छत्तीसगढ़
नई सरकार में बदला सिस्टम,छत्तीसगढ़ में युवा अफसरों को जिलों की कमान
कोरबा कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ भी हुए प्रभावित, रायपुर स्थानांतरण
रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में बुधवार देर रात एक साथ 88 आईएएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। इनमें 19 जिलों के कलेक्टर भी शामिल हैं। कई महत्वपूर्ण माने जाने वाले विभागों से सीनियर अफसरों को हटाया गया है। वहीं अभी तक लूप लाइन में पड़े अफसरों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस सरकार में जिन अफसरों के पास महत्वपूर्ण विभाग थे, उन्हें हटाकर अलग-अलग अफसरों को दिया गया है। जाहिर है नई सरकार नहीं चाहती कि एक ही अफसर के पास अधिक विभाग हों। इसके साथ ही नई सरकार ने बता दिया है कि प्रदेश में अब नया सिस्टम चलेगा।
ज्यादातर जिलों की युवा कंधों पर जिम्मेदारी
जिन जिलों में कलेक्टर बदले गए हैं, वहां नए बैच के अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है। नगर निगम या जिला पंचायत, या जिला प्रशासन की अहम जिम्मेदारी से भी यंग ऑफिसर्स को जोड़ा गया है। सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार नए अधिकारियों की एनर्जी का इस्तेमाल विकास कार्यों में करेगी।
आने वाली है एक और लिस्ट
कहा जा रहा है कि, जल्द ही एक और ट्रांसफर लिस्ट जारी होगी। इसमें भी विभागों के सचिव स्तर के अफसरों के अलावा 4-5 साल से एक ही जिले में कलेक्टर या स्क्क बने हुए अधिकारियों को हटाया जा सकता है। सामान्य प्रशासन विभाग ये आदेश जल्द ही जारी करेगा।
भूपेश सरकार के प्रमुख अफसरों में थे सुब्रत साहू
सुब्रत साहू भूपेश बघेल सरकार में मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख अफसर में शुमार रहे। उनके पास पंचायत ग्रामीण विकास विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी वाणिज्य एवं उद्योग, रेल परियोजनाएं, लोक निर्माण विभाग, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल जैसे विभाग थे। अब उन्हें धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इनके पास मौजूद विभागों को अलग-अलग अधिकारियों को बांटा गया है।
सीएम वाले विभाग में कमलप्रीत सिंह
डॉ. कमलप्रीत सिंह पहले कृषि एवं किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव थे। साथ ही था कृषि उत्पादन आयुक्त, सचिव कृषि उद्यानिकी, मत्स्य पालन, दुग्ध, सामान्य प्रशासन और गन्ना आयुक्त का भी अतिरक्ति प्रभार था। अब इन्हें पीडब्ल्यूडी का सचिव बनाया गया है। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह विभाग इस बार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पास है। सिद्धार्थ कोमल परदेशी उच्च शिक्षा विभाग के सचिव थे। इनके पास विमान विभाग का, जनसंपर्क विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव का अतिरिक्त प्रभार था। अब इन्हें स्कूल शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है। परदेशी की जगह पर 2006 बैच के आईएएस पी दयानंद को छत्तीसगढ़ के ऊर्जा विभाग खनिज संसाधन विभाग, जनसंपर्क विभाग, स्टेट पावर कंपनी,उद्योग रेल परियोजना विभाग विमानन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। पी दयानंद वही अफसर हैं जिन्हें मुख्यमंत्री का सचिव बनाए जाने का पहला आदेश सरकार बनते ही जारी हुआ था। पहले से ही चर्चा थी कि पी दयानंद के पास सरकार में प्रभावशाली विभाग होंगे और हुआ भी ऐसा ही।
प्रमुख विभागों से हटाए गए अधिकारी
अंकित आनंद पिछली सरकार में वित्त विभाग, ऊर्जा विभाग, पेंशन निराकरण समिति, स्टेट पावर कंपनी के सचिव रहे। अब इन्हें योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग का सचिव बनाया गया है। आर प्रसन्ना पिछली सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं के आयुक्त थे, अब सहकारिता विभाग का सचिव बनाया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इर्द-गिर्द दिखने वाले अधिकारियों में आईएएस भारतीदासन भी थे। अब कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग का सचिव बनाया गया है। गृह विभाग के सचिव बसवा को खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम उपभोक्ता संरक्षण का सचिव और चिकित्सा शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है। कांकेर की कलेक्टर डॉक्टर प्रियंका शुक्ला की कलेक्टरी गई, अब तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार प्रशिक्षण का संचालक बना दिया गया है। तंबोली अयाज फकीर भाई जो कृषि विभाग के की विशेष सचिव थे। नरवा गरुवा घुरुवा बड़ी छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना प्रभारी थे, अब इन्हें गृह निर्माण मंडल का आयुक्त बना दिया गया है। कोरबा जिले के कलेक्टर रहे सौरभ कुमार को मुख्य कार्यपालन अधिकारी नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी दी गई है। नए अफसरों को बनाया गया कलेक्टर
सरकार में नए बैच के अधिकारियों को जिलों का जिम्मा दिया गया है। आईएएस बने जिन्हें 6 साल हुए हैं, उन्हें कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। 2009 से 2018 बैच के अफसरों को जिलों में भेजा गया है। जैसे 2013 बैच के आईएएस अधिकारी गौरव कुमार सिंह को रायपुर जिले का कलेक्टर बनाया गया है। 2013 बैच के अजीत वसंत कोरबा, 2012 बैच के संजय अग्रवाल राजनांदगांव, 2013 बैच की नम्रता गांधी को धमतरी का कलेक्टर बनाया गया है। 2013 बैच के इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल बालोद, 2014 बैच की ऋचा प्रकाश चौधरी दुर्ग, 2011 बैच के भास्कर विलास संदीपन सरगुजा, 2012 बैच के अभिजीत सिंह कांकेर जिले के कलेक्टर बनाए गए हैं। 2012 बैच के ही रणवीर शर्मा को बेमेतरा, 2009 बैच के अनुराग पांडे बीजापुर, 2015 बैच के राहुल वेंकट महेंद्रगढ़ चिरमिरी, 2017 बैच के आकाश छिकारा जांजगीर जिले के कलेक्टर बनाए गए हैं। 2017 बैच के ही रोहित व्यास को सूरजपुर, इसी बैच के मयंक चतुर्वेदी को दंतेवाड़ा का कलेक्टर बनाया गया है। कुणाल दुदावत कोंडागांव, चंद्रकांत वर्मा खैरागढ़ छुई खदान का कलेक्टर बनाया है। 2018 बैच के देवेश कुमार ध्रुव भिलाई नगर निगम के आयुक्त बनाए गए हैं, 2018 बैच के अविनाश मिश्रा रायपुर नगर निगम के आयुक्त बनाए गए हैं। 2019 बैच के विश्वदीप जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाए गए हैं।
आईपीएस को जनसंपर्क विभाग
पिछली सरकार की तरह इस सरकार ने भी जनसंपर्क विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी एक आईपीएस अधिकारी को दी है। मयंक श्रीवास्तव छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क विभाग के आयुक्त सह संचालक बनाए गए हैं। पिछली सरकार में आईपीएस दीपांशु काबरा भी जनसंपर्क विभाग में अधिकारी रहे हैं।
इन अफसरों को कोई जिम्मा नहीं
2009 बैच के आईएएस अधिकारी डोमन सिंह राजनांदगांव जिले के कलेक्टर थे। उन्हें मंत्रालय में विशेष सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है । फिलहाल उनके पास कोई विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी नहीं है। इसी तरह दंतेवाड़ा के कलेक्टर रहे विनीत नंदनवार को मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर पदस्थ कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़
धमतरी : सपनों को उड़ान देने जरूरत होती है साहस और संकल्प की
“स्कूटी दीदी” एनु की उड़ान
धमतरी । सपनों को उड़ान देने के लिए पंख नहीं, साहस और संकल्प की जरूरत होती है। इसी बात को सत्य साबित किया है छत्तीगसढ के धमतरी की एक साधारण लेकिन जुझारू युवती एनु ने, जो आज “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और सीमित अवसरों के बावजूद एनु ने न केवल आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को भी सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई।
एनु का जन्म एक सामान्य ग्रामीण परिवार में हुआ, जहाँ आर्थिक स्थिति सशक्त नहीं थी। परिवार में आय के सीमित स्रोत थे, और लड़कियों की शिक्षा को लेकर अब भी संकोच और संकीर्ण सोच (prevalent ) थी। परन्तु एनु की सोच इससे बिल्कुल अलग थी। वे हमेशा कुछ नया करने और अपने पैरों पर खड़े होने की इच्छा रखती थीं। कठिनाइयों और प्रतिकूलताओं के बीच भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में परास्नातक(Post Graduation inEconomics) की उपाधि हासिल की। यह उपलब्धि ही अपने आप में उनके संघर्ष और लगन का प्रतीक थी।

