देश
राष्ट्रपति ने मोदी को दिया नई सरकार बनाने का न्योता:9 जून को शपथ ग्रहण; पीएम ने कहा- 18वीं लोकसभा कुछ कर गुजरने वाली रहेगी
नई दिल्ली, एजेंसी।
नरेंद्र मोदी को शुक्रवार 7 जून को नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की संसदीय दल का लगातार तीसरी बार नेता चुना गया। पुराने संसद (संविधान सदन) के सेंट्रल हॉल में सुबह 11 बजे शुरू हुई मीटिंग में NDA के 13 दलों के नेता शामिल हुए।
बैठक में NDA के सभी 293 सांसद, राज्यसभा सांसद और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी CM मौजूद थे। इसके बाद NDA ने दोपहर 3 बजे सरकार बनाने का दावा पेश किया। गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को समर्थन का पत्र सौंपा।
बैठक के बाद मोदी भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से उनके घर जाकर मिले। इसके बाद पीएम शाम को 6 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचे। राष्ट्रपति ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। इसके बाद मोदी ने कहा कि 18वीं लोकसभा नई ऊर्जा और कुछ कर गुजरने वाली लोकसभा रहेगी।
राजनाथ ने प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने स्वागत भाषण दिया। राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा। अमित शाह ने इसका समर्थन किया और नितिन गडकरी ने अनुमोदन किया। जेडीएस अध्यक्ष कुमारस्वामी ने प्रस्ताव का समर्थन किया।
इसके बाद TDP प्रमुख चंद्रबाबू नायडू, JDU प्रमुख और बिहार के CM नीतीश कुमार ने समर्थन का ऐलान किया। मोदी 9 जून को शाम 7.15 बजे राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री पद की तीसरी बार शपथ लेंगे। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, मंत्रिपरिषद के सदस्य भी शपथ लेंगे। कितने मंत्री शपथ लेंगे, इसकी जानकारी सामने नहीं आई।
लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 सीटें मिली हैं। यह बहुमत के आंकड़े (272) से 32 सीटें कम हैं। हालांकि, NDA ने 293 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया। NDA में भाजपा के अलावा 14 सहयोगी दलों के 53 सांसद हैं।
गठबंधन में चंद्रबाबू की TDP 16 सीटों के साथ दूसरी और नीतीश की JDU 12 सीटों के साथ तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। दोनों ही पार्टियां इस वक्त भाजपा के लिए जरूरी हैं। इनके बिना भाजपा का सरकार बनाना मुश्किल है।
07:09 PM7 जून 2024
नड्डा के आवास से दैनिक भास्कर के रिपोर्टर उत्कर्ष…
मोदी 3.0 के नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह NDA के घटक दलों के साथ वन टू वन मीटिंग कर रहे हैं। इस बैठक में मंत्रिमंडल में सीटों के बंटवारे और पोर्टफोलियो पर घटक दलों की डिमांड सुनी जा रही है, जिसके आधार पर नई मंत्रिमंडल का स्वरूप तैयार होगा। अब तक RLD नेता जयंत चौधरी, NCP नेता प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, अजित पवार और JDS नेता एचडी कुमारस्वामी बैठक करके जा चुके हैं। अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बैठक करने पहुंचे हैं।
नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कहा, ’18वीं लोकसभा बनने जा रही है। 18 का बहुत महत्व है। 18वीं लोकसभा युवा और नई ऊर्जा और कुछ कर गुजरने वाली लोकसभा होगी। ये वो 25 साल हैं जो अमृतकाल के 25 साल हैं। हम उन सपनों को पूरा करने जा रहे हैं। 18वीं लोकसभा इन सबका पड़ाव है। हमें देश की तीसरी बार सेवा करने का मौका दिया है। मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं विश्वास दिलाता हूं कि पिछले दो टर्म में देश जिस गति से आगे बढ़ा, समाज के हर वर्ग में परिवर्तन साफ-साफ देखा जा सकता है, 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। 18वीं लोकसभा के हमारे 5 साल के कार्यकाल में हम उतने ही समर्पण भाव में देश की आशाओं-आकाक्षांओं को पूरा करने में कोर-कसर बाकी नहीं रखेंगे।
