छत्तीसगढ़
वेदांता ब्लास्ट हादसा…1 घंटे में दोगुना किया प्रोडक्शन:लॉगबुक में खराबी का जिक्र, चेतावनी के बावजूद नहीं रोका काम, इसलिए फटा बॉयलर, अब तक 20 मौतें
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार (14 अप्रैल) दोपहर हुए बॉयलर ब्लास्ट की शुरुआती जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही सामने आई है। इस हादसे में 20 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 16 लोग घायल हैं। जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
शुरुआती जांच के अनुसार, यह केवल एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम था। रिपोर्ट में कहा गया है कि महज एक घंटे के भीतर उत्पादन क्षमता को करीब दोगुना करने की कोशिश की गई। लॉगबुक में खराबी का जिक्र था। चेतावनी के बावजूद काम नहीं रोका गया, इसलिए बॉयलर फट गया।
औद्योगिक सुरक्षा विभाग के बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता और उनकी टीम ने बुधवार को लगभग 6 घंटे तक घटना स्थल की जांच की। शाम 8 बजे रिपोर्ट एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी गई। इस रिपोर्ट के आधार पर अब एफआईआर दर्ज की जाएगी। कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने भी मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।


अब जानिए जांच रिपोर्ट में क्या कुछ पता चला ?
जांच रिपोर्ट के अनुसार, हादसा 14 अप्रैल को दोपहर 2:33 बजे हुआ। उस समय 2028 टीपीएच क्षमता वाले विशाल वाटर ट्यूब बॉयलर में फर्नेस प्रेशर (भट्ठी का दबाव) तेजी से बढ़ा। यह दबाव वृद्धि महज 1 से 2 सेकंड के भीतर हुई, जिससे सिस्टम को बंद करना या किसी तकनीकी खराबी को रोकना संभव नहीं था।
दबाव इतना अधिक था कि अंदरूनी विस्फोट हुआ और इसकी चपेट में बाहरी पाइपलाइन भी आ गई। जांच में सामने आया है कि, हादसे से पहले प्लांट में उत्पादन बढ़ाने के लिए बॉयलर का लोड तेजी से बढ़ाया गया। लोड 350 मेगावाट से बढ़ाकर लगभग 590 मेगावाट किया गया। यह वृद्धि बेहद कम समय (करीब एक घंटे) में की गई।
इतनी तेजी से लोड बढ़ाने के लिए ईंधन और हवा का अधिक सटीक संतुलन आवश्यक था, जिसका ध्यान नहीं रखा गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि उत्पादन बढ़ाने की इस जल्दबाजी ने पूरे सिस्टम को अस्थिर कर दिया।

पीए फैन में बार-बार खराबी, बिगड़ा हवा-ईंधन संतुलन
रिपोर्ट में तकनीकी खामियों का भी खुलासा हुआ है। पीए (प्राइमरी एयर) फैन में 3-4 घंटे के भीतर तीन बार खराबी आई। सुबह करीब 10:30 बजे ही लॉगबुक में खराबी की चेतावनी दर्ज की गई थी। इसके बावजूद ऑपरेशन जारी रखा गया।
पीए फैन की खराबी के कारण फर्नेस में हवा और ईंधन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे अधजला ईंधन (अनबर्न फ्यूल) जमा होने लगा। यही आगे चलकर विस्फोट का मुख्य कारण बना।

अनबर्न फ्यूल से बना प्रेशर, फटे पाइप
विशेषज्ञों के अनुसार, फर्नेस में जमा अनबर्न फ्यूल ने अचानक दहन के दौरान अधिक दबाव पैदा किया। इस दबाव से बॉटम रिंग हेडर के कनेक्टिंग पाइप फट गए। पाइप फटना मुख्य कारण नहीं, बल्कि द्वितीयक परिणाम था। असली वजह असंतुलित दहन और अचानक दबाव वृद्धि रही।
संभावित सिस्टम फेल्योर ने बढ़ाई तबाही
जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि अधिक दबाव के कारण पाइपिंग सिस्टम या अन्य तकनीकी हिस्सों में फेल्योर हुआ। सेफ्टी मैकेनिज्म समय पर काम नहीं कर पाया। बैकअप सिस्टम भी प्रभावी नहीं रहा।

बड़े सवाल: जिनका जवाब अभी बाकी
- जब सुबह ही सिस्टम में खराबी के संकेत मिल गए थे, तो ऑपरेशन रोका क्यों नहीं गया?
- क्या अधिक उत्पादन और मुनाफे के दबाव में सुरक्षा से समझौता किया गया?
- पीए फैन की खराबी के बावजूद बैकअप सिस्टम क्यों फेल रहा?
- क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन जानबूझकर नजरअंदाज किया गया?
मुआवजे की घोषणा
हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन और सरकार ने सहायता की घोषणा की है। कंपनी पाबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपए और एक सदस्य को नौकरी, घायलों को 15 लाख रुपए देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री राहत से मृतकों को 5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है। वही प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है।
कांग्रेस ने बनाई 10 सदस्यीय जांच समिति
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस घटना की जांच के लिए 10 सदस्यीय टीम गठित की है। इसका नेतृत्व पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल करेंगे। इस टीम मे पूर्व मंत्री नोबेल कुमार वर्मा, खरसिया विधायक उमेश पटेल, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, अकलतरा विधायक राघवेंद्र सिंह, जांजगीर चांपा विधायक व्यास कश्यप, पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश, सक्ती जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रश्मि गबेल, जांजगीर चांपा जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजेश अग्रवाल सदस्य है। यह समिति घटनास्थल का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देगी।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी का नतीजा
शुरुआती जांच से साफ है कि, यह हादसा अचानक नहीं हुआ, बल्कि लगातार मिल रहे चेतावनी संकेतों की अनदेखी और उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी का नतीजा था। तकनीकी गड़बड़ियों, खराब निगरानी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने मिलकर एक ऐसी स्थिति पैदा की, जिसने कुछ ही सेकंड में पूरे सिस्टम को तबाह कर दिया।

