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छत्तीसगढ़

हेमा मालिनी बोलीं-अच्छा रोल मिला तो फिल्में करूंगी:12 साल बाद रायगढ़ में देंगी प्रस्तुति, कहा-दोनों बेटियां भी चक्रधर-समारोह में परफॉर्म कर चुकी हैं

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रायगढ़ ,एजेंसी।रायगढ़ में 39वां चक्रधर समारोह का आगाज शनिवार को हो गया है। भरतनाट्यम की प्रस्तुति देने पद्मश्री हेमा मालिनी रायगढ़ पहुंची। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, उनकी दोनों बेटियां भी चक्रधर समारोह में परफॉर्म कर चुकी हैं। वहीं फिल्मों में आने पर कहा कि, अच्छा रोल मिला तो जरूर फिल्में करूंगी।

बॉलीवुड एक्ट्रेस पद्मश्री हेमा मालिनी भरतनाट्यम पर आधारित नृत्य नाटिका राधा रासबिहारी की प्रस्तुति देंगी। हेमा मालिनी मथुरा से भाजपा की सांसद भी हैं। उन्होंने कहा कि, पर्यटन के हिसाब से रायगढ़ बहुत आगे बढ़ सकता है।

मंत्री ओपी चौधरी ने हेमा मालिनी का रायगढ़ में स्वागत किया।

मंत्री ओपी चौधरी ने हेमा मालिनी का रायगढ़ में स्वागत किया।

मथुरा के लिए जो किया उससे संतुष्ट- हेमा मालिनी

वहीं उन्होंने मथुरा को लेकर कहा कि, मथुरा के लिए जो वे कर रही हैं उससे वे संतुष्ट हैं। मथुरा में कॉरिडोर बन चुका है, जल्द ही मथुरा भी अयोध्या की तर्ज पर डेवलपमेंट नजर आएगा। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद अब मथुरा क्षेत्र का विकास करना प्राथमिकता है।

वृंदावन को लेकर हेमा मालिनी ने कहा कि, वहां जो भी प्रचीन चीजें हैं उसे वैसे ही रहने देना चाहिए। जो भी डेवलपमेंट है उसे बाहर करना चाहिए। इसी तरह छत्तीसगढ़ की भी उन्होंने सराहना की और कहा कि, यहां के लिए काफी फंड केंद्र सरकार अलॉट कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी किसान, महिलाओं, आदिवासियों के लिए अच्छा काम कर रहे हैं।

चक्रधर समारोह से पूर्व पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पद्मश्री हेमा मालिनी।

चक्रधर समारोह से पूर्व पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पद्मश्री हेमा मालिनी।

12 साल बाद इस मंच पर परफॉर्मेंस

हेमामालिनी ने कहा कि रायगढ़ का चक्रधर समारोह काफी विख्यात है, 12 साल पहले वे इस मंच में प्रस्तुति देने आई थीं। उस दौरान दुर्गा प्रस्तुति और इस बार राधा रासबिहारी की प्रस्तुति देंगी। उन्होंने बताया कि उनकी दोनों बेटी अहाना और ईशा देओल ने भी चक्रधर समारोह के मंच पर प्रस्तुति दे चुकी हैं।

अच्छे रोल मिले तो करेंगी फिल्म

पद्मश्री हेमा मालिनी का कहना था कि उनकी मां ने शास्त्रीय नृत्य सिखाया और नृत्य से ही वे फिल्मों में आई। बाद में यह लगने लगा कि लोग फिल्मी कलाकारों को स्टेज पर देख नहीं पाते, तो वे दर्शकों के लिए स्टेज परफॉर्मेंस में आईं। उन्होंने बताया कि आज भी अच्छी फिल्म मिले और अच्छा रोल हो तो वे फिल्म जरूर करेंगी। उनका यह भी कहना है कि अगर कोई अच्छा अवसर मिलता है तो उसे छोड़ना नहीं चाहिए।

