Connect with us

देश

डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति -Gold Price में ऐतिहासिक छलांग, क्या ₹55,000 तक आएगी कीमत? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

Published

on

मुंबई,एजेंसी। डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति के बाद निवेशकों का रुख गोल्ड की ओर बढ़ गया है। चीन पर 125% टैरिफ बढ़ाए जाने की घोषणा के बाद वैश्विक स्तर पर ट्रेड वॉर की आशंका गहरा गई है। ऐसे में निवेशकों ने सुरक्षित विकल्प की तलाश में सोने की खरीदारी तेज कर दी है, जिसके चलते 9 अप्रैल को इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड की कीमतों में रिकॉर्डतोड़ उछाल दर्ज किया गया। केवल एक दिन में सोने की कीमतों में $100 से अधिक की छलांग देखी गई, जो अब तक की सबसे बड़ी तेजी मानी जा रही है।

बुधवार रात गोल्ड यूएसडी 3 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था और अब सवा प्रतिशत की तेजी के साथ 3124 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।

क्या है तेजी के पीछे की वजह?

अमेरिका द्वारा चीन पर कड़ा टैरिफ लगाने और अन्य देशों को अस्थायी राहत देने से बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से हटकर गोल्ड जैसे सेफ हेवन में निवेश बढ़ा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 0.2% बढ़कर $3,089.17 प्रति औंस पर पहुंच गया है।

घरेलू बाजार में भी गोल्ड का दम

भारत के कई शहरों में सोने की कीमत 90,400 रुपए प्रति 10 ग्राम से ऊपर पहुंच चुकी है। ये तेजी ऐसे समय में आई है जब बीते पांच दिनों से गोल्ड में गिरावट का दौर था।

क्या सच में गिरकर ₹55,000 पर आएगा गोल्ड?

हालांकि मौजूदा तेजी के बीच कुछ विश्लेषक आने वाले वर्षों में गोल्ड में बड़ी गिरावट की संभावना जता रहे हैं। अमेरिका स्थित मॉर्निंगस्टार के एनालिस्ट जॉन मिल्स के मुताबिक, सप्लाई बढ़ने, डिमांड घटने और ऊंची कीमतों की वजह से गोल्ड में 38% तक गिरावट आ सकती है। ऐसे में भारत में सोने का रेट ₹55,000 प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क सकता है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

RBI के 12 अरब डॉलर का सोना बेचने की खबर का सच आया सामने, ब्लूमबर्ग ने सुधारी रिपोर्ट

Published

on

मुंबई, एजेंसी। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 12 अरब डॉलर (करीब 1.14 लाख करोड़ रुपए) मूल्य का सोना बेचने संबंधी अपनी रिपोर्ट वापस ले ली है। एजेंसी ने स्वीकार किया कि यह रिपोर्ट गलत विश्लेषण पर आधारित थी।

ब्लूमबर्ग ने बताया कि 2 जून को प्रकाशित रिपोर्ट में आरबीआई के गोल्ड रिजर्व का आकलन करते समय तकनीकी गलती हुई थी। सोने के भंडार का मूल्यांकन करने के लिए गलती से उसी दिन की घरेलू सोने की कीमतों का इस्तेमाल किया गया था। बाद में सही मानकों के अनुसार गणना करने पर पता चला कि मई 2026 के दौरान आरबीआई की सोने की होल्डिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

केंद्र सरकार को देनी पड़ी थी सफाई 

इससे पहले रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आरबीआई ने 22 मई को समाप्त हुए दो सप्ताह के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर का सोना बेचा है। खबर सामने आने के बाद इस पर विवाद खड़ा हो गया था और केंद्र सरकार को सफाई देनी पड़ी थी।

सरकार ने स्पष्ट किया था कि आरबीआई द्वारा सोना बेचने की खबर पूरी तरह गलत और भ्रामक है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, देश के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी सितंबर 2025 के अंत में 13.92 प्रतिशत थी, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत और 22 मई 2026 तक 16.85 प्रतिशत हो गई।

RBI ने बताया कितना है सोने का भंडार

आरबीआई ने अपने मासिक बुलेटिन में भी बताया है कि उसके पास कुल 880.52 टन सोने का भंडार मौजूद है और इसमें कोई कमी नहीं आई है।

ब्लूमबर्ग की शुरुआती रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए आरबीआई ने अपने सोने के भंडार का कुछ हिस्सा बेचा है। हालांकि, बाद में एजेंसी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए रिपोर्ट वापस ले ली।

