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ऑपरेशन सिंदूर का मैप ISIS को भेजा:हथियार उठाने को भी तैयार थे, पाकिस्तानी हैंडलर्स ने किया ब्रेनवॉश, दोनों 10वीं-11वीं के स्टूडेंट, पिता CRPF जवान

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के नाबालिग ISIS के टारगेट में हैं। ATS ने रायपुर और भिलाई से 2 नाबालिगों को पकड़ा है, जो ISIS हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे। दोनों ही 10वीं-11वीं क्लास के स्टूडेंट हैं। नाबालिगों को हिंसा का ग्लैमर दिखाकर ब्रेनवॉश किया जा रहा था।

ATS ने जब चैट, लॉग और कंटेंट की परतें खोलनी शुरू कीं, तब तस्वीर और डरावनी निकली। गेमिंग चैट से लेकर इंस्टाग्राम के सीक्रेट ग्रुप तक, नाबालिगों को ‘डिजिटल मॉड्यूल’ में शामिल करने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही थी।

इनमें डार्क वेब, TOR, फर्जी IP, VPN–हर वो तकनीकी हथियार सिखाए जा रहे थे, जो आतंकियों को अपनी डिजिटल पहचान छिपाने में मदद करता है। सबसे खतरनाक मोड़ तब आया, जब हैंडलर्स ने इन नाबालिगों से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े मैप की क्लिपिंग मांगी। दोनों ने वह भेज भी दी। नाबालिग हथियार उठाने तक को तैयार थे।

ATS की ह्यूमन-सर्विलांस और साइबर ट्रैकिंग ने इस नेटवर्क की परतें खोलीं। ATS ने मामले में UAPA-1967 के तहत FIR दर्ज की है। दोनों नाबालिग ATS के कब्जे में हैं। इनमें एक के पिता CRPF जवान हैं, जबकि दूसरे के पिता ऑटो चलाते हैं। वहीं भिलाई के 4 नाबालिगों से पूछताछ भी की जा रही है।

सोशल मीडिया पर एक शिकायत से ATS की नजर में कैसे आए नाबालिग? पाकिस्तानी हैंडलर्स ने कैसे नाबालिगों का ब्रेनवॉश किया, क्या है आतंकियों की डिजिटल रणनीति ?

कैसे शुरू हुई ये पूरी कहानी?

ATS के अधिकारियों के अनुसार यह पूरा मामला एक ऑब्जेक्शनल सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर की गई शिकायत के बाद सामने आया। मॉनिटरिंग के दौरान एक ऐसा ग्रुप दिखा जो इंस्टाग्राम पर ISIS के फर्जी नाम से चलाए जा रहे नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

साइबर टीम ने जब चैट, ग्रुप लिंक और कंटेंट को खंगाला, तब पता चला कि 2 भारतीय नाबालिग लगातार उसी प्रतिबंधित ग्रुप में एक्टिव हैं, जहां पाकिस्तानी हैंडलर्स कट्टरपंथी कंटेंट डाल रहे थे। ATS ने तब रायपुर और भिलाई से पकड़े गए 2 नाबालिगों को लगभग डेढ़ साल तक ह्यूमन सर्विलांस और साइबर ट्रैकिंग के जरिए चुपचाप मॉनिटर किया।

जांच में यह भी सामने आया कि पाकिस्तानी हैंडलर्स सोशल मीडिया पर एक ही ग्रुप को लंबे समय तक एक्टिव नहीं रखते थे। जैसे ही किसी ग्रुप पर ज्यादा ट्रैफिक बढ़ता या सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी की आशंका होती, वे उस ग्रुप को बंद कर देते थे।

इस जल्दबाजी में ग्रुप को बंद करने से पता चला कि हैंडलर्स भारतीय डिजिटल निगरानी तंत्र को लेकर लगातार सतर्क थे। कई नाबालिगों के बयान में भी यह बात सामने आई कि उन्हें बिना कोई कारण बताए अचानक नोटिफिकेशन मिलते थे कि ‘ये ग्रुप archived हो गया है, या ग्रुप अब उपलब्ध नहीं है।

आतंकी संगठन ISIS छत्तीसगढ़ में अपना नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहा है। (फाइल फोटो)

