसरे सप्ताह में शक्ति केंद्र बैठक और चौथे सप्ताह में बूथ समिति की बैठक आयोजित की जाएगी और इसी दिन पीएम मोदी की मन की बात कार्यकर्ता एक साथ बैठकर करेंगे।।

पार्टी का मानना है कि लगातार समीक्षा और जमीनी फीडबैक के जरिए संगठन को एक्टिव रखा जा सकता है। बैठक में मौजूद नेताओं के मुताबिक, इस बार सिर्फ भाषण नहीं हुए, बल्कि हर स्तर के पदाधिकारियों को ‘माइक्रो मॉनिटरिंग’ का संदेश दिया गया।

बूथ स्तर तक रिपोर्टिंग, कार्यक्रमों की समीक्षा और राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी सीधे ऊपर तक पहुंचाने की व्यवस्था पर चर्चा हुई।

प्रदेश प्रभारी के बिना हुई बैठक

नई प्रदेश कार्यकारिणी, पदाधिकारी और कोर कमेटी की बैठक में पहली बार ऐसा हुआ जब प्रदेश प्रभारी मौजूद नहीं रहे। छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रभारी नितिन नबीन इस समय राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

20 जनवरी को उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद से यह चर्चा लगातार चल रही है कि छत्तीसगढ़ को जल्द नया प्रभारी मिल सकता है।

बैठक के दौरान भी कई नेताओं के बीच यही चर्चा रही कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के बाद छत्तीसगढ़ संगठन में भी नए समीकरण दिखाई दे सकते हैं। पार्टी के अंदरखाने यह माना जा रहा है कि जून तक नए प्रभारी को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

बैठक में नेताओं के लिए टारगेट तय किए गए।

बैठक में नेताओं के लिए टारगेट तय किए गए।

कोर कमेटी में बदलाव ने बढ़ाई हलचल

2 दिनों की बैठकों में सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा कोर कमेटी में हुए बदलाव को लेकर रही। बीजेपी की कोर कमेटी से कई बड़े और पुराने चेहरों को बाहर कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, पूर्व मंत्री पुत्रूलाल मोहले, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, मंत्री रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, रेणुका सिंह, बृजमोहन और गौरीशंकर अग्रवाल जैसे नेताओं को कमेटी से बाहर किया गया है।

वहीं नई सूची में वित्त मंत्री ओपी चौधरी, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, अमर अग्रवाल, लता उसेंडी और शिवरतन शर्मा को जगह दी गई है।

हालांकि पार्टी इसे सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया बता रही है, लेकिन गलियारों में यही चर्चा रही कि बीजेपी अब धीरे-धीरे नई पीढ़ी और एक्टिव फील्ड नेताओं को ज्यादा जिम्मेदारी देने की रणनीति पर काम कर रही है।

बड़ी गाड़ियों के कारवां पर भी चर्चा

बैठक के दौरान एक और दिलचस्प चर्चा नेताओं के काफिलों को लेकर रही। पेट्रोल-डीजल बचाने और कारकेड कम करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार अपील करते रहे हैं। कई राज्यों में मंत्री और नेता अपने काफिले कम भी कर रहे हैं।

लेकिन बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बड़ी संख्या में वाहन पहुंचे। कई पदाधिकारी दो-दो और तीन-तीन गाड़ियों के साथ पहुंचे। पार्किंग से लेकर मुख्य गेट तक गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं।

हालांकि कुछ बीजेपी प्रवक्ता ई-रिक्शा से भी पहुंचे, जिसकी चर्चा पार्टी दफ्तर में होती रही। लेकिन कई नेताओं के बीच यह सवाल भी उठा कि जब डिजिटल दौर में अधिकांश बैठकें वर्चुअल हो सकती हैं, तब इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के साथ बैठक आयोजित करना क्या जरूरी था?

सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर जोर

बैठक के दौरान सरकार और संगठन के बीच तालमेल का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार की योजनाओं और फैसलों को बूथ स्तर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संगठन की होगी।

अंदरखाने क्या है सबसे बड़ा संदेश?

बैठकों के बाद बीजेपी के अंदर सबसे बड़ा संदेश यही माना जा रहा है कि पार्टी अब सिर्फ सत्ता चलाने के बजाय संगठन को लगातार एक्टिव रखने की रणनीति पर काम कर रही है।

शिवप्रकाश का ‘विजय के उत्साह में मत डूबिए’ वाला संदेश भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। बीजेपी नेतृत्व यह संकेत देना चाहता है कि बंगाल और दूसरे राज्यों की जीत के बाद भी संगठन को ढील नहीं दी जाएगी।

नई कार्यकारिणी की पहली बैठक में जिस तरह बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक हर महीने बैठकें तय की गईं, कोर कमेटी में बदलाव हुआ और पंचायत-निकाय चुनावों पर फोकस बढ़ाया गया, उससे साफ है कि बीजेपी ने अगले राजनीतिक चरण की तैयारी अभी से शुरू कर दी है।