देश
सेंसेक्स 1470 अंक गिरकर 74,564 पर बंद:निफ्टी में 488 अंकों की गिरावट; मेटल, ऑटो और बैंकिंग शेयर्स सबसे ज्यादा टूटे
मुंबई,एजेंसी। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच शेयर बाजार में आज यानी शुक्रवार 13 मार्च को लगातार तीसरे दिन गिरावट रही। सेंसेक्स 1470 अंक (1.93%) की गिरावट के साथ 74,564 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 488 अंक (2.06%) की गिरावट रही, ये 23,151 पर आ गया है। आज मेटल, ऑटो और बैंकिंग शेयर्स में सबसे ज्यादा गिरावट रही।

सेंसेक्सस के 30 शेयरों में से 28 में गिरावट और केवल 2 में तेजी रही।
बाजार गिरने की 3 मुख्य वजहें
- अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध से सप्लाई चेन बिगड़ गई है।
- कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल और महंगाई बढ़ेगी।
- अमेरिका और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारत पर।
एशियाई बाजार अपडेट
- साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.72% गिरकर 5,487 पर बंद हुआ।
- जापान का निक्केई इंडेक्स 1.16% गिरकर 53,819 पर बंद हुआ।
- हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.98% की गिरावट के साथ 25,465 पर बंद हुआ।
- चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.82% नीचे 4,095 के स्तर पर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजार में 12 मार्च को गिरावट रही
- डाउ जोन्स 739 अंक (1.56%) गिरकर 46,677 के स्तर पर बंद हुआ।
- टेक बेस्ड इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट 1.78% गिरकर 22,311 पर बंद हुआ।
- S&P 500 इंडेक्स 103 अंक (1.52%) गिरकर 6,672 पर बंद हुआ।
कच्चा तेल 100 डॉलर के पार ट्रेड कर रहा
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आज तेजी है। ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है। इससे पहले 9 मार्च को ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर पर पहुंच गया था।
कल सेंसेक्स 829 अंक गिरकर बंद हुआ था
शेयर बाजार में में यानी 12 मार्च को लगातार दूसरे गिरावट रही थी। सेंसेक्स 829 अंक की गिरावट के साथ 76,034 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 228 अंक की गिरावट रही।
देश
10g सोना ₹1,904 गिरकर ₹1.58 लाख का हुआ:1kg चांदी ₹7,813 सस्ती होकर ₹2.60 लाख पर आई, ईरान जंग का असर
नई दिल्ली,एजेंसी। अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग की वजह से चांदी-सोने में आज 13 मार्च को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,904 रुपए गिरकर 1.58 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले 12 मार्च को सोना 1,60 लाख रुपए प्रति 10g था।
वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 7,813 रुपए घटकर 2.60 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 2.68 लाख रुपए किलो थी।
- ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: सोना एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में ईंधन और भारी सुरक्षा का खर्च आता है। आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय दाम बढ़ जाते हैं।
- खरीदारी की मात्रा : दक्षिण भारत जैसे इलाकों में खपत ज्यादा (करीब 40%) होने के कारण ज्वेलर्स भारी मात्रा में सोना खरीदते हैं। इससे मिलने वाली छूट का फायदा ग्राहकों को कम दाम के रूप में मिलता है।
- लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य और शहर के अपने ज्वेलरी एसोसिएशन (जैसे तमिलनाडु में मद्रास ज्वेलर्स एसोसिएशन) होते हैं। ये संगठन स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर अपने इलाके के लिए सोने का रेट तय करते हैं।
- पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स ने अपना स्टॉक किस रेट पर खरीदा है, यह भी मायने रखता है। जिन ज्वेलर्स के पास पुराने और सस्ते रेट पर खरीदा हुआ स्टॉक होता है, वे ग्राहकों से कम कीमत वसूल सकते हैं।
