कोरबा/पाली। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को अन्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला है। प्रभार मिलने के बाद प्रथम पाली प्रवास पर भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने वन विभाग के रेस्ट हाउस में जायसवाल का स्वागत किया।
इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष अजय जायसवाल, मंडल अध्यक्ष चंद्रशेखर पटेल, कामता जायसवाल, उपाध्यक्ष लखन प्रजापति, मुकेश कौशिक, रितेश जायसवाल, नंदलाल जायसवाल, लक्ष्मण प्रसाद सिंह, प्रयाग नारायण शांडिल्य, ज्ञान सिंह राजपाल, रामविलास जायसवाल, राम नारायण पटेल, हरि साहू, पार्षद सुनील साहू, सोना ताम्रकार साहू, समाज अध्यक्ष लक्ष्मी साहू, संजय छाबड़ा, विशाल मोटवानी दीपक शर्मा उपस्थित थे।
कोरबा। पाली विकासखण्ड के गांव मांगामार के किसान रामप्रकाश कश्यप ने इस वर्ष अपनी 3.5 एकड़ जमीन से उपजाए गए धान को धान खरीदी केंद्र चैतमा में बेचकर सफल धान बिक्री पूरी की। रामप्रकाश कश्यप ने ऑनलाइन टोकन के माध्यम से कुल 75 क्विंटल धान केंद्र पर विक्रय किया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन कटाने की प्रक्रिया सरल और समयबद्ध थी, जिससे धान की खरीद तेजी और सुविधा के साथ संपन्न हुई।
किसान ने छत्तीसगढ़ शासन की ’त्वरित और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था’ की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इससे उन्हें अपने धान का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हुआ। यह प्रक्रिया राज्य सरकार की तकनीकी पहल और पारदर्शिता के तहत संचालित की गई, जिससे किसानों को अपने उपज का मूल्य सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से प्राप्त करने का अवसर मिला।
जिले में शैक्षणिक सुधार, बेहतर परिणाम की दिशा में गंभीरता से कार्य करने के दिए निर्देश
विद्यालयों में समयबद्ध उपस्थिति और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने हेतु किया निर्देशित
’विद्यार्थियों के विषयवार प्रदर्शन सुधारने ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में शैक्षिक गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाना, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना तथा कक्षा 10वीं एवं 12वीं की आगामी बोर्ड परीक्षाओं की सुनियोजित एवं प्रभावी तैयारी सुनिश्चित करना रहा। बैठक के दौरान कलेक्टर ने विकासखंडवार शैक्षणिक स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन को विषयवार आंकने, कमजोर विषयों की पहचान करने तथा पिछले वर्ष के परीक्षा परिणामों की तुलना के आधार पर सुधारात्मक रणनीति अपनाने के निर्देश दिए व स्पष्ट किया कि केवल परिणाम नहीं, बल्कि सीखने की गुणवत्ता और अवधारणाओं की स्पष्टता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
कलेक्टर श्री दुदावत ने निर्देशित किया कि प्रत्येक विद्यालय स्तर पर विषयवार विश्लेषण कर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके अंतर्गत अतिरिक्त कक्षाएं, पुनरावृत्ति अभ्यास, मॉडल प्रश्नपत्रों का अभ्यास एवं नियमित मूल्यांकन जैसी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़े और परीक्षा परिणामों में सकारात्मक सुधार सुनिश्चित हो सके। शैक्षणिक अनुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति पर विशेष जोर दिया, सभी शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचकर प्रतिदिन ऑनलाइन माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने तथा शत-प्रतिशत उपस्थिति लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त करने के निर्देश दिए। बैठक में विद्यालयों के भौतिक संसाधनों एवं अधोसंरचना से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में भवन, कक्षाओं, फर्नीचर, अथवा अन्य आवश्यक सुविधाओं की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को आयोजित होने वाले उल्लास मेले की तैयारियों को लेकर भी कलेक्टर ने विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। जिले के सभी ग्राम पंचायतों में आयोजन किया जाएगा, जिससे साक्षरता अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। नवभारत साक्षरता अभियान के अंतर्गत पिछले वर्ष जिन नव साक्षरजनों ने परीक्षा दिलवाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी, उन्हें स्टाल संचालन का दायित्व सौंपा जाएगा। एक स्टाल पर अधिकतम दो नव साक्षर एवं एक स्वयंसेवी शिक्षक (9 वी एवं 11वी के विद्यार्थी) कार्य करेंगे तथा संपूर्ण व्यवस्था का मार्गदर्शन संबंधित प्रधानाध्यापक द्वारा किया जाएगा। उल्लास मेले के सफल संचालन हेतु नोडल प्राचार्य एवं सहायक नोडल संकुल शैक्षिक समन्वयकों की जिम्मेदारी तय की गई है। यह मेला जिले की कुल 412 ग्राम पंचायतों में प्रातः 9 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित होगा। आयोजन की गुणवत्ता, सहभागिता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए विकासखंड एवं जिला स्तर पर मॉनिटरिंग समितियों का गठन किया जाएगा। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय, जिला परियोजना अधिकारी साक्षरता विभाग श्रीमती ज्योति शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहें।
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के नेतृत्व में 19 एवं 20 जनवरी 2026 को जिले में तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा विभाग के शिक्षकों हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिले के 150 शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यशाला में तम्बाकू से होने वाली हानिकारक बिमारियों, कैंसर, हृदय रोग, सांस लेने की समस्या और अन्य तंबाकू सेवन से होने वाले शारीरिक और मानसिक दुस्प्रभावों के बारे में जानकारी दिया गया। कोटपा अधिनियम 2003 की धाराओं को विस्तार से बताया गया साथ ही तम्बाकू सेवन से छुटकारा पाने तथा स्कूलों को तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान बनाने निर्धारित मापदंडों को बताया गया। कार्यशाला में जिला चिकित्सालय कोरबा में स्थित तम्बाकू नशामुक्ति केन्द्र में दी जा रही निःशुल्क परामर्श एवं निःशुल्क दवाइयों के बारे में जानकारी दिया गया। इसके साथ ही स्कूलों के लिए आईसी सामग्री तथा पाम्पलेट वितरित किया गया। इस कार्यशाला को संपन्न कराने में डॉ.कुमार पुष्पेश, नोडल अधिकारी (तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम), पद्माकर शिंदे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनएचएम, डॉ.मानसी जायसवाल, सलाहकार(एनटीसीपी), दुश्यंत कोटांगले (एफएलओ) तथा संतोष केवट सोसल वर्कर (एनटीसीपी) का सहयोग रहा।