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छत्तीसगढ़

ऑपरेशन सिंदूर का मैप ISIS को भेजा:हथियार उठाने को भी तैयार थे, पाकिस्तानी हैंडलर्स ने किया ब्रेनवॉश, दोनों 10वीं-11वीं के स्टूडेंट, पिता CRPF जवान

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के नाबालिग ISIS के टारगेट में हैं। ATS ने रायपुर और भिलाई से 2 नाबालिगों को पकड़ा है, जो ISIS हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे। दोनों ही 10वीं-11वीं क्लास के स्टूडेंट हैं। नाबालिगों को हिंसा का ग्लैमर दिखाकर ब्रेनवॉश किया जा रहा था।

ATS ने जब चैट, लॉग और कंटेंट की परतें खोलनी शुरू कीं, तब तस्वीर और डरावनी निकली। गेमिंग चैट से लेकर इंस्टाग्राम के सीक्रेट ग्रुप तक, नाबालिगों को ‘डिजिटल मॉड्यूल’ में शामिल करने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही थी।

इनमें डार्क वेब, TOR, फर्जी IP, VPN–हर वो तकनीकी हथियार सिखाए जा रहे थे, जो आतंकियों को अपनी डिजिटल पहचान छिपाने में मदद करता है। सबसे खतरनाक मोड़ तब आया, जब हैंडलर्स ने इन नाबालिगों से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े मैप की क्लिपिंग मांगी। दोनों ने वह भेज भी दी। नाबालिग हथियार उठाने तक को तैयार थे।

ATS की ह्यूमन-सर्विलांस और साइबर ट्रैकिंग ने इस नेटवर्क की परतें खोलीं। ATS ने मामले में UAPA-1967 के तहत FIR दर्ज की है। दोनों नाबालिग ATS के कब्जे में हैं। इनमें एक के पिता CRPF जवान हैं, जबकि दूसरे के पिता ऑटो चलाते हैं। वहीं भिलाई के 4 नाबालिगों से पूछताछ भी की जा रही है।

सोशल मीडिया पर एक शिकायत से ATS की नजर में कैसे आए नाबालिग? पाकिस्तानी हैंडलर्स ने कैसे नाबालिगों का ब्रेनवॉश किया, क्या है आतंकियों की डिजिटल रणनीति ?

कैसे शुरू हुई ये पूरी कहानी?

ATS के अधिकारियों के अनुसार यह पूरा मामला एक ऑब्जेक्शनल सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर की गई शिकायत के बाद सामने आया। मॉनिटरिंग के दौरान एक ऐसा ग्रुप दिखा जो इंस्टाग्राम पर ISIS के फर्जी नाम से चलाए जा रहे नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

साइबर टीम ने जब चैट, ग्रुप लिंक और कंटेंट को खंगाला, तब पता चला कि 2 भारतीय नाबालिग लगातार उसी प्रतिबंधित ग्रुप में एक्टिव हैं, जहां पाकिस्तानी हैंडलर्स कट्टरपंथी कंटेंट डाल रहे थे। ATS ने तब रायपुर और भिलाई से पकड़े गए 2 नाबालिगों को लगभग डेढ़ साल तक ह्यूमन सर्विलांस और साइबर ट्रैकिंग के जरिए चुपचाप मॉनिटर किया।

जांच में यह भी सामने आया कि पाकिस्तानी हैंडलर्स सोशल मीडिया पर एक ही ग्रुप को लंबे समय तक एक्टिव नहीं रखते थे। जैसे ही किसी ग्रुप पर ज्यादा ट्रैफिक बढ़ता या सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी की आशंका होती, वे उस ग्रुप को बंद कर देते थे।

इस जल्दबाजी में ग्रुप को बंद करने से पता चला कि हैंडलर्स भारतीय डिजिटल निगरानी तंत्र को लेकर लगातार सतर्क थे। कई नाबालिगों के बयान में भी यह बात सामने आई कि उन्हें बिना कोई कारण बताए अचानक नोटिफिकेशन मिलते थे कि ‘ये ग्रुप archived हो गया है, या ग्रुप अब उपलब्ध नहीं है।

