कोरबा
उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से जिले में सब्जी उत्पादन के रकबे में हुई बढ़ोत्तरी
कोरबा । कोरबा जिले में उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ मिलने से किसान सब्जी उत्पादन में रूची ले रहे हैं, जिससे जिले के शहरी व ग्रामीण अंचलों में सब्जी उत्पादन के रकबे में वृद्धि हुई है। जिले के पॉचों विकासखंड में कुल 22733 हेक्टेयर सब्जी का रकबा है। जिसके अंतर्गत विकासखंड कोरबा के – कोरकोमा, बेंदरकोना, भटगांव, चिर्रा भेलवाटार, विकासखंड करतला के चैनपुर, नोनबिर्रा, कनकी, चिचोली, जमनीपाली, विकासखंड कटघोरा के – कसईपाली एवं भिलाईबाजार विकासखंड पाली के – हरदीबाजार, डांगानाला, चैतमा, लाफा, पोलमी, विकासखंड पोड़ीउपरोड़ा के – नगोई, पसान, जटगा, मोरगा कलस्टर शामिल हैं। इन क्लस्टरों में छोटे बड़े समस्त ग्राम शामिल हैं। किसानों द्वारा इनमें मुख्यतः सब्जी की खेती की जा रही है। कलस्टर निर्माण हेतु विभाग द्वारा ऐसे ग्रामों के समूहों का चयन किया जाता है, जिसमें 15 से 20 हेक्टेयर में सब्जी की खेती की जाती है, साथ ही जानवरों से फसल की सुरक्षा हेतु बचाव एवं पानी की पर्याप्त उपलब्धता होती है। उक्त सुविधा उपलब्ध होने पर ही कलस्टर का निर्माण किया जाता है। सहायक संचालक उद्यानिकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत वर्ष 2023-24 में कुल 718 हेक्टेयर में सब्जी क्षेत्र विस्तार हेतु विभागीय लक्ष्य प्राप्त था, जिसमें से 195 हेक्टेयर में स्वयं से सब्जी की खेती करने वाले उद्यानिकी कृषकों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के तहत् अनुदान भुगतान किया गया है एवं 523 हेक्टेयर में किसानों को बीज वितरण किया गया है जिसमें कुल 949 कृषक लाभान्वित हुये हैं।
कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास मद से मॉडल के रूप में कुल 8 सोलर कोल्ड स्टोरेज की स्थापना की गई है। जिले के विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के जटगा कलस्टर में ग्राम पचधार में 5 एकड़ में कृषक कमल नारायण के द्वारा पपीता पौध रोपण कराया गया है। जिससे कृषक को आय प्राप्त हो रही है। विभाग द्वारा कृषक को मल्चिंग शीट एवं पैक हाऊस में अनुदान का लाभ दिया गया है। इस वर्ष राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना अंतर्गत सब्जी/मसाला क्षेत्र विस्तार में कुल 215 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त है। सब्जी/फल एवं अन्य घटकों का लाभ लेने हेतु कृषकगण विकासखंड के अपने नजदीकी शासकीय उद्यान रोपणियों में सम्पर्क कर सकते हैं। जिसके अंतर्गत कोरबा विकासखण्ड के पताड़ी में स्थित शासकीय उद्यान रोपणी में श्रीमती संजना बंजारे, वरिष्ठ उद्यानिकी विस्तार अधिकारी 7697678999, करतला के शासकीय उद्यान रोपणी पटियापाली में डी.पी. मिश्रा उद्यानिकी विस्तार अधिकारी 9907905061, कटघोरा के शासकीय उद्यान रोपणी पंडरीपानी में अर्जुन सिंह मरावी उद्यानिकी विस्तार अधिकारी 9131902927, पोड़ी-उपरोड़ा के शासकीय उद्यान रोपणी नगोई में सर्वेश पटेल ग्रामीण उद्यानिकी विस्तार अधिकारी 8103752184 एवं पाली के शासकीय उद्यान रोपणी पोड़ी लाफा में अर्जुन सिंह मराबी उद्यानिकी विस्तार अधिकारी 9131902927 से संपर्क किया जा सकता है। साथ ही इन रोपणियों में विभिन्न प्रकार के फलदार पौधे भी उपलब्ध है जिसे सस्ते दर पर नगद क्रय किया जा सकता है।
कोरबा
जिला पंचायत में स्थायी शिक्षा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न
विद्यालयों के सुचारु संचालन, शिक्षकों की नियुक्ति एवं छात्रावास व्यवस्थाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में स्थायी शिक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्थायी शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती निकिता जायसवाल ने की। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं नवीन शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ताम्रेश्वर उपाध्याय ने जिले के विद्यालयों के पुनः संचालन, विद्यार्थियों के प्रवेश एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं सरस्वती साइकिल योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

बैठक में मानदेय शिक्षकों एवं भृत्यों की नियुक्ति के संबंध में भी चर्चा की गई। बताया गया कि रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया प्रगति पर है तथा इस माह के भीतर नियुक्तियां पूर्ण कर ली जाएंगी। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ ऐसे अतिशेष शिक्षक जिन्होंने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, उनके स्थान पर मानदेय शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कलेक्टर से अनुमति प्राप्त की जाएगी।
सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर ने छात्रावास एवं आश्रमों में प्रवेश प्रक्रिया, विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था तथा आवश्यक सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। वहीं उल्लास कार्यक्रम की प्रगति एवं गतिविधियों की जानकारी श्रीमती ज्योति शर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई।