आतंकी संगठन ISIS छत्तीसगढ़ में अपना नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहा है। (फाइल फोटो)

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एयर स्ट्राइक मैप की क्लिपिंग मांगी गई

पाकिस्तानी हैंडलर्स ने दोनों नाबालिगों से सबसे ज्यादा संपर्क उस दौर में बढ़ाया, जब भारत और पाकिस्तान के बीच मीडिया ब्लैकआउट लागू था। यह वही समय था जब देश में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चल रहा था। भारत ने पाकिस्तानी न्यूज चैनलों को बैन किया था और पाकिस्तान ने भी भारतीय खबरों को ब्लॉक कर दिया था।

ATS सूत्रों के अनुसार इसी इन्फॉर्मेशन गैप का फायदा उठाते हुए पाकिस्तानी हैंडलर ने इंस्टाग्राम के सीक्रेट ग्रुप में नाबालिगों को एक्टिव किया। उसने दोनों से एयर स्ट्राइक मैप की क्लिपिंग मांगी, ताकि पाकिस्तान को भारत की सैन्य मूवमेंट की जानकारी मिल सके। दोनों नाबालिगों ने भारतीय न्यूज चैनलों पर चल रहे स्ट्राइक मैप्स को रिकॉर्ड किया और हैंडलर्स को भेज दिया।

हैंडलर्स के साथ इस तरह की चैट होती थी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हैंडलर्स के साथ इस तरह की चैट होती थी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इंस्टाग्राम, गेमिंग और वॉयलेंस कंटेंट-ब्रेनवॉश का पूरा प्रोसेस

पाकिस्तान-आधारित ISIS मॉड्यूल सोशल मीडिया पर ऐसे यूजर्स को टारगेट करता है, जिनका डिजिटल बिहेवियर वायलेंस, धार्मिक बहस या आक्रामक कंटेंट की ओर झुकाव दिखाता है। इंस्टाग्राम का ऐल्गोरिद्म खुद ऐसे यूजर्स को हिंसा, हथियार, धार्मिक विवाद और “कनफ्लिक्ट-बेस्ड” वीडियो सजेस्ट करता है।

एक नाबालिग गेमिंग ग्रुप में ज्यादा एक्टिव था, दूसरा इंस्टाग्राम पर धार्मिक बहस और आक्रामक वीडियोज देखता था। दोनों को पहले हल्के धार्मिक और मोटिवेशनल कंटेंट भेजे गए, फिर धीरे-धीरे हिंसक वीडियो, कट्टरपंथी मैसेज और जिहादी ऑडियो क्लिप्स तक ले जाया गया।

बातचीत बढ़ते ही हैंडलर्स ने इन्हें अलग-अलग ग्रुप में शिफ्ट किया, नए फेक अकाउंट्स से जोड़ते रहे और लगातार ऐसे कंटेंट दिखाते रहे, जिससे वे मानसिक रूप से ब्रेनवॉश होकर किसी भी निर्देश का पालन करने को तैयार हो जाएं।

पाकिस्तानी हैंडलर्स​​​​​ ने ग्रुप बनाने का टास्क दिया गया था

नाबालिगों की चैट हिस्ट्री की जांच में पता चला कि पाकिस्तानी हैंडलर उन्हें लगातार छोटे-छोटे टास्क दे रहे थे। इनमें सोशल मीडिया पर एक नया ग्रुप बनाना। वीडियो और फाइलें शेयर करना। अन्य यूजर्स को जोड़ने का टास्क भी शामिल है।

हैंडलर बच्चों को यह समझाता था कि यह एक सीक्रेट ऑनलाइन मिशन है। इसमें उनकी भूमिका अहम है। जांच एजेंसियों के अनुसार बच्चों को ऐसे डिजिटल टास्क देकर धीरे-धीरे उन्हें संवेदनशील जानकारी साझा करने और नेटवर्क फैलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