आतंकी संगठन ISIS छत्तीसगढ़ में अपना नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहा है। (फाइल फोटो)

आतंकी संगठन ISIS छत्तीसगढ़ में अपना नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहा है। (फाइल फोटो)

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एयर स्ट्राइक मैप की क्लिपिंग मांगी गई

पाकिस्तानी हैंडलर्स ने दोनों नाबालिगों से सबसे ज्यादा संपर्क उस दौर में बढ़ाया, जब भारत और पाकिस्तान के बीच मीडिया ब्लैकआउट लागू था। यह वही समय था जब देश में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चल रहा था। भारत ने पाकिस्तानी न्यूज चैनलों को बैन किया था और पाकिस्तान ने भी भारतीय खबरों को ब्लॉक कर दिया था।

ATS सूत्रों के अनुसार इसी इन्फॉर्मेशन गैप का फायदा उठाते हुए पाकिस्तानी हैंडलर ने इंस्टाग्राम के सीक्रेट ग्रुप में नाबालिगों को एक्टिव किया। उसने दोनों से एयर स्ट्राइक मैप की क्लिपिंग मांगी, ताकि पाकिस्तान को भारत की सैन्य मूवमेंट की जानकारी मिल सके। दोनों नाबालिगों ने भारतीय न्यूज चैनलों पर चल रहे स्ट्राइक मैप्स को रिकॉर्ड किया और हैंडलर्स को भेज दिया।

हैंडलर्स के साथ इस तरह की चैट होती थी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हैंडलर्स के साथ इस तरह की चैट होती थी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इंस्टाग्राम, गेमिंग और वॉयलेंस कंटेंट-ब्रेनवॉश का पूरा प्रोसेस

पाकिस्तान-आधारित ISIS मॉड्यूल सोशल मीडिया पर ऐसे यूजर्स को टारगेट करता है, जिनका डिजिटल बिहेवियर वायलेंस, धार्मिक बहस या आक्रामक कंटेंट की ओर झुकाव दिखाता है। इंस्टाग्राम का ऐल्गोरिद्म खुद ऐसे यूजर्स को हिंसा, हथियार, धार्मिक विवाद और “कनफ्लिक्ट-बेस्ड” वीडियो सजेस्ट करता है।

एक नाबालिग गेमिंग ग्रुप में ज्यादा एक्टिव था, दूसरा इंस्टाग्राम पर धार्मिक बहस और आक्रामक वीडियोज देखता था। दोनों को पहले हल्के धार्मिक और मोटिवेशनल कंटेंट भेजे गए, फिर धीरे-धीरे हिंसक वीडियो, कट्टरपंथी मैसेज और जिहादी ऑडियो क्लिप्स तक ले जाया गया।

बातचीत बढ़ते ही हैंडलर्स ने इन्हें अलग-अलग ग्रुप में शिफ्ट किया, नए फेक अकाउंट्स से जोड़ते रहे और लगातार ऐसे कंटेंट दिखाते रहे, जिससे वे मानसिक रूप से ब्रेनवॉश होकर किसी भी निर्देश का पालन करने को तैयार हो जाएं।

पाकिस्तानी हैंडलर्स​​​​​ ने ग्रुप बनाने का टास्क दिया गया था

नाबालिगों की चैट हिस्ट्री की जांच में पता चला कि पाकिस्तानी हैंडलर उन्हें लगातार छोटे-छोटे टास्क दे रहे थे। इनमें सोशल मीडिया पर एक नया ग्रुप बनाना। वीडियो और फाइलें शेयर करना। अन्य यूजर्स को जोड़ने का टास्क भी शामिल है।

हैंडलर बच्चों को यह समझाता था कि यह एक सीक्रेट ऑनलाइन मिशन है। इसमें उनकी भूमिका अहम है। जांच एजेंसियों के अनुसार बच्चों को ऐसे डिजिटल टास्क देकर धीरे-धीरे उन्हें संवेदनशील जानकारी साझा करने और नेटवर्क फैलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

