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छत्तीसगढ़

बिलासपुर में 2 दिसंबर से शुरू होगा ‘नए दृष्टिकोण वाला’ छह दिवसीय स्वास्थ्य शिविर

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शहरभर में लग रहे डेमो शिविरों से बढ़ी उत्सुकता, दो हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीयन
सुबह–शाम पुलिस ग्राउंड में होंगे विशेष सत्र

बिलासपुर। देश-विदेश में लाखों लोगों को लाभान्वित कर चुके सन टू ह्यूमन फाउंडेशन, इंदौर के पूज्य संत परम आलय जी का ‘नए दृष्टिकोण वाला’ छह दिवसीय मेगा शिविर आगामी 2 से 7 दिसंबर तक सिविल लाइन स्थित पुलिस ग्राउंड में आयोजित होगा। प्रतिदिन सुबह 6:30 से 8:30 बजे तक चलने वाले इस शिविर में सम्यक आहार, सम्यक व्यायाम और सम्यक ध्यान के मूल सूत्रों को व्यावहारिक रूप में समझाया जाएगा।

शिविर आयोजकों के अनुसार इन सूत्रों को जीवन में उतारने से न सिर्फ शारीरिक व्याधियों में सुधार होता है, बल्कि मन एवं चेतना में आने वाले सकारात्मक बदलाव से जीवन की दिशा भी प्रशस्त होती है। शिविर में शरीर, मन और चेतना तीनों स्तरों पर एक साथ काम किया जाएगा, जिससे सुप्त शक्तियों का जागरण संभव होता है।

आयोजकों ने बताया कि छोटे-छोटे प्रयोगों और सूत्रों के माध्यम से यह समझाया जाएगा कि डायबिटीज, बीपी, थायराइड, अस्थमा, अर्थराइटिस, माइग्रेन, हृदय रोग, डिप्रेशन जैसी समस्याओं को किस प्रकार नियंत्रित किया जा सकता है। बढ़ा हुआ वजन भी डबल डाइट लेने के बावजूद सहज रूप से कम किया जा सकता है।

आयोजकों ने बताया कि शिविर के पहले तीन दिन भौतिक शरीर की शक्तियों के जागरण पर केंद्रित रहेंगे, जबकि अगले तीन दिन पूज्य परम आलय जी के मार्गदर्शन में मस्तिष्क, मन और अवचेतन चेतना की शक्तियों को सक्रिय करने पर विशेष अभ्यास कराए जाएंगे।

शाम के विशेष सत्र भी रहेंगे आकर्षण का केंद्र

2, 3 और 4 दिसंबर को शाम 6:30 से 8:30 बजे पुलिस ग्राउंड (मसानगंज) में विशेष सत्र होंगे, जिनमें परम आलय जी साधकों की जिज्ञासाओं का समाधान करेंगे। बिलासपुर शहर में अब तक कई डेमो शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें हजारों लोगों ने सहभागिता की है। अब तक दो हजार से अधिक लोग शिविर के लिए पंजीयन करा चुके हैं।

बीस आइटम वाला ऊर्जावान नाश्ता रहेगा निःशुल्क

सभी प्रतिभागियों को प्रतिदिन 15 से 20 आइटम का ऊर्जावान, ‘अदृश्य शक्तियों को जागृत करने वाला’ नाश्ता निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। लगभग 10 हजार साधकों की भागीदारी का अनुमान है। शिविर पूर्णतया निःशुल्क है, परंतु पंजीयन और एंट्री कार्ड अनिवार्य रखा गया है।

मार्गदर्शक मंडल

तोखन साहू (मंत्री, भारत सरकार), धरम कौशिक (विधायक, बिल्हा), अरुण साव उपमुख्यमंत्री, विधायक अमर अग्रवाल,धरमजीत सिंह ठाकुर विधायक, विधायक सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव विधायक, महापौर पूजा विधानी, पायल लाठ, संस्थापिका, पायल एक नया सवेरा वेलफेयर फाउंडेशन, कमीशनर सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल ,आईजी संजीव शुक्ला, एसएसपी रजनीश सिंह, जोनल एसपी दीपमाला कश्यप।