हैंडलर्स और नाबालिगों के बीच भड़काऊ चैट्स की प्रतीकात्मक तस्वीर।

हैंडलर्स और नाबालिगों के बीच भड़काऊ चैट्स की प्रतीकात्मक तस्वीर।

ग्रुप में भड़काऊ पोस्ट और क्लिप

ATS अधिकारियों के मुताबिक जिस इंस्टाग्राम ग्रुप में दोनों नाबालिगों को जोड़ा गया था। वहां रोजाना ऐसा कंटेंट शेयर होता था, जो सीधे दिमाग को हिंसा की ओर धकेल देता था। ग्रुप में भेजे जाने वाले वीडियोज में लड़ाई, ब्लास्ट, हथियार चलाने के सीन और उग्र भिड़ंत के क्लिप शामिल थे।

साथ ही ऐसे ऑडियो मैसेज भी डाले जाते थे, जिनमें धार्मिक उन्माद पैदा करने वाली बातें, जिहादी भाषण और कट्टरपंथी नारे सुनाए जाते थे। ग्रुप हैंडलर समय-समय पर भड़काऊ पोस्ट और ऐसे क्लिप भी भेजते थे, जिनमें आतंकवादी संगठनों की तारीफ या उनके ‘हीरोइक मिशन’ को ग्लोरिफाई किया जाता था।

ATS एसपी राजश्री मिश्रा ने बताया कि कंटेंट का पैटर्न इस तरह रखा जाता था कि किशोरों में सिस्टम, समाज और दूसरे समुदाय के प्रति नफरत गहराती जाए। कई बार हैंडलर उनकी तारीफ करते कि तुम असली मुजाहिद हो, सच्चे जांबाज हो ताकि उनका झुकाव पूरी तरह उनकी तरफ हो जाए।

इस तरह लगातार मिल रही डिजिटल फीड ने दोनों किशोरों को धीरे-धीरे आम स्टूडेंट से ऐसी सोच की तरफ धकेल दिया, जहां हिंसा उन्हें सही और जिहादी आइडियोलॉजी उन्हें जायज लगने लगी। यही था इस पूरे साइकोलॉजिकल ब्रेनवॉश का असली मकसद।

पाकिस्तानी हैंडलर्स गेमिंग के जरिए भी करते हैं संपर्क

ATS एसपी राजश्री मिश्रा ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर्स सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं थे, बल्कि गेमिंग चैट के जरिए भी कई नाबालिगों तक पहुंचते हैं। कई ऑनलाइन शूटिंग और मिशन-बेस्ड गेम्स में ‘प्राइवेट चैट रूम’ होते हैं, जहां खिलाड़ियों के बीच टेक्स्ट, वॉयस और ग्रुप चैट आसानी से की जा सकती है।

हैंडलर्स ने इसी सुविधा का फायदा उठाया और गेम खेलते समय नाबालिगों को अपनी ओर आकर्षित किया। गेम का माहौल पहले से ही लड़ाई, हथियार और सैन्य मिशन जैसा होता है, इसलिए हिंसा से जुड़ी बातें खिलाड़ियों को ज्यादा नॉर्मल लगती हैं।

ATS ने परिजन को दिखाए बातचीत के सबूत

ATS ने जब दोनों बच्चों की चैट, ग्रुप स्क्रीनशॉट, फर्जी आईडी, हिंसक कंटेंट और हैंडलर्स के साथ हुई बातचीत के सबूत परिवारों को दिखाए। परिजन ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें अंदाजा तक नहीं था कि उनके बच्चे फोन में किस तरह की दुनिया में फंस चुके हैं।

ATS के अधिकारियों ने बताया कि दोनों नाबालिग हैं, इसलिए पूरी जांच जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के नियमों के मुताबिक चल रही है। पूछताछ भी परिवार की मौजूदगी में ही की जा रही है, ताकि किसी तरह का मानसिक दबाव न बने।

इसके साथ ही दोनों को साइकोलॉजिकल काउंसलिंग भी दी जा रही है, ताकि वे इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सही स्थिति में रहें। परिजन ने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। हर स्टेप पर मौजूद रहकर ATS की प्रक्रिया में साथ दे रहे हैं।

कई दूसरी ID भी ATS के रडार पर

ATS के अधिकारियों ने बताया कि जिन इंस्टाग्राम ग्रुप्स का उपयोग किया गया, उनमें कई और ID भी एक्टिव थे। ATS अब उनके डिजिटल लोकेशन और IP लॉग्स की जांच कर रही है। फिलहाल, मामला UAPA के तहत दर्ज है और विस्तृत जांच जारी है।

