कोरबा
गैर संचारी रोगों पर विभिन्न समाज प्रमुखो का उन्मुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम संपन्न
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग कोरबा ,यूनिसेफ छत्तीसगढ तथा एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से जिला पंचायत सभागार में विभिन्न समाज प्रमुखों हेतु गैरसंचारी रोगों के संबंध में विशेष उन्मुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्देश्य समुदाय स्तर पर सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह, जन्मजात हृदय रोग तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं सामुदायिक नेतृत्व की भूमिका को सशक्त बनाना रहा । इस कार्यक्रम में विभिन्न ग्रामों से लगभग 40 समाज प्रमुखों तथा स्थानीय नेतृत्वकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता की। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को बच्चों में होने वाली गैर-संचारी रोगों की प्रारंभिक पहचान, समय पर जांच एवं उपचार, एवं रेफरल सेवाओं के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दिया गया साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पूर्ण टीकाकरण, पोषण, एनीमिया नियंत्रण, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच तथा संस्थागत प्रसव की आवश्यकता पर भी चर्चा किया गया।

इस अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा बाल मधुमेह के शुरूआती लक्षणों-जैसे अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन कम होना एवं कमजोरी लगना के संबंध में तथा सिकल सेल रोग की नियमित जांच एवं परामर्श तथा जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान एवं उपचार के महत्व को सरल एवं व्यवहारिक भाषा में समझाया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी ने कहा कि समाज प्रमुख एवं सामुदायिक नेतृत्वकर्ता गांव एवं वार्ड स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, लोगों को समय पर स्वास्थय सेवाओं से जोड़ने तथा सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। सामुदायिक नेतृत्व के माध्यम से स्वास्थय संबंधी संदेशों का प्रभावी प्रसार संभव है, जिससे समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी, सहभागिता एवं जागरूकता को नई दिशा मिलेगी ।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ.गजेन्द्र सिंह, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, यूनिसेफ, के द्वारा किया गया तथा यूनिसेफ टीम तथा डॉ.डी.श्याम कुमार एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस अवसर पर जिला पंचायत कोरबा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री पद्माकर शिंदे, जिला नोडल अधिकारी डॉ.बी.आर.रात्रे तथा अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
कोरबा
छात्रों को प्रवेश के साथ ही मिलेंगी किताबें व यूनिफॉर्म
कोरबा। नया शिक्षा सत्र 16 जून से शुरू हो जाएगा। स्कूलों में बच्चों की हलचल दिखने लगेगी। स्कूलों से सतत जोड़ने के लिए उन्हें इस बार भी नया गणवेश व किताबंे दी जाएंगी। जिला शिक्षा विभाग ने दावा किया है कि समय पर छात्रों को वितरित कर दिया जाएगा। वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाने लगी है।

विभाग का यह भी कहना है कि छात्रों को किताबें व गणवेश देने के लिए प्रवेशोत्सव का इंतजार नहीं कराया जाएगा। इसकी औपचारिकता स्कूल प्रबंधन अपनी सुविधानुसार करते रहेंगे। इसके पहले किताबें व गणवेश उपलब्ध करा दिया जाएगा। पाठ्य पुस्तक निगम से संकुल केन्द्रों में पुस्तकें और गणवेश पहुंचाने का काम शुरू हो चुका है। किताबों में कोई विषयवार कोई परिवर्तन नहीं होने की स्थिति में समय पर वितरण कार्य कर लिया जाएगा।
बार कोड स्कैन की प्रक्रिया पहले पूरी करनी होगी: शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कुछ विषयों के पाठ्यक्रमों में बदलाव किया गया था। साथ ही छात्रों को किताबें देने से पहले स्कूल प्रबंधन को बार कोड स्कैन कर रिकार्ड अपडेट करने कहा गया था। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए स्कूल प्रबंधन को काफी परेशान होना पड़ा था। जिसके चलते समय पर किताबों का वितरण छात्रों को नहीं हो पाया था। इस बार स्कूल प्रबंधन को 10 जून तक बार कोड स्केन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली किताबें और शासन से दिया जाने वाला गणवेश सीधे संकुल मुख्यालयों में पहुंचाया जा रहा है। विभाग की मानें तो अभी तक अधिकांश संकुलों तक पहुंचा भी दिए गए हैं। संकुल क्षेत्र में आने वाले प्रायमरी व मिडिल स्कूलों के प्रमुखों को दर्ज संख्या के अनुसार किताबें व गणवेश का उठाव करने कहा गया है।
खामियां दूर की जाएंगी ^शिक्षा सत्र शुरू होने के साथ ही छात्रों को किताबें व गणवेश देने की व्यवस्था बनाई जा रही है। इसके साथ ही स्कूलों में व्याप्त कमियों व खामियों को भी समय रहते दूर कर लिया जाएगा। इसके लिए लोक शिक्षण संचनालय के मार्गदर्शन में काम भी शुरू कर दिया गया है।
– टीपी उपाध्याय, डीईओ
कोरबा
कबाड़ी के अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर:कार्रवाई रोकने के लिए परिवार ने किया विरोध, पुल चोरी का आरोपी है मुकेश
कोरबा। कोरबा में कबाड़ी मुकेश साहू उर्फ बरबट्टी के अवैध निर्माण पर गुरुवार को नगर निगम और जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। 150 से अधिक पुलिस बल की मौजूदगी में दो मंजिला इमारत को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन भारी पुलिस बल के कारण विरोध के बावजूद बुलडोजर चलता रहा।