एनु का लक्ष्य केवल डिग्री लेनी ही मंज़िल नहीं थी। एनु जानती थीं कि केवल शिक्षा से रोजगार नहीं मिलेगा, जब तक उनके पास कोई कौशल न हो। इसी सोच के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया। इस प्रशिक्षण ने उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में पहला मजबूत कदम उठाने का अवसर दिया। लेकिन उनका सपना सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं था।
एनु का अगला कदम था -मोबिलिटी यानी गतिशीलता की। वे चाहती थीं कि खुद स्कूटी चला सकें, ताकि गांव-गांव जाकर महिलाओं से मिलें, प्रशिक्षण दें और उनके जीवन को बदलने में योगदान दे सकें, लेकिन एक ग्रामीण युवती के लिए दोपहिया वाहन चलाना समाज के लिए असामान्य बात थी। इसके लिए उन्हें न केवल आत्मसंदेह से लड़ना पड़ा, बल्कि समाज की रूढ़िवादी सोच से भी लडना पडा। यही पर ‘प्रथम संस्था’ (PRATHAM Foundation) ने उन्हें स्कूटी चलाने का प्रशिक्षण दिया। पहले-पहले जब उन्होंने स्कूटी की चाबी हाथ में ली, तो लोगों ने ताने दिए – “लड़की होकर गाड़ी चलाएगी?”, “क्या ज़रूरत है इधर-उधर घूमने की?”, लेकिन एनु अडिग रहीं। उन्होंने अपने आत्मविश्वास के साथ इन बातों को अनसुना कर, प्रैक्टिस जारी रखी और जल्द ही स्कूटी चलाने में दक्ष हो गईं।
धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास और कौशल दोनों बढ़ने लगे। अब वे गांवों में स्वतंत्र रूप से घूमने लगीं, महिलाओं से जुड़ीं, उन्हें मोटिवेट करने लगीं और अपनी यात्रा की कहानी सुनाकर उनमें भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देने लगीं। यही वह मोड़ था जब उन्होंने तय किया कि अब वह खुद एक ड्राइविंग स्कूल शुरू करेंगी, ताकि अन्य महिलाओं को भी गाड़ी चलाना सिखा सकें। यह पहल ग्रामीण परिवेश में महिलाओं की स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम था।
सन 2023 में एनु अपने सीमित संसाधनों के साथ “महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र” की शुरुआत की। शुरू में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन जल्द ही यह संख्या बढ़ती चली गई। आज उनकी पहचान पूरे ब्लॉक और जिले में “स्कूटी दीदी” के रूप में हो गई है। उन्होंने अब तक 30 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को दोपहिया वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया है, जिनमें से कई महिलाएं अब स्वयं स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र या बैंक जैसी जगहों पर काम करने के लिए आत्मनिर्भर रूप से आने-जाने लगी हैं।
एनु की यह पहल न केवल महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और स्वतंत्रता लाई है, बल्कि सामाजिक सोच को भी बदला है। अब गांवों में लोग अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास भेजते हैं, यह सीखने कि कैसे वे भी “अपने सपनों की सवारी” कर सकती हैं। उनकी इस उपलब्धि के लिए विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों ने उन्हें सम्मानित भी किया है। हाल ही में उन्हें जिला प्रशासन द्वारा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया। एनु का सपना है कि वे आने वाले वर्षों में 1000 महिलाओं को ड्राइविंग सिखाएं और इसके लिए वे जल्द ही चारपहिया ड्राइविंग स्कूल भी शुरू करने की योजना बना रही हैं।
एनु का जीवन इस बात का प्रमाण है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उनकी कहानी हर उस महिला के लिए प्रेरणा है, जो समाज की जंजीरों को तोड़कर आगे बढ़ना चाहती है। स्कूटी दीदी एनु ने दिखा दिया कि सच्ची ताकत बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि भीतर के आत्मबल और दृढ़ निश्चय में होती है।