ऑल टाइम हाई से 1.25 लाख रुपए गिरी चांदी
इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2026 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 17,722 रुपए सस्ता हो चुका है।
वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 44 दिन में चांदी 1,25,445 लाख रुपए सस्ती हो गई है।
कीमतें गिरने की 3 बड़ी वजहें
- ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम: अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व की ओर ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावना कम कर दी है। माना जा रहा है कि मार्च की मीटिंग में दरें नहीं घटेंगी।
- कैश पर बढ़ा भरोसा: अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग से मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है और निवेशक सोने के बजाय नकद हाथ में रखना पसंद कर रहे हैं। इससे सोने की मांग पर असर पड़ा है।
- महंगा तेल और शेयर बाजार की गिरावट: मिडिल ईस्ट जंग की वजह से तेल की कीमतें भी बढ़ रही हैं, जिससे दुनियाभर के शेयर बाजारों में बिकवाली हो रही है। इसका असर कमोडिटी मार्केट पर भी हो रहा है।
एक्सपर्ट व्यू- अभी सोने-चांदी में निवेश से बचें
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक लोग शेयर बाजार में हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए सोने-चांदी में मुनाफा वसूली कर रहे हैं। इससे सोने-चांदी के दामों में गिरावट है।
अजय केडिया अनुसार आगे भी ये गिरावट जारी रह सकती है। इसके चलते सोना 1.50 लाख और चांदी 2.50 लाख रुपए तक आ सकती है। ऐसे में निवेशकों को अभी सोने-चांदी में निवेश से बचना चाहिए।
ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है।
आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलेगी।
स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आ सकती है।
क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है।
देश
लखनऊ में राहुल बोले- मोदी साइकोलॉजिकली खत्म:अमेरिका के आगे नरेंदर ने सरेंडर कर दिया, वह अब भारत के प्रधानमंत्री नहीं
लखनऊ,एजेंसी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे। उन्होंने दलित वोटर्स को रिझाने के लिए जहां डॉक्टर आंबेडकर और कांशीराम की सराहना की, वहीं भारत-अमेरिका डील, पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
राहुल ने कहा, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम एपस्टीन फाइल में है। उनकी बेटी की कंपनी में जॉर्ज सोरोस की फंडिंग है। नरेंद्र मोदी साइकोलॉजिकली खत्म हो गए हैं। नरेंद्र मोदी अब भारत के प्रधानमंत्री नहीं रहे, वे अमेरिका का काम कर रहे हैं। जब मैं यह बात संसद में बोलने जा रहा था तो नरेंद्र मोदी जी भाग कर निकल गए।
नरेंद्र मोदी ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता कर दिया है। क्योंकि अब अमेरिका तय कर रहा है कि हम तेल कहां से लेंगे? एनर्जी सेक्टर के हालात अभी और खराब होंगे।
नेहरू जिंदा होते तो कांशीराम यूपी के CM होते
राहुल ने कहा, कांशीरामजी समाज में बराबरी की बात करते थे। कांग्रेस अपना काम पूरी तरह से नहीं कर सकी। यही कारण है कि कांशीरामजी सफल हुए। अगर कांग्रेस ठीक तरह से काम करती तो कांशीरामजी कभी सफल न होते।
उन्होंने कहा,
अगर जवाहर लाल नेहरू जी जिंदा होते तो कांशीराम जी कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते। लेकिन आज भाजपा ने समाज को 15 और 85 बांट दिया गया है। फायदा सिर्फ 15% वालों को मिल रहा है। 50% को अलग-अलग कर दिया गया।
राहुल ने यह भी कहा,
नरेंद्र मोदी संविधान की विचाराधारा नहीं मानते: संविधान में जितने भी दलित महापुरुष हुए, उनकी आवाज इसमें है। सावरकरजी, नाथूराम गोडसे की आवाज इस संविधान में नहीं है। नरेंद्र मोदीजी कुछ भी कह लें, इस संविधान की विचारधारा को नहीं मानते हैं।
