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कोरबा

कोरबा की बेटी ईशानी कौर ने किया कमाल

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केंद्र से हासिल किया शैक्षणिक और नवाचार क्षेत्र में पेटेंट
शंकराचार्य इंस्टीटयूट रायपुर इंस्टिट्यूट के तीसरे सेमेस्टर में अध्ययनरत है छात्रा

कोरबा। कोरबा की बेटी ईशानी कौर सहित चार छात्राओं ने विकसित एक नवीन तकनीकी समाधान नवाचार के क्षेत्र में अपनी सशक्त पहचान बनाई है। यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। छात्राओं ने इंफ्रारेड लेजर बेस्ड फेशियल रिकॉगनाइजेशन एटेंडेंट सिस्टम एंड मेथड थेयोफ में पेटेंट प्राप्त किया है। यह पेटेंट लगभग 20 वर्षां के लिए स्वीकृत किया गया है। यह छात्राओं के लिए के लिए बड़ी सफलता है। इसी के साथ ईशानी ने कोरबा जिले का मान बढ़ाया है।


शहीद भगत सिंह कॉलोनी एसईसीएल में रहने वाली ईशानी कौर पिता डॉली सिंह, शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी रायपुर में कम्प्युटर साइंस इंजीनियरिंग तीसरे सेमेस्टर की छात्रा है। ईशानी ने कॉलेज में अध्ययनरत एलिन मसीह, लता टेकाम एवं अंशिका कुमारी के साथ मिलकर यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय को इन्फ्रारेड लेजर-आधारित फेशियल रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम और उसकी विधि विषय पर 17 जून 2025 को आवेदन किया था। इसे 05 जनवरी को स्वीकृति प्रदान की गई। यह नवाचार शिक्षा संस्थानों में उपस्थिति (अटेंडेंस) से जुड़ी वर्षों पुरानी समस्याओं का आधुनिक, स्वचालित और संपर्क-रहित समाधान प्रस्तुत करता है। यह पेटेंट पेटेंट अधिनियम, 1970 के अंतर्गत 20 वर्षों की वैधता के लिए स्वीकृत किया गया है, जो किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अपने अकादमिक ज्ञान और नवाचार सोच का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। ईशानी ने बताया कि यह शोध कार्य संस्थान के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. डी एस क्षत्री के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उनके नेतृत्व में आइडिया से लेकर पेटेंट ग्रांट तक की पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने बताया कि उनके कॉलेज में पेटेंट कल्चर और इनोवेशन को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाता है। प्रबंधन की ओर से बताया गया कि पहले वर्ष से ही आईपीआर (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राईट्स) से जुड़े सत्र और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इससे छात्रों में पेटेंट फाइल करने का आत्मविश्वास विकसित होता है। इस संबंध में शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी रायपुर के अतुल चक्रवर्ती और डॉ. धीरेंद्र सिंह ने प्रेसवार्ता की। इस दौरान डीएवी पब्लिक स्कूल कोरबा की शिक्षिका माधवी ढीमर सहित अन्य उपस्थित थे।

छात्राओं में ऐसे आया विचार


छात्रा ने कहा कि इस पेटेंट का मूल विचार उन्हें फिजिक्स की कक्षा में लेजर और फाइबर ऑप्टिक्स का अध्ययन करते समय आया। कक्षा में पढ़ाए जा रहे सिद्धांतों को वास्तविक जीवन की समस्या से जोड़ते हुए उन्होंने उपस्थिति प्रणाली को अधिक सटीक और आधुनिक बनाने की दिशा में कार्य करना शुरू किया। इसके बाद डॉ. डी एस क्षत्री के मार्गदर्शन में छात्राओं ने पेटेंट ड्राफ्टिंग की पूरी प्रक्रिया को सीखा और क्लेम एक से लेकर एफईआर (फ्रस्र्ट एक्जामिनेशन रिपोर्ट), जवाब, संशोधन और पेटेंट प्रणाली तक की सभी औपचारिकताओं को समझते हुए पूरा किया।