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कोरबा

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय एवं रोटरी क्लब कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में 18 मई को ‘खुशियों का पासवर्ड’ का शुभारम्भ

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कोरबा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय एवं रोटरी क्लब कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम ‘खुशियों का पासवर्ड’ का शुभारम्भ दिनांक 18-05-2026 को संध्या 6:00 बजे को मंत्री छत्तीसगढ़ शासन लखन लाल देवांगन, कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रेम चन्द पटेल एवं महापौर कोरबा श्रीमती संजू देवी राजपूत द्वारा इंदिरा गाँधी स्टेडियम टी.पी. नगर कोरबा परिसर में स्थित राजीव गाँधी इंडोर ऑडिटोरियम में होने जा रहा है। जिसके मुख्य वक्ता सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर, कॉर्पोरेट ट्रेनर, हिप्नोथेरेपिस्ट एवं लाइफ कोच डॉ. सचिन परब मुंबई होंगे । आपने देश-विदेश में मानवता के कल्याण के लिए एवं निराश, हताश तथा तनाव ग्रस्त लोगे के जीवन में अपने उदबोधन से नव उर्जा का संचार कर खुशियों से से आप्लावित कर दिया | त्रिदिवसीय कार्यक्रम के पूर्व उपरोक्त स्थान व समय पर ही कॉर्पोरेट जगत, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, रेड क्रॉस सोसाइटी आई.डी.ए एसोसिएशन, मीडिया प्रभाग 25 क्रास सोसायटरी व अन्य गणमान्य लोगो के लिए ‘हील योर माइंड हील योर लाइफ’ का कार्यक्रम दिनांक 17-05-2026 को एस.इ.सी.एल. बिलासपुर सिपत व डब्लू.सी.एल. नागपुर के उर्जावान सी.एम.डी हरीश दुहान के मुख्य आतिथ्य में सम्पादित होगा | दिनांक 19-05-26 के कार्यक्रम हेतु मुख्य अतिथि के रूप में कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत तथा पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद होंगे तथा दिनांक 20-05-26 के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत से भी निवेदन किया गया है तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में आशुतोष पाण्डेय आयुक्त नगर पालिक निगम कोरबा एवं श्रीमती प्रेमलता यादव डी.ऍफ़. ओ कोरबा ।

अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय आबू पर्वत राजस्थान से ‘नशा मुक्त भारत अभियान रथ’ का शुभागमन होने जा रहा है जिसका विधिवत उदघाटन दिनांक 18-05-2026 को सम्पन्न होगा | इस रथ का मुख्य आकर्षण ऑडियो-विडियो एवं चित्र प्रदर्शनी के साथ साथ कुंभकर्ण के मॉडल द्वारा अज्ञानता की निद्रा में सुषुप्त जनमानस को इस ईश्वरीय सन्देश के द्वारा जागरुक करना है। इसके साथ ही इस अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में शिक्षा जागरूकता और आध्यात्मिक सशक्तिकरण के माध्यम से नशे के दुरोपयोग को रोकना, जमीनी स्तर पर गतिविधियों और सोशल मीडिया के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाना, युवा सशक्तिकरण, विद्यालयों एवं विश्व विद्यालयों में नशा मुक्त परिसर बनाना, नशा मुक्त समाज के लिए सहयोग, आध्यत्मिक मार्गदर्शन और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से स्वस्थ जीवन को बढावा देना, रैली, सेमिनार और कार्यशालाओ का आयोजन तथा योग और ध्यान के माध्यम से स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ाना आदि है उक्त रथ कोरबा के शहरी और ग्रामीण अंचल के प्रमुख स्थानों पर जा कर कार्यक्रम आयोजित करने हेतु प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त बी. के. डॉ. सचिन परब द्वारा एन.टी.पी.सी टाउनशिप स्थित अम्बेडकर ऑडिटोरियम में त्रिदिवसीय शिविर “खुशियों का पासवर्ड” दिनांक 18 मई से 20 मई तक प्रातः 9 बजे से 10:30 बजे तक आयोजित है तथा अन्य कार्यक्रमों में जिला जेल कोरबा के बंदियों के लिए दिनांक 18-05-26 को दोपहर 12 से 01 बजे, गेवरा के सी.आई.एस. ऍफ़. केंद्र में सायं 4 से 5 बजे, दिनांक 19-05-26 को कोरवा ब्रांच ऑफ़ CIRC ऑफ़ ICAI के लिए टी.पी. नगर स्थित होटल गणेश इन् में दोपहर 12 से 1 बजे तथा सायं को एस.ई.सी.एल. क्लब कोरबा में समय सायं 4 से 5 बजे तक अपना कार्यक्रम देंगे इस अवसर पर संस्था की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी रुक्मणी के द्वारा कार्यक्रम का लाभ लेने के लिए समस्त कोरबा वासियों को आहवान किया गया है।

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