हैंडलर्स और नाबालिगों के बीच भड़काऊ चैट्स की प्रतीकात्मक तस्वीर।

हैंडलर्स और नाबालिगों के बीच भड़काऊ चैट्स की प्रतीकात्मक तस्वीर।

ग्रुप में भड़काऊ पोस्ट और क्लिप

ATS अधिकारियों के मुताबिक जिस इंस्टाग्राम ग्रुप में दोनों नाबालिगों को जोड़ा गया था। वहां रोजाना ऐसा कंटेंट शेयर होता था, जो सीधे दिमाग को हिंसा की ओर धकेल देता था। ग्रुप में भेजे जाने वाले वीडियोज में लड़ाई, ब्लास्ट, हथियार चलाने के सीन और उग्र भिड़ंत के क्लिप शामिल थे।

साथ ही ऐसे ऑडियो मैसेज भी डाले जाते थे, जिनमें धार्मिक उन्माद पैदा करने वाली बातें, जिहादी भाषण और कट्टरपंथी नारे सुनाए जाते थे। ग्रुप हैंडलर समय-समय पर भड़काऊ पोस्ट और ऐसे क्लिप भी भेजते थे, जिनमें आतंकवादी संगठनों की तारीफ या उनके ‘हीरोइक मिशन’ को ग्लोरिफाई किया जाता था।

ATS एसपी राजश्री मिश्रा ने बताया कि कंटेंट का पैटर्न इस तरह रखा जाता था कि किशोरों में सिस्टम, समाज और दूसरे समुदाय के प्रति नफरत गहराती जाए। कई बार हैंडलर उनकी तारीफ करते कि तुम असली मुजाहिद हो, सच्चे जांबाज हो ताकि उनका झुकाव पूरी तरह उनकी तरफ हो जाए।

इस तरह लगातार मिल रही डिजिटल फीड ने दोनों किशोरों को धीरे-धीरे आम स्टूडेंट से ऐसी सोच की तरफ धकेल दिया, जहां हिंसा उन्हें सही और जिहादी आइडियोलॉजी उन्हें जायज लगने लगी। यही था इस पूरे साइकोलॉजिकल ब्रेनवॉश का असली मकसद।

पाकिस्तानी हैंडलर्स गेमिंग के जरिए भी करते हैं संपर्क

ATS एसपी राजश्री मिश्रा ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर्स सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं थे, बल्कि गेमिंग चैट के जरिए भी कई नाबालिगों तक पहुंचते हैं। कई ऑनलाइन शूटिंग और मिशन-बेस्ड गेम्स में ‘प्राइवेट चैट रूम’ होते हैं, जहां खिलाड़ियों के बीच टेक्स्ट, वॉयस और ग्रुप चैट आसानी से की जा सकती है।

हैंडलर्स ने इसी सुविधा का फायदा उठाया और गेम खेलते समय नाबालिगों को अपनी ओर आकर्षित किया। गेम का माहौल पहले से ही लड़ाई, हथियार और सैन्य मिशन जैसा होता है, इसलिए हिंसा से जुड़ी बातें खिलाड़ियों को ज्यादा नॉर्मल लगती हैं।

ATS ने परिजन को दिखाए बातचीत के सबूत

ATS ने जब दोनों बच्चों की चैट, ग्रुप स्क्रीनशॉट, फर्जी आईडी, हिंसक कंटेंट और हैंडलर्स के साथ हुई बातचीत के सबूत परिवारों को दिखाए। परिजन ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें अंदाजा तक नहीं था कि उनके बच्चे फोन में किस तरह की दुनिया में फंस चुके हैं।

ATS के अधिकारियों ने बताया कि दोनों नाबालिग हैं, इसलिए पूरी जांच जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के नियमों के मुताबिक चल रही है। पूछताछ भी परिवार की मौजूदगी में ही की जा रही है, ताकि किसी तरह का मानसिक दबाव न बने।

इसके साथ ही दोनों को साइकोलॉजिकल काउंसलिंग भी दी जा रही है, ताकि वे इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सही स्थिति में रहें। परिजन ने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। हर स्टेप पर मौजूद रहकर ATS की प्रक्रिया में साथ दे रहे हैं।

