छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में आचार संहिता हटते ही होंगी सरकारी भर्तियां:10 हजार पदों पर हो सकती है शिक्षकों की भर्ती, विभागों में लंबित है प्रस्ताव
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में जल्द ही 10 हजार से अधिक पदों पर शिक्षकों की भर्ती हो सकती है। 4 जून को लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद आचार संहिता हटते ही कई विभागों में भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्कूलों के साथ-साथ राजकीय विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भर्ती का रास्ता खुलेगा।
दरअसल, विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के कारण कई महीनों से भर्ती नहीं की गई है। कई विभागों में लंबे समय से नियुक्तियां लंबित हैं।
सबसे ज्यादा भर्ती स्कूलों में होगी भर्ती
आचार संहिता हटने के बाद प्रदेश के कई विभागों में सरकारी नौकरियों के लिए लंबित प्रस्तावों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सबसे अधिक भर्ती स्कूल शिक्षा विभाग में होनी है। संभावना है कि सबसे पहले इसी विभाग में भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पीएससी में लंबित है कई भर्तियों के प्रस्ताव
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) में भर्तियों के कई प्रस्ताव आने के बाद प्रक्रिया अटकी हुई है। इनमें प्रमुख रूप से कॉलेजों में प्रोफेसरों की भर्ती का मामला है। नियमों में कुछ बिन्दु ऐसे थे जिन पर आपत्ति की गई। हालांकि बाद में नियम संशोधन के चक्कर में यह भर्ती नहीं हो पाई।
595 प्रोफेसरों के पद
उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर पीएससी ने 595 प्रोफेसरों के पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसके लिए 13 सितंबर से 12 अक्टूबर 2021 तक आवेदन भी मंगाए थे। सैकड़ों अभ्यर्थियों ने आवेदन भी किए। नियम में फेरबदल के चलते अब तक यह भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई है।
छात्रावास अधीक्षक पदों की भर्ती भी अटकी
आदिवासी विकास विभाग के प्रस्ताव पर 13 मई 2023 को पीएससी ने 500 छात्रावास अधीक्षक पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। जिसे बाद में निरस्त कर दिया गया। हालांकि बाद में इस परीक्षा को कराने की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल को मिली थी। यह भर्ती परीक्षा भी अटकी हुई है।
खेल
बिलासपुर : बिलासपुर की शिविका पांडेय बनीं राज्य स्तरीय स्केटिंग चैंपियन
चोट के बावजूद जीता गोल्ड

बिलासपुर। रायपुर के सरोना स्थित निजी पब्लिक स्कूल के स्केटिंग ग्राउंड में 9 एवं 10 मई 2026 को प्रथम छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय रोलर स्पोर्ट्स रैंकिंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में बिलासपुर की होनहार खिलाड़ी शिविका पांडेय ने अपनी प्रतिभा और अदम्य साहस का लोहा मनवाते हुए राज्य स्तरीय चैंपियन का खिताब अपने नाम किया।

चोट को मात देकर हासिल किया स्वर्ण
शिविका ने 10 से 12 वर्ष आयु वर्ग के ट्वॉय इनलाइन स्केट स्पर्धा में हिस्सा लिया। 9 मई को आयोजित 400 मीटर रेस के दौरान वे गंभीर रूप से चोटिल हो गई थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और घायल अवस्था में ही रेस पूरी कर कांस्य पदक जीता। अगले ही दिन, उसी चोट और दर्द के बावजूद, शिविका ने 200 मीटर रेस में असाधारण प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया और अपने आयु वर्ग की ओवरऑल चैंपियन बनीं।
परिचय और परिवार
शिविका पांडेय बिलासपुर के बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल की छठवीं कक्षा की छात्रा हैं और रॉयल स्केटिंग क्लब, बिलासपुर में नियमित प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं। उनकी इस सफलता पर उनके परिवार में हर्ष का माहौल है। शिविका के माता-पिता चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। डॉ. श्वेता पांडेय आयुर्वेद चिकित्साधिकारी हैं और डॉ. विद्या भूषण पांडेय (विभागाध्यक्ष – बालरोग विभाग), शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय महाविद्यालय, बिलासपुर में पदस्थ हैं। उल्लेखनीय है कि शिविका स्वयं स्वर्ण प्राशित (आयुर्वेदिक इम्युनिटी बूस्टर प्राप्त) हैं। उनके पिता डॉ. विद्या भूषण पांडेय नियमित रूप से स्वर्ण प्राशन शिविरों का आयोजन कर बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
छत्तीसगढ़
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : ’आस्था, स्वाभिमान और संस्कृति का भव्य संगम सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गूंजा ‘हर-हर महादेव”
’ज्वालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भजन संध्या ने बांधा समां, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल’


गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। अटूट आस्था, सनातन संस्कृति और राष्ट्र गौरव के प्रतीक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के 1000 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्रशासन द्वारा विकासखंड गौरेला के तवाडबरा स्थित ज्वालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सोमवार को भव्य भजन संध्या एवं धार्मिक आयोजन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

विधायक एवं कलेक्टर ने ज्वालेश्वर महादेव से जिलेवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भाव से सराबोर कर दिया। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आत्मगौरव का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना को केंद्र में रखकर आयोजित भजन संध्या में भक्ति और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध भजन गायक साजन पाठक, मीनाक्षी केशवानी एवं कीर्ति कुसरो ने शिव भक्ति से ओतप्रोत भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। देर रात तक चले भक्ति संगीत में श्रद्धालु झूमते रहे और पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजता रहा।

इस अवसर पर कलेक्टर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास, सनातन संस्कृति की मजबूती तथा भारतीय सभ्यता की अखंडता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता के संदेश से ओतप्रोत यह आयोजन क्षेत्रवासियों के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गया।
छत्तीसगढ़
रायपुर : वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी से मिले कुलपति प्रो. दयाल
विश्वविद्यालय को वित्तीय व शासकीय सहयोग का मिला आश्वासन
रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने आज प्रदेश के वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी से सौजन्य मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान विश्वविद्यालय के विकास और शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

स्व-संचालित प्रणाली अपनाने का सुझाव
वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी ने पत्रकारिता विश्वविद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए हर संभव वित्तीय और शासकीय सहयोग प्रदान करने का भरोसा दिया। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय की भविष्य की आत्मनिर्भरता को देखते हुए स्व-वित्त पोषित (Self&Financed) और स्व-संचालित प्रणाली को अपनाने का महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया।
न्यूनतम शुल्क में मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने वित्तमंत्री को अवगत कराया कि विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुँचाना है। उन्होंने बताया किविश्वविद्यालय में मीडिया सहित अन्य सभी पाठ्यक्रमों का शिक्षण एवं छात्रावास शुल्क बेहद किफायती रखा गया है। इससे बस्तर से लेकर सरगुजा तक के सुदूर अंचलों के अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछडा वर्ग सहित सभी समुदायों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो रही है। छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितकारी और कल्याणकारी नीतियों का सीधा लाभ निर्धन और कमजोर वर्ग के छात्रों को मिल रहा है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बोझ के ज्ञानार्जन कर पा रहे हैं।
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