कोरबा
19 अप्रैल को नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा का स्थापना दिवस, प्रख्यात अभिनेत्री मंदाकिनी आएंगी
कोरबा। 10 वर्ष पूर्व कोरबा शिक्षा जगत के लिए एक एतिहासिक दिन था, जब जिले के वनांचल क्षेत्र कोरबा-चाम्पा मार्ग खरहरकुड़ा (मड़वारानी) में एक ऐसे विद्यालय का अभ्युदय हुआ, जो ग्रामीण एवं गरीब बच्चों का भविष्य सुधारने का बीड़ा उठाया और सर्वोत्कृष्ट अंग्रेजी सीबीएसई माध्यम से शिक्षा देने लगा। आज यह विद्यालय कोरबा जिले का ही नहीं बल्कि प्रदेश का सर्वोत्कृष्ट विद्यालयों में शुमार है और वटवृक्ष की तरह अपनी छाया में हजारों ग्रामीण एवं निर्धन बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बना रहा है। नितेश कुमार मेमोरियल लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा को कोरबा के जानेमाने समाजसेवी एवं उद्योगपति पीएमजेएफ लायन राजकुमार अग्रवाल एवं उनकी टीम ने इस विद्यालय को सींचा और क्षेत्र की शैक्षणिक उन्नति का अद्भूत मिशाल पेश किया। सर्वशिक्षा विशेषज्ञ अध्यापकों द्वारा यहां हजारों बच्चों का भविष्य गढ़ा जा रहा है। शिक्षा के साथ-साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों ने इस विद्यालय की पहचान को पुख्ता किया, जिसके कारण इस विद्यालय को 07 स्टार रैटिंग अवार्ड से सम्मानित किया गया।
19 अप्रैल 2026 को यह विद्यालय अपना 10वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है, जिसमें बालीवुड की प्रख्यात अभिनेत्री एवं राम तेरी गंगा मैली… फेम मंदाकिनी आएंगी और बच्चों के साथ 10वां स्थापना दिवस को सेलिब्रेट करेंगी। अतिथि के रूप में कोरबा के कई जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