प्रेस परिवार की बेटी है ईशानी
नवीन तकनीकी समाधान नवाचार के क्षेत्र में सफलता हासिल करने वाली ईशानी कौर कोरबा प्रेस क्लब के सदस्य पत्रकार डॉली सिंह की पुत्री है। उनकी माता पिंकी कौर हैं। इस उपलब्धि के लिए प्रेस परिवार की ओर से छात्रा के उज्जवल भविष्य की कामना की गई। वहीं परिजनों में हर्ष व्याप्त है।

इस तरह करती है कार्य
उन्होंने बताया कि यह पेटेंट आधारित प्रणाली इंफ्रारेड लेजर डॉट प्रोजेक्शन, इंफ्रारेड कैमरा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फेस रिकग्निशन तकनीक पर कार्य करती है। यह प्रणाली बिना किसी स्पर्श के, कम रोशनी में भी सटीक रूप से उपस्थिति दर्ज करने में सक्षम है। इससे शिक्षकों का समय बचता है और प्रशासनिक कार्य अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनता है।

प्रबंधन ने कहा: छात्राओं को करेंगे प्रोत्साहित
प्रबंधन ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल छात्राओं की मेहनत और प्रतिभा का प्रमाण है। संस्थान की उस शैक्षणिक सोच को भी दर्शाती है। इसमें नवाचार, अनुसंधान और पेटेंट आधारित शिक्षा को विशेष महत्व दिया जाता है। संस्थान प्रबंधन ने इस सफलता को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए भविष्य में और अधिक शोध एवं पेटेंट कार्यों को प्रोत्साहित करने की बात कही है। तीसरे सेमेस्टर की छात्राओं द्वारा प्राप्त यह पेटेंट यह सिद्ध करता है कि यदि सही मार्गदर्शन, अनुकूल शैक्षणिक वातावरण और नवाचार संस्कृति मिले, तो विद्यार्थी प्रारंभिक स्तर पर भी राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

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कोरबा

23-24 जुलाई को रद्द की गई 4 मेमू ट्रेन बहाल:चार ट्रेनें अब भी रद्द रहेंगी, भाटापारा-हथबंध में ऑटो सिग्नलिंग काम होगा

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रायपुर, एजेंसी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। रेलवे ने पहले जिन ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की थी।

इनमें से चार मेमू ट्रेनों को बहाल (रिस्टोर) कर दिया है। ये ट्रेनें अब अपने निर्धारित समय पर चलेंगी।

ये 4 ट्रेनें अब रद्द नहीं होंगी

रेलवे के संशोधित आदेश के अनुसार 23 जुलाई को चलने वाली ये ट्रेनें अब सामान्य रूप से संचालित होंगी।

  • 68728 रायपुर–बिलासपुर मेमू
  • 68734 बिलासपुर–कोरबा मेमू
  • 68733 कोरबा–बिलासपुर मेमू
  • 68719 बिलासपुर–रायपुर मेमू

अब ये ट्रेनें रहेंगी रद्द

संशोधित सूची के अनुसार अब भी ये ट्रेनें रद्द रहेंगी।

  • 23 जुलाई: 58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर
  • 23 जुलाई: 58204 रायपुर–कोरबा पैसेंजर
  • 23 जुलाई: 68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू
  • 24 जुलाई: 68745 कोरबा–रायपुर मेमू

इस ट्रेन का आंशिक परिचालन

23 जुलाई को चलने वाली 68862/68861 झारसुगुड़ा–गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू केवल बिलासपुर तक ही चलेगी। यह ट्रेन बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त और वहीं से प्रारंभ होगी। बिलासपुर–गोंदिया–बिलासपुर के बीच इसका परिचालन रद्द रहेगा।

क्यों किया गया बदलाव?