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कोरबा

महिला सुरक्षा और लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक

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राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक ने ली रेंज की साप्ताहिक समीक्षा बैठक,एक माह में पुराने प्रकरण शून्य करने का दिया लक्ष्य
ITSSO*के तहत महिला संबंधी अपराधों में 60 दिवस के भीतर निराकरण के सख्त निर्देश

कोरबा। दिनांक 13.05.2026 को ’राम गोपाल गर्ग’ पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा जिले के वरि. पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई। समीक्षा मीटिंग का आयोजन रेंज स्तरीय पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में किया गया। समीक्षा मीटिंग में रजनेश सिंह उमनि. एवं वरि. पुलिस अधीक्षक, जिला बिलासपुर, शशि मोहन सिंह, उमनि. एवं वरि. पुलिस अधीक्षक, जिला रायगढ़, भोजराम पटेल, वरि. पुलिस अधीक्षक मुंगेली, सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक, जिला कोरबा, मनोज खिलारी, पुलिस अधीक्षक, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, प्रफुल्ल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक, जिला सक्ती, सुश्री निवेदिता पॉल, पुलिस अधीक्षक, जिला जॉजगीर-चाम्पा, श्रीमती निमीषा पाण्डेय, अति. पुलिस अधीक्षक, जिला सारंगढ़, उप पुलिस अधीक्षक, मंजूलता केरकेट्टा पु.म.नि. कार्या. बिलासपुर उपस्थित रहें।
राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज द्वारा रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई इस बैठक में माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों अनुपालन में चर्चा की गई एवं लंबित आपराधिक प्रकरणों को विशेष अभियान चला कर निकाल करने हेतु निर्देशित किया गया।

न्यायालयीन निर्देशों का पालन और लंबित प्रकरणों की समीक्षाः-

बैठक का मुख्य केंद्र उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ द्वारा प्रकरण क्रमांक Cr.M.P.No.-3112/2024 में जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन रहा। आईजी श्री गर्ग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक वर्ष से अधिक पुराने लंबित प्रकरणों का विशेष अभियान चलाकर निराकरण किया जाए।
बैठक के प्रमुख बिंदुः-
पुराने प्रकरणों का लक्ष्यः- पुलिस महानिरीक्षक ने पुराने लंबित प्रकरणों को आगामी 01 माह के भीतर शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अपराधों का वर्गीकरणः- लंबित गंभीर अपराधों जैसे लूट, डकैती, धोखाधड़ी, अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों की राजपत्रित अधिकारियों के माध्यम से प्रकरणवार समीक्षा कर अविलंब चालान मान0 न्यायालय में पेश करें।
फरार आरोपियों की धरपकड़ फरार आरोपियों की समीक्षा कर उनकी शीघ्र गिरफ्तारी कर चालान माननीय न्यायालय में पेश करने निर्देश दिए गए ।
ITSSO महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वाेच्च प्राथमिकता
महिला संबंधी अपराधों के त्वरित न्याय के लिए संचालित (Investigation Tracking System for Sexual Offence) की समीक्षा करते हुए आईजी श्री गर्ग ने निम्नलिखित निर्देश दिए-
60 दिवस की समय-सीमा जो प्रकरण 60 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, उनका शीघ्र निराकरण किया जाए ।
त्वरित विवेचना जो मामले अभी 60 दिनों की अवधि के भीतर हैं, उनमें निरंतर साक्ष्य संकलन कर समय-सीमा के अंदर ही जांच पूर्ण की जाए ।

         बैठक के अंत में आईजी श्री गर्ग ने सभी अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए गए।
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कोरबा

अस्पताल परिसर में बन रहा शेड, बारिश-धूप से बचेंगे मरीज

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कोरबा। मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल में जल्द ही पुराने भवन से लेकर ट्रामा सेंटर और निर्माणाधीन ओपीडी रजिस्ट्रेशन रूम तक शेड बनकर तैयार हो जाएगा।