विद्यालय के चेयरमेन पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि विद्यालय के 10वां स्थापना दिवस को 19 अप्रैल 2026 रविवार को भव्यता से मनाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें बालीवुड की प्रख्यात अभिनेत्री मंदाकिनी को आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशिल्या देवी साय को भी आमंत्रित किया जा रहा है और संभवत: उनका भी सानिध्य हमारे विद्यालय को प्राप्त होगा। स्थापना दिवस को भव्यता से मनाया जाएगा, जिसमें बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति के अलावा कई मनमोहक कार्यक्रम भी कराए जाएंगे और कोरबावासी अभिनेत्री मंंदाकिनी से रूबरू होंगे।
कौशिल्या देवी साय होंगी मुख्य अतिथि!

विद्यालय के चेयरमेन पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशिल्या देवी साय को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित करने हेतु प्रयास किया जा रहा है और संभवत: हमारे विद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में वे अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी।

छत्तीसगढ़
बलौदाबाजार : समृद्ध और सुलभ ग्रामीण भारत के लिए मज़बूत आधारभूत संरचना है पुल -मंत्री टंक राम वर्मा
राजस्व मंत्री वर्मा ने 7.82 करोड़ की लागत से बनने वाले नवापारा-सकरी-सतभांवा मार्ग का किया भूमिपूजन

बलौदाबाजार। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि समृद्ध और सुलभ ग्रामीण भारत के लिए मज़बूत आधारभूत संरचना आवश्यक है। पुल केवल दो छोरों को नहीं जोड़ते, बल्कि जीवन, अवसर और विकास की संभावनाओं को जोड़ते हैं। गाँवों को बाज़ार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोज़गार से जोड़ने के लिए यह संरचनाएं रीढ़ की हड्डी जैसी होती हैं। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के विकासखंड सिमगा के ग्राम सकरी में नवापारा-सकरी-सतभांवा मार्ग निर्माण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। पुल-पुलियों सहित इस मार्ग का निर्माण 7 करोड़ 82 लाख 58 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है और इस बार जिले में कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। प्रदेश में बेहतर सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे गांवों का शहरों से संपर्क और मजबूत होगा।
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि किसानों के हित में सरकार लगातार कार्य कर रही है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद कृषक उन्नति योजना के तहत शेष राशि का एकमुश्त भुगतान भी होली से पहले किसानों को कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटी पूरी हो चुकी हैं। विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष डॉ. दौलतराम पाल, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मोहन वर्मा, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।


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