रेलवे के अनुसार रायपुर मंडल के भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग की कमीशनिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य किया जा रहा है। इसी वजह से कुछ ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

यात्रियों के लिए सलाह

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES या हेल्पलाइन के माध्यम से जरूर जांच लें, क्योंकि इंजीनियरिंग कार्य के दौरान परिचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं।

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कोरबा

बिस्तर पर लिपटा करैत, सोते मासूम को डसा:कोरबा में इलाज के दौरान 6 साल के बच्ची की मौत, पिता के साथ सो रही थी

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कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के आमाखोखरा गांव में करैत सांप के डसने से 6 साल की बच्ची सान्वी कंवर की मौत हो गई। वह अपने पिता के साथ बिस्तर पर सो रही थी। रात करीब 1 बजे सांप ने उसे डस लिया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बच सकी।

सान्वी के पिता किरण सिंह आमाखोखरा गांव में रहते हैं। वे मजदूरी और खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घटना वाली रात परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद सोने चले गए। सान्वी अपने पिता के साथ एक कमरे में सो रही थी, जबकि उसकी मां और दूसरा बच्चा दूसरे कमरे में थे।

चिल्लाने पर खुली नींद

रात करीब 1 बजे करैत सांप ने पहले सान्वी के कान और फिर हाथ पर डस लिया। दर्द से वह चिल्लाते हुए उठी, जिससे परिवार की नींद खुल गई। शुरुआत में परिजनों को लगा कि किसी कीड़े ने काटा है, लेकिन सर्पदंश के लक्षण दिखने पर वे उसे तुरंत कटघोरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।

मेडिकल कॉलेज रेफर, इलाज के दौरान तोड़ा दम

बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। वहां इलाज शुरू किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

बिस्तर पर ही छिपा था करैत सांप

मासूम के पिता किरण सिंह ने बताया कि घटना के बाद उन्हें लगा कि सांप बाहर निकल गया होगा। बाद में देखा तो करैत सांप बिस्तर पर ही लिपटा हुआ था। उनका कहना है कि संभवतः सांप पहले से ही बिस्तर पर था, लेकिन अंधेरे में नजर नहीं आया।

बरसात में बढ़ जाता है सर्पदंश का खतरा

स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप घरों में घुस आते हैं, जिससे सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने लोगों से मच्छरदानी लगाकर सोने, घर के आसपास साफ-सफाई रखने और सर्पदंश होने पर बिना देरी किए अस्पताल पहुंचने की अपील की। साथ ही झाड़-फूंक के बजाय तुरंत चिकित्सकीय इलाज कराने की सलाह दी।

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कोरबा

बड़े ने कुल्हाड़ी से छोटे भाई को काट डाला:कोरबा में खाना खाने के विवाद में वारदात, आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

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कोरबा। कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र के ग्राम नामलेपरा में मंगलवार देर रात खाना खाने के दौरान हुए विवाद में बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी जब्त कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, ग्राम नामलेपरा निवासी 42 वर्षीय मथुरा धनवार अपनी पत्नी प्रमिला धनवार के साथ बड़े भाई 45 वर्षीय कैलाश धनवार के घर खाना खाने गए थे। घर में मुर्गा-भात बना था और सभी लोग एक साथ भोजन कर रहे थे।

खाना खाने के बाद मथुरा आंगन में चला गया। वहां से वह अपनी पत्नी को बार-बार जल्दी खाना खत्म कर बाहर आने के लिए आवाज लगा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच विवाद शुरू हो गया

गुस्से में कुल्हाड़ी से किया ताबड़तोड़ हमला

पत्नी को लगातार आवाज लगाने से नाराज कैलाश धनवार गुस्से में आ गया। उसने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई और आंगन में बैठे मथुरा पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में मथुरा गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही लहूलुहान हो गया।

अस्पताल में डॉक्टर ने किया मृत घोषित

घटना के बाद परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायल मथुरा को 108 एंबुलेंस की मदद से पौड़ी उपरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज

वारदात के बाद आरोपी कैलाश धनवार मौके से फरार हो गया। मृतक की पत्नी प्रमिला धनवार की शिकायत पर बांगो थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर लगातार तलाश की जा रही है।

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