बैठक में स्थाई शिक्षा समिति की अध्यक्ष सहित समिति सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया एवं विद्वान सिंह मरकाम ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा शैक्षणिक व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे, इस संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में जिले के सभी विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, खेल अधिकारी दीनू पटेल, जिला क्रीड़ा अधिकारी गभेल, के.आर. टंडन सहित शिक्षा विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कोरबा
कटघोरा के तालाब में सफाई के दौरान हादसा:जलकुंभी में फंसकर ग्रामीण की डूबने से मौत, 2 घंटे बाद शव बरामद
कोरबा। कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरी स्थित प्रसिद्ध गणेश तालाब में सोमवार को सफाई के दौरान एक हादसा हो गया। तालाब में जलकुंभी हटाने उतरे 50 साल के ग्रामीण श्यामलाल सारथी की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और गोताखोरों की टीम ने घंटों मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार, पंचायत की ओर से छुरी गणेश तालाब की सफाई का काम ठेके पर दिया गया था। श्यामलाल सारथी अपने पांच अन्य साथियों के साथ तालाब में सफाई के लिए उतरा था। सफाई करते हुए श्यामलाल तालाब के बीच वाले हिस्से तक पहुंच गया, जहां जलकुंभी और कीचड़ काफी घना था।
इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह घनी जलकुंभी में उलझ गया। उसके साथियों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन गहराई और फिसलन के कारण वह पानी में समा गया। हादसे के तुरंत बाद साथियों ने शोर मचाकर ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी।

2 घंटे के बाद शव बरामद
कटघोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कोरबा से गोताखोरों की टीम बुलाई गई। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने तालाब के बीच से श्यामलाल का शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कटघोरा पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है।
सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही की जांच
पुलिस ठेकेदार और पंचायत कर्मियों से पूछताछ कर रही है कि सफाई के दौरान सुरक्षा के उचित इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मजदूरों को बिना लाइफ जैकेट और रस्सी के तालाब में उतारा गया था। पुलिस लापरवाही के पहलू से भी मामले की जांच कर रही है।
कोरबा
रेलवे साइडिंग की धूल से परेशान ग्रामीण, खोला मोर्चा:सैकड़ों लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे, बंद करने की मांग
कोरबा। कोरबा में SECL सुराकछार की रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण वार्ड 65 प्रेम नगर सहित आसपास के पांच गांवों के निवासी परेशान हैं। हवा चलने पर पंखा दफाई, भेरोताल, सुरा कछार और भक्तु दफाई तक महीन कोल डस्ट फैल जाती है, जिससे दमा, खांसी, सांस और आंखों से संबंधित बीमारियां बढ़ गई हैं।

इस समस्या से परेशान होकर सोमवार को नगर निगम पार्षद प्रेम कुमार साहू और सैकड़ों ग्रामीणों ने पंखा दफाई रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सुराकछार भूमिगत खदान की रेल साइडिंग पर प्रतिदिन भारी वाहनों से कोयला गिराया और लोड किया जाता है।
प्रबंधन की ओर से साइडिंग और सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं किया जाता, जिससे धूल सीधे हवा में मिल जाती है। पार्षद प्रेम साहू ने पूर्व में कलेक्टर को पत्र लिखकर साइडिंग बंद करने की मांग की थी। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता चुना।

कलेक्टर को पत्र लिखकर साइडिंग बंद करने की मांग की थी।
फाटक पर चटाई बिछाकर बैठे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारी सुबह से ही फाटक पर चटाई बिछाकर बैठ गए और ‘धूल मुक्त गांव, स्वस्थ जीवन’ के नारे लगाए। पार्षद प्रेम साहू ने बताया कि जब तक साइडिंग पर 24 घंटे वाटर स्प्रिंकलर, मिस्ट गन और फॉग कैनन नहीं लगाए जाते, कोयला लोडिंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने गांवों में स्वास्थ्य शिविर और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। ग्रामीणों के अनुसार धूल के कारण उनके घरों की छतें, कपड़े और खाने-पीने की चीजें तक काली हो जाती हैं और बच्चे स्कूल जाने में असमर्थ हैं।

रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण लोग परेशान हैं।
मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी
चक्काजाम की सूचना मिलने पर कुसमुंडा थाना पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और SECL प्रबंधन से बातचीत का आश्वासन दिया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। पार्षद प्रेम साहू ने स्पष्ट किया कि लिखित आश्वासन और ठोस कदम उठाए बिना चक्काजाम समाप्त नहीं किया जाएगा।

ग्रामीणों ने पंखा दफाई रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया।
कोयला धूल से गंभीर बीमारियों का खतरा
चिकित्सकों के अनुसार, कोयले की धूल में सिलिका और कार्बन के कण होते हैं, जो फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और फेफड़ों का कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है।
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