इसके बाद इलाज, जांच, ऑपरेशन समेत अन्य काम से पुराने भवन से ट्रामा सेंटर के बीच मरीजों की आवाजाही के दौरान बारिश व धूप से उन्हें परेशानी नहीं होगी। मरीजों के साथ अटेंडर को भी एक भवन से दूसरे भवन आते-जाते समय मौसम की मार नहीं झेलनी पड़ेगी। अस्पताल प्रबंधन के प्रस्ताव पर डीएमएफ से मिली स्वीकृति के बाद नगर निगम की ओर से शेड बनाया जा रहा है। मजबूती और टिकाऊपन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। शेड के लिए लोहे के भारी पिलर खड़े किए जा चुके हैं, जिस पर जल्द ही रूफिंग की जाएगी। वर्तमान में पुराने भवन से ट्रामा सेंटर आवाजाही के लिए मरीजों व उनके परिजन को खुले आसमान के नीचे से होकर गुजरना पड़ता है।

बारिश के मौसम से पहले ही काम हो जाएगा पूरा ^मेडिकल कॉलेज अस्पताल के संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. गोपाल कंवर के मुताबिक अस्पताल को सुव्यवस्थित करने और मरीजों को बेहतर सुविधा देने लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत मरीजों व उनके परिजन को मौसम की मार से बचाने के लिए परिसर में नए रजिस्ट्रेशन कक्ष से लेकर अन्य भवन के बीच शेड निर्माण किया जा रहा है। आगामी बारिश से पहले इसे पूर्ण कर लिया जाए।

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कोरबा

रील बनाने नदी में कूदा युवक, डूबकर मौत:3 मिनट तक पानी में हाथ-पैर मारता रहा, कोरबा में दोस्त शूट करते रहे वीडियो

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का शौक एक युवक की मौत का कारण बन गया। अहिरन नदी में छलांग लगाने के बाद युवक करीब 3 मिनट तक पानी में हाथ-पैर मारता रहा, लेकिन किनारे खड़े दोस्त उसे डूबता देख बचाने के बजाय मस्ती समझकर वीडियो शूट करते रहे। इस दर्दनाक हादसे का लाइव वीडियो भी सामने आया है।

मंगलवार से लापता निखिल सिंह (25) का शव 48 घंटे बाद बुधवार देर शाम नदी से बरामद किया गया। यह घटना कुसमुंडा थाना क्षेत्र की है।

तैरते-तैरते युवक डूब रहा था, दोस्त वीडियो बना रहे थे।

तैरते-तैरते युवक डूब रहा था, दोस्त वीडियो बना रहे थे।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, SECL कुसमुंडा में पदस्थ डंपर ऑपरेटर का बेटा निखिल सिंह (25) मंगलवार दोपहर अपने तीन दोस्तों के साथ अहिरन नदी में नहाने गया था। नहाते समय उसने रील बनाने के लिए नदी में ऊंचाई से छलांग लगाई। उसके दोस्तों ने मोबाइल से इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया।

सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि, छलांग लगाने के बाद निखिल करीब 3 मिनट तक पानी में हाथ-पैर मारता रहा। उसके दोस्तों को लगा कि वह तैर रहा है और मस्ती कर रहा है, इसलिए किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। जब निखिल पानी में पूरी तरह डूब गया, तब दोस्तों को सच्चाई का पता चला।

SECL कुसमुंडा से गुजरती है अहिरन नदी।

SECL कुसमुंडा से गुजरती है अहिरन नदी।

दो दिनों तक चला सर्च ऑपरेशन

हादसे के बाद घबराए दोस्तों ने पुलिस और परिजनों को सूचना दी। पुलिस और गोताखोरों की टीम ने मंगलवार दोपहर से ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

बुधवार को खराब मौसम के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा, लेकिन कुछ ही देर बाद निखिल का शव पानी की सतह पर आ गया। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई के बाद गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया।

बिलासपुर से आई एनडीआरएफ (NDRF) टीम को बचाव कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

बिलासपुर से आई एनडीआरएफ (NDRF) टीम को बचाव कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

संसाधनों की कमी से जूझती रही रेस्क्यू टीम

बचाव कार्य के दौरान बिलासपुर से आई एनडीआरएफ (NDRF) की टीम को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। टीम के पास ऑक्सीजन सिलेंडर और वॉटरप्रूफ कैमरे जैसे जरूरी उपकरणों की कमी थी, जिसके कारण रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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