Connect with us

छत्तीसगढ़

रायपुर में नकटी के विस्थापितों का विरोध प्रदर्शन:मंत्री बंगले का घेराव, कलेक्ट्रेट के सामने नारेबाजी, बृजमोहन बोले- अफसरों पर कार्रवाई होनी चाहिए

Published

on

रायपुर, एजेंसी। नकटी गांव के विस्थापित लोगों ने रायपुर में मंत्री ओपी चौधरी के बंगले का घेराव कर दिया है। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत शंकर नगर की ओर जाने वाली सड़क के एक हिस्से को बंद कर दिया गया है।

इससे पहले गांव के लोग रायपुर कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे थे। उनके प्रदर्शन में कांग्रेस नेता भी शामिल हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी थी कि शुक्रवार तक मांगें पूरी नहीं होने पर वे अनिश्चितकालीन धरना और जेल भरो आंदोलन शुरू करेंगे।

नकटी गांव में 80 घरों पर बुलडोजर चलने के तीन दिन बाद भी उनका विरोध जारी है। गुरुवार को पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव गांव पहुंचे और प्रभावितों से मुलाकात की थी। वहीं BJP सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रात के अंधेरे में घर तोड़ने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और वे आज भी ग्रामीणों के साथ खड़े हैं।

बता दें कि प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को EWS मकान दिए हैं, लेकिन सभी को आवास नहीं मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि मकान छोटे हैं और उनमें बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिससे परिवारों का रहना मुश्किल हो रहा है।

नकटी गांव के विस्थापितों ने रायपुर में मंत्री ओपी चौधरी के बंगले का घेराव किया।

नकटी गांव के विस्थापितों ने रायपुर में मंत्री ओपी चौधरी के बंगले का घेराव किया।

रायपुर में कलेक्ट्रेट के सामने नकटी गांव के विस्थापित फिर से धरने पर बैठे थे।

रायपुर में कलेक्ट्रेट के सामने नकटी गांव के विस्थापित फिर से धरने पर बैठे थे।

बारिश के बीच टूटे-फूटे घर में बैठी मासूम बच्ची।

बारिश के बीच टूटे-फूटे घर में बैठी मासूम बच्ची।

सांसद के कार्रवाई नहीं होने के आश्वासन के बाद टूटे घर

बता दें कि कार्रवाई से 2 दिन पहले ही ग्रामीण सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात करने पहुंचे थे। सांसद ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि बरसात तक कोई तोड़फोड़ नहीं होगी। उन्होंने कहा था कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच 29 जून को 80 घर तोड़ दिए गए।

1 साल पुरानी लिखी चिट्ठी वायरल

नकटी गांव को लेकर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखी एक साल पुरानी चिट्ठी वायरल हो रही है। जिसमें उन्होंने विधायक कॉलोनी के लिए जमीन चयन पर आपत्ति जताई थी। पत्र में कहा था कि गरीबों को हटाना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है।

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का एक साल पहले लिखा गया पत्र वायरल हो रहा है।

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का एक साल पहले लिखा गया पत्र वायरल हो रहा है।

भिलाई में यूथ कांग्रेस ने किया विरोध

भिलाई में यूथ कांग्रेस ने नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई का विरोध किया। गुरुवार को सुपेला के घड़ी चौक पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

भिलाई में यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया।

भिलाई में यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया।

विधायक कॉलोनी दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग

सरायपाली से कांग्रेस विधायक चातुरीनंद ने नकटी गांव तोड़ने के विरोध में सीएम साय को पत्र लिखा है। उन्होंने नकटी गांव में विधायक कॉलोनी बनाने की योजना वापस लेने या नया रायपुर में कहीं कॉलोनी को शिफ्ट करने की मांग की है। विधायक ने इस पूरी घटना को अत्यंत पीड़ादायक, अमानवीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

‘गरीबों का घर उजाड़कर विधायक आवास नहीं चाहिए’

चातुरीनंद ने पत्र में लिखा है कि, गरीबों का आशियाना उजाड़कर जनप्रतिनिधियों के लिए आलीशान आवास बनाना किसी भी तरह से सही नहीं है। जनता ने हमें उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए चुना है, न कि उनके सिर से छत छीनकर अपने लिए सुविधाएं खड़ी करने के लिए।

मैं इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध करती हूं और नकटी गांव के सभी पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी हूं। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि, गरीबों का घर उजाड़कर उन्हें ऐसा विधायक आवास बिल्कुल नहीं चाहिए।

सरायपाली से कांग्रेस विधायक चातुरीनंद ने नकटी गांव तोड़ने के विरोध में सीएम साय को पत्र लिखा है।

सरायपाली से कांग्रेस विधायक चातुरीनंद ने नकटी गांव तोड़ने के विरोध में सीएम साय को पत्र लिखा है।

विधायक का सुझाव- नवा रायपुर में बनाएं कॉलोनी

विधायक चातुरी नंद ने मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से सुझाव दिया है कि, विधायकों के लिए आवास कॉलोनी का निर्माण बहुत जरूरी है, तो नवा रायपुर में सैकड़ों एकड़ सरकारी रिक्त भूमि उपलब्ध है।

