कोरबा
पक्का मकान बन गई जिंदगी भर की पहचान, आने वाली पीढ़ी के लिए स्थायी संपत्ति के रूप में आएगी काम
पीएम शहरी आवास का लाभ लेकर तालम दास ने बनाया खूबसूरत मकान
पक्के आवास से सामाजिक प्रतिष्ठा में हुई वृद्धि
कोरबा। पक्के आवास होने से व्यक्ति के ना केवल सामाजिक प्रतिष्ठा, मान-सम्मान में वृद्धि होती है, बल्कि आंधी, बारिश, सर्दी सभी मौसमों में होने वाली समस्याओं से भी निजात मिलती है। कोरबा नगरीय क्षेत्र के मुड़ापार निवासी तालम दास महंत के बरसों का सपना प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के सफल क्रियान्वयन से हकीकत बन गया है। तालम दास ने पीएम आवास योजना एवं अपनी सालों की बचत की हुई जमापूंजी से खूबसूरत आवास का निर्माण कराया है। हितग्राही तालम दास अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जीविकोपार्जन के प्रबंध के बाद अपने परिवार वालों को सुकून व सुरक्षा की छत दिलाना किसी भी व्यक्ति की पहली प्राथमिकता होती है। उनके परिजन एक सुरक्षित मकान के अंदर चैन से अपना जीवन बिताए, इससे बड़ी खुशी और क्या होगी। लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण पक्का मकान का निर्माण कर पाना बहुत मुश्किल होता है। आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे परिवारों के आवास निर्माण की चाहत को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना पूरा कर रही है।
हितग्राही ने बताया कि उसके परिवार में उनकी धर्मपत्नी, 4 बेटे, बहू, नाती पोते सहित कुल 16 सदस्य रहते है। मिट्टी की कच्ची दीवार और शीट वाली छत से बने पुराने घर में उनका परिवार एक साथ रहता था। बड़ा परिवार होने के कारण कच्चे और छोटे मकान में पूरे परिवार को गुजारा करने में परेशानी होती थी, विशेषकर चारों बेटों की शादी के बाद उन्हें नए आवास निर्माण की नितांत आवश्यकता पड़ने लगी।
कई बार बारिश के दिनों में मजदूरी का काम छोड़कर बार-बार मकान की मरम्मत भी करानी पड़ती थी जिससे परिवार के समक्ष आर्थिक समस्या भी उत्पन्न होती थी। साथ ही बरसात के समय में किसी मेहमान के अचानक आ जाने से उन्हें बहुत शर्मिंदगी महसूस होती थी। तालम दास ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से नया मकान बनाने की सोच रहे थे, परंतु निर्माण कार्य प्रारम्भ करने के लिए लगने वाली बड़ी राशि की व्यवस्था एकमुश्त नहीं जुटा पाने से आवास निर्माण में विलंब होता गया। इस दौरान उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत स्वीकृत हुआ एवं आवश्यक दस्तावेजो की पूर्ति करने के बाद उनके मकान निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गया। नींव डालने के बाद प्रथम किश्त की राशि उनके बैंक खाते में आ गई एवं मकान निर्माण प्रगति के साथ बकाया राशि किश्तों में समय-समय पर खाते में आती गई। कुछ ही समय मे उनका आवास निर्माण पूर्ण हो गया। हितग्राही द्वारा अपनी जीवन भर की बचत, बैंक ऋण व रिश्तेदारों से वित्तीय सहायता लेकर खूबसूरत मकान का निर्माण कराया गया है। जहां अब वे अपने खुशहाल परिवार के साथ नए मकान में सुरक्षित व आरामदेय जीवन बिता रहे हैं। हितग्राही तालम दास ने कहा कि यह पक्का मकान उनकी जिंदगी भर की कमाई व पहचान बन गई है। साथ ही उनकी आने वाली पीढ़ी के लिए यह स्थायी संपत्ति के रूप में भी काम आएगी। तलाम दास ने मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले परिवारों के पक्के आवास के सपने को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं छत्तीसगढ़ शासन के मुखिया विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
कोरबा
महापौर संजू देवी के नेतृत्व में बदल रहा कोरबा:पीएम आवास और बिजली के कामों के साथ बुनियादी सुविधाओं पर फोकस तेज
कोरबा। किसी भी शहर की पहचान केवल उसके ढांचों से नहीं, बल्कि वहां की स्वच्छता, सुविधाओं और सुव्यवस्थित जीवनशैली से बनती है। कोरबा की महापौर संजू देवी सिंह राजपूत ने इसी सोच को आधार बनाकर शहर को नई दिशा देने का काम किया है।
उन्होंने यह साबित किया है कि स्वच्छता सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि सतत विकास की मजबूत नींव है। प्रशासनिक दृढ़ता, जनसहभागिता और निरंतर प्रयासों के जरिए कोरबा को बदलाव की राह पर आगे बढ़ाया।