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सरेंडर नक्सलियों की इनपुट पर हथियारों का जखीरा बरामद:ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल से मिले IED, ग्रेनेड और स्टेन कार्बाइन

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सुकमा, एजेंसी। आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली सूचना के आधार पर ओडिशा पुलिस ने छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर हथियार और विस्फोटकों के एक बड़े डंप का खुलासा किया है। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार, आईईडी, ग्रेनेड और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की है।

मलकानगिरी जिला पुलिस मुख्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार, डिस्ट्रिक्ट वॉलंटियर फोर्स (DVF) की टीम ने सोमवार तड़के सिलाकोटा, परवासी और केसाकुड़ा के जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया। यह क्षेत्र ओडिशा के मलकानगिरी जिले और छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के दोरनापाल थाना क्षेत्र की सीमा से लगा हुआ है।

जंगल में छिपाकर रखा था नक्सली डंप

तलाशी अभियान के दौरान सुबह करीब 5:45 बजे जवानों को जंगल में छिपाकर रखा गया नक्सलियों का डंप मिला। सुरक्षा बलों ने मौके की घेराबंदी कर तलाशी ली, जिसमें बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।

तीन स्टेन कार्बाइन समेत कई हथियार जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 स्टेन कार्बाइन, 1 देसी पिस्तौल, 1 एसबीएमएल गन, 1 बारह बोर बंदूक, 4 आईईडी, 20 यूबीजीएल ग्रेनेड, 53 कारतूस, स्नाइपर टेलीस्कोप, वायर, बैटरी और अन्य तकनीकी उपकरण जब्त किए हैं।

विस्फोटक बनाने की सामग्री भी मिली

बरामद सामग्री में विस्फोटक तैयार करने और हथियारों की मरम्मत में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह सामग्री माओवादियों द्वारा भविष्य की गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखी गई थी।

क्षेत्र में जारी है सर्च ऑपरेशन

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। आशंका है कि जंगलों में अन्य स्थानों पर भी हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे गए हो सकते हैं। सुरक्षा बल पूरे क्षेत्र में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13-17 जुलाई तक चलेगा:5 बैठकें होंगी, स्कूलों में मंत्र-पाठ और कानून व्यवस्था पर हो सकती है बहस

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होकर 17 जुलाई तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना और कार्यसूची जारी कर दी है। 5 दिनों तक चलने वाले इस सत्र में कुल 5 बैठकें होंगी, जिनमें प्रश्नोत्तर, शासकीय कार्य और वित्तीय मामलों चर्चा होगी।

पहले 4 दिनों तक प्रश्नोत्तर काल और शासकीय कार्य निर्धारित किए गए हैं। वहीं अंतिम दिन 17 जुलाई को प्रश्नोत्तर और शासकीय कार्यों के साथ गैर-शासकीय कार्य भी लिए जाएंगे। सदन में स्कूलों में मंत्र-पाठ और कानून व्यवस्था पर विपक्ष सरकार को घेर सकती है।

विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना और कार्यसूची जारी की है।

विधानसभा सचिवालय ने सत्र की अधिसूचना और कार्यसूची जारी की है।

योजनाओं का ब्यौरा सदन में रखेगी सरकार

मानसून सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को कानून-व्यवस्था, किसानों, बिजली-पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और विभिन्न विभागों में हुए विवादित फैसलों के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार भी अपनी उपलब्धियों और योजनाओं का ब्यौरा सदन में रखने की तैयारी कर रही है।

विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक सत्र के दौरान वित्तीय कार्यों के साथ अन्य शासकीय कार्य भी संपादित किए जाएंगे। चूंकि सत्र की अवधि केवल 5 दिन रखी गई है, इसलिए विपक्ष की ओर से सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग भी उठ सकती है।

स्कूलों में मंत्र-पाठ के मुद्दे पर हो सकती है बहस

सत्र के दौरान स्कूलों में मंत्र-पाठ के आदेश, कानून-व्यवस्था, हसदेव में जंगल कटाई, शराब दुकानों में ओवररेटिंग, किसानों की समस्याएं, नगरीय निकायों के मुद्दे और विभिन्न विभागों में हालिया विवादों को लेकर सदन में तीखी बहस होने की संभावना है। सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर आमने-सामने की स्थिति बन सकती है।