कई दूसरी ID भी ATS के रडार पर

ATS के अधिकारियों ने बताया कि जिन इंस्टाग्राम ग्रुप्स का उपयोग किया गया, उनमें कई और ID भी एक्टिव थे। ATS अब उनके डिजिटल लोकेशन और IP लॉग्स की जांच कर रही है। फिलहाल, मामला UAPA के तहत दर्ज है और विस्तृत जांच जारी है।

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कोरबा

भाजयुमो: गौकरण व रिपक महामंत्री बने

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कोरबा/गेवरा-दीपका। भाजपा युवा मोर्चा दीपका मंडल में नई कार्यकारिणी का विस्तार किया गया है। मंडल अध्यक्ष सत्यम यादव ने कार्यकारिणी की घोषणा की। इसमें गौकरण कंवर व रिपक कुमार को महामंत्री और विकास साहू को कोषाध्यक्ष बनाया है। उपाध्यक्ष अजूबा राज, प्रकाश गोंडारे और विरेंद्र यादव को नियुक्त किया है। वहीं महामंत्री पद पर रिपक कुमार और गौकरण कंवर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा मंत्री पद पर अतुल सिंह, मोनू बंसल को शामिल है।

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कोरबा

प्रेसवार्ता:कांग्रेस महिला आरक्षण का विरोधी नहीं, 2023 के ड्राफ्ट को लागू करे भाजपा, देश को कर रही गुमराह-जयसिंह अग्रवाल

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मंत्री लखनलाल देवांगन पर फिर हमला, कहा-झोपड़ी में रहने की कहता है बात, उसके घर में भाई-भतीजा एवं ओएसडी का चेम्बर, जहां होती है अवैध वसूली

कोरबा। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा है कि केंद्र की भाजपा सरकार महिला आरक्षण के नाम पर देश के लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं। पांच राज्यों में चुनाव को देखते हुए लाभ लेने की सरकार की मंशा साफ हो गई है। सरकार चाहती तो वर्तमान की सीटों के आधार पर आरक्षण दे सकती थी, लेकिन परिसीमन को जोड़कर लटकाना चाहती है।

अग्रवाल सोमवार को कांग्रेस कार्यालय में महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन क्यों नहीं विषय पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध नहीं है, बल्कि इसके अधूरे और भ्रामक स्वरूप के खिलाफ में है। महिला आरक्षण के नाम पर देश की महिलाओं के साथ छल किया जा रहा है। सरकार ने जो बिल लाया था, उसमें ओबीसी और वंचित वर्ग की महिलाओं की अनदेखी की गई है। जनगणना व परिसीमन की शर्त जोड़ने से कानून तुरंत लागू नहीं होगा और कई वर्षों तक लटक सकता है। सरकार ने कोई ठोस समय सीमा भी नहीं दी है, जिससे हमें संदेह पैदा होता है कि इसे जानबूझकर लंबित रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने भाजपा प्रयास कर रही है। वह अपनी पार्टी की छवि सुधारने और वोट बैंक साधने की रणनीति पर काम कर रही है। अग्रवाल ने कहा कि यदि यह कानून प्रभावी रूप से लागू नहीं होता तो जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास कम हो सकता है। कांग्रेस पार्टी हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में है, इसे मजबूत लोकतंत्र के लिए आवश्यक मानती है। अगर सरकार की मंशा है कि अभी इसे लागू किया जाए तो कांग्रेस तैयार है, पार्टी अपना रुख पहले ही बता चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण कानून पारित हो गया था, उसे 2024 से लागू करने में क्या बाधा थी, इसे परिसीमन से जोड़कर अनावश्यक रूप से टालना इस बात का संकेत है कि सरकार की प्राथमिकता किसके लिए अनुमान में नहीं है। कांग्रेस तत्काल की क्रियान्वयन करना नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की महिला अध्यक्ष हो, देश की पहली महिला प्रधानमंत्री, महिला राष्ट्रपति, महिला मुख्यमंत्री, लोकसभा स्पीकर, सुप्रीम कोर्ट जज कांग्रेस के कार्यकाल में ही हुआ है। इस मौके पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू, विकास सिंह, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम द्विवेदी, संतोष राठौर, पालूराम साहू, आनंद पालीवाल, के डी महंत, विजय सिंह, राकेश पंकज समेत कांग्रेसी मौजूद रहे।