मुकेश साहू उर्फ बरबट्टी कोरबा के चर्चित पुल चोरी मामले का मुख्य आरोपी है। वह कबाड़ के धंधे की आड़ में लंबे समय से अवैध गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ कई थानों में मामले दर्ज हैं, जिनमें शहर में अवैध कब्जे कर गोदाम और दुकानें चलाने के आरोप भी शामिल हैं।
बुलडोजर कार्रवाई की सूचना मिलने पर बरबट्टी ने प्रशासन का रास्ता रोकने का प्रयास किया। टीम को घर तक पहुंचने से रोकने के लिए उसने घर के बाहर कई वाहनों के टायर निकालकर सड़क पर खड़े कर दिए थे, ताकि रास्ता अवरुद्ध हो जाए।

कार्रवाई के दौरान तनाव की स्थिति बनी रही
कार्रवाई के दौरान विरोध और पुलिस की तैनाती
जैसे ही बुलडोजर दो मंजिला मकान के पास पहुंचा, घर के सदस्य और समर्थक विरोध करने लगे। महिलाओं सहित परिवार के लोगों ने हंगामा किया और कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया। हालांकि, पहले से अलर्ट 150 पुलिस जवानों ने मोर्चा संभाला और विरोध के बावजूद तोड़फोड़ जारी रखी।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
पहले भी हो चुकी है संपत्तियों पर कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब बरबट्टी पर कार्रवाई की गई है। इससे पहले भी पुलिस उसके गोदाम को सील कर चुकी है। शहर के राताखार, मुड़ापार और कोरकोमा रोड स्थित उसकी कबाड़ की दुकानें भी सील की जा चुकी हैं। प्रशासन उन दुकानों के अवैध कब्जों पर भी बुलडोजर चला चुका है।

टीम को घर तक पहुंचने से रोकने के लिए उसने घर के बाहर कई वाहनों के टायर निकालकर सड़क पर खड़े कर दिए थे।
प्रशासनिक सख्ती पर लोगों की प्रतिक्रिया
शहर में अवैध कब्जों और अपराधियों पर हो रही इस सख्त कार्रवाई की आम जनता सराहना कर रही है। लोगों का कहना है कि पुल चोरी जैसे गंभीर मामले के आरोपी पर प्रशासन का यह कदम आवश्यक था। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। सीएसपी सहित कई थानों के टीआई मौके पर मौजूद थे।
कोरबा
बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत:खाना खाकर सोए, सुबह मिली लाश, कोरबा पुलिस ने जांच शुरू की
कोरबा। कोरबा में एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गुरुवार सुबह रिश्तेदारों ने उन्हें घर पर मृत अवस्था में पाया। इस मामले में पुलिस रिश्तेदारों ने बयान दर्ज कर जांच में जुट गई है। मामला हरदीबाजार थाना क्षेत्र के रलिया गांव का है।

मृतक की पहचान सालिकराम (50) के रूप में हुई है, जो कि खेती-किसानी का काम करते थे। रिश्तेदारों के मुताबिक बुधवार रात सभी ने साथ में खाना खाया और अपने-अपने कमरों में सोने चले गए थे।
गुरुवार सुबह जब वे उठे, तो सालिकराम अपने घर के आंगन में मृत अवस्था में मिले। घबराए परिजन तुरंत उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल प्रबंधन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल अस्पताल प्रबंधन ने जिला अस्पताल चौकी पुलिस को मेमो भेजा। पुलिस टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही, मृतक के रिश्तेदारों के बयान भी दर्ज किए गए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लग रहा है। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। रिश्तेदारों का कहना है कि सालिकराम ने यह कदम कब, कैसे और किन परिस्थितियों में उठाया, यह उनकी समझ से परे है।
गांव में इस घटना को लेकर चर्चा है कि पिछले कुछ दिनों से मृतक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। हालांकि, परिजनों ने इस संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं दी है।
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized8 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