उनके नेतृत्व में शहर में न केवल स्वच्छता को प्राथमिकता मिली, बल्कि सड़क, पानी, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी व्यवस्थित रूप से मजबूत किया गया। अब पीएम आवास और बिजली से जुड़े कार्यों की शुरुआत के साथ शहर के विकास को और गति मिलने जा रही है। उनका दृष्टिकोण स्पष्ट है—विकास तभी सार्थक है जब वह आम नागरिक के जीवन में सीधे सुधार लाए।
संजू देवी सिंह राजपूत का यह प्रयास दर्शाता है कि मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट विज़न के साथ कोई भी शहर नई ऊंचाइयों को छू सकता है, और कोरबा इसी बदलाव की मिसाल बनता जा रहा है।
कोरबा
ढपढप पहुंचे एसपी, ‘हनुमंत कथा’ से पहले सुरक्षा तैयारियों का लिया जायजा — लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्था पर विशेष फोकस
कोरबा। जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढपढप में आयोजित होने वाली भव्य दिव्य श्री हनुमंत कथा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में कोरबा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी स्वयं कथा स्थल पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान एसपी ने कथा स्थल पर बन रहे विशाल पंडाल, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, आने-जाने के मार्ग, पार्किंग स्थल, अस्थायी दुकानों एवं मेला क्षेत्र के लिए चयनित स्थानों का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयोजन में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना
आपको बता दें कि 28 मार्च से प्रारंभ होने वाली इस पांच दिवसीय ‘हनुमंत कथा’ में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा कथा वाचन किया जाएगा। इस भव्य आयोजन में कोरबा ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

21 हजार महिलाओं की निकलेगी भव्य कलश यात्रा
कथा के एक दिन पूर्व ग्राम ढेलवाडीह से कथा स्थल तक लगभग 21 हजार माता-बहनों द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो इस आयोजन को और भी ऐतिहासिक और भव्य बनाएगी। इसे लेकर प्रशासन और आयोजन समिति विशेष तैयारियों में जुटी हुई है।

सुरक्षा व्यवस्था होगी चाक-चौबंद
एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ और सतर्क रखी जाए। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, निगरानी व्यवस्था और ट्रैफिक कंट्रोल की विशेष योजना बनाई जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कटघोरा एसडीओपी, दर्री सीएसपी सहित कटघोरा और बांकी थाना प्रभारी भी उपस्थित रहे और व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त किए।
ढपढप में होने वाली ‘दिव्य श्री हनुमंत कथा’ को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति दोनों पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। सुरक्षा, व्यवस्था और भव्यता — तीनों स्तर पर यह आयोजन जिले के लिए एक ऐतिहासिक मिसाल बनने की ओर अग्रसर है।
“जय श्री राम – जय हनुमान” 🌺
कोरबा
हरदी बाजार ग्रामीण DRRC बैठक का विरोध करेंगे:बोले- सर्वे और नापी का काम पूरा, लेकिन मुआवजा और नौकरी नहीं दी गई
कोरबा। कोरबा के हरदी बाजार ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने 27 मार्च को होने वाली डीआरआरसी (DRRC) बैठक का विरोध करने का निर्णय लिया है। यह बैठक रविवार शाम 4 बजे ग्राम पंचायत भवन में सरपंच लोकेश्वर कंवर की अगुवाई में हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक 2004 और 2010 के अधिग्रहण से संबंधित उनकी पुरानी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे 2025 के डीआरआरसी सर्वे में शामिल नहीं होंगे। ग्रामीणों के मुताबिक, 2004 और 2010 में हुए अधिग्रहण के सर्वे और नापी का काम लगभग पूरा हो चुका है।

हालांकि, मकान मालिकों को अभी तक मुआवजा राशि, नौकरी, बसाहट और परिसंपत्तियों की सूची नहीं दी गई है। इस मुद्दे पर सरपंच लोकेश्वर कंवर, पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, नरेश टंडन और रमेश अहीर सहित कई लोगों ने अपनी बात रखी।

सरपंच बोले- पुरानी मांगें पूरी करें
हरदी बाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने बताया कि डीआरआरसी की बैठक 27 मार्च को कलेक्ट्रेट में होने की खबरें सोशल मीडिया पर चल रही हैं, हालांकि लिखित आदेश अभी नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि जब तक उनकी पुरानी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक कोई भी ग्रामीण इस बैठक में शामिल नहीं होगा और इसका बहिष्कार किया जाएगा।

बसाहट और नौकरी की मांग
पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने भी इस बात पर जोर दिया कि 2004 और 2010 में रखी गई सर्वे, नापी और मुआवजे सहित अन्य मांगें अब तक अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि पहले पुरानी नापी का मुआवजा, बसाहट और नौकरी दी जाए, उसके बाद ही 2025 के अधिग्रहण का सर्वे किया जाए।

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