जयसिंह ने मंत्री पर फिर साधा निशाना: कोयला, रेत तस्करी की वसूली के लिए मंत्री के घर में अलग-अलग चेम्बर

ठेकेदारी मेरे जीवकोपार्जन का व्यवसाय, इसमें गलत क्या? स्वर्गीय तुलसी ठाकुर भी करते थे ठेकेदारी
महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस का पक्ष रखने सोमवार शाम 4.30 बजे अपने कार्यालय में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल पे्रसवार्ता रखी थी, जिसमें उन्होंने बिल पास न होने पर भाजपा द्वारा देश को गुमराह करने का आरोप लगाया, वहीं उन्होंने एक बार फिर मंत्री देवांगन पर कड़ा प्रहार किया और कहा-झोपड़ी रहने की बात करने वाले मंत्री लखनलाल देवांगन का घर जा कर देखिए, झोपड़ी है या अंदर से कुछ और? उसके घर में भाई-भतीजा, ओएसडी का अलग-अलग चेम्बर बना है, जहां पर रेत, कोयला की अवैध वसूली होती है।
जयसिंह अग्रवाल ने आरोप लगाया कि रेत की कहां-कहां सप्लाई हो रही है, यह सब जनता जानती है और मैं खुलेआम फिर बोल रहा हूं कि बालको, अडाणी के सार्वजनिक प्रतिष्ठानों सहित कई जगहों पर मंत्री द्वारा रेत सप्लाई की जा रही है और पूरे जिले में रेत की अवैध तस्करी मंत्री के संरक्षण में हो रही है।
उन्होंने कहा कि ठेकेदारी मेरे परिवार के जीवकोपार्जन का साधन है। चुनाव लड़ने से पहले मैं भी ठेकेदारी करता था, लेकिन अब मेरे परिवार के लोग ठेकेदारी करते हैं, इसमें गलत क्या है? उन्होंने प्रशासन की प्रशंसा की और कहा कि प्रशासन अच्छा चल रहा है, लेकिन रेत और कोयला तस्करी के साथ-साथ कबाड़ भी खुलेआम चल रहा है।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि मैंने कभी न तो रेत तस्करी की, न कोयले का अवैध कारोबार किया, लेकिन अभी रेत और कोयला तस्करी किसके संरक्षण में चल रहा है। इसके पूर्व भी बालको में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए जयसिंह अग्रवाल ने सार्वजनिक मंच से कहा था-यहां का मंत्री और विधायक बालको, अडाणी सहित अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में रेत आपूर्ति करता है, वह भी अवैध?
अवैध रेत:दो धु्रवों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का बड़ा मुद्दा

जयसिंह अग्रवाल आए दिन मंत्री लखनलाल देवांगन पर हमलावर हो रहे हैं। बालको की एक सभा में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मंत्री लखनलाल देवांगन पर बालको में रेत कारोबार करने का आरोप लगाया था, उसके बाद पत्रकारों को जवाब देते हुए लखनलाल देवांगन ने कहा था-न मोर सो टेक्टर हावे, न ट्रक, मुड़ म रेत तस्करी करथों का? ठेकेदारी ओ करता है और आरोप मेरे ऊपर! इसके बाद सोमवार 20 अप्रैल को जयसिंह अग्रवाल ने फिर मंत्री पर हमला बोला और कहा कि रेत तस्करी कब और कैसे होती है, कौन करा रहा है, इसका सबूत मेरे पास है। झोपड़ी में रहता हूं, कह कर जनता को गुमराह करता है और उसके काले कारनामे चल रहे हैं। अवैध रेत की वसूली, अवैध कोयला की वसूली का अड्डा बन गया है मंत्री का गुप्त चेम्बर, जहां पर उसके भाई-भतीजे एवं ओएसडी अवैध वसूली कर रहे हैं और मंत्री अपने आपको ईमानदार जनप्रतिनिधि बताता है।