Continue Reading

देश

Repo Rate: पहली बार घर खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, RBI के इस फैसले से रियल एस्टेट इंडस्ट्री हुई खुश

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी।  भारतीय रिजर्व बैंक के नीतिगत दर रेपो को बरकरार रखने से रियल एस्टेट क्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी, उपभोक्ता विश्वास मजबूत होगा और आवासीय मांग को समर्थन मिलेगा। रियल एस्टेट उद्योग और विशेषज्ञों ने शुक्रवार को यह कहा। हालांकि उनका यह भी कहना है कि किफायती आवास क्षेत्र में मांग और आपूर्ति के बीच अंतर को कम करने के लिए आगे भी सरकार और नीतिगत स्तर पर सहयोग की जरूरत होगी। 

रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अच्छा संकेत
आरबीआई ने वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता के बीच महंगाई बढ़ने के जोखिम को देखते हुए शुक्रवार को नीतिगत दर रेपो को उम्मीद के मुताबिक 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा। रियल एस्टेट कंपनियों का निकाय क्रेडाई (कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के अध्यक्ष शेखर जी पटेल ने कहा, ”RBI ने repo rate को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखने का फैसला सोच-समझकर लिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब दुनिया भर में आर्थिक चुनौतियां बनी हुई हैं…। ऐसे माहौल में आरबीआई का यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अच्छा संकेत है और इससे बाजार में स्थिरता बनी रहने में मदद मिलेगी।” उन्होंने कहा, ”ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होने से आवास ऋण लेने वालों को राहत मिलेगी और उनकी EMI पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा…। साथ ही आरबीआई का यह फैसला विकास को गति देने और महंगाई को नियंत्रण में रखने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश को भी दर्शाता है।”

पटेल ने कहा, ”हालांकि किफायती आवास क्षेत्र में मांग और आपूर्ति के बीच जो अंतर है, उसे कम करने के लिए आगे भी सरकार और नीतिगत स्तर पर सहयोग की जरूरत होगी।” नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने कहा कि RBI का Repo Rate को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह कदम बाजार में स्थिरता बनाए रखने और उपभोक्ता विश्वास को मजबूत करने में सहायक होगा। 

उन्होंने कहा, ” ब्याज दरों में कोई बदलाव न होने से मकान खरीदारों पर Home loan की लागत का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, जिससे आवासीय मांग को समर्थन मिलेगा। यह निर्णय डेवलपर को भी बेहतर वित्तीय योजना और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में मदद करेगा।” कोलियर्स इंडिया में राष्ट्रीय निदेशक एवं अनुसंधान प्रमुख विमल नादर ने कहा, ”RBI ने फैसला लेते समय पश्चिम एशिया संकट के लंबे खिंचने से उत्पन्न संभावित महंगाई दबाव और supply chain पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखा है। 

कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और कमजोर होता रुपया रियल एस्टेट सहित विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों के लिए जोखिम बढ़ा रहे हैं। हालांकि वृद्धि मजबूत बनी हुई है, लेकिन लागत के दबाव का असर अब दिखाई देने लगा है और आगे इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है।” नादर ने कहा, ” आने वाली कुछ तिमाहियों में रेपो दर और इसके साथ ही Home loan की ब्याज दरों में संभावित वृद्धि की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। जहां घर खरीदार कोई भी फैसला लेने से पहले अपनी आय की स्थिरता का अधिक सख्ती से आकलन कर सकते हैं। वहीं डेवलपर निकट एवं मध्यम अवधि में निर्माण सामग्री की उपलब्धता, नकदी प्रवाह प्रबंधन और परियोजना क्रियान्वयन को प्राथमिकता दे सकते हैं।” 

सिग्नेचर ग्लोबल (INDIA) लि. के संस्थापक एवं चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा, ” वैश्विक अनिश्चितताओं और असंतुलित वैश्विक वृद्धि के माहौल में नीतिगत निरंतरता से व्यापार एवं उपभोक्ता दोनों को आवश्यक स्थिरता मिलती है। रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए ब्याज दरों में स्थिरता मांग बढ़ाने वाला एक अहम कदम है, क्योंकि यह सीधे तौर पर घर खरीदने वालों की सोच, खरीदने की क्षमता और लंबे समय के निवेश की योजना पर असर डालती है। ” एसकेए ग्रुप के निदेशक संजय शर्मा ने कहा, ”यह वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए एक संतुलित और सोच-समझकर लिया गया फैसला है। 