अब की फिल्में बच्चों के साथ बैठकर देखने की नहीं

उनका कहना था कि चक्रधर समारोह जैसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए। क्योंकि इससे बच्चों को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके समय की फिल्म, फिल्म हुआ करती थी, लेकिन अभी ऐसा कुछ भी नहीं है। फिल्म देखने के बाद लगता है कि आखिर ऐसे कैसे हो रहा है और अब की फिल्मों को कोई अपने बच्चों के साथ बैठकर नहीं देख सकता।

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कोरबा

अमित जोगी का ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन संपन्न:बालको में मजदूरों के लिए प्रदर्शन, प्रबंधन ने मानी तीन मांगें

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कोरबा। कोरबा में जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी का ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन कुछ ही घंटों में संपन्न हो गया। यह आंदोलन बालको में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों के लिए किया गया था। अमित जोगी ने दावा किया कि यह सफल रहा, क्योंकि प्रबंधन ने उनकी तीन प्रमुख मांगें मान ली हैं।

बालको परसाभाटा स्थित गेट के सामने अमित जोगी ने एक टेंट लगाकर प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने वहां मौजूद मजदूरों की समस्याओं को उठाया और उनके साथ गेट की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस बल ने उन्हें रोका, जिससे कुछ देर तक हल्की धक्का-मुक्की चलती रही।

अमित जोगी ने कहा, ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन सफल

मीडिया से बात करते हुए अमित जोगी ने बताया कि उन्होंने अपने पिता अजीत जोगी द्वारा 2004 में बालको में किए गए आंदोलन की तर्ज पर ही मजदूरों के हक में यह संघर्ष किया है।

जोगी ने पुष्टि की कि उनका ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन सफल रहा है। उन्होंने बताया कि बालको प्रबंधन ने उनकी तीन मांगों को स्वीकार कर लिया है।

आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया

अमित जोगी ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया था। उन्होंने दावा किया कि प्रबंधन ने आदेश जारी किए थे कि जो भी इस आंदोलन में शामिल होगा, उसे काम और सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। जोगी ने कहा कि ऐसी स्थिति में वह खुद बालको की यूनिफॉर्म पहनकर आंदोलन करेंगे।

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छत्तीसगढ़

PTJNMC की बड़ी उपलब्धि; DM कार्डियोलॉजी की दो-सीट मंजूर:NMC अप्रूवल पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के स्टाइपेंड का मुद्दा भी गर्माया

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रायपुर,एजेंसी। राजधानी स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर को बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि मिली है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए मेडिकल कॉलेज में डीएम-कार्डियोलॉजी (सुपर स्पेशियलिटी) की दो पीजी सीटों को मंजूरी प्रदान की है।

हालांकि इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने डीएम यानी डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन करने वाले डॉक्टरों के स्टाइपेंड और कैडर व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं।

विशेषज्ञ समिति की समीक्षा के बाद मिली अनुमति

मेडिकल कॉलेज ने आवेदन पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति हेल्थ साइंसेज और आयुष विश्वविद्यालय, रायपुर के माध्यम से प्रस्तुत किया था। इसके बाद एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने कॉलेज की स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट (SAF) और मूल्यांकनकर्ताओं की रिपोर्ट का परीक्षण किया।

विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद न्यूनतम मानकों के आधार पर डीएम-कार्डियोलॉजी की दो सीटों को मंजूरी दी गई।

हृदय रोग विशेषज्ञों की संख्या बढ़ने की उम्मीद

सुपर स्पेशियलिटी कोर्स शुरू होने से प्रदेश में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे गंभीर हृदय रोगों के इलाज के लिए मरीजों को राज्य के बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है। साथ ही उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाओं और शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस उपलब्धि पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई दी है।

स्टाइपेंड और कैडर को लेकर उठे सवाल

डीएम-कार्डियोलॉजी की सीटों की मंजूरी के साथ ही छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन का कहना है कि छत्तीसगढ़ में अभी तक डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (DM), सर्जिकल सुपर स्पेशियलिटी (MCh) और डॉक्टरेट ऑफ नेशनल बोर्ड (DrNB) के डॉक्टरों के लिए अलग कैडर या अलग स्टाइपेंड संरचना तय नहीं की गई है।