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कोरबा

कोरबा में पहली बार होगा श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दिव्य दर्शन एवं “सोमनाथ की अनकही कथा” का भव्य आयोजन

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कोरबा। समस्त शहरवासियों एवं श्रद्धालुजनों के लिए अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि श्रीश्री रविशंकर के सान्निध्य में आगामी 24 अप्रैल 2026 को सायं 6 बजे से 9 बजे तक के घंटाघर ओपन थिएटर में भव्य श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दिव्य दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को दिव्य शिवलिंग के दर्शन, भजन, ध्यान, सत्संग एवं आध्यात्मिक अनुभूति का अनुपम लाभ प्राप्त होगा।

यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास, ऊर्जा और सनातन संस्कृति से जुड़ने का एक अद्भुत अवसर है। कार्यक्रम में विशेष रूप से “सोमनाथ की अनकही कथा” का भी वाचन एवं प्रस्तुतीकरण किया जाएगा, जिसमें की गौरवगाथा, संघर्ष, पुनर्स्थापना और सनातन चेतना की प्रेरक यात्रा को जनमानस के समक्ष रखा जाएगा।

मान्यता है कि भारत के पवित्र पश्चिमी तट पर स्थित केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि अनादि काल से श्रद्धा, शक्ति और शिवत्व का प्रतीक रहा है। सदियों पूर्व यात्रियों, साधकों और संतों ने इस धाम की दिव्यता का वर्णन किया है। कहा जाता है कि यहाँ का वातावरण अलौकिक शांति, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहता था।

इतिहास साक्षी है कि अनेक बार आक्रमणों और विध्वंस के प्रयासों के बावजूद सोमनाथ की आस्था कभी पराजित नहीं हुई। मंदिर टूटता रहा, पर श्रद्धा नहीं टूटी। सनातन संस्कृति की यही जीवंतता आज भी समस्त भारतवर्ष को प्रेरित करती है। हर बार विनाश के बाद पुनर्निर्माण होना इस बात का प्रमाण है कि सत्य, श्रद्धा और चेतना को कोई समाप्त नहीं कर सकता।

कार्यक्रम में यह भी बताया जाएगा कि किस प्रकार युगों से करोड़ों भक्तों की प्रार्थनाएँ, तपस्या और शिवभक्ति इस ज्योतिर्लिंग से जुड़ी रही हैं। यह केवल पत्थर या प्रतीक नहीं, बल्कि अनंत श्रद्धा का केंद्र है। श्रद्धालु जब दर्शन करते हैं, तो वे केवल एक शिवलिंग नहीं, बल्कि सनातन इतिहास, लाखों भक्तों की भावनाओं और शिव चेतना के स्पंदन से जुड़ते हैं।

आयोजन समिति ने जानकारी दी है कि यह दिव्य शिवलिंग पहली बार की पावन धरती पर दर्शन हेतु लाया जा रहा है। इससे क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह, श्रद्धा और आनंद का वातावरण है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल प्रचार, जनसंपर्क, वाहन प्रचार, भजन आमंत्रण, पत्रक वितरण एवं अन्य माध्यमों से लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है।

कार्यक्रम स्थल पर भव्य सज्जा, भक्तिमय वातावरण, शिव आराधना, ध्यान सत्र एवं सामूहिक प्रार्थना का आयोजन भी किया जाएगा। परिवार सहित बड़ी संख्या में उपस्थित होकर श्रद्धालु इस दुर्लभ अवसर का पुण्य लाभ ले सकते हैं।

आयोजन समिति ने समस्त नागरिकों, मातृशक्ति, युवाओं, वरिष्ठजनों एवं धर्मप्रेमी समाज से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाएं।

कार्यक्रम विवरण:
दिनांक: 24 अप्रैल 2026
समय: सायं 6:00 बजे से 9:00 बजे तक
स्थान: घंटाघर ओपन थिएटर, कोरबा

आयोजन: , कोरबा परिवार

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