बजट सत्र में धर्म स्वातंत्र्य बिल हुआ था पास

इससे पहले छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 पास हुआ था। अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने के मामलों में दोषी पाए जाने पर 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।

वहीं बजट सत्र के आखिरी दिन सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने वाला बिल पास हुआ। इसके अलावा स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड बिल 2026 भी पास कर दिया गया है। परीक्षा गड़बड़ी रोकथाम बिल में अभ्यर्थियों के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं।

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रमन सिंह बोले-राहुल जहां जाते हैं,वहां बंटाधार हो जाता है:भूपेश ने भाजपा की जीत पर उठाए सवाल,कहा-बीजेपी का 90% स्ट्राइक रेट ‘लोकतंत्र की डकैती’

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दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले प्रदेश की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी जहां जाते हैं, वहां कांग्रेस का बंटाधार हो जाता है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा की चुनावी जीत और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए, वहां भाजपा की जीत का प्रतिशत करीब 90 फीसदी तक पहुंच गया। पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे ‘चोरी नहीं, लोकतंत्र की डकैती’ करार दिया है। यह बयानबाजी दुर्ग में हुई।

रमन सिंह ने राहुल गांधी पर कसा तंज

दरअसल, दुर्ग सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. रमन सिंह ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने की उपलब्धियां गिनाईं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।

रमन सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी जहां जाते हैं, वहां कांग्रेस का बंटाधार हो जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि राहुल गांधी को एक-दो बार छत्तीसगढ़ का भी दौरा करना चाहिए, ताकि यहां कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट हो सके।

भूपेश बघेल ने किया पलटवार

रमन सिंह के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी पलटवार किया। उन्होंने भाजपा की चुनावी जीत और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। बघेल ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए, वहां भाजपा का स्ट्राइक रेट 90 फीसदी तक पहुंच गया है, जो गंभीर सवाल खड़े करता है।

बघेल ने हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा को मिली सफलता सामान्य राजनीतिक परिस्थितियों में संभव नहीं दिखती। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. रमन सिंह जब मुख्यमंत्री थे और लोकप्रिय भी थे, तब भी उन्हें ऐसा स्ट्राइक रेट नहीं मिला था।

पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे ‘चोरी नहीं, लोकतंत्र की डकैती’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं की भूमिका कमजोर की जा रही है। बघेल के अनुसार, पहले मतदाता सरकार चुनते थे, लेकिन अब सरकारें ही निर्वाचन आयोग की प्रक्रियाओं के जरिए यह तय करने की कोशिश कर रही हैं कि कौन मतदाता रहेगा और कौन नहीं।

भूपेश बघेल ने भाजपा की चुनावी जीत और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

भूपेश बघेल ने भाजपा की चुनावी जीत और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

भूपेश ने चुनावी प्रक्रियाओं पर उठाए सवाल

भूपेश बघेल ने कहा कि यह कोई सामान्य राजनीतिक जीत नहीं है, बल्कि लोकतंत्र के साथ डकैती जैसी स्थिति है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची में सुधार और दूसरी प्रक्रियाओं के जरिए चुनावी नतीजों को प्रभावित किया जा रहा है।

ईवीएम को लेकर भी उठाए सवाल

भूपेश बघेल ने ईवीएम मशीनों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 4 हजार ईवीएम मशीनों के नष्ट होने की खबरें सामने आई हैं, जो गंभीर जांच का विषय है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर ईवीएम से जुड़ी घटनाएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं।

कांग्रेस ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होंगे राहुल गांधी

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त किए गए जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर 21 जून से 30 जून 2026 तक रायपुर के चांदी मोड़ स्थित अग्नियोटम अलका अवतार मंगल भवन में होगा।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में लेटर जारी किया है और सभी जिला और शहर अध्यक्षों को शामिल होने के निर्देश दिए हैं। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी किसी एक दिन शिविर में शामिल होंगे और संगठन को मजबूत करने के टिप्स देंगे।

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