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ महिला-बाल विकास विभाग में तबादला:11 परियोजना अधिकारी और 30 पर्यवेक्षक बदले गए, देखिए किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी
रायपुर, एजेंसी। महिला एवं बाल विकास विभाग में राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर तबादला किया है। बड़ी संख्या में 11 परियोजना अधिकारियों और 30 पर्यवेक्षकों के प्रभार में बदलाव करते हुए नई पदस्थापना सूची जारी की है।

इसमें सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर, रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, कांकेर, कोण्डागांव, बीजापुर, बेमेतरा, बालोद, जशपुर समेत कई जिलों में परियोजना अधिकारियों के प्रभार बदले गए हैं।
देखिए सूची



कोरबा
भू-विस्थापितों ने कटघोरा एसडीएम कार्यालय का घेराव किया:16 से अधिक गांव प्रभावित, भूमिहीनों को आवास न मिलने पर भड़के ग्रामीण, भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
कोरबा। कोरबा में एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के भूविस्थापित ग्रामीणों ने बुधवार को कटघोरा एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। 16 से अधिक गांवों के प्रभावित ग्रामीण भ्रष्टाचार और लंबित कार्यों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील कार्यालयों में रोजगार, मुआवजा, पुनर्वास, वंश वृक्ष, फौती, ऑनलाइन रिकॉर्ड सुधार और राजस्व त्रुटि सुधार जैसे काम महीनों से अटके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दीपका, दर्री, कटघोरा तहसील और जिला पुनर्वास शाखा में काम कराने के लिए रिश्वत मांगी जाती है। रिश्वत नहीं देने पर उनके मामलों को लंबे समय तक लटका दिया जाता है।

एसईसीएल ने जटराज, पड़निया, सोनपुरी, पाली, रिसदी, खोडरी, चुरैल, आमगांव, खैरभावना, गेवरा, जरहाजेल, बरपाली, दुरपा, भैसमाखार, मनगांव, बरमपुर, दुल्लापुर, बरकुटा सहित 16 से अधिक गांवों की भूमि अधिग्रहित की है।

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्हें मजबूरी में घेराव करना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि एसईसीएल अधिग्रहित गांवों में सरकारी या निजी जमीन पर घर बनाकर रहने वाले भूमिहीन परिवारों को बसाहट का अधिकार नहीं दे रहा है।
उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य भूमिहीन लोगों को घर देना है, लेकिन एसईसीएल की इस नीति के कारण कई परिवार बेघर होने की स्थिति में आ रहे हैं।

16 गांवों के भूविस्थापितों का प्रदर्शन
एसईसीएल द्वारा खोडरी, रिसदी और पड़निया में लगाए गए राजस्व शिविरों में सिर्फ आवेदन लिए गए और आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें तहसील दीपका भेज दिया गया। ग्रामीण चाहते हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान वहीं मौके पर ही किया जाए, ताकि भ्रष्टाचार से बचा जा सके।
इसके अलावा, ग्रामीणों ने एसईसीएल के ड्रोन सर्वे पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बिना उनकी सहमति के संपत्ति का मूल्यांकन किया जा रहा है और इससे मुआवजे की राशि कम कर दी जा रही है।

जटराज गांव में 2010 के अधिग्रहण पर विवाद
जटराज गांव में 2010 में भूमि अधिग्रहण के बाद ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों को ‘मसाहती’ मान लिया गया है, जबकि बाकी लोगों को नहीं माना जा रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण हाथों में तख्तियां लेकर धरने पर बैठ गए और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की।
कोरबा
दीपका में भाजपा का दमदार शक्ति प्रदर्शन, ऋषिकांत सिदार के नामांकन में उमड़ी भीड़
कोरबा/दीपका। कटघोरा विधानसभा अंतर्गत दीपका नगर पालिका वार्ड क्रमांक 15 के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ऋषिकांत सिदार के नामांकन रैली में भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। नामांकन रैली में कार्यकर्ताओं, समर्थकों एवं स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरे दीपका क्षेत्र में भाजपा का उत्साह और जनसमर्थन साफ दिखाई दिया। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति ने चुनावी माहौल को और भी ऊर्जावान बना दिया। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता ज्योतिनंद दुबे, नगर पालिका दीपका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा एवं मंडल अध्यक्ष राजू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नामांकन कार्यक्रम के दौरान भाजपाइयों ने कहा कि दीपका क्षेत्र में जनता का भाजपा के प्रति अटूट विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। कार्यकर्ताओं का समर्पण, संगठन की मजबूती एवं विकास के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने विश्वास जताया कि जनता विकास, सुशासन और राष्ट्रहित की राजनीति को समर्थन देते हुए भाजपा प्रत्याशी ऋषिकांत सिदार को ऐतिहासिक विजय दिलाएगी। पूरे कार्यक्रम के दौरान भाजपा समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला तथा “भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद” के नारों से माहौल गूंज उठा।

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