वहां एक आधुनिक और सुव्यवस्थित विधायक कॉलोनी विकसित की जा सकती है, जिससे राजधानी के किसी भी गरीब परिवार को बेघर होने की पीड़ा नहीं झेलनी पड़ेगी।

तत्काल रोक लगाने और उचित मुआवजे की मांग

सरायपाली विधायक ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आग्रह किया है कि, वे इस अमानवीय कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाएं। साथ ही, जो परिवार प्रभावित हुए हैं, उनके तत्काल पुनर्वास और उचित मुआवजे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

नया रायपुर में मकान देने का दावा

बुलडोजर कार्रवाई के बाद प्रशासन ने दावा किया है कि प्रभावित परिवारों को पुनर्वास दिया गया है। उन्हें नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) मकानों में बसाने के लिए आवंटन प्रक्रिया की जा रही है।

पूर्व CM भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की

पूर्व CM भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की

इस कार्रवाई के अगले दिन पूर्व CM भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनको विश्वास दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनके न्याय और अधिकारों की इस लड़ाई में साथ है।

Continue Reading

कोरबा

सीएसईबी चौक पर भारी वाहन की टक्कर:कोरबा में एक्टिवा सवार की मौत, वाहन छोड़कर भागा ड्राइवर, ट्रैफिक व्यवस्था पर उठे सवाल

Published

on

कोरबा। कोरबा जिले में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार (3 जुलाई) को सीएसईबी चौकी के सामने एक तेज रफ्तार भारी वाहन ने एक्टिवा सवार को टक्कर मार दी। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया।

घटना सीएसईबी चौक पर हुई, जहां आमतौर पर ट्रैफिक सिग्नल और पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार भारी वाहन ने अचानक एक्टिवा को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक्टिवा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

मृतक की हुई पहचान

मृतक की पहचान खरमोर निवासी व्यास राम के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। क्षतिग्रस्त एक्टिवा को भी मौके से हटाया गया। पुलिस ने मृतक के आधार कार्ड के जरिए परिजनों को घटना की सूचना दी।

ट्रैफिक व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि लक्ष्मण श्रीवास ने ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सीएसईबी चौक शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक है, जहां हमेशा पुलिस और ट्रैफिक सिग्नल मौजूद रहते हैं। इसके बावजूद भारी वाहन का शहर के भीतर प्रवेश कर हादसा करना गंभीर लापरवाही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सोनालिया चौक, पवन टॉकीज और शारदा विहार फाटक जैसे इलाकों में भी भारी वाहनों और रेत से भरे ट्रैक्टरों की आवाजाही से लगातार हादसे हो रहे हैं।

सख्त कार्रवाई की मांग

लक्ष्मण श्रीवास ने प्रशासन से सवाल किया कि नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने शहर में भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही पर रोक लगाने और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Continue Reading

कोरबा

कोरबा में नशेड़ी ट्रेलर चालकों का तांडव:एक रात में 3 हादसे, बीच सड़क ट्रेलर छोड़कर भागा, मकान में गाड़ी और नाले में पलटा ट्रेलर

Published

on

कोरबा। कोरबा जिले में गुरुवार देर रात नशे में धुत ट्रेलर चालकों ने एक के बाद एक तीन हादसे कर दिए। अलग-अलग जगह हुई इन घटनाओं में कई लोगों की जान बाल-बाल बच गई। गुस्साए लोगों ने कुछ चालकों की पिटाई कर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया।

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक शराब पीकर वाहन चलाने के 1014 मामलों में 1 करोड़ 10 लाख 40 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला जा चुका है।

बीच सड़क ट्रेलर छोड़कर भागा चालक

पहली घटना मानिकपुर चौकी क्षेत्र के शारदा विहार पेट्रोल पंप के पास हुई। यहां नशे में धुत ट्रेलर चालक वाहन को बीच सड़क पर खड़ा कर चाबी लगी हालत में छोड़कर चला गया। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और घंटों जाम लगा रहा।

नाराज लोगों ने चालक को पकड़कर उसकी पिटाई की और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची मानिकपुर पुलिस ने ट्रेलर हटवाकर यातायात बहाल कराया।

कोयला लदी ट्रेलर मकान में घुसी

दूसरी घटना रामनगर बाईपास मार्ग पर हुई। शराब के नशे में चालक और हेल्पर तेज रफ्तार कोयला लदी ट्रेलर पर नियंत्रण खो बैठे। ट्रेलर सड़क किनारे बने एक मकान में जा घुसी और आंगन में लगे पेड़ से टकराकर रुकी। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय घर में मौजूद लोग सुरक्षित बच गए।

20 फीट गहरे नाले में गिरी ट्रेलर

तीसरी घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के मानिकपुर बाईपास मार्ग पर हुई। यहां एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट गहरे नाले में जा गिरी। हादसे में चालक को मामूली चोटें आईं। पुलिस का कहना है कि नाले की गहराई को देखते हुए यह बड़ा हादसा हो सकता था।