इसी वजह से कई जगहों पर सुपर स्पेशियलिटी कोर्स कर रहे डॉक्टरों को भी डॉक्टर ऑफ मेडिसिन या मास्टर ऑफ सर्जरी पीजी रेजिडेंट के बराबर ही स्टाइपेंड मिल रहा है, जबकि DM कोर्स MD के बाद किया जाने वाला उच्च स्तर का विशेषज्ञता कोर्स है।

कई बार भेजे जा चुके हैं प्रस्ताव

डॉक्टरों और संस्थानों की ओर से इस मुद्दे पर कई बार सरकार को पत्र लिखकर DM/MCh/DrNB के लिए अलग कैडर और बेहतर वेतन संरचना तय करने की मांग की जा चुकी है। लेकिन अभी तक इस पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है।

नए DM छात्रों के सामने भी चुनौती

अब जब रायपुर मेडिकल कॉलेज में DM-कार्डियोलाॅजी की पढ़ाई शुरू होने जा रही है, तो यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर स्टाइपेंड और कैडर की स्थिति स्पष्ट नहीं होगी तो दूसरे राज्यों के डॉक्टर यहां सुपर स्पेशियलिटी पढ़ाई के लिए कितने आकर्षित होंगे।

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कोरबा

नम: सामूहिक विवाह:पं.धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में 108 दिव्यांग व निर्धन कन्याएं बंधेंगी परिणय सूत्र में

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01 अप्रैल को ढपढप (बांकीमोंगरा) में होगा आयोजन
108 कन्याओं के नए जीवन में प्रवेश कराने हमें मिल रहा अवसर, यह सौभाग्य की बात-सर्वमंगला मंदिर प्रबंधक एव व्यवथापक
कोरबा। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में 2024 में नम: सामूहिक विवाह के सफल आयोजन के बाद इस वर्ष नम: सामूहिक विवाह को बड़ा विस्तार दिया जा रहा है। 01 अप्रैल 2026 को ढपढप (बांकीमोंगरा) में विश्व विख्यात कथा वाचक एवं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में एवं अपना आश्रम सेवा समिति के आयोजकत्व में यह पुण्य कर्म सम्पन्न होगा। इस पुण्यधरा पर 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह होगा और वे नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करेंगी।
नम: सामूहिक विवाह के प्रभारी, माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/ व्यवस्थापक ने बताया कि अब तक 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का पंजीयन हो चुका है। यह हमारा सौभाग्य है कि ईश्वरीय कृपा से यह पुण्यकर्म इस बार ग्राम ढपढप (बांकीमोंगरा) में सम्पन्न होगा और नवदम्पत्तियों को शुभ आशीर्वाद देने के लिए विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक एवं सनातन धर्म के प्रचारक पंडित धीरेंद्र शास्त्री (पीठाधीश्वर-बागेश्वर धाम) सहित कई लब्ध प्रतिष्ठित एवं विद्वान आचार्यों के साथ प्रदेश के कई राजनीतिक प्रतिभाएं, समाजसेवक अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
ज्ञातव्य हो कि अपना आश्रम सेवा समिति द्वारा ग्राम ढपढप में 27 मार्च से 01 अप्रैल तक श्री हनुमंत कथा का दिव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अपना सानिध्य प्रदान करने बागेश्वर धाम से पंडित धीरेंद्र शास्त्री पधार रहे हैं। 06 दिवसीय इस दिव्य आयोजन के अंतिम दिन 01 अप्रैल को नम: सामूहिक विवाह का आयोजन होगा, जिसमें 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं अपने मन पसंद जीवन साथियों के साथ नव दाम्पत्य जीवन प्रारंभ करेंगी। यह हमारा सौभाग्य है कि इस बार नम: सामूहिक विवाह का विस्तार हो रहा है और 108 कन्याओं का सामूहिक विवाह हो रहा है। पंजीयन अभी जारी है और कन्याओं की संख्या बढ़ सकती है।

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