पहली बार घर खरीदने वालों के लिए आरबीआई का तोहफा
रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए यह निर्णय डेवलपर और घर खरीदने वालों दोनों को वित्तीय स्थिरता एवं भरोसा देता है…। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में संतुलित नीतिगत रुख अपनाना सही कदम है। ” MRG Group के प्रबंध निदेशक रजत गोयल ने कहा, ”पहली बार घर खरीदने वालों के लिए आरबीआई का रेपो दर में कोई बदलाव न करना स्थिरता और वित्तीय स्पष्टता लेकर आया है। ब्याज दरों के फिलहाल स्थिर रहने की उम्मीद है, जिससे खरीदार लंबे समय के लिए घर खरीदने का फैसला अधिक भरोसे के साथ ले सकेंगे।” 

उन्होंने कहा, ”नीतिगत स्तर पर स्थिरता रियल एस्टेट क्षेत्र को वास्तविक घर खरीदारों की मांग पर ध्यान देने और आवास क्षेत्र में संतुलित विकास को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।” इमामी रियल्टी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी नितेश कुमार ने कहा, ”आरबीआई का रेपो दर को यथावत रखने का निर्णय एक संतुलित और दूरदर्शी कदम है।” 

उन्होंने कहा, ”ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान और मुद्रा पर दबाव जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच मौद्रिक नीति समिति द्वारा तटस्थ रुख बनाए रखना घरेलू अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेगा। यह निर्णय भारत की मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियादों में विश्वास को और मजबूत करता है तथा कॉरपोरेट जगत को वैश्विक चुनौतियों का सामना करने का भरोसा देता है।”  

Continue Reading

देश

देश की आर्थिक स्थिति मजबूत, पूंजी प्रवाह बढ़ाने के लिए उठाए गए कदम: आरबीआई गवर्नर

Published

on

मुंबई, एजेंसी। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने शुक्रवार को कहा कि देश की आर्थिक स्थिति ‘मजबूत’ है और नीतिगत उपायों से पूंजी प्रवाह बढ़ेगा। मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा के बाद कहा कि चार प्रतिशत मुद्रास्फीति का लक्ष्य स्थगित नहीं किया गया है। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मुद्रास्फीति के अनुमान को 0.50 प्रतिशत बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत करने के बावजूद, मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया। 

उन्होंने कहा, ”कुल मिलाकर, हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी है और हमें विश्वास है कि हम इसे भविष्य में और अधिक मजबूत होने के अवसर में बदल सकते हैं।” मल्होत्रा ​​ने कहा कि आरबीआई और सरकार द्वारा घोषित उपायों के माध्यम से पूंजी प्रवाह के लिए कोई विशेष लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। इन उपायों से पूंजी प्रवाह में वृद्धि होनी चाहिए। सरकार ने रुपये पर दबाव को कम करने और विदेशी पूंजी आकर्षित करने के उद्देश्य से सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेशकों को ब्याज आय और पूंजीगत लाभ पर आयकर से छूट दी है। वहीं केंद्रीय बैंक ने पूर्ण पहुंच मार्ग (एफएआर) के तहत पात्र सरकारी प्रतिभूतियों के दायरे का विस्तार करते हुए 15, 30 और 40 वर्ष के नए सरकारी बॉन्ड इसमें शामिल किए हैं। 

इसके साथ आरबीआई ने सामान्य मार्ग के तहत निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए अल्पकालिक निवेश, कोष रखने की सीमा और व्यक्तिगत प्रतिभूति सीमा से जुड़े प्रतिबंध भी हटा दिए हैं। डिप्टी-गवर्नर पूनम गुप्ता ने कहा कि हाल के उपायों के चलते आरबीआई को इस वर्ष भुगतान संतुलन (बीओपी) बेहतर रहने की उम्मीद है। मल्होत्रा ​​ने यह भी कहा कि पूंजी निकासी को प्रतिबंधित करने के लिए कोई उपाय विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति में आने वाली रुकावटों की अवधि और कीमतों पर इसका प्रभाव फिलहाल आरबीआई के लिए सबसे बड़ी चिंता है। 

इसके बाद मानसून कमजोर रहने और अल नीनो की स्थिति से मुद्रास्फीति पर पड़ने वाला प्रतिकूल प्रभाव भी चिंता का विषय है। मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई ब्याज दरें तभी बढ़ाएगा जब मुद्रास्फीति लगातार बनी रहेगी और व्यापक होगा। उन्होंने पॉलिमर करेंसी नोट जारी करने के प्रस्ताव पर कहा कि इस पर विचार चल रहा है और फिलहाल यह शुरुआती चरण में है। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677