सारा माल अमेरिका का आएगा: मोदी ने कहा कि 9 लाख करोड़ का माल अमेरिका से खरीदेंगे। मैं पूछना चाहता हूं, हमारे बिजनेस क्या करेंगे। कपास, सोया, फल, बादाम, अखरोट अब अमेरिका के किसान यहां बेचेंगे। अमेरिका में बड़े- बड़े खेत हैं। सारा माल उनका आ जाएगा, सब खत्म कर देंगे।
यूपी में कांग्रेस को मर मिटने वाले 100 लोग चाहिए: अब हमारे पास बड़ा मौका है। हिंदुस्तान की राजनीति बदलें। कांग्रेस को सिर्फ यूपी में 100 लोग ऐसे मिल जाएं जो कह दें कि मर जाएंगे, पीछे नहीं हटेंगे। हमारे लक्ष्य को नहीं छोड़ेंगे। काम हो जाएगा हमारा।
कार्यकर्ताओं को नसीहत- राहुल गांधी जिंदाबाद करने से फायदा नहीं है
राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नसीहत भी दी। दरअसल, राहुल जब बोलने के लिए उठे तो कार्यकर्ता राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। तब उन्होंने ने कहा, राहुल गांधी जिंदाबाद करने से कोई फायदा नहीं है। इससे कुछ होता नहीं है। होता कैसे है? जो मन बना लेता है कि ये जो हो रहा है, उसे मैं एक्सेप्ट नहीं करने वाला हूं।

लखनऊ एयरपोर्ट से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान आने के लिए राहुल गांधी सफेद रंग की कार में बैठे।

एयरपोर्ट पर अजय राय और पार्टी के सभी बड़े लीडर राहुल गांधी को रिसीव करने पहुंचे थे।
कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठाएगी कांग्रेस
कांग्रेस ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग का प्रस्ताव पास किया है। तय हुआ है कि राहुल गांधी के माध्यम से संसद में यह मांग उठाई जाएगी।
यह पहली बार था, जब राहुल गांधी कांशीराम जयंती से 2 दिन पहले कोई बड़ा इवेंट लखनऊ में करने आए थे। कार्यक्रम में करीब 4 हजार लोग शामिल हुए। दलित वोटर्स की सियासत में कांग्रेस का यह बड़ा कदम माना जा रहा है।
यूपी में कांग्रेस-सपा का गठबंधन
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का सपा के साथ गठबंधन था, तब यूपी में NDA की सीटों की संख्या 36 पर सिमट गई थी। महागठबंधन 43 सीटों पर जीतने में कामयाब रहा। महागठबंधन इसी सफलता को 2027 के विधानसभा चुनाव में भी दोहराना चाहता है।
सपा भी कांशीराम जयंती को PDA दिवस के रूप में मनाने का ऐलान कर चुकी है। 15 मार्च को यूपी के 75 जिलों में पार्टी के जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम होंगे।
यूपी में कांग्रेस के सामने कई चुनौतियां
कांग्रेस के सामने कई चुनौतियां हैं। दलित राजनीति में बसपा का प्रभाव अब भी बरकरार है, खासकर जाटव समुदाय में उसका भावनात्मक जुड़ाव मजबूत है। दूसरी ओर, भाजपा ने भी पिछले 10 बरसों में दलित वर्गों के बीच संगठन मजबूत किया है और सरकारी योजनाओं के जरिये समर्थन बढ़ाया है, इसलिए कांग्रेस के लिए इस वोट बैंक में बड़ी जगह बनाना आसान नहीं है।
बसपा-भाजपा के दबाव में, इसका दूसरी पार्टियों को फायदा
वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी कहते हैं- मौजूदा समय में बसपा सबसे कमजोर हालत में है। लोकसभा में उसका कोई भी सदस्य नहीं। यूपी के विधानसभा में मात्र एक विधायक है। राज्यसभा में भी दिसंबर के बाद उसके जीरो होने का आसार हैं।
सपा-कांग्रेस दोनों ही पार्टियों को लगता है कि कमजोर बसपा का वो विकल्प बन सकती हैं। दोनों पार्टियां बसपा को भले ही कमजोर कहने से बचती हैं, लेकिन मायावती पर भाजपा के दबाव में काम करने के आरोप लगाकर इसी कमजोरी को उजागर करने की कोशिश करती हैं।
क्या बसपा वाकई कमजोर है?
हर्षवर्धन त्रिपाठी कहते हैं- ऐसा नहीं है। मायावती भले ही खुद बहुत ज्यादा नहीं निकलती हों, लेकिन उनका संगठन जमीनी स्तर पर सक्रिय है। पार्टी के कोऑर्डिनेटर खामोशी से संगठन का काम कर रहे हैं। 9 अक्टूबर, 2025 को लखनऊ में कांशीराम की पुण्यतिथि पर उमड़ी लाखों की भीड़ इसकी बानगी भी है। बसपा का कोर वोटर फिर तेजी से जुड़ रहा।
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