1014 मामलों में 1.10 करोड़ से ज्यादा जुर्माना

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जनवरी से अब तक ऐसे 1014 मामलों में कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 10 लाख 40 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया है।

अधिकारियों का कहना है कि नशे में वाहन चलाना सड़क हादसों की बड़ी वजह बना हुआ है, इसलिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

हाईकोर्ट बोला- जनहित में है शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण:शासन के आदेश पर मुहर, छत्तीसगढ़ विद्यालयीन कर्मचारी संघ समेत 24 से ज्यादा शिक्षकों की याचिकाएं खारिज

Published

on

बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस बीडी गुरु ने प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) की नीति को सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार का यह फैसला जनहित में लिया गया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ विद्यालयीन शिक्षक कर्मचारी संघ समेत प्रदेशभर के शिक्षकों की ओर से दायर 24 से ज्यादा याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि स्कूलों में शिक्षकों के असमान वितरण को दूर करने के लिए सरकार का यह कदम बड़े जनहित में है। ट्रांसफर और पोस्टिंग पूरी तरह सरकार के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र का हिस्सा हैं। किसी भी सरकारी कर्मचारी को एक ही स्थान पर बने रहने का कोई संवैधानिक या कानूनी अधिकार नहीं है।

युक्तियुक्तकरण नीति को दी गई थी चुनौती

राज्य सरकार ने 2 अगस्त 2024 को स्कूलों और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके बाद अप्रैल 2025 में इसके क्रियान्वयन के आदेश जारी किए गए। इस नीति के तहत अतिशेष (सरप्लस) शिक्षकों को शिक्षकविहीन और एकल-शिक्षकीय स्कूलों में पदस्थ करने का प्रावधान किया गया।

इस नीति के खिलाफ दुर्ग, कोंडागांव, कांकेर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, रायपुर, कोरबा, बिलासपुर और महासमुंद समेत कई जिलों के शिक्षकों और शिक्षक संगठनों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं।

नियमों की अनदेखी का लगाया आरोप

याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि यह नीति शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा-25 के खिलाफ है, जिसमें स्कूलवार छात्र-शिक्षक अनुपात बनाए रखने का प्रावधान है। उनका आरोप था कि अतिशेष शिक्षकों की पहचान करते समय वरिष्ठता की अनदेखी की गई और ‘लास्ट इन, फर्स्ट आउट’ नियम को यांत्रिक तरीके से लागू किया गया।

राज्यपाल के नाम से आदेश जारी नहीं होने का भी उठाया मुद्दा

शिक्षकों की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि यह आदेश संविधान के अनुच्छेद-166 के तहत राज्यपाल के नाम से विधिवत जारी नहीं किया गया, इसलिए इसे वैध नीति नहीं माना जा सकता।

सरकार ने रखा अपना पक्ष

राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि युक्तियुक्तकरण का प्रस्ताव 9 जुलाई 2024 को मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूर किया गया था। इसके बाद 16 जुलाई 2024 को राज्यपाल के नाम से विभागीय आदेश जारी किया गया।

सरकार ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता कोई ऐसा स्कूलवार आंकड़ा प्रस्तुत नहीं कर सके, जिससे यह साबित हो कि छात्र-शिक्षक अनुपात का उल्लंघन हुआ है।

हाईकोर्ट ने कहा- आदेश पूरी तरह वैध

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सरकार का 16 जुलाई 2024 का आदेश कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्यपाल के नाम से जारी किया गया था। इसलिए अदालत ने अनुच्छेद 166 के उल्लंघन की दलील को खारिज कर दिया।

अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ऐसे कोई ठोस आंकड़े या डेटा पेश नहीं कर सके, जिससे यह साबित हो कि इस नीति से किसी स्कूल में छात्र-शिक्षक अनुपात प्रभावित हुआ है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक कोई सरकारी नीति पूरी तरह अवैध, मनमानी या दुर्भावनापूर्ण न हो, तब तक उसमें न्यायिक हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।

16 हजार से ज्यादा शिक्षकों और प्राचार्यों का हुआ युक्तियुक्तकरण

प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। कई स्कूल ऐसे हैं जहां या तो कोई शिक्षक नहीं है या केवल एक ही शिक्षक के भरोसे पढ़ाई चल रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, शहरी क्षेत्रों के कई स्कूलों में जरूरत से अधिक शिक्षक पदस्थ हैं।

इसी असमानता को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने अतिशेष शिक्षकों को शिक्षकविहीन और एकल-शिक्षकीय स्कूलों में पदस्थ करने का फैसला लिया था। हाई कोर्ट ने भी अपने फैसले में कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना राज्य का संवैधानिक दायित्व है और इस उद्देश्य से उठाए गए उचित कदमों में अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

बता दें कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत प्रदेश में 16,165 शिक्षकों और प्राचार्यों का स्थानांतरण किया गया है। इसके अंतर्गत राज्य की कुल 10,463 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया, जिनमें 10,297 ऐसे स्कूल शामिल हैं जो एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677